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हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में इस बोर्ड पर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए ताकि बात स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण को हटाकर एक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की भी मांग उठाई। भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने व्यक्त किया कि पहले जब वे धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ "लैंड जिहाद" करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने अपना संघर्ष जारी रखा, जो उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी कई वर्षों तक चला। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है। टी राजा सिंह ने भोजशाला पहुंचने वाले मुख्यमंत्रियों को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि अब तक केवल तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बाकी मुख्यमंत्रियों को "नपुंसक" करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं। भोजशाला में मिली "जीत" का जिक्र करते हुए टी राजा सिंह ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है, और हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड पर अपनी बात को स्पष्ट करते हुए, टी राजा सिंह ने बताया कि पहले यहाँ शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा रहता था और अब 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' का बोर्ड है, लेकिन इसे बदलकर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी और भोजशाला के आसपास के कथित कब्जों को पहले बुलडोजर कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार इस परियोजना पर ₹1500 करोड़ या ₹2000 करोड़ खर्च कर सकती है, लेकिन सबसे पहले इन बाधाओं का समाधान आवश्यक है, क्योंकि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ "लैंड जिहाद" के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहाँ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' और 'मां सरस्वती' के जयकारे लगाए।

9 hrs ago
user_राहुल सेन मांडव
राहुल सेन मांडव
Barber Dhar, Madhya Pradesh•
9 hrs ago

हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में इस बोर्ड पर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए ताकि बात स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण को हटाकर एक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की भी मांग उठाई। भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने व्यक्त किया कि

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पहले जब वे धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ "लैंड जिहाद" करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने अपना संघर्ष जारी रखा, जो उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी कई वर्षों तक चला। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है। टी राजा सिंह ने भोजशाला पहुंचने वाले मुख्यमंत्रियों को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि अब तक केवल तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बाकी मुख्यमंत्रियों को "नपुंसक" करार देते हुए आरोप लगाया कि

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कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं। भोजशाला में मिली "जीत" का जिक्र करते हुए टी राजा सिंह ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है, और हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड पर अपनी बात को स्पष्ट करते हुए, टी राजा सिंह ने बताया कि पहले यहाँ शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा रहता था और अब 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' का बोर्ड है, लेकिन इसे बदलकर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा

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भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी और भोजशाला के आसपास के कथित कब्जों को पहले बुलडोजर कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार इस परियोजना पर ₹1500 करोड़ या ₹2000 करोड़ खर्च कर सकती है, लेकिन सबसे पहले इन बाधाओं का समाधान आवश्यक है, क्योंकि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ "लैंड जिहाद" के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहाँ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' और 'मां सरस्वती' के जयकारे लगाए।

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  • हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में इस बोर्ड पर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए ताकि बात स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण को हटाकर एक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की भी मांग उठाई। भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने व्यक्त किया कि पहले जब वे धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ "लैंड जिहाद" करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने अपना संघर्ष जारी रखा, जो उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी कई वर्षों तक चला। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है। टी राजा सिंह ने भोजशाला पहुंचने वाले मुख्यमंत्रियों को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि अब तक केवल तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बाकी मुख्यमंत्रियों को "नपुंसक" करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं। भोजशाला में मिली "जीत" का जिक्र करते हुए टी राजा सिंह ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है, और हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड पर अपनी बात को स्पष्ट करते हुए, टी राजा सिंह ने बताया कि पहले यहाँ शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा रहता था और अब 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' का बोर्ड है, लेकिन इसे बदलकर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी और भोजशाला के आसपास के कथित कब्जों को पहले बुलडोजर कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार इस परियोजना पर ₹1500 करोड़ या ₹2000 करोड़ खर्च कर सकती है, लेकिन सबसे पहले इन बाधाओं का समाधान आवश्यक है, क्योंकि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ "लैंड जिहाद" के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहाँ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' और 'मां सरस्वती' के जयकारे लगाए।
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    हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने हाल ही में धार स्थित भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में इस बोर्ड पर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए ताकि बात स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण को हटाकर एक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की भी मांग उठाई।

भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने व्यक्त किया कि पहले जब वे धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ "लैंड जिहाद" करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने अपना संघर्ष जारी रखा, जो उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी कई वर्षों तक चला। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है।

टी राजा सिंह ने भोजशाला पहुंचने वाले मुख्यमंत्रियों को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा कि अब तक केवल तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बाकी मुख्यमंत्रियों को "नपुंसक" करार देते हुए आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं। भोजशाला में मिली "जीत" का जिक्र करते हुए टी राजा सिंह ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है, और हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड पर अपनी बात को स्पष्ट करते हुए, टी राजा सिंह ने बताया कि पहले यहाँ शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा रहता था और अब 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' का बोर्ड है, लेकिन इसे बदलकर 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी और भोजशाला के आसपास के कथित कब्जों को पहले बुलडोजर कार्रवाई से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार इस परियोजना पर ₹1500 करोड़ या ₹2000 करोड़ खर्च कर सकती है, लेकिन सबसे पहले इन बाधाओं का समाधान आवश्यक है, क्योंकि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ "लैंड जिहाद" के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहाँ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' और 'मां सरस्वती' के जयकारे लगाए।
    user_राहुल सेन मांडव
    राहुल सेन मांडव
    Barber Dhar, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित पीपल्दा गांव में इस समय बहुत तेज़ आंधी चल रही है।
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    मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित पीपल्दा गांव में इस समय बहुत तेज़ आंधी चल रही है।
    user_Shubham Bagwan
    Shubham Bagwan
    धार, धार, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में 1 जून से मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके साथ आंधी-तूफान का भी आगमन हुआ है।
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    मध्य प्रदेश में 1 जून से मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके साथ आंधी-तूफान का भी आगमन हुआ है।
    user_NB NEWS निडर भारत
    NB NEWS निडर भारत
    महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • महू से गवलीपलासिया को जोड़ने वाले मार्ग पर एक वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो गया। यह हादसा डंपर से गिट्टी गिरने के कारण हुआ, जिससे मार्ग पर चल रहा वाहन इसकी चपेट में आ गया।
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    महू से गवलीपलासिया को जोड़ने वाले मार्ग पर एक वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो गया। यह हादसा डंपर से गिट्टी गिरने के कारण हुआ, जिससे मार्ग पर चल रहा वाहन इसकी चपेट में आ गया।
    user_Dinesh Chandra Rathore
    Dinesh Chandra Rathore
    Local News Reporter महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर सोमवार शाम रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके चलते उन्होंने मानवता नगर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वार्ड 76 की पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर शामिल हुईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पेयजल संकट को लेकर लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे यातायात थम गया। प्रदर्शनकारियों और पार्षद सीमा सोलंकी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि कई कॉलोनियों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलंकी ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और कई क्षेत्रों में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है। जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती, जबकि कई बोरवेल की मोटरें खराब पड़ी हैं और उनके सुधार में देरी हो रही है। इस प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। रहवासियों की मुख्य मांग थी कि क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएँ। पार्षद के अनुसार, नगर निगम से 12 टैंकरों की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल दो टैंकर ही मिले हैं। इनमें से एक बड़ा टैंकर होने के कारण कई संकरी गलियों तक पहुँच ही नहीं पाता। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेन्द्र बायस मौके पर पहुँचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इन रहवासियों को आखिर कब तक राहत मिल पाएगी?
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    इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर सोमवार शाम रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके चलते उन्होंने मानवता नगर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वार्ड 76 की पार्षद सीमा सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली मटके लेकर शामिल हुईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पेयजल संकट को लेकर लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध जताया, जिससे यातायात थम गया।

प्रदर्शनकारियों और पार्षद सीमा सोलंकी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि कई कॉलोनियों में न तो नियमित जल सप्लाई हो रही है और न ही पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोलंकी ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और कई क्षेत्रों में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है। जहाँ पाइपलाइन है, वहाँ भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती, जबकि कई बोरवेल की मोटरें खराब पड़ी हैं और उनके सुधार में देरी हो रही है। इस प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया।

रहवासियों की मुख्य मांग थी कि क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएँ। पार्षद के अनुसार, नगर निगम से 12 टैंकरों की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल दो टैंकर ही मिले हैं। इनमें से एक बड़ा टैंकर होने के कारण कई संकरी गलियों तक पहुँच ही नहीं पाता। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम के जोनल अधिकारी धीरेन्द्र बायस मौके पर पहुँचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य हो सका।

हालांकि, नगर निगम ने पानी की समस्या के समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इन रहवासियों को आखिर कब तक राहत मिल पाएगी?
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित एक कैफे में युवतियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार से अधिक युवतियां चाय पीने के लिए कैफे में एकत्रित हुई थीं, लेकिन इस दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और सभी युवतियां आपस में भिड़ गईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में युवतियों के बीच सामान्य बहस हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कैफे में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कैफे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर एमआईजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान ले रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। एमआईजी थाना पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित एक कैफे में युवतियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार से अधिक युवतियां चाय पीने के लिए कैफे में एकत्रित हुई थीं, लेकिन इस दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और सभी युवतियां आपस में भिड़ गईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में युवतियों के बीच सामान्य बहस हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कैफे में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए कैफे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर एमआईजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान ले रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। एमआईजी थाना पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_एस. एस. न्यूज सर्विस
    एस. एस. न्यूज सर्विस
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • इंदौर जिले के राऊ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 स्थित न्यू कमल नगर में पिछले करीब 10 दिनों से लगातार गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। इस स्थिति के कारण क्षेत्र के रहवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें दूषित पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, न्यू कमल नगर में लगभग 400 लोगों की बस्ती है, जहां गंदे पानी की आपूर्ति के चलते पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों ने राऊ नगर परिषद से तत्काल इस मुद्दे का समाधान करने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    इंदौर जिले के राऊ नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 6 स्थित न्यू कमल नगर में पिछले करीब 10 दिनों से लगातार गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। इस स्थिति के कारण क्षेत्र के रहवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें दूषित पानी मिल रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, न्यू कमल नगर में लगभग 400 लोगों की बस्ती है, जहां गंदे पानी की आपूर्ति के चलते पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों ने राऊ नगर परिषद से तत्काल इस मुद्दे का समाधान करने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_NB NEWS निडर भारत
    NB NEWS निडर भारत
    महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • इंदौर जिले के बेटमा स्थित लखेरा बाखल में बोहरा समाज की दरगाह में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। चोर ने दरगाह की दान पेटी से लाखों रुपये की नकदी चुरा ली और मौके से फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और फुटेज के आधार पर चोर की तलाश में जुटी हुई है।
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    इंदौर जिले के बेटमा स्थित लखेरा बाखल में बोहरा समाज की दरगाह में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। चोर ने दरगाह की दान पेटी से लाखों रुपये की नकदी चुरा ली और मौके से फरार हो गया।

चोरी की यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और फुटेज के आधार पर चोर की तलाश में जुटी हुई है।
    user_प्रेस क्लब अध्यक्ष बेटमा रणजीत मंडलोई
    प्रेस क्लब अध्यक्ष बेटमा रणजीत मंडलोई
    खबर भारत360 न्यूज Live Depalpur, Indore•
    14 hrs ago
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