अर्चित आर्य बोले—आलोचना का अधिकार, लेकिन आपत्तिजनक भाषा के मामले में हो निष्पक्ष जांच। मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे एक वीडियो में नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने को लेकर छत्रपति शिवाजी सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संगठन के युवा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने नेहा बोरा से संबंधित वायरल वीडियो और उसमें किए गए कथित बयान की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसकी सत्यता और वास्तविक संदर्भ की जांच आवश्यक है। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि नेहा बोरा के कथित बयान वाले वीडियो की प्रमाणिकता की जांच कराई जाए और वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले संबंधित खातों की भी जांच की जाए। संगठन ने मामले में तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग रखी।
अर्चित आर्य बोले—आलोचना का अधिकार, लेकिन आपत्तिजनक भाषा के मामले में हो निष्पक्ष जांच। मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे एक वीडियो में नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने को लेकर छत्रपति शिवाजी सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संगठन के युवा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने नेहा बोरा से संबंधित वायरल वीडियो और उसमें किए गए कथित बयान की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसकी सत्यता और वास्तविक संदर्भ की जांच आवश्यक है। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि नेहा बोरा के कथित बयान वाले वीडियो की प्रमाणिकता की जांच कराई जाए और वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले संबंधित खातों की भी जांच की जाए। संगठन ने मामले में तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग रखी।
- मुजफ्फरनगर के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 1:30 बजे ईऑन कार की ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद मोर्चरी भेजा गया। पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बाइट: सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा मुजफ्फरनगर के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 1:30 बजे ईऑन कार की ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद मोर्चरी भेजा गया। पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बाइट: सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा1
- 👉मुजफ्फरनगर में नेहा बोरा की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध छत्रपति शिवाजी सेना ने किया प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन एफआईआर और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग मुजफ्फरनगर। गोरखपुर में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में मुजफ्फरनगर में छत्रपति शिवाजी सेना ने विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नेहा बोरा के कथित बयान को लेकर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कथित वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, उसके स्रोत और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले संबंधित खातों की जांच की मांग की गई। अर्चित आर्य ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनप्रतिनिधियों की नीतियों की आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी सार्वजनिक व्यक्ति के संबंध में कथित अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल के मामले में तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि गोरखपुर में 14 सितंबर को AISA के कार्यक्रम के दौरान नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर शिकायतें भी सामने आई हैं। छत्रपति शिवाजी सेना ने मामले में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।4
- तहसील समाधान दिवस में उमड़े फरियादी, एडीएम से लेकर पुलिस अधिकारियों तक ने सुनीं जनसमस्याएं। मुजफ्फरनगर। 19 सितंबर 2026 को तहसील सदर में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपनी समस्याएं लेकर तहसील पहुंचे। समाधान दिवस में एडीएम, एसडीएम सदर, सीओ सिटी, नायब तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने तहसील परिसर में पहुंचने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं, जिसके बाद अधिकारियों ने संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस और प्रशासन से संबंधित शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया, ताकि उनका नियमानुसार समाधान कराया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और फरियादियों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। समाधान दिवस में अपनी शिकायतों का निस्तारण होने के बाद फरियादी संतुष्ट दिखाई दिए और कई लोगों ने अधिकारियों की कार्रवाई पर राहत जताई।1
- मकान के सौदे में ₹ 2.30 लाख बकाया, महिला ने लगाया बदसलूकी का आरोप, थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र के गांव निरधना निवासी साइरा ने मकान की बिक्री से जुड़े पैसों के विवाद को लेकर पुलिस से शिकायत की है। महिला का आरोप है कि उसने चरथावल स्थित अपना मकान हारून नामक व्यक्ति को 11 लाख 30 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया था। सौदे के दौरान पांच लाख रुपये नगद और चार लाख रुपये के दो चेक बच्चों के नाम दिए गए, जबकि 2.30 लाख रुपये अभी बकाया हैं। महिला का आरोप है कि बकाया रकम मांगने पहुंचने पर उसके साथ गाली-गलौज, बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई। साथ ही उसे और उसके बच्चों को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा जेल भिजवाने की धमकी दी गई। साइरा ने अपने रिश्तेदारों और मददगारों को भी धमकाए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से बकाया रकम दिलाने, मामले की जांच कर कार्रवाई करने तथा स्वयं और बच्चों की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस जांच के बाद आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।1
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- *बरसाना धाम के श्रीजी महल से, आज राधाष्टमी के महाभिषेक के पश्चात, दिव्य मंगला आरती आरंभ।🌹परम भागवत पद रत्नाकर ग्रंथ, पद संख्या 820🌹 जय जय श्रीराधे🌹🙏🌹* आरति श्रीवृषभानुलली की। सत-चित-आनँद-कंद-कली की॥ टेक॥ भय-भंजिनि भव-सागर-तारिनि, पाप-ताप-कलि-कल्मष-हारिनि, दिब्य-धाम गोलोक-बिहारिनि, जन-पालिनि जग-जननि भली की॥ १॥ अखिल विश्व आनन्द-विधायिनि, मंगलमयी सुमंगलदायिनि, नंद-नँदन-पद-प्रेम-प्रदायिनि, अमिय-राग-रस रंग-रली की॥ २॥ नित्यानन्दमयी आह्लादिनि, आनँद-घन-आनंद-प्रसाधिनि, रसमयि, रसमय-मन-उन्मादिनि, सरस कमलिनी कृष्ण-अली की॥ ३॥ नित्य निकुंजेश्वरि रासेश्वरि, परम-प्रेमरूपा परमेश्वरि, गोपिगणाश्रयि गोपिजनेश्वरि, विमल बिचित्र-भाव-अवली की॥ ४॥1
- जीओ गीता बाल संस्कार केंद्र में गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुजफ्फरनगर। श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार के सचिव अतुल कुमार गर्ग ने बताया कि बाल संस्कार कक्षा केंद्र गुलशन विहार,जानसठ रोड मुजफ्फरनगर में नन्हे मुन्ने बालक बालिकाओ द्वारा गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया ।इस अवसर पर केंद्र संचालिका दीपाली कौशिक के कुशल निर्देशन में बच्चों ने गणेश जी की प्रतिमाएं, चित्रकला प्रतियोगिता तथा गणेश स्तुति के भजनों पर बालक बालिकाओ ने मनोहरी प्रस्तुतिया की जिन्हे देख कर उपस्थित सभी सम्मानित गणमान्य जन मंत्रमुग्ध हो गए तथा मुक्त कंठ से संचालिका तथा बच्चों की सराहना की। कार्यक्रम कार्यक्रम में अभिभावकगण, श्री कृष्ण कृपा जिओ गीता परिवार के सचिव अतुल गर्ग,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामबीर सिंह, कोषाध्यक्ष सुभाष गर्ग तथा अन्य काफी सदस्य आदि उपस्थित रहे। अतुल गर्ग सचिव श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार, मुजफ्फरनगर2
- अर्चित आर्य बोले—आलोचना का अधिकार, लेकिन आपत्तिजनक भाषा के मामले में हो निष्पक्ष जांच। मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे एक वीडियो में नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने को लेकर छत्रपति शिवाजी सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संगठन के युवा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने नेहा बोरा से संबंधित वायरल वीडियो और उसमें किए गए कथित बयान की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसकी सत्यता और वास्तविक संदर्भ की जांच आवश्यक है। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि नेहा बोरा के कथित बयान वाले वीडियो की प्रमाणिकता की जांच कराई जाए और वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले संबंधित खातों की भी जांच की जाए। संगठन ने मामले में तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग रखी।1