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एक समुंद्री जहाज से अमेरिका का एक तकिया प्राप्त हुआ है। इस तकिये की मुख्य विशेषता यह बताई गई है कि इसका जीवनकाल 20 साल से भी अधिक होने का अनुमान है, जो इसे अपनी श्रेणी में काफी टिकाऊ बनाता है।

3 hrs ago
user_प्रमोद कुमार कश्यप
प्रमोद कुमार कश्यप
Farmer मोदीनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

एक समुंद्री जहाज से अमेरिका का एक तकिया प्राप्त हुआ है। इस तकिये की मुख्य विशेषता यह बताई गई है कि इसका जीवनकाल 20 साल से भी अधिक होने का अनुमान है, जो इसे अपनी श्रेणी में काफी टिकाऊ बनाता है।

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  • पं. कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्य देव उपासक ने एक गहन प्रश्न उठाया है: "क्या है ऐसा जिसे पाना असंभव है?" इस प्रश्न का उत्तर उन्होंने स्वयं दिया है कि अपनी स्वयं की भूल और अपना स्वयं का दोष ही ऐसी चीजें हैं, जो कभी किसी को नहीं मिलतीं, और यदि मिल भी जाएं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता। यह विचार पं. कुंजबिहारी वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य और सूर्य देव उपासक द्वारा साझा किया गया है। वे पुरामहादेव मंदिर के पूर्व सलाहकार रहे हैं और अखिल भारत वर्षीय ब्रह्म महासभा (जो 1939 में परम श्रृदेय मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित की गई थी) के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी हैं। उनका संबंध एनसीआर दिल्ली से है। उन्होंने अपने संदेश का समापन 'राधे राधे' और 'ॐ नम: शिवाय नम शिवाय काशी विश्वनाथ शंभू परशुरामेश्वर पुरामहादेव देवाय नम शिवाय' जैसे भक्तिमय अभिवादनों के साथ किया, जिसमें उन्होंने पुनः अपनी पहचान ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक के रूप में दोहराई है।
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    पं. कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्य देव उपासक ने एक गहन प्रश्न उठाया है: "क्या है ऐसा जिसे पाना असंभव है?" इस प्रश्न का उत्तर उन्होंने स्वयं दिया है कि अपनी स्वयं की भूल और अपना स्वयं का दोष ही ऐसी चीजें हैं, जो कभी किसी को नहीं मिलतीं, और यदि मिल भी जाएं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता।

यह विचार पं. कुंजबिहारी वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य और सूर्य देव उपासक द्वारा साझा किया गया है। वे पुरामहादेव मंदिर के पूर्व सलाहकार रहे हैं और अखिल भारत वर्षीय ब्रह्म महासभा (जो 1939 में परम श्रृदेय मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित की गई थी) के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी हैं। उनका संबंध एनसीआर दिल्ली से है। उन्होंने अपने संदेश का समापन 'राधे राधे' और 'ॐ नम: शिवाय नम शिवाय काशी विश्वनाथ शंभू परशुरामेश्वर पुरामहादेव देवाय नम शिवाय' जैसे भक्तिमय अभिवादनों के साथ किया, जिसमें उन्होंने पुनः अपनी पहचान ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक के रूप में दोहराई है।
    user_कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषी
    कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषी
    Ashram मोदीनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • दिल्ली से एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक 'हैवान पिता' ने अपने सोते हुए मासूम बच्चे पर एक बाल्टी भरकर पानी डाल दिया। इस घटना को 'नालायक साइको' व्यक्ति की 'हैवानियत' करार दिया गया है, जिसकी नफ़रत का खामियाजा मासूम बच्चों को उठाना पड़ता है। वीडियो में दिख रहा है कि कितनी प्यारी नींद में सो रहे सुंदर बच्चे पर जानबूझकर पूरी बाल्टी भर पानी डाला गया, जिससे उसकी सांस भी रुक सकती थी। इस अमानवीय हरकत पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।
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    दिल्ली से एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक 'हैवान पिता' ने अपने सोते हुए मासूम बच्चे पर एक बाल्टी भरकर पानी डाल दिया। इस घटना को 'नालायक साइको' व्यक्ति की 'हैवानियत' करार दिया गया है, जिसकी नफ़रत का खामियाजा मासूम बच्चों को उठाना पड़ता है। वीडियो में दिख रहा है कि कितनी प्यारी नींद में सो रहे सुंदर बच्चे पर जानबूझकर पूरी बाल्टी भर पानी डाला गया, जिससे उसकी सांस भी रुक सकती थी। इस अमानवीय हरकत पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    23 hrs ago
  • मेरठ में अवैध कॉलोनियों का विस्तार लगातार एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रशासनिक कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद पिछले तीन वर्षों में जिले में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 366 से बढ़कर 471 तक पहुँच गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इस बेरोकटोक विस्तार से न केवल शहरी नियोजन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि भविष्य में इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ कानूनी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भारी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि लगातार अभियान चलाने के बावजूद अवैध कॉलोनियों की संख्या में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी नियमों को दरकिनार कर कई स्थानों पर प्लॉटिंग और निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही है। ऐसे में, संबंधित विभागों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके और शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। मेरठ में अवैध कॉलोनियों की यह बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, और आने वाले दिनों में इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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    मेरठ में अवैध कॉलोनियों का विस्तार लगातार एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रशासनिक कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद पिछले तीन वर्षों में जिले में ऐसी कॉलोनियों की संख्या 366 से बढ़कर 471 तक पहुँच गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

इस बेरोकटोक विस्तार से न केवल शहरी नियोजन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि भविष्य में इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ कानूनी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भारी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि लगातार अभियान चलाने के बावजूद अवैध कॉलोनियों की संख्या में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी नियमों को दरकिनार कर कई स्थानों पर प्लॉटिंग और निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही है।

ऐसे में, संबंधित विभागों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जा सके और शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। मेरठ में अवैध कॉलोनियों की यह बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, और आने वाले दिनों में इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
    user_SACHIN SHIVALIA
    SACHIN SHIVALIA
    Journalist Meerut, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • हापुड़ के थाना सिंभावली क्षेत्र के माधापुर गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने बिजली ट्रांसफॉर्मर का कीमती सामान चोरी कर लिया, जिससे पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों के अनुसार, चोर रात के अंधेरे में बड़ी सफाई से ट्रांसफॉर्मर तक पहुंचे और उसमें लगा कीमती सामान निकालकर फरार हो गए, इतनी बड़ी वारदात के बावजूद किसी को भनक तक नहीं लगी। गांव के लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में नियमित और प्रभावी गश्त होती तो चोर इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनमें भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। किसानों और आम नागरिकों को अपनी संपत्ति की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है, और उन्होंने आरोप लगाया कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे सार्वजनिक संपत्तियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ट्रांसफॉर्मर से सामान चोरी होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी आशंका है, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चोरी की घटनाओं पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो लोगों का पुलिस व्यवस्था से विश्वास कमजोर हो सकता है। गांववासियों ने पुलिस अधिकारियों से क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर सक्रिय चोर गिरोहों पर कार्रवाई करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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    हापुड़ के थाना सिंभावली क्षेत्र के माधापुर गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने बिजली ट्रांसफॉर्मर का कीमती सामान चोरी कर लिया, जिससे पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों के अनुसार, चोर रात के अंधेरे में बड़ी सफाई से ट्रांसफॉर्मर तक पहुंचे और उसमें लगा कीमती सामान निकालकर फरार हो गए, इतनी बड़ी वारदात के बावजूद किसी को भनक तक नहीं लगी।

गांव के लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में नियमित और प्रभावी गश्त होती तो चोर इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनमें भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। किसानों और आम नागरिकों को अपनी संपत्ति की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है, और उन्होंने आरोप लगाया कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे सार्वजनिक संपत्तियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ट्रांसफॉर्मर से सामान चोरी होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी आशंका है, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चोरी की घटनाओं पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो लोगों का पुलिस व्यवस्था से विश्वास कमजोर हो सकता है। गांववासियों ने पुलिस अधिकारियों से क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर सक्रिय चोर गिरोहों पर कार्रवाई करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_Dayanand Kumar journalist
    Dayanand Kumar journalist
    Local News Reporter Hapur, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन बाबा ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक गाय को राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस उद्देश्य से, संगठन ने शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज 1008 को एक ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन बाबा ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाए जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
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    भारतीय किसान यूनियन बाबा ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक गाय को राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस उद्देश्य से, संगठन ने शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज 1008 को एक ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन बाबा ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाए जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
    user_Media fast news 24
    Media fast news 24
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • एक समुंद्री जहाज से अमेरिका का एक तकिया प्राप्त हुआ है। इस तकिये की मुख्य विशेषता यह बताई गई है कि इसका जीवनकाल 20 साल से भी अधिक होने का अनुमान है, जो इसे अपनी श्रेणी में काफी टिकाऊ बनाता है।
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    एक समुंद्री जहाज से अमेरिका का एक तकिया प्राप्त हुआ है। इस तकिये की मुख्य विशेषता यह बताई गई है कि इसका जीवनकाल 20 साल से भी अधिक होने का अनुमान है, जो इसे अपनी श्रेणी में काफी टिकाऊ बनाता है।
    user_प्रमोद कुमार कश्यप
    प्रमोद कुमार कश्यप
    Farmer मोदीनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मेरठ में ज़मीन और संपत्तियों की कीमतों में अचानक हुई तेज़ी ने ख़रीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शहर के कई इलाक़ों में ज़मीन के दाम बढ़ने की ख़बरों के बाद लोगों के बीच इस पर ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, विकास परियोजनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश के कारण कई क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग बढ़ी है। इसी का सीधा असर ज़मीन की क़ीमतों पर दिखाई दे रहा है। इस बढ़ोतरी से जो लोग लंबे समय से घर या प्लॉट ख़रीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब पहले से अधिक क़ीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि निवेशकों के लिए यह स्थिति मुनाफ़े का सौदा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मेरठ में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं के चलते रियल एस्टेट बाज़ार में और भी तेज़ी देखने को मिल सकती है। ऐसे में, यदि कोई मेरठ में घर या प्लॉट ख़रीदने का सपना देख रहा है, तो उन्हें बाज़ार की वर्तमान स्थिति और क़ीमतों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई बड़ा फ़ैसला करना चाहिए।
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    मेरठ में ज़मीन और संपत्तियों की कीमतों में अचानक हुई तेज़ी ने ख़रीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शहर के कई इलाक़ों में ज़मीन के दाम बढ़ने की ख़बरों के बाद लोगों के बीच इस पर ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है।

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, विकास परियोजनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश के कारण कई क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग बढ़ी है। इसी का सीधा असर ज़मीन की क़ीमतों पर दिखाई दे रहा है। इस बढ़ोतरी से जो लोग लंबे समय से घर या प्लॉट ख़रीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब पहले से अधिक क़ीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि निवेशकों के लिए यह स्थिति मुनाफ़े का सौदा साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मेरठ में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं के चलते रियल एस्टेट बाज़ार में और भी तेज़ी देखने को मिल सकती है। ऐसे में, यदि कोई मेरठ में घर या प्लॉट ख़रीदने का सपना देख रहा है, तो उन्हें बाज़ार की वर्तमान स्थिति और क़ीमतों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई बड़ा फ़ैसला करना चाहिए।
    user_SACHIN SHIVALIA
    SACHIN SHIVALIA
    Journalist Meerut, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • घरेलू सामान से जुड़ी सेवाओं के लिए एक सप्लायर उपलब्ध है, जो पैकिंग, शिफ्टिंग, हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए 9971055608 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    घरेलू सामान से जुड़ी सेवाओं के लिए एक सप्लायर उपलब्ध है, जो पैकिंग, शिफ्टिंग, हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए 9971055608 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Shiftkarwalo Packersmover
    Shiftkarwalo Packersmover
    सीमा पुरी, शाहदरा, दिल्ली•
    5 hrs ago
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