Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के रवाईं क्षेत्र में 'कफुआ' एक प्राचीन लोक-सांस्कृतिक परंपरा है, जो लोकनृत्य, लोकगायन और देव आस्था का एक सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम भर नहीं है, बल्कि स्थानीय समाज की धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक एकता का प्रतीक भी है। विशेष रूप से, कफुआ का संबंध सोमेश्वर देवता की आराधना से माना जाता है। इसे देव उत्सवों, जातरों तथा अन्य शुभ अवसरों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। यह धरोहर रवाईं अंचल की अद्वितीय लोक-सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है, जिसकी पुष्टि "जय सोमेश्वर महाराज" के उद्घोष से होती है।
GROUND REPORT
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के रवाईं क्षेत्र में 'कफुआ' एक प्राचीन लोक-सांस्कृतिक परंपरा है, जो लोकनृत्य, लोकगायन और देव आस्था का एक सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम भर नहीं है, बल्कि स्थानीय समाज की धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक एकता का प्रतीक भी है। विशेष रूप से, कफुआ का संबंध सोमेश्वर देवता की आराधना से माना जाता है। इसे देव उत्सवों, जातरों तथा अन्य शुभ अवसरों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। यह धरोहर रवाईं अंचल की अद्वितीय लोक-सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है, जिसकी पुष्टि "जय सोमेश्वर महाराज" के उद्घोष से होती है।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के रवाईं क्षेत्र में 'कफुआ' एक प्राचीन लोक-सांस्कृतिक परंपरा है, जो लोकनृत्य, लोकगायन और देव आस्था का एक सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम भर नहीं है, बल्कि स्थानीय समाज की धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक एकता का प्रतीक भी है। विशेष रूप से, कफुआ का संबंध सोमेश्वर देवता की आराधना से माना जाता है। इसे देव उत्सवों, जातरों तथा अन्य शुभ अवसरों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। यह धरोहर रवाईं अंचल की अद्वितीय लोक-सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है, जिसकी पुष्टि "जय सोमेश्वर महाराज" के उद्घोष से होती है।1
- उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने बरसाली क्षेत्र के गढ़ गाँव और बाड़ागड्डी क्षेत्र के पोखरी गाँव में आयोजित 'ध्याणी मिलन समारोहों' में भाग लिया। उन्होंने इन आयोजनों को अपनी जड़ों, संस्कारों, पारिवारिक रिश्तों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का एक सशक्त माध्यम बताया। सजवाण ने कहा कि विवाह के बाद दूर-दराज के क्षेत्रों में बसी बेटियां जब वर्षों बाद अपने मायके, गाँव और बचपन की यादों से फिर से जुड़ती हैं, तो यह पूरे समाज के लिए एक भावनात्मक और आनंददायक पल होता है, जिससे गाँवों का वातावरण स्नेह और अपनेपन से भर जाता है। इन समारोहों में उपस्थित होकर, पूर्व विधायक ने श्रद्धालु ध्याणियों (विवाहित बेटियों) से भेंट की, उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जो पोखरी गाँव में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए, ने इन कार्यक्रमों को लोक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित एवं सशक्त बनाने वाला सराहनीय कार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बेटियों और उनके मायके के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत होते हैं, साथ ही समाज में पारिवारिक एकता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को नई ऊर्जा मिलती है। पूर्व विधायक सजवाण ने गढ़ और पोखरी गाँव की सभी ध्याणियों को इस सुंदर पहल के लिए बधाई दी और उनके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। इस भव्य कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिला पंचायत प्रतिनिधि देवेंद्र नाथ, अनिल रावत, राजेंद्र राणा ‘राजू’, क्षेत्र पंचायत सदस्य शंकर गुसाईं, शुभम मराठा, साजन कोहली, पूर्व सभासद बुद्धि सिंह राणा, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकेंद्र थनवान, युवा नेता मनीष रावत, ग्राम प्रधान जितेंद्र कैंतुरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य पूजा नेगी, कैप्टन लक्ष्मण सिंह नेगी, शिव सिंह कैंतुरा, शूरवीर नेगी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु ध्याणियाँ और स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे।4
- उत्तराखण्ड पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष (दर्जाधारी राज्यमंत्री) खेम सिंह चौहान और जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आज जिला सभागार में विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत और पूर्व राज्यमंत्री अतर सिंह तोमर भी शामिल रहे। इस अवसर पर ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष खेम सिंह चौहान ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुँचाएँ, कार्यों को व्यावहारिक रूप से करें और उनका अधिक प्रचार-प्रसार कर जनता को लाभान्वित करें। बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने विभिन्न समस्याओं और विकास संबंधी विषयों पर चर्चा की। इनमें पुनर्वास विभाग से संबंधित मामलों में मुआवजा न मिलने, लंबित प्रकरणों पर अपेक्षित कार्यवाही न होने के साथ-साथ पेयजल, समाज कल्याण और पर्यटन जैसी अन्य समस्याओं पर भी बात की गई। उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा, प्रधान युद्धवीर सिंह रावत, विकास गुसाईं, नरेन्द्र सिंह, सुखदेई देवी, लीला देवी, मीनाक्षी कैन्तुरा, सरस्वती तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देहरादून के विकासनगर क्षेत्र स्थित बैरागीवाला गांव में भाजपा से जुड़े स्थानीय नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, यह घटना सिंचाई या पानी के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष का परिणाम है, जिसमें विनोद कश्यप की जान चली गई और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। इस घटना के बाद, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ जगहों पर आगजनी, पथराव और सड़क जाम जैसी घटनाएं भी देखने को मिलीं, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों को क्षेत्र में तैनात कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई करने तथा लगातार निगरानी रखने का आश्वासन दिया है।1
- जिले में हाई-टेक पेन को लेकर उच्च स्तर का अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट वायरल खबरों के बीच सामने आया है।1
- देहरादून के मसूरी-धनोल्टी रोड पर स्थित एक होमस्टे में दिल्ली की 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी. राधा गायत्री का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। पुलिस को 15 जून की सुबह करीब 7:30 बजे महिला के अचेत होने की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचने पर गायत्री का शव बिना कपड़ों के फर्श पर पड़ा मिला। कमरे में बिस्तर की चादर पर खून के धब्बे पाए गए और दो खाली शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। मृतका के पति, सौम्या श्रीचरण, जो पुणे में आईटी प्रोफेशनल हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने रात में शराब पी थी और सुबह करीब 3:30 बजे सो गए थे। उनके मुताबिक, सुबह उठने पर उन्होंने गायत्री को फर्श पर अचेत पाया और उनकी नाक से खून बह रहा था। पी. राधा गायत्री दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट की निवासी थीं और गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में कार्यरत थीं, जो अपने पति के साथ छुट्टियां मनाने मसूरी आई हुई थीं। जोड़े का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था और दोनों परिवार मूल रूप से विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के रहने वाले हैं। इस मामले में देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिसके चलते मौत की सटीक वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। मृतका के पिता ने मामले की गहन जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।1
- देहरादून के मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर स्थित कियाना होम स्टे में एक नवविवाहिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर किसी भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मृतका अपने पति के साथ होम स्टे में ठहरी हुई थी और दोनों ने रात में शराब का सेवन किया था। सुबह महिला अचेत अवस्था में पाई गई, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर लिया है। मृतका के पिता द्वारा जांच की मांग के बाद पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम और बिसरा जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत के असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।1
- उत्तराखंड के पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर किराये की स्कूटी लेने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसी शिकायतें मिली हैं कि स्कूटी मालिकों के पास वाहन की दूसरी चाबी और जीपीएस सिस्टम की सुविधा होती है, जिसका दुरुपयोग करके वे स्कूटी का पता लगा सकते हैं। इसके बाद, स्कूटी मालिक वाहन में रखा सामान या उसका पेट्रोल निकाल लेते हैं। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे किराये पर स्कूटी लेने से पहले वाहन की स्थिति, किराये की शर्तें और सुरक्षा संबंधी सभी जानकारियों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें ताकि चोरी जैसी घटनाओं से बचा जा सके।1