देवास जिले की बागली तहसील के कमलापुर थाने में हनुमान जी की सेना, यानी वानर सेना, पहुँची, मानो उन्हें थाना प्रभारी सज्जन सिंह मीणा से किसी महत्वपूर्ण विषय पर लंबी चर्चा करनी हो। वानर सेना करीब 20-25 मिनट तक थाना प्रभारी के सामने उनकी मेज पर बैठी रही। हनुमान जी के भक्त मीणा जी ने उनका स्वागत किया और उन्हें केले, सेंव तथा अन्य फल खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। जिस प्रकार सतयुग में हनुमान जी ने लंका जाकर अहंकारी रावण को उसके पापों का प्रायश्चित करने की चेतावनी दी थी, उसी प्रकार कलयुग में यह वानर सेना कमलापुर थाना प्रभारी के पास वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों को इशारों-इशारों में एक संदेश देने पहुँची। संदेश यह था कि वे जंगल कटवाना बंद कर दें, अन्यथा उनका वंश ही खत्म हो जाएगा। यह चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि कमलापुर जिनवाणी के जंगलों को वन विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर रातों-रात पूरी तरह खत्म करवा दिया है। इसे वानर राज की अंतिम चेतावनी समझा जाए, क्योंकि यदि यह विनाश जारी रहा, तो इन भ्रष्टाचारियों के आगे-पीछे रोने वाला कोई नहीं मिलेगा।
देवास जिले की बागली तहसील के कमलापुर थाने में हनुमान जी की सेना, यानी वानर सेना, पहुँची, मानो उन्हें थाना प्रभारी सज्जन सिंह मीणा से किसी महत्वपूर्ण विषय पर लंबी चर्चा करनी हो। वानर सेना करीब 20-25 मिनट तक थाना प्रभारी के सामने उनकी मेज पर बैठी रही। हनुमान जी के भक्त मीणा जी ने उनका स्वागत किया और उन्हें केले, सेंव तथा अन्य फल खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। जिस प्रकार सतयुग में हनुमान जी ने लंका जाकर अहंकारी रावण को उसके पापों का प्रायश्चित करने की चेतावनी दी थी, उसी प्रकार कलयुग में यह वानर सेना कमलापुर थाना प्रभारी के पास वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों को इशारों-इशारों में एक संदेश देने पहुँची। संदेश यह था कि वे जंगल कटवाना बंद कर दें, अन्यथा उनका वंश ही खत्म हो जाएगा। यह चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि कमलापुर जिनवाणी के जंगलों को वन विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर रातों-रात पूरी तरह खत्म करवा दिया है। इसे वानर राज की अंतिम चेतावनी समझा जाए, क्योंकि यदि यह विनाश जारी रहा, तो इन भ्रष्टाचारियों के आगे-पीछे रोने वाला कोई नहीं मिलेगा।
- देवास जिले की बागली तहसील के कमलापुर थाने में हनुमान जी की सेना, यानी वानर सेना, पहुँची, मानो उन्हें थाना प्रभारी सज्जन सिंह मीणा से किसी महत्वपूर्ण विषय पर लंबी चर्चा करनी हो। वानर सेना करीब 20-25 मिनट तक थाना प्रभारी के सामने उनकी मेज पर बैठी रही। हनुमान जी के भक्त मीणा जी ने उनका स्वागत किया और उन्हें केले, सेंव तथा अन्य फल खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। जिस प्रकार सतयुग में हनुमान जी ने लंका जाकर अहंकारी रावण को उसके पापों का प्रायश्चित करने की चेतावनी दी थी, उसी प्रकार कलयुग में यह वानर सेना कमलापुर थाना प्रभारी के पास वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों को इशारों-इशारों में एक संदेश देने पहुँची। संदेश यह था कि वे जंगल कटवाना बंद कर दें, अन्यथा उनका वंश ही खत्म हो जाएगा। यह चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि कमलापुर जिनवाणी के जंगलों को वन विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर रातों-रात पूरी तरह खत्म करवा दिया है। इसे वानर राज की अंतिम चेतावनी समझा जाए, क्योंकि यदि यह विनाश जारी रहा, तो इन भ्रष्टाचारियों के आगे-पीछे रोने वाला कोई नहीं मिलेगा।1
- स्थानीय निवासियों ने अकोटिया में एक कॉलेज स्थापित करने की मांग की है। इस मांग के साथ यह भी कहा गया है कि यह कॉलेज पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से संचालित होना चाहिए।1
- देवास जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि वे मारपीट पर उतर आए। इस घटना का एक वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हुई यह झड़प साफ दिखाई दे रही है।1
- इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित एक कैफे में युवतियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार से अधिक युवतियां चाय पीने के लिए कैफे में एकत्रित हुई थीं, लेकिन इस दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और सभी युवतियां आपस में भिड़ गईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में युवतियों के बीच सामान्य बहस हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कैफे में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कैफे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर एमआईजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान ले रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। एमआईजी थाना पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- इंदौर में प्रशासन ने एक बार फिर भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन की 'माफिया मुक्त इंदौर' मुहिम के तहत मंगलवार को धार रोड स्थित बांक पंचायत के मुख्य मार्ग पर दशकों से फैले अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई में 50 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। एसडीएम निधि वर्मा ने इस कार्रवाई का नेतृत्व किया। प्रशासन को लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम मल्हारगंज निधि वर्मा ने पूरे मामले की समीक्षा की और त्वरित एक्शन प्लान तैयार किया। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसमें एसीपी शुभेन्द्रू जोशी और थाना प्रभारी तिलक करोले अपनी टीम के साथ मौजूद थे। तहसीलदार आहूजा ने मौके पर पूरी कार्रवाई की कमान संभाली और प्रशासन की सख्ती के चलते यह अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मार्ग और शासकीय जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि, "सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम जनता के रास्तों को बाधित करने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" इस कार्रवाई से स्थानीय रहवासियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि मुख्य मार्ग पर वर्षों से फैले अतिक्रमण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए अधिकारियों का आभार जताया। फिलहाल, प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि इंदौर में भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में ऐसे और बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।1
- देवास जिले के कमलापुर थाना परिसर में हाल ही में एक अनोखा और प्रतीकात्मक दृश्य देखने को मिला, जहाँ अचानक हनुमान जी की सेना थाने पहुँची। ऐसा प्रतीत हुआ कि यह वानर सेना थाना प्रभारी सज्जन सिंह मीणा जी से किसी गंभीर विषय पर लंबी चर्चा करने आई थी। करीब बीस से पच्चीस मिनट तक ये वानर थाना प्रभारी की टेबल पर बैठे रहे। थाना प्रभारी मीणा जी ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और केले, सेंव तथा अन्य फल खिलाकर उनका सम्मान किया, क्योंकि वे स्वयं भी हनुमान जी के भक्त हैं। इस घटना को सतयुग के प्रसंग से जोड़ा गया, जब हनुमान जी ने लंका जाकर अहंकारी रावण को उसके पापों का प्रायश्चित करने की चेतावनी दी थी। इसी प्रकार, कलियुग में यह वानर सेना कमलापुर थाना प्रभारी के पास पहुँची और इशारों-इशारों में वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों को एक स्पष्ट संदेश दे गई। संदेश में कहा गया कि वे जंगल कटवाना बंद करें, अन्यथा उनका वंश ही समाप्त हो जाएगा। यह चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारी लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर कमलापुर जिनवाणी के जंगलों को रातों-रात पूरी तरह से खत्म करवा चुके हैं। वानर सेना ने इस चेतावनी को 'वानर राज की अंतिम चेतावनी' मानने को कहा, अन्यथा ऐसी स्थिति होगी कि इनके पीछे रोने वाला भी कोई नहीं मिलेगा। ऐसा लगा जैसे ये वानर सेना थाना प्रभारी को इशारों-इशारों में कटते जंगलों पर अपनी व्यथा और आक्रोश व्यक्त करना चाहती थी।1
- देवास जिले के सोनकच्छ में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने एक कार से 14 पेटी अवैध शराब जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।1