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महराजगंज जिले के भिटौली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर सोमवार को तीन वाहनों की भीषण टक्कर हो गई, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुर्घटना में एक पिकअप वाहन पूरी तरह पलट गया, जबकि किआ सोनेट और टाटा टियागो नामक दो अन्य वाहन भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस भीषण टक्कर में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
Aapan Maharajganj
महराजगंज जिले के भिटौली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर सोमवार को तीन वाहनों की भीषण टक्कर हो गई, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुर्घटना में एक पिकअप वाहन पूरी तरह पलट गया, जबकि किआ सोनेट और टाटा टियागो नामक दो अन्य वाहन भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस भीषण टक्कर में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
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- भरत भ्रष्टाचार और देश के भ्रष्ट सिस्टम में बदलाव लाना चाहता था। वह इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं था और इसमें सुधार की इच्छा रखता था।1
- संतकबीरनगर जिले की मेंहदावल नगर पंचायत में मुस्लिम समुदाय द्वारा मुहर्रम के सातवें दिन अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ, जिसमें मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस विशेष जुलूस के माध्यम से कर्बला के शहीदों को याद किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से हजरत कासिम की शहादत और इमाम हुसैन के खेमे के लिए पानी बंद किए जाने की ऐतिहासिक घटना को स्मरण किया गया। मुहर्रम के सातवें दिन इमाम हसन के 13 वर्षीय पुत्र हजरत कासिम की शहादत का गम मनाया जाता है, और इसी संदर्भ में समुदाय ने जुलूस निकालकर शहादत को याद किया।4
- सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डिडई चौराहे पर ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार के शुभ अवसर पर एक विशाल सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान के साथ सुंदरकांड पाठ से हुआ। सुंदरकांड पाठ के पश्चात् आयोजित विशाल भंडारे में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया, जिससे उन्होंने पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय माहौल छाया रहा और "जय श्रीराम" तथा "बजरंगबली" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। इस अवसर पर, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण मानव समाज के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना करना है। उन्होंने प्रभु श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी से प्रार्थना की कि वे सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करें और समाज में सुख, शांति तथा समृद्धि बनाए रखें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और एकता भी सुदृढ़ होती है। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा युवा नेता दीपेंद्र विक्रम सिंह, दिलीप चतुर्वेदी, विजयकांत चतुर्वेदी, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, चंदू चौधरी, सच्चिदानंद पांडेय, उपेंद्र सिंह, मुलायम यादव, सूरज यादव, विक्कू सिंह, नरेश चौरसिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- संतकबीरनगर जिले के बेलहर स्थित छितरापार गाँव में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। मेहदावल विद्युत वितरण खंड के कुशहरा उपकेंद्र से जुड़े इस गाँव के ग्रामीण जर्जर तारों और खराब ट्रांसफार्मर के कारण भारी परेशानी झेल रहे हैं, जिसके चलते आए दिन फाल्ट होते रहते हैं और बिजली बाधित होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि फीडर के कर्मचारी फाल्ट ठीक करने का प्रयास करते हैं, लेकिन तारों के अत्यधिक जर्जर होने के कारण मरम्मत के कुछ ही समय बाद फिर से खराबी आ जाती है। कई बार तो तारों में आग लगने और तेज धमाकों के साथ जलने की घटनाएँ भी सामने आई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। भीषण गर्मी के बीच चार दिनों से बिजली न मिलने से बूढ़े, बच्चे और महिलाएँ समेत सभी ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बिजली न होने के कारण पेयजल संकट भी गहरा गया है, क्योंकि पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, साथ ही घरों के अन्य विद्युत उपकरण भी बंद पड़े हैं, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली संकट से नाराज़ ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त किया है। उन्होंने जर्जर तारों और ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने की मांग की है, जिसके संबंध में अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड मेहदावल को पत्र लिखकर समस्या के स्थायी समाधान की अपील की गई है। जौहर अली, इरशाद अहमद, सैयद अली, मुमताज अहमद, मोहम्मद मतीन, कमालुद्दीन, नसीबुल्लाह, परमेश यादव, रामअजोर, रामशंकर, वेद प्रकाश यादव, करम हुसैन, नबी हुसैन, परशुराम और दलथम्मन सहित कई ग्रामीणों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट ठीक करते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद ही फिर से बिजली गुल हो जाती है। इस मामले पर बिजली विभाग के जेई अजय कुमार ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।4
- लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया है। इस भयावह घटना के बाद एक गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर आपातकालीन सेवाएं समय पर क्यों नहीं पहुँच पाईं? यह त्रासदी एक ऐसी दर्दनाक कहानी बन गई है, जहाँ परिवार अपनों के लिए रोते रहे और मदद के इंतजार में आँखें तकती रहीं। यह वीडियो इसी दुखद घटना और उससे जुड़े अहम सवालों पर विस्तार से बात करेगा। इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- महाराजगंज के चौक थाना परिसर में आबकारी अधिनियम के 29 मामलों से संबंधित कुल 236 लीटर अवैध कच्ची शराब को न्यायालय के आदेश पर नष्ट कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई अत्यंत पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन ने इस अवसर पर यह बात दोहराई कि अवैध शराब के खिलाफ भविष्य में भी सख्त अभियान जारी रखा जाएगा।1
- सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील क्षेत्र के खम्हरिया बुजुर्ग गांव में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील बांसी पहुंचा। पूर्व प्रधान तिलक राम यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने तत्काल समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए, उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने नायब तहसीलदार को पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गठित करने तथा तीन दिनों के भीतर मौके का निरीक्षण कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी सड़कों और रास्तों पर जमा रहता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जलभराव के कारण कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कुछ लोगों ने ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है और कुछ स्थानों पर मिट्टी डालकर नालियों को पाट दिया है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। पूर्व प्रधान तिलक राम यादव ने इस जल निकासी की समस्या को गांव के लिए गंभीर बताते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कई प्रयास किए गए, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन के हस्तक्षेप से ग्रामीणों को जल्द ही राहत मिलेगी। इस दौरान उषा, दादू, शकुंतला, सुनील सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।1
- गोरखपुर को लेकर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि 'मुस्कुराइए आप गोरखपुर में हैं।' इस टिप्पणी के माध्यम से यह उजागर किया गया है कि गोरखपुर में मौजूद 'सोता हुआ सिस्टम' लगातार हादसों को दावत दे रहा है, जिससे गंभीर परिणाम होने की आशंका जताई गई है।1
- राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर चार अधिकारियों को निलंबित किए जाने की तैयारी चल रही है, जिसमें सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी में लापरवाही को जवाबदेही का मुख्य कारण बताया गया है। जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें कलेक्शन, जानकीपुरम से गौरव कुमार; एफएसएसओ, इंदिरा नगर से कमलेन्द्र कुमार सिंह; एई अनिल कुमार; और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है, और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं, और इस कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही तथा पारदर्शिता की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1