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मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। राज्य के भीतर पहली बारिश दर्ज की गई है, जिससे वर्षाकाल की शुरुआत हुई है।
Journalist shubham
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। राज्य के भीतर पहली बारिश दर्ज की गई है, जिससे वर्षाकाल की शुरुआत हुई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। राज्य के भीतर पहली बारिश दर्ज की गई है, जिससे वर्षाकाल की शुरुआत हुई है।1
- इछावर नगर पालिका द्वारा स्वच्छता के दावों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है। हल्की बारिश होने पर ही नालियों का गंदा कचरा दोनों तरफ से बहकर सड़कों पर फैल गया। इस स्थिति से यह साफ जाहिर होता है कि नगर पालिका नियमित साफ-सफाई की ओर ध्यान नहीं दे रही है और स्वच्छता के प्रति उदासीन है।4
- हरदा जिले की टिमरनी तहसील के वार्ड नंबर 07 में, जो आशीष रेस्टोरेंट के पीछे स्थित है, पिछले कई सालों से नालियों की साफ-सफाई नहीं हुई है। इन नालियों की हालत बेहद खराब है; वे टूटी-फूटी पड़ी हैं और उनमें पानी ऊपर तक भरा रहता है। बताया गया है कि नालियों में दो फीट तक मलबा जमा हो गया है और कोई भी सफाईकर्मी इनकी सुध लेने नहीं आता। पिछले तीन साल से सफाई न होने के कारण ये नालियाँ पूरी तरह से चोक हो गई हैं।3
- आष्टा में सत्यजा सेवा संस्था द्वारा 2 जून से 8 जून तक आयोजित किए जाने वाले 11 लाख रुद्राक्ष महोत्सव और भव्य कथा कार्यक्रम को प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण स्थगित कर दिया गया है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में आई तेज आंधी और प्रतिकूल मौसम के कारण आयोजन स्थल की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति देने में अपनी असमर्थता व्यक्त की। इस विषय पर हुई एक बैठक में हिंदू उत्सव समिति, सकल समाज, मानस भवन समिति, शीतला माता समिति, व्यापार महासंघ, श्री राम मंदिर समिति और सत्यजा सेवा संस्था सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा संत-महात्माओं ने विचार-विमर्श किया। जनहित और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, सभी की सर्वसम्मति से कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। संत-महात्माओं ने विश्वास दिलाया है कि यह आयोजन भविष्य में नई तिथियों के साथ भव्य रूप से पुनः आयोजित किया जाएगा। समिति द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भव्य कथा कार्यक्रम अब अगले वर्ष आयोजित किया जाएगा, जबकि 11 लाख रुद्राक्ष वितरण अभियान 15 अगस्त से गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर चलाया जाएगा। वहीं, कन्या विवाह सम्मेलन अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जून को मानस भवन में आयोजित किया जाएगा। सत्यजा सेवा संस्था के अध्यक्ष संजीव सोनी ‘पांचम’ ने सभी श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों और नगरवासियों से इस निर्णय में सहयोग देने और संस्था का समर्थन बनाए रखने की अपील की है।1
- स्थानीय निवासियों ने अकोटिया में एक कॉलेज स्थापित करने की मांग की है। इस मांग के साथ यह भी कहा गया है कि यह कॉलेज पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से संचालित होना चाहिए।1
- देवास जिले की बागली तहसील के कमलापुर थाने में हनुमान जी की सेना, यानी वानर सेना, पहुँची, मानो उन्हें थाना प्रभारी सज्जन सिंह मीणा से किसी महत्वपूर्ण विषय पर लंबी चर्चा करनी हो। वानर सेना करीब 20-25 मिनट तक थाना प्रभारी के सामने उनकी मेज पर बैठी रही। हनुमान जी के भक्त मीणा जी ने उनका स्वागत किया और उन्हें केले, सेंव तथा अन्य फल खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। जिस प्रकार सतयुग में हनुमान जी ने लंका जाकर अहंकारी रावण को उसके पापों का प्रायश्चित करने की चेतावनी दी थी, उसी प्रकार कलयुग में यह वानर सेना कमलापुर थाना प्रभारी के पास वन विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों को इशारों-इशारों में एक संदेश देने पहुँची। संदेश यह था कि वे जंगल कटवाना बंद कर दें, अन्यथा उनका वंश ही खत्म हो जाएगा। यह चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि कमलापुर जिनवाणी के जंगलों को वन विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर रातों-रात पूरी तरह खत्म करवा दिया है। इसे वानर राज की अंतिम चेतावनी समझा जाए, क्योंकि यदि यह विनाश जारी रहा, तो इन भ्रष्टाचारियों के आगे-पीछे रोने वाला कोई नहीं मिलेगा।1
- रविवार देर शाम मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम मलगांव में आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक मौसम बदलने के बाद चली तेज हवाओं के कारण गांव के करीब तीन से चार मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे इन परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, तेज आंधी के चलते कालू पठान, लिमड़ा गाठे और रमजान मंसूरी के मकानों की छतें उड़कर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घरों में मौजूद होने के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी तीव्र थी कि कई मकानों के टीन शेड और छप्पर भी उड़ गए। इसके अतिरिक्त, गांव में लगभग 20 से 30 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। गांव के लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के मकानों की छतें उड़ी हैं, वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक सहायता, राहत और मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।2