भीनमाल में सजेगा भक्ति, आस्था और संस्कार का महाकुंभ: नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर में 4 से 10 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ भीनमाल (विक्रम राठी) जाकोब तालाब स्थित श्री नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर परिसर आगामी 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहने वाला है। यहां आयोजित होने जा रहा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ न केवल धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप लेगा। इस सात दिवसीय महायज्ञ को लेकर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी विशेष उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिल रहा है। इस पावन अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक अभयदास महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का वाचन होगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भव्य कलश यात्रा से होगा दिव्य शुभारंभ महायज्ञ का शुभारंभ 4 अप्रैल को प्रातः 8:30 बजे गायत्री शक्तिपीठ से निकलने वाली भव्य और आकर्षक कलश यात्रा के साथ होगा। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर की मुख्य सड़कों से गुजरेंगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय हो उठेगा। कलश यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक ध्वजों के साथ नगर में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा। आयोजन समिति द्वारा कलश यात्रा में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकें। घर-घर पहुंच रहा निमंत्रण, पीले चावल से आमंत्रण की परंपरा भारतीय संस्कृति की परंपरा को निभाते हुए आयोजन समिति एवं क्षेत्रवासी घर-घर जाकर पीले चावल बांटकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं। यह पारंपरिक निमंत्रण न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और जुड़ाव का संदेश भी देता है। शहर के विभिन्न मोहल्लों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है। सोशल मीडिया, पोस्टर-बैनर और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस महायज्ञ में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। तैयारियां जोरों पर, हर व्यवस्था को दिया जा रहा अंतिम रूप आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए श्री नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर ट्रस्ट द्वारा लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में कथा स्थल की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कथा स्थल को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, जहां विशाल पांडाल, साउंड सिस्टम और एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दूर बैठे श्रद्धालु भी कथा का आनंद ले सकें। अभयदास महाराज के प्रवचन होंगे विशेष आकर्षण दिनेश दवे ने बताया कि महायज्ञ के दौरान अभयदास महाराज अपने सरल, सहज और प्रभावशाली शैली में भागवत कथा का वर्णन करेंगे। उनके प्रवचन न केवल धार्मिक ज्ञान प्रदान करेंगे, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा और संस्कारों का महत्व भी बताएंगे। श्रद्धालुओं को कथा के माध्यम से धर्म, कर्म, भक्ति और मोक्ष के मार्ग की प्रेरणा मिलेगी, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का प्रसार होगा। पूर्णाहूति के साथ होगा भव्य समापन सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का समापन 10 अप्रैल को पूर्णाहूति, हवन एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ होगा। इस अवसर पर विशाल प्रसादी वितरण का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समाज में एकता और संस्कार का संदेश यह महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और संस्कारों के संवर्धन का भी माध्यम बनेगा। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील आयोजन समिति, मंदिर ट्रस्ट एवं क्षेत्रवासियों ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे अपने परिवार सहित इस महायज्ञ में भाग लें, कथा श्रवण करें और पुण्य लाभ अर्जित करें। नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित यह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ निश्चित रूप से भीनमाल के इतिहास में एक यादगार आध्यात्मिक आयोजन के रूप में दर्ज होगा, जो लंबे समय तक लोगों के मन में भक्ति और आस्था की ज्योति प्रज्वलित करता रहेगा।
भीनमाल में सजेगा भक्ति, आस्था और संस्कार का महाकुंभ: नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर में 4 से 10 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ भीनमाल (विक्रम राठी) जाकोब तालाब स्थित श्री नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर परिसर आगामी 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहने वाला है। यहां आयोजित होने जा रहा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ न केवल धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप लेगा। इस सात दिवसीय महायज्ञ को लेकर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी विशेष उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिल रहा है। इस पावन अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक अभयदास महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का वाचन होगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भव्य कलश यात्रा से होगा दिव्य शुभारंभ महायज्ञ का शुभारंभ 4 अप्रैल को प्रातः 8:30 बजे गायत्री शक्तिपीठ से निकलने वाली भव्य और आकर्षक कलश यात्रा के साथ होगा। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर की मुख्य सड़कों से गुजरेंगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय हो उठेगा। कलश यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक ध्वजों के साथ नगर में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा। आयोजन समिति द्वारा कलश यात्रा में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकें। घर-घर पहुंच रहा निमंत्रण, पीले चावल से आमंत्रण की परंपरा भारतीय संस्कृति की परंपरा को निभाते हुए आयोजन समिति एवं क्षेत्रवासी घर-घर जाकर पीले चावल बांटकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं। यह पारंपरिक निमंत्रण न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और जुड़ाव का संदेश भी देता है। शहर के विभिन्न मोहल्लों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है। सोशल मीडिया, पोस्टर-बैनर और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस महायज्ञ में भाग लेने के
लिए प्रेरित किया जा रहा है। तैयारियां जोरों पर, हर व्यवस्था को दिया जा रहा अंतिम रूप आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए श्री नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर ट्रस्ट द्वारा लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में कथा स्थल की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कथा स्थल को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, जहां विशाल पांडाल, साउंड सिस्टम और एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दूर बैठे श्रद्धालु भी कथा का आनंद ले सकें। अभयदास महाराज के प्रवचन होंगे विशेष आकर्षण दिनेश दवे ने बताया कि महायज्ञ के दौरान अभयदास महाराज अपने सरल, सहज और प्रभावशाली शैली में भागवत कथा का वर्णन करेंगे। उनके प्रवचन न केवल धार्मिक ज्ञान प्रदान करेंगे, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा और संस्कारों का महत्व भी बताएंगे। श्रद्धालुओं को कथा के माध्यम से धर्म, कर्म, भक्ति और मोक्ष के मार्ग की प्रेरणा मिलेगी, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का प्रसार होगा। पूर्णाहूति के साथ होगा भव्य समापन सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का समापन 10 अप्रैल को पूर्णाहूति, हवन एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ होगा। इस अवसर पर विशाल प्रसादी वितरण का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समाज में एकता और संस्कार का संदेश यह महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और संस्कारों के संवर्धन का भी माध्यम बनेगा। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील आयोजन समिति, मंदिर ट्रस्ट एवं क्षेत्रवासियों ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे अपने परिवार सहित इस महायज्ञ में भाग लें, कथा श्रवण करें और पुण्य लाभ अर्जित करें। नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित यह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ निश्चित रूप से भीनमाल के इतिहास में एक यादगार आध्यात्मिक आयोजन के रूप में दर्ज होगा, जो लंबे समय तक लोगों के मन में भक्ति और आस्था की ज्योति प्रज्वलित करता रहेगा।
- Post by शाहजी मोबाइल सर्विस1
- जालौर शहर के मानपुरा कॉलोनी स्थित राजेंद्र टाइल्स डेकोर की और से सभी शहर वासियों को हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं वह बधाई दी गई, राजेंद्र टाइल्स के दिनेश चौधरी व दीपक बंसल ने बताया कि धार्मिक कार्यों में हमेशा उत्साह पूर्वक भाग लेना चाहिए धर्म के प्रति हमेशा अपना दायित्व निभाते हुए निस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए उन्होंने कहा आगामी दिनों में जालौर शहर सहित जिले भर में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा जिसको लेकर उन्होंने सभी शहर वासियों वह जिले वासियों से कहा कि अपने घरों की छत पर पक्षियों पानी पीने के लिए परिंदे अवश्य लगावे2
- जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ी से 29 कार्टन अंग्रेजी शराब जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशन में मंडार थानाधिकारी प्रवीण आचार्य के नेतृत्व में पुलिस टीम कार्रवाई को अंजाम दिया। थानाधिकारी ने बताया कि एएसआई गणेशराम मय टीम द्वारा रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर सोरडा में संदिग्ध फॉर्च्यूनर को रुकवाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन में 29 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब भरी हुई मिली। पुलिस ने तुरंत वाहन को जब्त करते हुए चालक तेजाराम पुत्र अजाराम निवासी मुकने का तला, दूदू, जिला बालोतरा को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में सीआई प्रवीण कुमार आचार्य सहित एसआई कमल सिंह प्रभारी डीएसटी, एएसआई गणेशराम, कांस्टेबल सांवलाराम, श्रवण कुमार, श्रीराम का योगदान रहा ।1
- बीजापुर मे देवासीयों के बड़ा वास मे महिलाओ नें पूनम उजवणा 311 महिलाओ नें कलश यात्रा निकालकर पहुंची बड़ा वास के देवासी समाज समुदायक भवन। उपखण्ड बाली क्षेत्र के बीजापुर गांव मै पूर्णिमा कों सत्यनारायणजी पूजा एवं पूनम उजवणा समस्त देवासी समाज बड़ा वास 311देवासी महिलाओ नें व्रत किया भाटूण्द,v सेणा, साइड के देवासी वास नें मोहल्ला मै महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर बीजापुर मे एक साइड देवासी वास नें इतिहास रचा 1अप्रेल रात कों भजन संध्या 2अप्रेल बुधवार कों व्रत कलश यात्रा निकली काफी संख्या में महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही न्यूज़ रिपोटिंग डीके देवासी कोठार नें की पूर्णिमा का व्रत व कलश यात्रा हिंगलाज माताजी देवड़ा से कलश यात्रा मोहल्ले से शुरू होकर देवासी वास मै देवासी समाज समुदाय भवन तक पहुंची इस बार लड़की, महिलाओं ने परंपरागत तरीके से कलश यात्रा निकाली बाद मे भोजन महा प्रसादी लापसी चावल कड़ी पूड़ी सब्जी सभी मेहमानों नें भोजन लिया1
- Post by खटक न्यूज सेड़वा1
- आख़िरकार सच आ ही गया सामने__📌😍⚠️ _ravindrasinghbhati_9 _ranveersinghbhati _marwadisayri _dosti(1
- सड़क किनारे ट्रांसफॉर्मर और अंधेरा, प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल बायतू उप जिला अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर स्थित ट्रांसफॉर्मर आमजन के लिए खतरे का कारण बनता जा रहा है। सड़क किनारे लगे इस ट्रांसफॉर्मर के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से ट्रांसफॉर्मर दिखाई नहीं देता। अंधेरे में अचानक सामने आने से वाहन चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल के सामने होने के बावजूद इस समस्या पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। यहां से मरीजों, एंबुलेंस और आमजन की आवाजाही लगातार बनी रहती है, ऐसे में यह लापरवाही गंभीर साबित हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए व उचित लाइट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।1
- रेवदर उपखंड के निम्बज गांव में खेतलाजी मंदिर के पीछे एक भालू घायल अवस्था में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भालू जमीन पर पड़ा हुआ था और उठने में असमर्थ नजर आ रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन भालू की हालत गंभीर होने के कारण वह हिल भी नहीं पा रहा था। घटना की सूचना तुरंत जीरावल वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन नाका प्रभारी भागीरथ विश्नोई के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया वन विभाग की प्रारंभिक जांच में भालू के घायल होने का कारण आपसी संघर्ष या पहाड़ी क्षेत्र से गिरना माना जा रहा है। गिरने के कारण उसकी गर्दन में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे वह उठने में असमर्थ हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर किया सुरक्षित काबू वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जसवंतपुरा से पिंजरा मंगवाया। टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल भालू को सुरक्षित पिंजरे में डाला। प्राथमिक उपचार के बाद किया रेफर रेस्क्यू के बाद चिकित्सकीय देखरेख में भालू का प्राथमिक उपचार किया गया। हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सिरोही रेफर कर दिया गया। पहाड़ी क्षेत्र से आने की संभावना वन विभाग के अनुसार, मंदिर के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र से भालू के भटककर आने की संभावना जताई जा रही है। घटना के बाद विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें और ऐसी स्थिति में तुरंत सूचना दें। पूर्व में भी निम्बज में भालुओं के हमले से कई लोग घायल हो चुके हैं ।1