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मध्यप्रदेश के बड़वाह नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा घाट पर रविवार शाम पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा और गर्मी से राहत पाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग देर शाम तक नर्मदा जल में स्नान करते नजर आए। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मालवा क्षेत्र के इंदौर, महू, राऊ सहित आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नर्मदा घाट पर पहुंचे थे। पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने स्नान के उपरांत पूजन-अर्चन किया और माँ नर्मदा के तट पर बड़ी संख्या में दीपदान भी किया।
Govind sharma
मध्यप्रदेश के बड़वाह नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा घाट पर रविवार शाम पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा और गर्मी से राहत पाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग देर शाम तक नर्मदा जल में स्नान करते नजर आए। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मालवा क्षेत्र के इंदौर, महू, राऊ सहित आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नर्मदा घाट पर पहुंचे थे। पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने स्नान के उपरांत पूजन-अर्चन किया और माँ नर्मदा के तट पर बड़ी संख्या में दीपदान भी किया।
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- मध्यप्रदेश के बड़वाह नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा घाट पर रविवार शाम पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा और गर्मी से राहत पाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग देर शाम तक नर्मदा जल में स्नान करते नजर आए। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मालवा क्षेत्र के इंदौर, महू, राऊ सहित आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नर्मदा घाट पर पहुंचे थे। पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने स्नान के उपरांत पूजन-अर्चन किया और माँ नर्मदा के तट पर बड़ी संख्या में दीपदान भी किया।1
- पुनासा/ मुंदी के ग्राम जलवा बुजुर्ग में हुई डकैती का खुलासा मुंदी एसडीओपी ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।1
- मध्य प्रदेश में 1 जून से मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके साथ आंधी-तूफान का भी आगमन हुआ है।1
- महू से गवलीपलासिया को जोड़ने वाले मार्ग पर एक वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो गया। यह हादसा डंपर से गिट्टी गिरने के कारण हुआ, जिससे मार्ग पर चल रहा वाहन इसकी चपेट में आ गया।1
- इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर सोमवार शाम रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके चलते उन्होंने मानवता नगर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वार्ड 76 की पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर शामिल हुईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पेयजल संकट को लेकर लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे यातायात थम गया। प्रदर्शनकारियों और पार्षद सीमा सोलंकी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि कई कॉलोनियों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलंकी ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और कई क्षेत्रों में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है। जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती, जबकि कई बोरवेल की मोटरें खराब पड़ी हैं और उनके सुधार में देरी हो रही है। इस प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। रहवासियों की मुख्य मांग थी कि क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएँ। पार्षद के अनुसार, नगर निगम से 12 टैंकरों की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल दो टैंकर ही मिले हैं। इनमें से एक बड़ा टैंकर होने के कारण कई संकरी गलियों तक पहुँच ही नहीं पाता। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेन्द्र बायस मौके पर पहुँचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इन रहवासियों को आखिर कब तक राहत मिल पाएगी?1
- इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित एक कैफे में युवतियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार से अधिक युवतियां चाय पीने के लिए कैफे में एकत्रित हुई थीं, लेकिन इस दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और सभी युवतियां आपस में भिड़ गईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में युवतियों के बीच सामान्य बहस हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कैफे में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कैफे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर एमआईजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान ले रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। एमआईजी थाना पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- पुनासा बांगरदा में खंडवा-मूंदी मार्ग पर एक पेड़ गिरने के कारण करीब 20 से 25 मिनट तक यातायात बाधित रहा। पेड़ गिरने से सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई। बाद में, जेसीबी की मदद से गिरे हुए पेड़ को रास्ते से हटाया गया, जिसके उपरांत मार्ग पर वाहनों का आवागमन फिर से सामान्य रूप से चालू हो सका।1
- रविवार देर शाम मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम मलगांव में आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक मौसम बदलने के बाद चली तेज हवाओं के कारण गांव के करीब तीन से चार मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे इन परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, तेज आंधी के चलते कालू पठान, लिमड़ा गाठे और रमजान मंसूरी के मकानों की छतें उड़कर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घरों में मौजूद होने के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी तीव्र थी कि कई मकानों के टीन शेड और छप्पर भी उड़ गए। इसके अतिरिक्त, गांव में लगभग 20 से 30 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। गांव के लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के मकानों की छतें उड़ी हैं, वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक सहायता, राहत और मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।2