पूसा दिल्ली के वैज्ञानिकों ने सुकार में दिया एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण* किसानों को वितरित किया मूंग, बाजरा, सब्जी मिनीकिट एवं फावड़ा *पूसा दिल्ली के वैज्ञानिकों ने सुकार में दिया एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण* किसानों को वितरित किया मूंग, बाजरा, सब्जी मिनीकिट एवं फावड़ा **आईएआरआई द्वारा एससीएसपी के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित** सवाई माधोपुर, 14 फरवरी 2026। अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के अंतर्गत आईएआरआई–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (नई दिल्ली) द्वारा शनिवार को अटल सेवा केंद्र, ग्राम सुकर, तहसील बामनवास, जिला सवाई माधोपुर में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुकर, भंवराड़ा एवं रेवाली ग्राम पंचायतों के लगभग 400 अनुसूचित जाति कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम डॉ. शशि मीणा, वैज्ञानिक (एएसएस), आईएआरआई के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग, पूसा द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकों तथा उन्नत फसल किस्मों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि शिक्षा अपनाने एवं कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नवीन अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की। डॉ. हरिकृष्णा, प्रधान वैज्ञानिक (गेहूं), अनुवांशिकी विभाग ने उन्नत गेहूं की किस्मों, फसल चक्र (क्रॉप रोटेशन) एवं मृदा उर्वरता बनाए रखने के उपाय बताए। डॉ. प्रसेंजीत रे, वरिष्ठ वैज्ञानिक, मृदा विज्ञान विभाग ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा परीक्षण हेतु नमूना लेने की विधि की जानकारी दी तथा एसएफटीआर (SFTR) सॉइल टेस्टिंग किट के उपयोग पर प्रकाश डाला। डॉ. गोगराज सिंह जाट, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सब्जी विज्ञान विभाग ने सब्जी फसलों की उन्नत खेती तकनीकों एवं सब्जी उत्पादन को आय के सशक्त स्रोत के रूप में अपनाने पर जोर दिया। श्री सी. एल. मीणा, वरिष्ठ वित्त एवं लेखा अधिकारी (SF&AO), आईएआरआई ने वित्तीय अवलोकन किया तथा पूसा संस्थान द्वारा संचालित एससीएसपी तथा अन्य भारत सरकार के कार्यक्रमों के बारे में किसानो को जानकारी दी इस अवसर पर डॉ. सियाराम मीणा, कृषि अधिकारी, बामनवास ने राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी। श्री पिंटू मीणा, सहायक कृषि अधिकारी (गंगापुर) ने एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System), मृदा उर्वरता एवं फसल चक्र पर जानकारी दी। साथ ही किसानों को बकरी पालन, मछली पालन आदि को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपनाने की सलाह दी गई। श्री मुकेश मीणा, तकनीकी अधिकारी, पूसा ने 25 से 27 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कृषि मेले में अधिकाधिक भागीदारी के लिए किसानों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती ममता मीणा एवं श्री सतीश मीणा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को कृषि आदान के रूप में फावड़ा, दरांती, मूंग बीज (पूसा विशाल), बाजरा बीज (प्रजाति-701), सब्जी फसल किट तथा एससीएसपी प्रशिक्षण किट वितरित की गईं। कार्यक्रम का आयोजन सुकर एवं रेवाली के सरपंचों की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति कृषकों की कृषि उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना है।
पूसा दिल्ली के वैज्ञानिकों ने सुकार में दिया एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण* किसानों को वितरित किया मूंग, बाजरा, सब्जी मिनीकिट एवं फावड़ा *पूसा दिल्ली के वैज्ञानिकों ने सुकार में दिया एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण* किसानों को वितरित किया मूंग, बाजरा, सब्जी मिनीकिट एवं फावड़ा **आईएआरआई द्वारा एससीएसपी के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित** सवाई माधोपुर, 14 फरवरी 2026। अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के अंतर्गत आईएआरआई–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (नई दिल्ली) द्वारा शनिवार को अटल सेवा केंद्र, ग्राम सुकर, तहसील बामनवास, जिला सवाई माधोपुर में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुकर, भंवराड़ा एवं रेवाली ग्राम पंचायतों के लगभग 400 अनुसूचित जाति कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम डॉ. शशि मीणा, वैज्ञानिक (एएसएस), आईएआरआई के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग, पूसा द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकों तथा उन्नत फसल किस्मों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि शिक्षा अपनाने एवं कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नवीन अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की। डॉ. हरिकृष्णा, प्रधान वैज्ञानिक (गेहूं), अनुवांशिकी विभाग ने उन्नत गेहूं की किस्मों, फसल चक्र (क्रॉप रोटेशन) एवं मृदा उर्वरता बनाए रखने के उपाय बताए। डॉ. प्रसेंजीत रे, वरिष्ठ वैज्ञानिक, मृदा विज्ञान विभाग ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा परीक्षण हेतु नमूना लेने की विधि की जानकारी दी तथा एसएफटीआर (SFTR) सॉइल टेस्टिंग किट के उपयोग पर प्रकाश डाला। डॉ. गोगराज सिंह जाट, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सब्जी विज्ञान विभाग ने सब्जी फसलों की उन्नत खेती तकनीकों एवं सब्जी उत्पादन को आय के सशक्त स्रोत के रूप में अपनाने पर जोर दिया। श्री सी. एल. मीणा, वरिष्ठ वित्त एवं लेखा अधिकारी (SF&AO), आईएआरआई ने वित्तीय अवलोकन किया तथा पूसा संस्थान द्वारा संचालित एससीएसपी तथा अन्य भारत सरकार के कार्यक्रमों के बारे में किसानो को जानकारी दी इस अवसर पर डॉ. सियाराम मीणा, कृषि अधिकारी, बामनवास ने राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी। श्री पिंटू मीणा, सहायक कृषि अधिकारी (गंगापुर) ने एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System), मृदा उर्वरता एवं फसल चक्र पर जानकारी दी। साथ ही किसानों को बकरी पालन, मछली पालन आदि को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपनाने की सलाह दी गई। श्री मुकेश मीणा, तकनीकी अधिकारी, पूसा ने 25 से 27 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कृषि मेले में अधिकाधिक भागीदारी के लिए किसानों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती ममता मीणा एवं श्री सतीश मीणा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को कृषि आदान के रूप में फावड़ा, दरांती, मूंग बीज (पूसा विशाल), बाजरा बीज (प्रजाति-701), सब्जी फसल किट तथा एससीएसपी प्रशिक्षण किट वितरित की गईं। कार्यक्रम का आयोजन सुकर एवं रेवाली के सरपंचों की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति कृषकों की कृषि उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना है।
- गंगापुर सिटी में सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद की कार्रवाई आज भी जारी रही। शहर के मुख्य बाजारों और व्यस्त मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम सुबह से ही मौके पर पहुंची और सड़क किनारे रखे सामान, अस्थायी ढांचे और अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर दो पहिया वाहन तक निकालना मुश्किल हो रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद परिषद ने सख्ती दिखाते हुए अभियान चलाया है। अतिक्रमण के चलते सड़कों पर गंदगी भी फैल रही है, जिससे आमजन का जीना दुश्वार हो गया है। नालियां जाम होने और कचरे के ढेर लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि बिना पूर्व सूचना के की गई कार्रवाई से उन्हें नुकसान हो रहा है। विरोध बढ़ने पर कुछ देर के लिए अतिक्रमण तोड़ने का कार्य रोक दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में दुकानदार इकट्ठा होकर अपनी मांगों को लेकर मिनी सचिवालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- जिला पुलिस अधीक्षक करौली लोकेश सोनवाल की विशेष मॉनिटरिंग में अवैध मादक पदार्थ (अफीम) के विरूद्व जिला पुलिस की बड़ी कार्यवाही - वृत्त कैलादेवी, पुलिस थाना कैलादेवी एवं थाना सपोटरा पुलिस टीमों ने दिया बड़ी कार्यवाही को दिया अंजाम - पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6067 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम के हरे पौधों को किया जप्त करीब 02 करोड़ रूपये अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य के 6067 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम के हरे पौधों सहित 02 आरोपियों को किया गिरफ्तार आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती सरसों के खेतों के मध्य में धौरेरा हार (कैलोदेवी) में की जा रही थी - आरोपी चौरसिंह पुत्र हरदी मीना उम्र 37 साल निवासी धौरेरा थाना कैलादेवी जिला करौली व मनकेश उर्फ पिन्टू मीना पुत्र घनश्याम उम्र 32 साल जाति मीना गिरफ्तार1
- करौली। धौरेरा के हार में सरसों के खेत के मध्य में अवैध अफीम की खेती करने 2 आरोपियों को केला देवी पुलिस ने किया गिरफ्तार 2 करोड की 6067 किलोग्राम अफीम के हरे पौधों को किया जप्त कैला देवी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध अफीम की खेती करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।2 करोड़ रूपये अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य के 6067 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम के हरे पौधों को पुलिस ने जप्त किया है। केला देवी पुलिस उपाधीक्षक मीना मीणा ने शनिवार दोपहर 2:00 बजे बताया कि एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाधिकारी रामअवतार मीना को जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि घनश्याम उर्फ घासू मीना पुत्र किशोर मीना निवासी धोरेरा थाना कैलादेवी, एवं चौरसिंह पुत्र हरदी मीना निवासी धौरेरा थाना कैलादेवी ने गांव धौरेरा के हार में अपने सामलाती दो खेतों में अवैध रूप से अफीम के पौधों की खेती कर रखी है। जो अफीम के पौधों को बेचने का काम करते है।कार्यवाही हेतु थाने से रवाना होकर घनश्याम उर्फ घासू मीना, पुत्र किशोर मीना एवं चौरसिंह मीना निवासी धौरेरा के खेतो पर पहुंचे, जहाँ पर दो खेतों में सरसों की फसल के बीच में मादक पदार्थ अफीम के हरे पौधे उगे हुये मिले।पुलिस ने खेत मे काम करते हुए आरोपी चौरसिंह पुत्र हरदी मीना निवासी धौरेरा, मनकेश उर्फ पिन्टू मीना पुत्र घनश्याम मीना निवासी धौरेरा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।3
- अवैध अफीम को सरसों की खेती की आड में 2 करोड़ रुपए की 6067 किलोग्राम हरे पौधे को पुलिस ने किया जप्त, 2 अफीम तस्करों को किया गिरफ्तार करौली जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी व नशे के कारोबार को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चंद विश्नोई के निर्देश पर करौली जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई करते हुए कैलादेवी थाना क्षेत्र के धौरेरा गांव में नशै के सौदागरों ने सरसों की फसल की आड़ में अवैध अफीम की व्यापक स्तर पर खेती कर डाली। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने शनिवार को कार्यालय सभागार में प्रेसवार्ता कर बताया कि अवैध अफीम खेतों में सरसों की फसल की आड़ में करने के मामले में एसपी ने मॉनिटरिंग करते हुए कैलादेवी और सपोटरा थाना पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई के निर्देश पर सफलता हासिल होने पर मौके से सरसों के खेत में व्यापक स्तर पर अवैध अफीम के 6067 किलो अवैध अफीम के हरे पौधे किए जब्त करने सहित लगभग अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अवैध अफीम की कीमत 2 करोड़ रुपए की आंकी गई है। वही धौरेरा क्षेत्र में सरसों के खेतों के बीच उगाई जा रही अफीम पकड़ने सहित मौके से नशे के सौदागर चौरसिंह मीना व मनकेश उर्फ पिंटू मीना को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ NDPS एक्ट में मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस अनुसंधान जारी है।3
- मां बाड़ी संगठन संघ जिला दौसा की बैठक शनिवार को आदिवासी मीणा हाईकोर्ट नांगल परिसर में रखी गई। बैठक में दोसा ब्लॉक, रामगढ़ पचवारा ब्लॉक, लवाण ब्लॉक, लालसोट ब्लॉक, नांगल राजावतान ब्लॉक, सिकराय ब्लॉक ,बौली ब्लॉक, सवाईमाधोपुर और निवाई ब्लॉक जिला टोंक सहित अन्य जिलों एवं ब्लॉक के शिक्षा सहयोगी की उपस्थिति रही। बैठक में दौसा जिला अध्यक्ष हरजीराम मीणा की अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में संचालित माँ बाड़ी केन्द्रों को बंद कर सभी शिक्षा सहयोगीयों की कलमबंद हड़ताल के बारे में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई । बैठक को राजस्थान माँ बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषिकेश मीणा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के बजट में जनजाति विभाग को दरकिनार कर दिया गया और हमारे संगठन की लम्बी चली आ रही मांगों पर विचार नहीं किया गया आगामी 17 फरवरी के रिवाइज बजट में अगर सरकार ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति बनायेंगे। बैठक में रामराज मीणा, अम्बालाल मीणा, दयाराम, भरतलाल, बालू राम, राधामोहन मीणा, किरोड़ी लाल मीणा, चेतन मीणा ,कालुराम मीणा ,मोतीलाल मीना ,सीता देवी, रामस्वरूप, मांगीलाल निवाई ,रामजस मीणा निवाई, सुनिता मीणा निवाई, हरिराम मीणा, रामफूल मीणा नरसी मीणा, मोहन लाल मीणा, रोशन लाल मीणा, रामकिशोर मीणा, कैलाश मीणा राजेन्द्र प्रसाद मीणा, सहित अन्य मौजूद रहे।1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- सवाई माधोपुर:पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल जिला सवाईमाधोपुर के आदेशानुसार वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे ऑपरेशन शिकंजा के तहत थानाधिकारी थाना मानटाउन सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने घोखाधड़ी के मामले में दो वर्ष से फरार पांच हजार रूपये के ईनामी जनकराज पुत्र पृथ्वीराज मीणा निवासी किरवाड़ा थाना महावीरजी जिला करौली को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।1
- *पूसा दिल्ली के वैज्ञानिकों ने सुकार में दिया एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण* किसानों को वितरित किया मूंग, बाजरा, सब्जी मिनीकिट एवं फावड़ा **आईएआरआई द्वारा एससीएसपी के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित** सवाई माधोपुर, 14 फरवरी 2026। अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के अंतर्गत आईएआरआई–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (नई दिल्ली) द्वारा शनिवार को अटल सेवा केंद्र, ग्राम सुकर, तहसील बामनवास, जिला सवाई माधोपुर में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुकर, भंवराड़ा एवं रेवाली ग्राम पंचायतों के लगभग 400 अनुसूचित जाति कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम डॉ. शशि मीणा, वैज्ञानिक (एएसएस), आईएआरआई के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग, पूसा द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकों तथा उन्नत फसल किस्मों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि शिक्षा अपनाने एवं कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नवीन अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की। डॉ. हरिकृष्णा, प्रधान वैज्ञानिक (गेहूं), अनुवांशिकी विभाग ने उन्नत गेहूं की किस्मों, फसल चक्र (क्रॉप रोटेशन) एवं मृदा उर्वरता बनाए रखने के उपाय बताए। डॉ. प्रसेंजीत रे, वरिष्ठ वैज्ञानिक, मृदा विज्ञान विभाग ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा परीक्षण हेतु नमूना लेने की विधि की जानकारी दी तथा एसएफटीआर (SFTR) सॉइल टेस्टिंग किट के उपयोग पर प्रकाश डाला। डॉ. गोगराज सिंह जाट, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सब्जी विज्ञान विभाग ने सब्जी फसलों की उन्नत खेती तकनीकों एवं सब्जी उत्पादन को आय के सशक्त स्रोत के रूप में अपनाने पर जोर दिया। श्री सी. एल. मीणा, वरिष्ठ वित्त एवं लेखा अधिकारी (SF&AO), आईएआरआई ने वित्तीय अवलोकन किया तथा पूसा संस्थान द्वारा संचालित एससीएसपी तथा अन्य भारत सरकार के कार्यक्रमों के बारे में किसानो को जानकारी दी इस अवसर पर डॉ. सियाराम मीणा, कृषि अधिकारी, बामनवास ने राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी। श्री पिंटू मीणा, सहायक कृषि अधिकारी (गंगापुर) ने एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System), मृदा उर्वरता एवं फसल चक्र पर जानकारी दी। साथ ही किसानों को बकरी पालन, मछली पालन आदि को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपनाने की सलाह दी गई। श्री मुकेश मीणा, तकनीकी अधिकारी, पूसा ने 25 से 27 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कृषि मेले में अधिकाधिक भागीदारी के लिए किसानों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती ममता मीणा एवं श्री सतीश मीणा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को कृषि आदान के रूप में फावड़ा, दरांती, मूंग बीज (पूसा विशाल), बाजरा बीज (प्रजाति-701), सब्जी फसल किट तथा एससीएसपी प्रशिक्षण किट वितरित की गईं। कार्यक्रम का आयोजन सुकर एवं रेवाली के सरपंचों की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति कृषकों की कृषि उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना है।1