रविवार देर शाम मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम मलगांव में आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक मौसम बदलने के बाद चली तेज हवाओं के कारण गांव के करीब तीन से चार मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे इन परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, तेज आंधी के चलते कालू पठान, लिमड़ा गाठे और रमजान मंसूरी के मकानों की छतें उड़कर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घरों में मौजूद होने के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी तीव्र थी कि कई मकानों के टीन शेड और छप्पर भी उड़ गए। इसके अतिरिक्त, गांव में लगभग 20 से 30 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। गांव के लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के मकानों की छतें उड़ी हैं, वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक सहायता, राहत और मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।
रविवार देर शाम मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम मलगांव में आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक मौसम बदलने के बाद चली तेज हवाओं के कारण गांव के करीब तीन से चार मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे इन परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, तेज आंधी के चलते कालू पठान, लिमड़ा गाठे और रमजान मंसूरी के मकानों की छतें उड़कर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घरों में मौजूद होने के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना
नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी तीव्र थी कि कई मकानों के टीन शेड और छप्पर भी उड़ गए। इसके अतिरिक्त, गांव में लगभग 20 से 30 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। गांव के लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के मकानों की छतें उड़ी हैं, वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक सहायता, राहत और मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।
- पुनासा/ मुंदी के ग्राम जलवा बुजुर्ग में हुई डकैती का खुलासा मुंदी एसडीओपी ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।1
- मध्यप्रदेश के बड़वाह नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा घाट पर रविवार शाम पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा और गर्मी से राहत पाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग देर शाम तक नर्मदा जल में स्नान करते नजर आए। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मालवा क्षेत्र के इंदौर, महू, राऊ सहित आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नर्मदा घाट पर पहुंचे थे। पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने स्नान के उपरांत पूजन-अर्चन किया और माँ नर्मदा के तट पर बड़ी संख्या में दीपदान भी किया।1
- ANT ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के जन्मदिन के अवसर पर उनकी जनसेवा को विशेष सम्मान मिला है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल जनजातीय समाज के एक अभिभावक के रूप में उभरे हैं। उनकी इस भूमिका के कारण आदिवासी समाज के बीच राज्यपाल मंगुभाई पटेल की पहचान और भी मजबूत हुई है। यह विशेष रिपोर्ट डाक्टर दीप माला रावत द्वारा ANT ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क चैनल के लिए तैयार की गई है, जिसके लिए एडिटर इन चीफ मासूद जावेद कादरी और लालू जामलकर का आभार व्यक्त किया गया है।1
- स्थानीय निवासियों ने अकोटिया में एक कॉलेज स्थापित करने की मांग की है। इस मांग के साथ यह भी कहा गया है कि यह कॉलेज पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से संचालित होना चाहिए।1
- देवास जिले की बागली तहसील के कमलापुर थाने में हनुमान जी की सेना, यानी वानर सेना, पहुँची, मानो उन्हें थाना प्रभारी सज्जन सिंह मीणा से किसी महत्वपूर्ण विषय पर लंबी चर्चा करनी हो। वानर सेना करीब 20-25 मिनट तक थाना प्रभारी के सामने उनकी मेज पर बैठी रही। हनुमान जी के भक्त मीणा जी ने उनका स्वागत किया और उन्हें केले, सेंव तथा अन्य फल खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। जिस प्रकार सतयुग में हनुमान जी ने लंका जाकर अहंकारी रावण को उसके पापों का प्रायश्चित करने की चेतावनी दी थी, उसी प्रकार कलयुग में यह वानर सेना कमलापुर थाना प्रभारी के पास वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों को इशारों-इशारों में एक संदेश देने पहुँची। संदेश यह था कि वे जंगल कटवाना बंद कर दें, अन्यथा उनका वंश ही खत्म हो जाएगा। यह चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि कमलापुर जिनवाणी के जंगलों को वन विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर रातों-रात पूरी तरह खत्म करवा दिया है। इसे वानर राज की अंतिम चेतावनी समझा जाए, क्योंकि यदि यह विनाश जारी रहा, तो इन भ्रष्टाचारियों के आगे-पीछे रोने वाला कोई नहीं मिलेगा।1
- मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। राज्य के भीतर पहली बारिश दर्ज की गई है, जिससे वर्षाकाल की शुरुआत हुई है।1
- पुनासा बांगरदा में खंडवा-मूंदी मार्ग पर एक पेड़ गिरने के कारण करीब 20 से 25 मिनट तक यातायात बाधित रहा। पेड़ गिरने से सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई। बाद में, जेसीबी की मदद से गिरे हुए पेड़ को रास्ते से हटाया गया, जिसके उपरांत मार्ग पर वाहनों का आवागमन फिर से सामान्य रूप से चालू हो सका।1
- रविवार देर शाम मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम मलगांव में आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक मौसम बदलने के बाद चली तेज हवाओं के कारण गांव के करीब तीन से चार मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे इन परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, तेज आंधी के चलते कालू पठान, लिमड़ा गाठे और रमजान मंसूरी के मकानों की छतें उड़कर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घरों में मौजूद होने के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी तीव्र थी कि कई मकानों के टीन शेड और छप्पर भी उड़ गए। इसके अतिरिक्त, गांव में लगभग 20 से 30 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। गांव के लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के मकानों की छतें उड़ी हैं, वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक सहायता, राहत और मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।2