भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपकर किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण समाज से जुड़ी कई गंभीर मांगें उठाई हैं। संगठन के जिला अध्यक्ष राधेश्याम मौर्य ने अपने पत्र में खेती की बढ़ती लागत, गन्ना भुगतान में देरी, उर्वरकों की कमी और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों के बुरी तरह प्रभावित होने की बात कही है। इसके साथ ही, पत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सबसे बड़ी चिंता जताई गई है, जिससे विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से एमएसपी व्यवस्था और डेयरी क्षेत्र कमजोर हो सकता है। संगठन ने ज्ञापन के जरिए सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, गन्ने का न्यूनतम मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने और किसानों को पूर्ण ऋण माफी व ब्याजमुक्त कर्ज देने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, स्मार्ट मीटर व निजीकरण वापस लेने, मनरेगा में 200 दिन का रोजगार व 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर मुआवजा देने और अमेरिका सहित किसी भी ऐसे व्यापार समझौते का विरोध करने की मांग की है जो भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचाए। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समाज पर पड़ेगा।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपकर किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण समाज से जुड़ी कई गंभीर मांगें उठाई हैं। संगठन के जिला अध्यक्ष राधेश्याम मौर्य ने अपने पत्र में खेती की बढ़ती लागत, गन्ना भुगतान में देरी, उर्वरकों की कमी और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों के बुरी तरह प्रभावित होने की बात कही है। इसके साथ ही, पत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सबसे बड़ी चिंता जताई गई है, जिससे विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से एमएसपी व्यवस्था और डेयरी क्षेत्र कमजोर हो सकता है। संगठन ने ज्ञापन के जरिए सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, गन्ने का न्यूनतम मूल्य 500
रुपये प्रति क्विंटल करने और किसानों को पूर्ण ऋण माफी व ब्याजमुक्त कर्ज देने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, स्मार्ट मीटर व निजीकरण वापस लेने, मनरेगा में 200 दिन का रोजगार व 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर मुआवजा देने और अमेरिका सहित किसी भी ऐसे व्यापार समझौते का विरोध करने की मांग की है जो भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचाए। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समाज पर पड़ेगा।
- राहुल, प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन* लखनऊ। नेता प्रतिपक्ष सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी एवं अन्य कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के पास से हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित जन भवन का घेराव किया। भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने की जोरदार नारेबाजी, जन भवन के बाहर प्रदर्शन। जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर बसों से इको गार्डन भेजा।1
- बच्चों के लिए आकृतियों के अनुसार रंग भरने और छूटे हुए अक्षरों को पूरा करने की गतिविधि पेश की गई है। इस गतिविधि के तहत बच्चे विभिन्न आकृतियों के हिसाब से रंग भर सकते हैं और छूटे हुए अक्षरों को लिखने का अभ्यास कर सकते हैं। यह पूरी तरह से बच्चों के लिए तैयार की गई एक मनोरंजक गतिविधि है।1
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपकर किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण समाज से जुड़ी कई गंभीर मांगें उठाई हैं। संगठन के जिला अध्यक्ष राधेश्याम मौर्य ने अपने पत्र में खेती की बढ़ती लागत, गन्ना भुगतान में देरी, उर्वरकों की कमी और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों के बुरी तरह प्रभावित होने की बात कही है। इसके साथ ही, पत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सबसे बड़ी चिंता जताई गई है, जिससे विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से एमएसपी व्यवस्था और डेयरी क्षेत्र कमजोर हो सकता है। संगठन ने ज्ञापन के जरिए सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, गन्ने का न्यूनतम मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने और किसानों को पूर्ण ऋण माफी व ब्याजमुक्त कर्ज देने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, स्मार्ट मीटर व निजीकरण वापस लेने, मनरेगा में 200 दिन का रोजगार व 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर मुआवजा देने और अमेरिका सहित किसी भी ऐसे व्यापार समझौते का विरोध करने की मांग की है जो भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचाए। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समाज पर पड़ेगा।2
- पंजाब के हजारों किसान अब दिल्ली आ रहे हैं, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। दिल्ली की तरफ बढ़ रहे ये किसान भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना जी ने राम जन्म मंदिर में हुई चोरी के विषय में अपने विचार व्यक्त किए हैं। इस मामले में शुरू ऐप के प्रतिनिधि अनूप मिश्रा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने मंदिर में हुई चोरी की घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया और विचार व्यक्त किए हैं।1
- जंतर मंतर पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया है। सुरक्षा बलों द्वारा एकत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया।1