भागलपुर के मायागंज अस्पताल में सोमवार को हड़ताली सुरक्षा गार्डों और बाहर से बुलाए गए सुरक्षाकर्मियों के बीच एक हिंसक झड़प हुई, जिसमें लाठी-डंडे चले। यह घटना तब हुई जब अपनी बुनियादी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे नियमित गार्डों ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक सुरक्षा के लिए तैनात किए गए 20 बाहरी सुरक्षाकर्मियों का विरोध किया। हड़ताली गार्ड वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश और पीएफ राशि जैसी मांगों को लेकर आक्रोशित थे। उन्हें पूर्व में 10 दिनों का प्रशासनिक आश्वासन मिला था जो पूरा नहीं हुआ, जिससे वे अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। इस झड़प के दौरान बाहरी गार्डों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और अस्पताल परिसर से खदेड़ दिया गया, जिससे पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों को चोटें भी आईं। लगभग छह महीने पहले तैनात हुए ओवरऑल कमांडर अनिल कुमार सिंह ने इस अचानक हुए हमले की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
भागलपुर के मायागंज अस्पताल में सोमवार को हड़ताली सुरक्षा गार्डों और बाहर से बुलाए गए सुरक्षाकर्मियों के बीच एक हिंसक झड़प हुई, जिसमें लाठी-डंडे चले। यह घटना तब हुई जब अपनी बुनियादी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे नियमित गार्डों ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक सुरक्षा के लिए तैनात किए गए 20 बाहरी सुरक्षाकर्मियों का विरोध किया। हड़ताली गार्ड वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश और पीएफ राशि जैसी मांगों को लेकर आक्रोशित थे। उन्हें पूर्व में 10 दिनों का प्रशासनिक आश्वासन मिला था जो पूरा नहीं हुआ, जिससे वे अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। इस झड़प के दौरान बाहरी गार्डों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और अस्पताल परिसर से खदेड़ दिया गया, जिससे पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों को चोटें भी आईं। लगभग छह महीने पहले तैनात हुए ओवरऑल कमांडर अनिल कुमार सिंह ने इस अचानक हुए हमले की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
- बिहार में राबड़ी आवास खाली कराने की चर्चाओं पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता सिद्दीकी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को बेहद करारा जवाब दिया है, जिससे इन अटकलों के बीच एक राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।1
- पुणे में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रव्यापी "हल्ला बोल" आंदोलन में छात्रों की भारी भीड़ उमड़ी। यह जमावड़ा किसी राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि छात्रों के गहरे गुस्से की सशक्त आवाज़ है, जो देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि NEET, CBSE, SSC-GD से लेकर CUET तक विभिन्न परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और टेंडर घोटालों ने भारत की शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर कहा है कि "लीक प्रधान" ने शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है और उनकी मुख्य मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल बर्खास्त किया जाए। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, वे सड़कों को सूनी नहीं होने देंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।1
- यह संदेश उन भक्तों को समर्पित है जिनके हृदय में कृष्ण निवास करते हैं, और जिनकी प्रत्येक धड़कन में 'राधे-राधे' का नाम गूंजता है। ऐसे सभी भक्तों से विशेष रूप से टिप्पणी अनुभाग में 'राधे-राधे' लिखने का आग्रह किया गया है।1
- नीट परीक्षा के संबंध में एक सीधा और गंभीर दावा सामने आया है। इसके अनुसार, नीट का पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि उसे सीधे तौर पर बेच दिया गया था। यह बयान स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि यह घटना किसी सामान्य लीक से कहीं बढ़कर थी, और इसमें प्रश्न पत्र को बेचे जाने का एक सुनियोजित कार्य शामिल था।1
- बसंतराय में स्थित एक पानी का नल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिस पर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है। इस समस्या के कारण आसपास के लोगों को पानी की भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस नल को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए ताकि उनकी जल संबंधी समस्या का समाधान हो सके।4
- भागलपुर के मायागंज अस्पताल में सोमवार को हड़ताली सुरक्षा गार्डों और बाहर से बुलाए गए सुरक्षाकर्मियों के बीच एक हिंसक झड़प हुई, जिसमें लाठी-डंडे चले। यह घटना तब हुई जब अपनी बुनियादी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे नियमित गार्डों ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक सुरक्षा के लिए तैनात किए गए 20 बाहरी सुरक्षाकर्मियों का विरोध किया। हड़ताली गार्ड वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश और पीएफ राशि जैसी मांगों को लेकर आक्रोशित थे। उन्हें पूर्व में 10 दिनों का प्रशासनिक आश्वासन मिला था जो पूरा नहीं हुआ, जिससे वे अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। इस झड़प के दौरान बाहरी गार्डों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और अस्पताल परिसर से खदेड़ दिया गया, जिससे पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों को चोटें भी आईं। लगभग छह महीने पहले तैनात हुए ओवरऑल कमांडर अनिल कुमार सिंह ने इस अचानक हुए हमले की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।1