*सुल्तानपुर: ग्राम प्रधान का देसी अंदाज बना चर्चा का विषय, डांस वीडियो वायरल* सुल्तानपुर। जनपद के जयसिंहपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौसा जगराम के ग्राम प्रधान का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्राम प्रधान एक मांगलिक कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी गीतों पर पूरे जोश और उत्साह के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जब प्रधान का यह अनोखा अंदाज देखा तो माहौल और भी उत्साहित हो गया। उनके ऊर्जा से भरपूर डांस स्टेप्स और बेबाक अंदाज ने वहां मौजूद ग्रामीणों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आमतौर पर प्रशासनिक कार्यों और बैठकों में व्यस्त रहने वाले ग्राम प्रधान का यह अलग रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और फेसबुक पर यह वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है। जहां एक ओर कई लोग उनके इस देसी और मस्तमौला अंदाज की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे जनप्रतिनिधियों के मानवीय और सहज पक्ष के रूप में देख रहे हैं। इस वायरल वीडियो ने ग्राम प्रधान को क्षेत्र में एक नई पहचान दिला दी है और लोग इसे मनोरंजन के साथ-साथ सकारात्मक नजरिए से भी देख रहे हैं।
*सुल्तानपुर: ग्राम प्रधान का देसी अंदाज बना चर्चा का विषय, डांस वीडियो वायरल* सुल्तानपुर। जनपद के जयसिंहपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौसा जगराम के ग्राम प्रधान का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्राम प्रधान एक मांगलिक कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी गीतों पर पूरे जोश और उत्साह के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जब प्रधान का यह अनोखा अंदाज देखा तो माहौल और भी उत्साहित हो गया। उनके ऊर्जा से भरपूर डांस स्टेप्स और बेबाक अंदाज ने वहां मौजूद ग्रामीणों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आमतौर पर प्रशासनिक कार्यों और बैठकों में व्यस्त रहने वाले ग्राम प्रधान का यह अलग रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और फेसबुक पर यह वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है। जहां एक ओर कई लोग उनके इस देसी और मस्तमौला अंदाज की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे जनप्रतिनिधियों के मानवीय और सहज पक्ष के रूप में देख रहे हैं। इस वायरल वीडियो ने ग्राम प्रधान को क्षेत्र में एक नई पहचान दिला दी है और लोग इसे मनोरंजन के साथ-साथ सकारात्मक नजरिए से भी देख रहे हैं।
- देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच एक महत्वपूर्ण जनहित से जुड़ी सलाह सामने आई है। भीषण गर्मी के चलते घरों की छतों या खुले स्थानों पर रखी पानी की टंकियों की सही देखभाल बेहद जरूरी हो गई है। जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर लापरवाही के कारण पानी की टंकियों के ढक्कन खुले रह जाते हैं, जिससे उनमें गंदगी, कीड़े-मकोड़े या छोटे जानवर गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। इससे पानी दूषित हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। 👉 विशेषज्ञों का कहना है कि पानी की टंकी का ढक्कन हमेशा अच्छी तरह बंद रखें समय-समय पर टंकी की सफाई और जांच करते रहें गर्मी के मौसम में स्वच्छ पानी का विशेष ध्यान रखें ⚠️ अपील: सुरक्षित और साफ पानी के लिए टंकी की नियमित देखभाल करें। थोड़ी सी सावधानी बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 11 साल के मासूम बच्चे की गुरुकुल में हुई मौत ने सभी को झकझोर दिया है। बेहतर शिक्षा के लिए 15 अप्रैल को उसे रामानुज भागवत वेद विद्या पीठ में दाखिल कराया गया था, लेकिन महज 6 दिनों में ही उसके साथ बेरहमी की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोपी महंत सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया को बच्चे का हंसना-खेलना पसंद नहीं था, जिसके चलते वह उसे लगातार प्रताड़ित करता था। कानपुर पुलिस के मुताबिक, बच्चे को भूखा रखा जाता, धूप में खड़ा किया जाता और छोटी-छोटी बातों पर पीटा जाता था। घटना वाली रात आरोपी ने बेल्ट और डंडों से बेरहमी से मासूम की पिटाई की और दीवार पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड हर्षिता सोनी के साथ मिलकर सबूत मिटाने की कोशिश की और बच्चे के शव को कार से लाकर उसके घर के बाहर छोड़ दिया। सीसीटीवी फुटेज में मारपीट और अत्याचार के दृश्य सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- लखनऊ रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अटावाले ने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटी है और 26 नवंबर को एक बड़ी रैली आयोजित करेगी....उन्होंने बहुजन समाज पार्टी पर निशाना साधते हुए उसके डाउनफॉल की बात कही और दावा किया कि उनकी पार्टी सभी जातियों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है.... अटावाले ने महिला आरक्षण बिल पर भी अपनी राय रखी और कहा कि आने वाले समय में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मुद्दों पर ठोस काम किया जाएगा... समाजवादी पार्टी को गिरते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का मतलब है समाज की सेवा करना ना कि समाज के विरोध में कार्य करना साथी उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमारे अच्छे मित्र हैं हम उनसे कहना चाहेंगे कि इस बिल का समर्थन करें और जनता के हित में काम करने का प्रयास करें...इस दौरान उन्होंने नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य है...साथ ही उन्होंने कहा कि यूपी में विकास कार्य जारी हैं और पार्टी देशभर में सक्रिय रूप से विस्तार करना चाहती है1
- “मतदाताओं ने टेरर, माफिया राज और करप्शन के खिलाफ वोट दिया”1
- लखनऊ थाना ठाकुरगंज क्षेत्र के अंतर्गत दरबार होटल के सामने दो गुटों ने बीच सड़क पर जमकर करी मारपीट।3
- लखनऊ के शहीद पथ पर एक अधिवक्ता के साथ अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार अधिवक्ता अपने परिवार के साथ कार से जा रहे थे, तभी एक रिकवरी एजेंट की गाड़ी से टक्कर हो गई। आरोप है कि टक्कर के बाद रिकवरी एजेंट ने अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। घटना के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटना के कारणों की जांच जारी है।1
- रील बनाना “वायरस” नहीं है—लेकिन अगर ये पढ़ाई पर असर डालने लगे, तो चिंता वाजिब है। बात को थोड़ा संतुलित तरीके से रखना ज़्यादा असरदार रहेगा, खासकर स्कूल जैसे माहौल में। आपकी बात को एक न्यूज़/सोशल अवेयरनेस स्टाइल में ऐसे पेश किया जा सकता है: 🎒 स्कूलों में बढ़ता “रील ट्रेंड” — पढ़ाई पर पड़ रहा असर? आजकल सोशल मीडिया का बढ़ता चलन अब स्कूलों तक भी पहुंच गया है। कई जगहों पर छात्र-छात्राएं पढ़ाई के समय का इस्तेमाल रील बनाने में कर रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 📚 जहां एक ओर छात्रों को Sin θ, Cos θ जैसे विषयों पर ध्यान देना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कुछ छात्र हल्के-फुल्के ट्रेंड्स और रील्स में ज्यादा समय बिता रहे हैं। 👉 शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि पढ़ाई और सोशल मीडिया के बीच संतुलन जरूरी है स्कूल परिसर में मोबाइल और रील बनाने पर नियंत्रण होना चाहिए छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग सिखाना जरूरी है 🏫 कई स्कूल प्रशासन अब इस दिशा में सख्ती पर विचार कर रहे हैं, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई पर फोकस कर सकें। ⚠️ संदेश: सोशल मीडिया का उपयोग सीखने और रचनात्मकता के लिए करें, लेकिन पढ़ाई को नजरअंदाज न करें—यही भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी है।1