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बैतूल नपा नें गड्डों पर की लीपापोती बारिश नें खोली पोल
M. Afsar khan
बैतूल नपा नें गड्डों पर की लीपापोती बारिश नें खोली पोल
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- बैतूल नपा नें गड्डों पर की लीपापोती बारिश नें खोली पोल1
- युवक हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 5 पुलिस गिरफ्त में बैतूल। थाना गंज पुलिस ने युवक देवेन्द्र उर्फ डिब्बी हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों दीपक उर्फ डेबरी और शुभम उर्फ फोकनर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को ग्रीनसिटी क्षेत्र से दबिश देकर पकड़ा गया। पुलिस ने 31 अगस्त की रात हुई हत्या का 24 घंटे में खुलासा करते हुए पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य अहम कड़ी साबित हुए। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में एक आरोपी अजय अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल सहित पुलिस टीम और साइबर सेल द्वारा की गई।1
- जनपद पंचायत की नीलामी बनी विवादों का अखाड़ा, सरपंचों की सीधी भागीदारी और नियमों की अनदेखी से मचा बवाल *अपने टीवी स्क्रीन पर TNP NEWS चैनल के मप्र-छग बुलेटिन मे दोपहर 3:30 बजे देखे आमला की खबर* *जनपद पंचायत की नीलामी बनी विवादों का अखाड़ा, सरपंचों की सीधी भागीदारी और नियमों की अनदेखी से मचा बवाल* *नियम ताक पर, सरपंचों ने लगाई बोली, जनप्रतिनिधि होने के नाते जिन सरपंचों का नीलामी में भाग लेना वर्जित, ऐसे दो सरपंचों ने खुलेआम बोली प्रक्रिया में हिस्सा* 👉 *आप देख सकते हो TNP न्यूज़ चैनल को अपने टीवी स्क्रीन पर* *आपके टीवी स्क्रीन पर TNP News चैनल उपलब्ध है* *टाटा स्काई - 541* *एयरटेल - 367* *जिओ टीवी -3008* *फ्री डिश - 98* *डिश टीवी - 4038* *साथ ही समस्त ओटीटी पर भी उपलब्ध है जैसे* *टाटा प्ले -541* *एयरटेल एक्सट्रीम -367* 👉 *अब आमला में लोकल डिस्क के चैनल नंबर 68 golu red tv पर उपलब्ध है* 👉 *जुड़ने के लिए सम्पर्क करें* *फेसबुक पेज #TNP News Amla को सर्च करे* *रोजाना समाचारों के अपडेट पाने के लिए* *खबर को लाईक👍,कमेंट, शेयर व facebook, X, Instaपर TNP न्यूज को 🛎️सबस्क्राइब अवश्य करे* *चैनल पर खबर, विज्ञापन आदि व अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे* *आमला ब्यूरो विक्की पारधी* *कार्यालय का पता* *माँ शेरावाली न्यूज एजेंसी बस स्टैंड गंज आमला जिला बैतूल (म.प्र.)*1
- युवक हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक पांच आरोपी पुलिस गिरफ्त में गंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई; सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिली अहम मदद, एक आरोपी अब भी फरार बैतूल। थाना गंज क्षेत्र में युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस प्रकार अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर गंभीर एवं जघन्य अपराधों में त्वरित कार्रवाई के तहत गंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। दोनों आरोपी ग्रीनसिटी में घूम रहे थे पुलिस के अनुसार, प्रकरण में पूर्व में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद तीन अन्य आरोपी फरार थे। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान 4 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि दीपक उर्फ डेबरी और शुभम उर्फ फोकनर ग्रीनसिटी क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ दीपु उर्फ डेबरी पिता वासुदेव दावण्डे, निवासी ग्रीनसिटी बैतूल तथा शुभम उर्फ फोकनर पिता कलीराम पवार, निवासी ग्रीनसिटी, गंज बैतूल के रूप में हुई है। दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था देवेन्द्र पुलिस के मुताबिक घटना 31 अगस्त 2026 की रात की है। मृतक देवेन्द्र उर्फ डिब्बी पिता मनोज राजपूत, उम्र 23 वर्ष, निवासी माचना नगर, गोयल फैक्ट्री के पास, बैतूल को उसके मोबाइल पर फोन आने के बाद उसके दोस्तों द्वारा बुलाया गया था। फोन आने पर वह घर से बाहर गया था। रात्रि करीब 11:16 बजे वह घर के आंगन में असामान्य अवस्था में मिला। उसके कपड़े गीले थे तथा दोनों पैरों, हाथ, पीठ और आंख के पास चोट के निशान पाए गए थे। परिजन तत्काल उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल बैतूल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे अन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारपीट से चोटों के कारण मौत की आशंका, हत्या का मामला दर्ज मर्ग जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और मृतक की मां के कथनों के आधार पर प्रथम दृष्टया मारपीट से आई चोटों के कारण मृत्यु होना पाए जाने पर थाना गंज पुलिस ने धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुश्री अन्नापूर्णा सिरसाम के नेतृत्व में थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी फुटेज ने खोले हत्याकांड के राज जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का भी बारीकी से विश्लेषण किया गया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई। पूर्व में इस प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई है। एक आरोपी अभी भी फरार पुलिस के अनुसार प्रकरण में अजय पिता जगन्नाथ डहेरिया, निवासी ग्रीनसिटी, बैतूल अभी फरार है। पुलिस टीम द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, उपनिरीक्षक उत्तमनंदन मस्तकार, उपनिरीक्षक संदीप परतेती, सहायक उपनिरीक्षक किशोरीलाल सल्लाम सहित थाना गंज पुलिस टीम तथा साइबर सेल के राजेन्द्र, आरक्षक दीपेन्द्र एवं आरक्षक पंकज की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना, संदिग्ध गतिविधि अथवा संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने कहा है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।2
- नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर मोहा मन, मटकी फोड़ आयोजन में दिखा उत्साह सरस्वती शिशु मंदिर बोरदेही में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर मोहा मन, मटकी फोड़ आयोजन में दिखा उत्साह संदीप वाईकर | बोरदेही बोरदेही। विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं ने राधा-कृष्ण का मनमोहक रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई श्रीकृष्ण की विभिन्न झांकियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं। नन्हे बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं नगरवासियों का खूब ध्यान आकर्षित किया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय परिसर में मटकी फोड़ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से जुड़ी लीलाओं को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ नागरिक, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पर्वों के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। पूरे विद्यालय परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।4
- भीमपुर में कॉलेज भूमि आवंटन की मांग पर ABVP के छात्र उतरें सड़कों पर किया प्रदर्शन, विभिन्न मांगो को लेकर किया चक्काजाम भीमपुर में कॉलेज भूमि आवंटन को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों ने शासन प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार आंदोलन किया। मुख्यालय पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर कालेज आवंटन और क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज का भवन नहीं होने से और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा नहीं मिलने से हजारों युवाओं को पढ़ाई के लिए दूर दराज शहरों में जाना पड़ता है, जिससे कई विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होती है। इसी मुद्दे को लेकर ABVP ने जिम्मेदार अधिकारियों के सामने अपनी मांग मजबूती से रखी।1
- पूर्वजों की विरासत को आज भी संजोए है गौला का झगेकर परिवार, बीजे और सीवन की लकड़ी से बनती हैं शानदार ढोलकें पूर्वजों की विरासत को आज भी संजोए है गौला का झगेकर परिवार, बीजे और सीवन की लकड़ी से बनती हैं शानदार ढोलकें दूर-दूर से ढोलक खरीदने पहुंचते हैं लोग, हुनर को सरकारी सहयोग मिले तो बन सकती है मुलताई की नई पहचान मुलताई। ग्रामीण अंचलों में प्रतिभा और पारंपरिक हुनर की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो बस उसे पहचान देने और प्रोत्साहन देने की। मुलताई क्षेत्र का गौला गांव भी ऐसी ही एक अनूठी कला और पारंपरिक व्यवसाय को आज तक जीवित रखे हुए है, जहां झगेकर परिवार के लोग अपने पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आज भी हाथों से ढोलक बनाने का काम कर रहे हैं। गौला गांव में तैयार होने वाली ढोलकें अपनी बेहतरीन आवाज और मजबूत गुणवत्ता के कारण आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से आने वाले लोगों को भी आकर्षित करती हैं। गांव के झगेकर परिवार के तीन भाइयों के परिवार वर्तमान समय में इस पारंपरिक काम से जुड़े हुए हैं और पीढ़ियों से चले आ रहे इस हुनर को जिंदा रखे हुए हैं। बीजे की लकड़ी की ढोलक की आवाज होती है खास मुलताई निवासी रामदास देशमुख ने बताया कि उन्हें ढोलक खरीदनी थी। इस दौरान उनके एक परिचित ने उन्हें जानकारी दी कि मुलताई क्षेत्र के ही गौला गांव में अच्छी गुणवत्ता की ढोलक बनाई जाती है। इसके बाद जब वे गौला पहुंचे तो वहां उन्हें एक से बढ़कर एक ढोलक देखने को मिलीं। उन्होंने बताया कि ढोलकों की गुणवत्ता काफी अच्छी लगी और इसी वजह से उन्होंने वहीं से ढोलक खरीदने का निर्णय लिया। झगेकर परिवार के सदस्यों ने बताया कि ढोलक बनाने में अलग-अलग प्रकार की लकड़ी का उपयोग किया जाता है। बीजे की लकड़ी से तैयार ढोलक को अधिक बेहतर माना जाता है। इसकी आवाज मधुर और दमदार होती है, हालांकि इसकी कीमत भी अपेक्षाकृत अधिक होती है। वहीं कम कीमत में सीवन की लकड़ी से भी ढोलक तैयार की जाती है, जिससे आम लोगों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग कीमतों में ढोलक उपलब्ध हो जाती है। महंगी होती सामग्री से व्यवसाय पर पड़ रहा असर परिवार के सदस्यों के अनुसार वर्तमान समय में ढोलक बनाने में उपयोग होने वाली स्याही सहित अन्य आवश्यक सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर उनके पारंपरिक व्यवसाय पर पड़ रहा है। मेहनत और समय अधिक लगने के बावजूद बढ़ती लागत के कारण इस काम से होने वाली आमदनी पहले की तुलना में प्रभावित हुई है। सरकारी सहयोग मिले तो बन सकती है मुलताई की पहचान गौला में मौजूद यह पारंपरिक कला केवल एक परिवार के रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी संभावना है। यदि शासन-प्रशासन द्वारा ऐसे पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, कच्चा माल उपलब्ध कराने और बाजार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाएं तो गौला की ढोलक को व्यापक पहचान मिल सकती है। पूर्वजों से मिली कला को आज भी मेहनत और लगन से जीवित रखने वाला झगेकर परिवार इस बात का उदाहरण है कि ग्रामीण भारत में हुनर की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उस हुनर को उचित मंच और सहयोग देने की है।1
- सारनी पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी जुनैद को किया गिरफतार पीड़िता ने दर्ज कराई थी शिकायत1