Shuru
Apke Nagar Ki App…
पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। *पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।* **विजयादशमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएं, सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें।* *आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।**
Ishwar prasad Sahu
पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। *पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।* **विजयादशमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएं, सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें।* *आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।**
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। *पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।* **विजयादशमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएं, सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें।* *आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।**1
- उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी की मौजूदगी में शस्त्र पूजा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ हुई संपन्न उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी की मौजूदगी में शस्त्र पूजा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ हुई संपन्न जिले भर के समस्त थाना के पुलिस स्टॉप सहित बड़े धूमधाम से दशहरा पर शस्त्र पूजा आयोजन किया गया1
- 🔴 बड़ी खबर | अमनी पिपरिया, जिला डिंडोरी🌺 माँ दुर्गा की विदाई में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब 🌺 🌺 माँ दुर्गा के विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब, जयकारों से गूंजा गाँव 🌺 अमनी पिपरिया (डिंडोरी)। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत अमनी पिपरिया में माँ दुर्गा के विसर्जन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। माँ दुर्गा की प्रतिमा के साथ निकली विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल नजर आए। माँ दुर्गा की प्रतिमा को वाहन में सजाकर विसर्जन के लिए ले जाया गया। इस दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। माता रानी के प्रति श्रद्धा और आस्था के साथ भक्तों ने माँ दुर्गा को विदाई दी। गाँव की एकता और धार्मिक आस्था बनी आकर्षण का केंद्र। दुर्गा विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजन गाँव में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं। माता रानी से सभी ग्रामवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। माँ दुर्गा की विदाई के साथ भक्तों ने भावुक मन से प्रार्थना की— “माँ, अगले बरस फिर आना और सभी पर अपनी कृपा बनाए रखना।” 🙏 जय माता दी! 🌺 अगले बरस फिर आना माँ! 🌺1
- *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* मध्य प्रदेश उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- *पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।* **विजयादशमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएं, सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें।* *आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।** *पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे की ओर से समस्त डिंडौरीवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।* **विजयादशमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएं, सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें।* *आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।**1
- मध्य प्रदेश उमरिया विजयदशमी पर पुलिस लाइन में हुआ शस्त्र पूजन उमरिया विजयदशमी पर पुलिस लाइन में हुआ शस्त्र पूजन विजयदशमी पर पुलिस लाइन में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन, पुलिस अधिकारियों ने की पूजा-अर्चना मध्य प्रदेश उमरिया। विजयदशमी के पावन पर्व पर हर साल की भांति इस वर्ष भी पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने विधि-विधान के साथ शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर परंपरा का निर्वहन किया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय बागवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा, पुन्नू सिंह परस्ते एवं जिला पंचायत के अभय सिंह ओहरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। विजयदशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा शक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। पुलिस विभाग में इस आयोजन का विशेष महत्व है। यह परंपरा कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की सुरक्षा करने और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश देती है। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं दीं।2