मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके साथ ही प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर अन्नदाताओं और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए अपनी सरकार को किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया। सरकार ने कुल 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की सर्वाधिक संख्या होने के साथ-साथ सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखने में भी मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। गेहूं की मात्रा के मामले में, पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है। पहली बार, प्रदेश सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय किया, जिसके तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। कुल मिलाकर, लगभग पौने चौदह लाख किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है और पंजीकृत किसानों का गेहूं गोडाउन तक पहुँच चुका है। डॉ. यादव ने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने का परिणाम बताया, विशेषकर मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद। उन्होंने जोर दिया कि 'किसान कल्याण वर्ष' में यह परिणाम बेहद खास है। सरकार ने इस खरीदी के लिए 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है, जिसमें किसानों से 2585 रुपये के समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस के साथ कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी, जिससे किसान कल्याण के काम और भी तेज होंगे। उन्होंने गेहूं के इतने अधिक उत्पादन को प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात बताते हुए आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम करती रहेगी।
मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके साथ ही प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर अन्नदाताओं और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए अपनी सरकार को किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया। सरकार ने कुल 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की सर्वाधिक संख्या होने के साथ-साथ सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखने में भी मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। गेहूं की मात्रा के मामले में, पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है। पहली बार, प्रदेश सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय किया, जिसके तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। कुल मिलाकर, लगभग पौने चौदह लाख किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है और पंजीकृत किसानों का गेहूं गोडाउन तक पहुँच चुका है। डॉ. यादव ने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने का परिणाम बताया, विशेषकर मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद। उन्होंने जोर दिया कि 'किसान कल्याण वर्ष' में यह परिणाम बेहद खास है। सरकार ने इस खरीदी के लिए 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है, जिसमें किसानों से 2585 रुपये के समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस के साथ कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी, जिससे किसान कल्याण के काम और भी तेज होंगे। उन्होंने गेहूं के इतने अधिक उत्पादन को प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात बताते हुए आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम करती रहेगी।
- खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दामखेड़ा में एक युवक का शव उसके घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके साथ ही प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर अन्नदाताओं और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए अपनी सरकार को किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया। सरकार ने कुल 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की सर्वाधिक संख्या होने के साथ-साथ सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखने में भी मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। गेहूं की मात्रा के मामले में, पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है। पहली बार, प्रदेश सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय किया, जिसके तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। कुल मिलाकर, लगभग पौने चौदह लाख किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है और पंजीकृत किसानों का गेहूं गोडाउन तक पहुँच चुका है। डॉ. यादव ने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने का परिणाम बताया, विशेषकर मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद। उन्होंने जोर दिया कि 'किसान कल्याण वर्ष' में यह परिणाम बेहद खास है। सरकार ने इस खरीदी के लिए 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है, जिसमें किसानों से 2585 रुपये के समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस के साथ कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी, जिससे किसान कल्याण के काम और भी तेज होंगे। उन्होंने गेहूं के इतने अधिक उत्पादन को प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात बताते हुए आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम करती रहेगी।1
- राजपुर नगर की धनगर भारूंड समाज धर्मशाला में रविवार को लोकमाता और पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस समारोह में समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। उपस्थित समाजजनों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने अहिल्याबाई होलकर के न्यायप्रिय शासन, नारी सम्मान, धर्म और जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए अनुकरणीय कार्यों पर जोर दिया, जिन्हें आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। जयंती समारोह के दौरान पूजन-अर्चन, आरती और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त, समाजोत्थान और सामाजिक एकता को लेकर एक विचार गोष्ठी भी हुई, जिसमें समाज के विकास और युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन सभी समाजजनों द्वारा मां अहिल्या के आदर्शों पर चलने और समाजहित में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। समापन के पश्चात् प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर वार्ड 8 के पार्षद तोताराम धनगर, राजू धनगर, गब्बर धनगर, लखन धनगर, विकास, विशाल, लवकुश धनगर सहित धनगर समाज के सभी लोग शामिल रहे।1
- मध्यप्रदेश के बड़वाह नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा घाट पर रविवार शाम पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा और गर्मी से राहत पाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग देर शाम तक नर्मदा जल में स्नान करते नजर आए। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मालवा क्षेत्र के इंदौर, महू, राऊ सहित आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नर्मदा घाट पर पहुंचे थे। पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने स्नान के उपरांत पूजन-अर्चन किया और माँ नर्मदा के तट पर बड़ी संख्या में दीपदान भी किया।1
- बड़वानी पुलिस ने वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले 'सिंहस्थ महापर्व' को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, आज जिला मुख्यालय पर पुलिस बल के लिए एक 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि बड़वानी के पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने दीप प्रज्वलित कर की। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि भौगोलिक स्थिति के कारण बड़वानी जिला महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक मुख्य मार्ग रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, बाहर से आने वाले हर एक दर्शनार्थी को पुलिस की ओर से हर संभव सहायता और सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से, पुलिस बल को विशेष तौर पर सुगम यातायात नियंत्रण, यात्रियों की सहायता और उनके ठहरने की व्यवस्थाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत, बड़वानी जिले के शत-प्रतिशत पुलिस बल को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पूरा कार्यक्रम टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ द ट्रेनर्स) मॉडल पर आधारित है। पहले चरण में, जिले के कुल पुलिस बल के 5% हिस्से (जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे चलकर जिले में तैनात बाकी शत-प्रतिशत बल को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, एसडीओपी बड़वानी श्री महेश सुनैया, डीएसपी अजाक श्रीमती निलेश्वरी डावर, कमांडेड होमगार्ड श्री सरसचन्द्र राय और रक्षित निरीक्षक श्री चेतन बघेल सहित विभाग के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।1
- खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र के सुरपाला बैडी में एक महिला की हत्या के मामले को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। जाँच में सामने आया है कि महिला का पति ही उसका हत्यारा निकला।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। चिरिया के दामखेड़ा फाटे पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। परिजनों ने युवक की आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया है, और वे पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मृतक के पिता बदा चौहान ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उनके पुत्र की हत्या करके उसके शव को फांसी पर लटकाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची चैनपुर पुलिस को परिजनों और ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने रस्सी से लटके शव को नीचे उतारने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झूमाझटकी और मारपीट भी हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को वहां से भागना पड़ा। परिजन और ग्रामीण इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला मुख्यालय सहित पांच थानों से अतिरिक्त पुलिस बल चिरिया के लिए रवाना किया गया है।4