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शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, हॉस्टल की बदहाली से बगावत पर उतरी नई पीढ़ी: कभी छात्राएं तो कभी छात्र, अब 100 KM पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकले स्टूडेंट्स, शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता शहडोल में छात्रावास (Hostel) की अव्यवस्थाओं के खिलाफ अब Gen-Alpha के नन्हे कदम प्रशासन की जवाबदेही का बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं। ये वो पीढ़ी है जो अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक का रास्ता चुन रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इनके हाथों में न तो कोई राजनीतिक झंडा है और न ही कोई नारेबाजी का मंच, बल्कि अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर ये बच्चे सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने को तैयार है। शहडोल में एक बार फिर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब ब्यौहारी के मॉडल खंडोली विद्यालय के छात्र स्कूल और छात्रावास से निकलकर जिला मुख्यालय में कलेक्टर से मिलने पैदल रवाना हो गए। छात्रावास की अव्यवस्थाओं से नाराज छात्रों ने करीब 100 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने का फैसला किया है। छात्र रीवा-शहडोल स्टेट हाईवे पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक छात्र 6 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुके थे। दीवार फांदकर कलेक्टर से मिलने पहुंचीं थी छात्राएं हैरानी की बात यह है कि छात्रों के इस पैदल मार्च से एक दिन पहले ही जयसिंहनगर के आवासीय विद्यालय की छात्राएं छात्रावास की दीवार फांदकर करीब 40 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने निकल पड़ी थीं। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर इसी तरह जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले छात्रों के बीच विवाद भी हुआ था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी नाराजगी सामने आ रही है। उठे गंभीर सवाल लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने शिक्षा और आदिवासी विकास विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसी कौन सी समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए मासूम बच्चों को स्कूल और छात्रावास छोड़कर 100 किलोमीटर पैदल चलने का जोखिम उठाना पड़ रहा है। Gen-Alpha की यह पदयात्रा सिर्फ बच्चों का पैदल मार्च नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है। जब छात्र अपनी बात कहने के लिए बार-बार सड़क पर उतर रहे हैं, तो सवाल यह है कि उनकी आवाज छात्रावास की चारदीवारी के भीतर ही क्यों नहीं सुनी जा रही है? DEO ने कही ये बात वहीं इस पूरे मामले में शहडोल जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी आधे घंटे पहले ही जानकारी लगी है कि बच्चे पैदल निकले है, जानकारी के अनुसार सड़क की डिमांड है, साथ ही एक दिन पहले बच्चों के बीच विवाद हुआ था, बच्चों को समझा-बुझाकर उन्हें ऐसा करने से रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।

7 hrs ago
user_Durgesh Kumar Gupta
Durgesh Kumar Gupta
Electrician Beohari, Shahdol•
7 hrs ago

शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, हॉस्टल की बदहाली से बगावत पर उतरी नई पीढ़ी: कभी छात्राएं तो कभी छात्र, अब 100 KM पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकले स्टूडेंट्स, शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता शहडोल में छात्रावास (Hostel) की अव्यवस्थाओं के खिलाफ अब Gen-Alpha के नन्हे कदम प्रशासन की जवाबदेही का बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं। ये वो पीढ़ी है जो अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक का रास्ता चुन रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इनके हाथों में न तो कोई राजनीतिक झंडा है और न ही कोई नारेबाजी का मंच, बल्कि अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर ये बच्चे सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने को तैयार है। शहडोल में एक बार फिर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब ब्यौहारी के मॉडल खंडोली विद्यालय के छात्र स्कूल और छात्रावास से निकलकर जिला मुख्यालय में कलेक्टर से मिलने पैदल रवाना हो गए। छात्रावास की अव्यवस्थाओं से नाराज

छात्रों ने करीब 100 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने का फैसला किया है। छात्र रीवा-शहडोल स्टेट हाईवे पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक छात्र 6 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुके थे। दीवार फांदकर कलेक्टर से मिलने पहुंचीं थी छात्राएं हैरानी की बात यह है कि छात्रों के इस पैदल मार्च से एक दिन पहले ही जयसिंहनगर के आवासीय विद्यालय की छात्राएं छात्रावास की दीवार फांदकर करीब 40 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने निकल पड़ी थीं। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर इसी तरह जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले छात्रों के बीच विवाद भी हुआ था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी नाराजगी सामने आ रही है। उठे गंभीर सवाल लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने शिक्षा और आदिवासी विकास विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर

सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसी कौन सी समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए मासूम बच्चों को स्कूल और छात्रावास छोड़कर 100 किलोमीटर पैदल चलने का जोखिम उठाना पड़ रहा है। Gen-Alpha की यह पदयात्रा सिर्फ बच्चों का पैदल मार्च नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है। जब छात्र अपनी बात कहने के लिए बार-बार सड़क पर उतर रहे हैं, तो सवाल यह है कि उनकी आवाज छात्रावास की चारदीवारी के भीतर ही क्यों नहीं सुनी जा रही है? DEO ने कही ये बात वहीं इस पूरे मामले में शहडोल जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी आधे घंटे पहले ही जानकारी लगी है कि बच्चे पैदल निकले है, जानकारी के अनुसार सड़क की डिमांड है, साथ ही एक दिन पहले बच्चों के बीच विवाद हुआ था, बच्चों को समझा-बुझाकर उन्हें ऐसा करने से रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।

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    शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,,
हॉस्टल की बदहाली से बगावत पर उतरी नई पीढ़ी: कभी छात्राएं तो कभी छात्र, अब 100 KM पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकले स्टूडेंट्स,
शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता 
शहडोल में छात्रावास (Hostel) की अव्यवस्थाओं के खिलाफ अब Gen-Alpha के नन्हे कदम प्रशासन की जवाबदेही का बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं। ये वो पीढ़ी है जो अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक का रास्ता चुन रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इनके हाथों में न तो कोई राजनीतिक झंडा है और न ही कोई नारेबाजी का मंच, बल्कि अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर ये बच्चे सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने को तैयार है।
शहडोल में एक बार फिर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब ब्यौहारी के मॉडल खंडोली विद्यालय के छात्र स्कूल और छात्रावास से निकलकर जिला मुख्यालय में कलेक्टर से मिलने पैदल रवाना हो गए। छात्रावास की अव्यवस्थाओं से नाराज छात्रों ने करीब 100 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने का फैसला किया है। छात्र रीवा-शहडोल स्टेट हाईवे पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक छात्र 6 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुके थे।
दीवार फांदकर कलेक्टर से मिलने पहुंचीं थी छात्राएं
हैरानी की बात यह है कि छात्रों के इस पैदल मार्च से एक दिन पहले ही जयसिंहनगर के आवासीय विद्यालय की छात्राएं छात्रावास की दीवार फांदकर करीब 40 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने निकल पड़ी थीं। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर इसी तरह जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले छात्रों के बीच विवाद भी हुआ था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी नाराजगी सामने आ रही है।
उठे गंभीर सवाल
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने शिक्षा और आदिवासी विकास विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसी कौन सी समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए मासूम बच्चों को स्कूल और छात्रावास छोड़कर 100 किलोमीटर पैदल चलने का जोखिम उठाना पड़ रहा है। Gen-Alpha की यह पदयात्रा सिर्फ बच्चों का पैदल मार्च नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है। जब छात्र अपनी बात कहने के लिए बार-बार सड़क पर उतर रहे हैं, तो सवाल यह है कि उनकी आवाज छात्रावास की चारदीवारी के भीतर ही क्यों नहीं सुनी जा रही है?
DEO ने कही ये बात
वहीं इस पूरे मामले में शहडोल जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी आधे घंटे पहले ही जानकारी लगी है कि बच्चे पैदल निकले है, जानकारी के अनुसार सड़क की डिमांड है, साथ ही एक दिन पहले बच्चों के बीच विवाद हुआ था, बच्चों को समझा-बुझाकर उन्हें ऐसा करने से रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    7 hrs ago
  • *बड़ी खबर*💥 *सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार 💥*बड़ी खबर*💥 *सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार* 220 केवी सतना-सितपुरा उपकेंद्र में सुबह 6:30 बजे तीन महिलाएं कॉपर चोरी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 33 केवी यार्ड में घुस गईं। सीसीटीवी में हरकत दिखते ही गार्ड ने डायल 112 बुलाकर तीनों को पकड़कर नागौद पुलिस को सौंपा। एक चूक से न केवल कई जगह की बिजली ठप्प हो सकती थी बल्कि इन महिलाओं की जान भी जा सकती थी । क्योंकि चोरी कर रही इन महिलाओं को अंदाजा भी न रहा होगा कि 33 केवी की लाइन को छूना भी नहीं पड़ता 2 फिट पास जाते करंट खींच लेता और शरीर राख हो जाता।
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    *बड़ी खबर*💥
*सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार
💥*बड़ी खबर*💥
*सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार*
220 केवी सतना-सितपुरा उपकेंद्र में सुबह 6:30 बजे तीन महिलाएं कॉपर चोरी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 33 केवी यार्ड में घुस गईं। सीसीटीवी में हरकत दिखते ही गार्ड ने डायल 112 बुलाकर तीनों को पकड़कर नागौद पुलिस को सौंपा। एक चूक से न केवल कई जगह की बिजली ठप्प हो सकती थी बल्कि इन महिलाओं की जान भी जा सकती थी । क्योंकि चोरी कर रही इन महिलाओं को अंदाजा भी न रहा होगा कि 33 केवी की लाइन को छूना भी नहीं पड़ता 2 फिट पास जाते करंट खींच लेता और शरीर राख हो जाता।
    user_अनिल कुमार साहू
    अनिल कुमार साहू
    अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन... भोपाल मंडल में अब तक 89 किमी रेललाइन का काम पूरा... शेष 22 किमी नरसिंहगढ़-कुरावर रेलखंड दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य... नई रेललाइन से भोपाल-कोटा के बीच दूरी 42 किमी कम होगी और यात्रा में 3 घंटे की बचत होगी।
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    रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन
रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन...
भोपाल मंडल में अब तक 89 किमी रेललाइन का काम पूरा...
शेष 22 किमी नरसिंहगढ़-कुरावर रेलखंड दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य...
नई रेललाइन से भोपाल-कोटा के बीच दूरी 42 किमी कम होगी और यात्रा में 3 घंटे की बचत होगी।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द में ग्रामीणों ने सरपंच सचिव को घेरा ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द के ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव को घेरा पात्र हितग्राहियों को आवास नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में सौंपा आवेदन सीधी/रामपुर नैकिन। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डी खुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव से सवाल-जवाब करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में आवास योजना का लाभ देने में कथित तौर पर पैसों का लेन-देन हुआ है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने पैसा दिया, उन्हें आवास योजना का लाभ मिल गया, जबकि जिन पात्र हितग्राहियों ने पैसा नहीं दिया, वे आज भी आवास से वंचित हैं। मामले को लेकर ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में भी लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आवास योजना की पात्रता सूची कैसे तैयार की गई? क्या वास्तव में हितग्राहियों से राशि की मांग की गई थी? यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? प्रशासन से मांग: कलेक्टर सीधी से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द में आवास योजना के स्वीकृत हितग्राहियों, पात्रता सूची, जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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    आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द में ग्रामीणों ने सरपंच सचिव को घेरा
ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द के ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव को घेरा
पात्र हितग्राहियों को आवास नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में सौंपा आवेदन
सीधी/रामपुर नैकिन। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डी खुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव से सवाल-जवाब करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में आवास योजना का लाभ देने में कथित तौर पर पैसों का लेन-देन हुआ है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने पैसा दिया, उन्हें आवास योजना का लाभ मिल गया, जबकि जिन पात्र हितग्राहियों ने पैसा नहीं दिया, वे आज भी आवास से वंचित हैं।
मामले को लेकर ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में भी लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आवास योजना की पात्रता सूची कैसे तैयार की गई? क्या वास्तव में हितग्राहियों से राशि की मांग की गई थी? यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
प्रशासन से मांग: कलेक्टर सीधी से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द में आवास योजना के स्वीकृत हितग्राहियों, पात्रता सूची, जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की
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    माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की
माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है। इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं। मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है। इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं। मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
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    ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी

देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है।

पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई

देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है।

इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं।

मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।


ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी
देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है।
पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई
देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है।
इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं।
मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बड़ी खबर राजस्थान श्रीगंगानगर में ट्रेन उड़ाने की साजिश नाकाम 💥*बड़ी खबर*💥 *राजस्थान श्रीगंगानगर में ट्रेन उड़ाने की साजिश नाकाम* श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 GB के पास जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके में रेलवे ट्रैक के सीमेंट पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। किसी ट्रेन को निशाना बनाने की कोशिश हो रही थी। SP समेत जांच एजेंसियां मौके पर।कुछ दिन पहले ही रावलामंडी से 7 किलो RDX बरामद हुआ था।
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    बड़ी खबर 
राजस्थान श्रीगंगानगर में ट्रेन उड़ाने की साजिश नाकाम
💥*बड़ी खबर*💥
*राजस्थान श्रीगंगानगर में ट्रेन उड़ाने की साजिश नाकाम*
श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 GB के पास जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके में रेलवे ट्रैक के सीमेंट पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। किसी ट्रेन को निशाना बनाने की कोशिश हो रही थी। SP समेत जांच एजेंसियां मौके पर।कुछ दिन पहले ही रावलामंडी से 7 किलो RDX बरामद हुआ था।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 11 माह पुरानी नाबालिग किशोरी हत्याकांड का खुलासा, बड़ी बहेन के प्रेमी ने छोटी बहन की पत्थर से वार कर दिया था घटना को अंजाम थाना ताला पुलिस ने किया घटना के 11 माह बीत जाने के बाद सनसनीखेज खुलासा *11 माह पुरानी नाबालिग किशोरी हत्याकांड का खुलासा, बड़ी बहेन के प्रेमी ने छोटी बहन की पत्थर से वार दिया था घटना को अंजाम थाना ताला पुलिस ने किया घटना के 11 माह बीत जाने के बाद सनसनीखेज खुलासा* मैहर जिले के ताला थाना पुलिस ने करीब 11 माह पुरानी नाबालिग किशोरी की निर्मम हत्याकांड के मामले का खुलासा करते हुए 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी प्रेमिका की 17 वर्षीय छोटी बहन की पत्थर से सिर पर वार कर हत्या की थी। घटना के बाद से वह पुलिस और परिजनों को गुमराह कर रहा था। मामला पपरा पहाड़ जंगल का है। 17 जनवरी 2026 को किशोरी के माता-पिता दवाई कराने मुकुंदपुर अस्पताल गए थे। घर से निकलते समय उन्होंने बेटी को भैंस चराने जंगल की ओर भेजा था। शाम करीब 5 बजे परिजन घर लौटे तो किशोरी गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला, जिसके बाद ताला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 25 जनवरी को जंगल में किशोरी का शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर खून से सने पत्थर मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर भारी वस्तु से चोट लगने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि सीधी जिले के बेलकशरी निवासी शीतल केवट का मृतिका की बड़ी बहन से प्रेम संबंध था। 16 जनवरी की रात आरोपी अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था, जहां किशोरी ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात की जानकारी परिजनों को मिलने के डर से आरोपी ने किशोरी को रास्ते से हटाने का फैसला किया। 17 जनवरी को वह किशोरी के पीछे पपरा पहाड़ जंगल पहुंचा। वहां उसने किशोरी को घटना के बारे में किसी को न बताने के लिए कहा। जब वह नहीं मानी तो आरोपी ने उसके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और पत्थर से सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने हत्या में इस्तेमाल पत्थर को तेंदू के पेड़ के पास छिपा दिया। करीब 11 माह तक चली जांच में साइबर सेल की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी शीतल केवट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया बाइट- महेंद्र मिश्रा थाना प्रभारी ताला
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    11 माह पुरानी नाबालिग किशोरी  हत्याकांड का खुलासा, बड़ी बहेन  के प्रेमी ने छोटी बहन की पत्थर से वार कर दिया था घटना को अंजाम थाना ताला पुलिस ने किया घटना के 11 माह बीत जाने के बाद सनसनीखेज खुलासा
*11 माह पुरानी नाबालिग किशोरी  हत्याकांड का खुलासा, बड़ी बहेन  के प्रेमी ने छोटी बहन की पत्थर से वार दिया था घटना को अंजाम थाना ताला पुलिस ने किया घटना के 11 माह बीत जाने के बाद सनसनीखेज खुलासा*
मैहर जिले के  ताला थाना पुलिस ने करीब 11 माह पुरानी नाबालिग किशोरी की निर्मम हत्याकांड के मामले का खुलासा करते हुए 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी प्रेमिका की 17 वर्षीय छोटी बहन की पत्थर से सिर पर वार कर हत्या की थी। घटना के बाद से वह पुलिस और परिजनों को गुमराह कर रहा था। मामला पपरा पहाड़ जंगल का है। 17 जनवरी 2026 को किशोरी के माता-पिता दवाई कराने मुकुंदपुर अस्पताल गए थे। घर से निकलते समय उन्होंने बेटी को भैंस चराने जंगल की ओर भेजा था। शाम करीब 5 बजे परिजन घर लौटे तो किशोरी गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला, जिसके बाद ताला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 25 जनवरी को जंगल में किशोरी का शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर खून से सने पत्थर मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर भारी वस्तु से चोट लगने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि सीधी जिले के बेलकशरी निवासी शीतल केवट का मृतिका की बड़ी बहन से प्रेम संबंध था। 16 जनवरी की रात आरोपी अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था, जहां किशोरी ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात की जानकारी परिजनों को मिलने के डर से आरोपी ने किशोरी को रास्ते से हटाने का फैसला किया। 17 जनवरी को वह किशोरी के पीछे पपरा पहाड़ जंगल पहुंचा। वहां उसने किशोरी को घटना के बारे में किसी को न बताने के लिए कहा। जब वह नहीं मानी तो आरोपी ने उसके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और पत्थर से सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने हत्या में इस्तेमाल पत्थर को तेंदू के पेड़ के पास छिपा दिया। करीब 11 माह तक चली जांच में साइबर सेल की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी शीतल केवट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया 
बाइट- महेंद्र मिश्रा थाना प्रभारी ताला
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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