बड़वानी पुलिस ने वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले 'सिंहस्थ महापर्व' को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, आज जिला मुख्यालय पर पुलिस बल के लिए एक 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि बड़वानी के पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने दीप प्रज्वलित कर की। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि भौगोलिक स्थिति के कारण बड़वानी जिला महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक मुख्य मार्ग रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, बाहर से आने वाले हर एक दर्शनार्थी को पुलिस की ओर से हर संभव सहायता और सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से, पुलिस बल को विशेष तौर पर सुगम यातायात नियंत्रण, यात्रियों की सहायता और उनके ठहरने की व्यवस्थाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत, बड़वानी जिले के शत-प्रतिशत पुलिस बल को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पूरा कार्यक्रम टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ द ट्रेनर्स) मॉडल पर आधारित है। पहले चरण में, जिले के कुल पुलिस बल के 5% हिस्से (जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे चलकर जिले में तैनात बाकी शत-प्रतिशत बल को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, एसडीओपी बड़वानी श्री महेश सुनैया, डीएसपी अजाक श्रीमती निलेश्वरी डावर, कमांडेड होमगार्ड श्री सरसचन्द्र राय और रक्षित निरीक्षक श्री चेतन बघेल सहित विभाग के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़वानी पुलिस ने वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले 'सिंहस्थ महापर्व' को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, आज जिला मुख्यालय पर पुलिस बल के लिए एक 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि बड़वानी के पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने दीप प्रज्वलित कर की। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि भौगोलिक स्थिति के कारण बड़वानी जिला महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक मुख्य मार्ग रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, बाहर से आने वाले हर एक दर्शनार्थी को पुलिस की ओर से हर संभव सहायता और सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से, पुलिस बल को विशेष तौर पर सुगम यातायात नियंत्रण, यात्रियों की सहायता और उनके ठहरने की व्यवस्थाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत, बड़वानी जिले के शत-प्रतिशत पुलिस बल को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पूरा कार्यक्रम टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ द ट्रेनर्स) मॉडल पर आधारित है। पहले चरण में, जिले के कुल पुलिस बल के 5% हिस्से (जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे चलकर जिले में तैनात बाकी शत-प्रतिशत बल को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, एसडीओपी बड़वानी श्री महेश सुनैया, डीएसपी अजाक श्रीमती निलेश्वरी डावर, कमांडेड होमगार्ड श्री सरसचन्द्र राय और रक्षित निरीक्षक श्री चेतन बघेल सहित विभाग के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
- बड़वानी जिले के राजपुर में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने चरित्र शंका के चलते अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने झूठी कहानी गढ़ने का भी प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। अब उसे न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।1
- आदिवासी कलाकारों द्वारा बनाए गए कॉमेडी वीडियो अक्सर देरी से प्रकाशित होते हैं। इस संबंध में, दर्शकों और शुभचिंतकों से आग्रह किया गया है कि वे नेटवर्क से लगातार जुड़े रहें।1
- खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दामखेड़ा में एक युवक का शव उसके घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में इस बोर्ड पर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए ताकि बात स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण को हटाकर एक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की भी मांग उठाई। भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने व्यक्त किया कि पहले जब वे धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ "लैंड जिहाद" करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने अपना संघर्ष जारी रखा, जो उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी कई वर्षों तक चला। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है। टी राजा सिंह ने भोजशाला पहुंचने वाले मुख्यमंत्रियों को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि अब तक केवल तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बाकी मुख्यमंत्रियों को "नपुंसक" करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं। भोजशाला में मिली "जीत" का जिक्र करते हुए टी राजा सिंह ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है, और हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड पर अपनी बात को स्पष्ट करते हुए, टी राजा सिंह ने बताया कि पहले यहाँ शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा रहता था और अब 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' का बोर्ड है, लेकिन इसे बदलकर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी और भोजशाला के आसपास के कथित कब्जों को पहले बुलडोजर कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार इस परियोजना पर ₹1500 करोड़ या ₹2000 करोड़ खर्च कर सकती है, लेकिन सबसे पहले इन बाधाओं का समाधान आवश्यक है, क्योंकि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ "लैंड जिहाद" के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहाँ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' और 'मां सरस्वती' के जयकारे लगाए।4
- मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित पीपल्दा गांव में इस समय बहुत तेज़ आंधी चल रही है।1
- एक आदिवासी गीत प्रस्तुत किया गया है, जो प्यार करने वालों के लिए एक आदर्श क्षण लेकर आया है।1
- खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र के सुरपाला बैडी में एक महिला की हत्या के मामले को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। जाँच में सामने आया है कि महिला का पति ही उसका हत्यारा निकला।1
- मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके साथ ही प्रदेश इस मामले में नंबर-1 पर आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर अन्नदाताओं और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए अपनी सरकार को किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया। सरकार ने कुल 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और गेहूं खरीदी के दौरान किसानों की सर्वाधिक संख्या होने के साथ-साथ सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखने में भी मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। गेहूं की मात्रा के मामले में, पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है। पहली बार, प्रदेश सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय किया, जिसके तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। कुल मिलाकर, लगभग पौने चौदह लाख किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है और पंजीकृत किसानों का गेहूं गोडाउन तक पहुँच चुका है। डॉ. यादव ने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने का परिणाम बताया, विशेषकर मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद। उन्होंने जोर दिया कि 'किसान कल्याण वर्ष' में यह परिणाम बेहद खास है। सरकार ने इस खरीदी के लिए 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि प्रेषित की है, जिसमें किसानों से 2585 रुपये के समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस के साथ कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी, जिससे किसान कल्याण के काम और भी तेज होंगे। उन्होंने गेहूं के इतने अधिक उत्पादन को प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात बताते हुए आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम करती रहेगी।1
- सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जामली टोल के समीप जॉलीगो होटल के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक कंटेनर और कार के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया। यह हादसा तब हुआ जब कंटेनर रॉन्ग साइड से अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए सामने से आ रही कार से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में कार चालक बद्रीनाथ पिता प्रमोद नांगरे (30 वर्ष), निवासी संभाजीनगर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अनिकेत पिता अनिल काले (28 वर्ष), निवासी संभाजीनगर, औरंगाबाद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में भूषण पिता राजाराम (25 वर्ष), निवासी पुणे, और औकार पिता सुदामा अमित (26 वर्ष), निवासी संभाजीनगर, औरंगाबाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार अभी जारी है। पुलिस के अनुसार, कार क्रमांक MH 11 CW 4644 औरंगाबाद से उज्जैन की ओर जा रही थी, जबकि कंटेनर क्रमांक UP 21 DT 2996 इंदौर से महाराष्ट्र की ओर जा रहा था। हादसे के बाद कंटेनर चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और हाइड्रा मशीन की सहायता से क्षतिग्रस्त कार को सड़क किनारे हटाकर यातायात को सुचारु किया गया। घायलों को एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल पहुँचाया गया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर फरार कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी है।1