बुरहानपुर जिले में नवतपा के दौरान रविवार अल सुबह चली तेज हवा-आंधी ने केला किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। इस आंधी के कारण जिले के करीब 25 गाँवों में केला उत्पादक किसानों की लाखों रुपये की खड़ी केले की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। जब किसान सुबह अपने खेतों में पहुँचे, तो अपनी बर्बाद फसल देखकर उनकी आँखों में आँसू आ गए। किसानों ने बताया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में केला उत्पादक किसानों को मौसम आधारित फसल बीमा का लाभ मिलता है, जबकि बुरहानपुर में सरकार द्वारा सर्वे के बाद ही मुआवज़ा दिया जाता है, जिसे किसान नाकाफी मानते हैं। इसलिए, पीड़ित किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द महाराष्ट्र की तर्ज पर केले पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने या नुकसान के हिसाब से उचित मुआवज़ा देने की मांग की है। इस घटना के बाद, बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटनीस ने प्रशासन की टीम के साथ क्षतिग्रस्त केला फसलों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसानों और राजस्व, कृषि तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी प्रभावित किसानों का सर्वे 15 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। विधायक अर्चना चिटनीस ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर बात करते हुए बताया कि सरकार ने वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और इन वेदर स्टेशनों के स्थापित हुए बिना फसल बीमा योजना शुरू नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों के लिए टेंडर तैयार हैं और जल्द ही बुरहानपुर में केला उत्पादक किसानों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना शुरू कर दी जाएगी।
बुरहानपुर जिले में नवतपा के दौरान रविवार अल सुबह चली तेज हवा-आंधी ने केला किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। इस आंधी के कारण जिले के करीब 25 गाँवों में केला उत्पादक किसानों की लाखों रुपये की खड़ी केले की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। जब किसान सुबह अपने खेतों में पहुँचे, तो अपनी बर्बाद फसल देखकर उनकी आँखों में आँसू आ गए। किसानों ने बताया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में केला उत्पादक किसानों को मौसम आधारित फसल बीमा का लाभ मिलता है, जबकि बुरहानपुर में सरकार द्वारा सर्वे के बाद ही मुआवज़ा दिया जाता है, जिसे किसान नाकाफी मानते हैं। इसलिए, पीड़ित किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द महाराष्ट्र की तर्ज पर केले पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने या नुकसान के हिसाब से उचित मुआवज़ा देने की मांग की है। इस घटना के बाद, बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटनीस ने प्रशासन की टीम के साथ क्षतिग्रस्त केला फसलों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसानों और राजस्व, कृषि तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी प्रभावित किसानों का सर्वे 15 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। विधायक अर्चना चिटनीस ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर बात करते हुए बताया कि सरकार ने वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और इन वेदर स्टेशनों के स्थापित हुए बिना फसल बीमा योजना शुरू नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों के लिए टेंडर तैयार हैं और जल्द ही बुरहानपुर में केला उत्पादक किसानों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना शुरू कर दी जाएगी।
- खंडवा के बड़ियातुला क्षेत्र में गोवंश हत्या के एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना को लेकर कुल नौ लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसमें से सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि इस मामले में एक विधायक ने भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।1
- खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र के सुरपाला बैडी में एक महिला की हत्या के मामले को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। जाँच में सामने आया है कि महिला का पति ही उसका हत्यारा निकला।1
- मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके साथ ही प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर अन्नदाताओं और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए अपनी सरकार को किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया। सरकार ने कुल 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की सर्वाधिक संख्या होने के साथ-साथ सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखने में भी मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। गेहूं की मात्रा के मामले में, पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है। पहली बार, प्रदेश सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय किया, जिसके तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। कुल मिलाकर, लगभग पौने चौदह लाख किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है और पंजीकृत किसानों का गेहूं गोडाउन तक पहुँच चुका है। डॉ. यादव ने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने का परिणाम बताया, विशेषकर मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद। उन्होंने जोर दिया कि 'किसान कल्याण वर्ष' में यह परिणाम बेहद खास है। सरकार ने इस खरीदी के लिए 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है, जिसमें किसानों से 2585 रुपये के समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस के साथ कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी, जिससे किसान कल्याण के काम और भी तेज होंगे। उन्होंने गेहूं के इतने अधिक उत्पादन को प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात बताते हुए आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम करती रहेगी।1
- पुनासा/ मुंदी के ग्राम जलवा बुजुर्ग में हुई डकैती का खुलासा मुंदी एसडीओपी ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।1
- मध्य प्रदेश में इस हफ्ते बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस आगामी वर्षा से राज्य के कई जिलों में लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।1
- एएनटी ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क के अनुसार, विधायक कंचन तनवे ने जनदर्शन कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को सुना। इस दौरान विकास और जनसुनवाई पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। आमजन की समस्याओं को सुनने के बाद, विधायक कंचन तनवे ने संबंधित विषयों पर आवश्यक निर्देश जारी किए।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। चिरिया के दामखेड़ा फाटे पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। परिजनों ने युवक की आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया है, और वे पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मृतक के पिता बदा चौहान ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उनके पुत्र की हत्या करके उसके शव को फांसी पर लटकाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची चैनपुर पुलिस को परिजनों और ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने रस्सी से लटके शव को नीचे उतारने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झूमाझटकी और मारपीट भी हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को वहां से भागना पड़ा। परिजन और ग्रामीण इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला मुख्यालय सहित पांच थानों से अतिरिक्त पुलिस बल चिरिया के लिए रवाना किया गया है।4