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पुलिस पर विश्वास नहीं रहने के कारण, ग्रामीणों ने अब खुद ही अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। गांव के लोग अपने स्तर पर गश्त कर रहे हैं।
Pramod jain
पुलिस पर विश्वास नहीं रहने के कारण, ग्रामीणों ने अब खुद ही अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। गांव के लोग अपने स्तर पर गश्त कर रहे हैं।
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- छीपाबड़ौद में शहीदे कर्बला हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिये निकाले गए।1
- यह खबर नाभि जटका प्रयोग के संबंध में है।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र के ढोलम पंचायत के सुल्तानपुरा निवासी सतीश नामक युवक का शव 16 जून को राईं की घाटी में एक पेड़ से लटका मिला था। परिजनों और समाज बंधुओं ने इसे हत्या बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। अखिल भारतीय प्रजापति कुम्भकार महासंघ के जिलाध्यक्ष ईश्वर प्रजापति के नेतृत्व में मृतक के पिता और समाज के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी और छीपाबड़ौद थानाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवकिशन प्रजापति ने बताया कि मृतक के पिता हेमराज कुम्हार के अनुसार, सतीश दोपहर करीब 12 बजे पानी-पताशी बनाने के लिए लकड़ी लेने अपनी मोटरसाइकिल से छीपाबड़ौद गया था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो उसकी तलाश की गई। शाम को राईं के जंगल में बकरी चराने वालों ने पेड़ से लटके शव की सूचना गांव में दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा। परिजनों को दृढ़ आशंका है कि सतीश की जानबूझकर हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाया गया था। परिजनों ने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि मृत्यु के दो दिन पहले से लेकर मृत्यु के समय तक सतीश के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर जिन भी व्यक्तियों या महिलाओं से उसकी बात हुई, उनसे थाने बुलाकर कड़ी पूछताछ की जाए। साथ ही, मृतक के मोबाइल की अंतिम टावर लोकेशन का पूरा विवरण निकालकर उस क्षेत्र की विस्तृत जांच की जाए। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी जानने की मांग की है कि सतीश ने अपने मोबाइल से सबसे अधिक समय किस व्यक्ति या महिला से बात की थी। उन्होंने मोटरसाइकिल के पास मिली बोतलों में मौजूद पदार्थ की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है। परिजनों ने जोर देकर कहा कि सीबीआई जांच के माध्यम से ही सही मुल्जिम का पता चल पाएगा। इस दौरान बाबूलाल, मुकेश, सोहन पेंटर, भगवान, महावीर, राजेंद्र, महेश, धीरज, चंद्रमोहन प्रजापति, गिरिराज, डॉ. अरविंद माथोड़िया, ओमप्रकाश, गिर्राज नागर, पप्पू अध्यापक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।3
- छबड़ा के भुवाखेड़ी ग्राम स्थित खाटूश्याम गोशाला, सादली की प्राचीन पहाड़ी पर अब हर महीने की ग्यारस तिथि को बाबा खाटूश्याम की भव्य परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय मंदिर परिसर के विकास, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी एक बैठक में लिया गया। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में यज्ञाचार्य श्री परमानंद जी महाराज मुख्य अतिथि रहे। इसमें खाटूश्याम मंदिर निर्माण एवं व्यवस्था समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास नागर, खाटूश्याम गोशाला समिति के अध्यक्ष रमेश नागर सहित दोनों समितियों के पदाधिकारी और क्षेत्र के श्रद्धालु मौजूद थे। बैठक का संचालन अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग एवं ओशो आशीष ध्यान योग, भुवाखेड़ी तथा श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम, अमीरपुर खेड़ी के संस्थापक एस.एल. नागर ने किया। यज्ञाचार्य परमानंद जी महाराज ने मंदिर निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा और 51 कुंडीय श्री विष्णु महायज्ञ में श्याम भक्तों के अविस्मरणीय सहयोग की सराहना करते हुए मंदिर परिसर के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार में आगे भी तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक में यह भी तय हुआ कि मंदिर के कपाट प्रतिदिन सुबह से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक दर्शनार्थियों के लिए खुले रहेंगे। वहीं, प्रत्येक महीने की कृष्ण एवं शुक्ल पक्ष की ग्यारस तिथि पर श्रद्धालु पूरे दिन बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे। समिति ने बताया कि हर ग्यारस पर होने वाली बाबा श्याम की परिक्रमा के लिए मार्ग की साफ-सफाई पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। योगाध्यक्ष एस.एल. नागर ने सभी श्रद्धालुओं से वर्षा ऋतु के दौरान मंदिर परिसर और गोशाला क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु दर्शन के साथ एक पौधा और उसकी सुरक्षा के लिए जाली लेकर आए तथा उसे बाबा श्याम के नाम समर्पित करे, जिसकी देखरेख मंदिर समिति करेगी। उन्होंने यह भी कहा, "दर्शन के साथ पौधरोपण का पुण्य जुड़ जाए तो बाबा श्याम का आशीर्वाद भी दुगुना हो जाता है। वृक्ष मानव जीवन के साथ समस्त जीव-जंतुओं के लिए भी अमूल्य धरोहर हैं।" बैठक में दोनों समितियों के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सेवा और मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्राम के अनेक गणमान्य नागरिक और श्याम भक्त उपस्थित रहे, जहाँ अब हर ग्यारस पर "जय श्री श्याम" की गूँज सुनाई देगी और खाटूश्याम गोशाला पहाड़ी पर भव्य परिक्रमा होगी।2
- सूमेर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को इस अप्रत्याशित बरसात से भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। ठंडी हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने पूरे मौसम को सुहावना बना दिया, जिससे आमजन और पशु-पक्षियों दोनों को सुकून मिला। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसानों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू होने की उम्मीद जगी है, और वे अब खेतों की तैयारी में जुट सकते हैं। इस बारिश को कृषि कार्यों के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत माना जा रहा है, जिसने किसानों के मन में नई आशा का संचार किया है। क्षेत्र में लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश ने नई उम्मीद जगा दी है और किसान अब अच्छी फसल की कामना कर रहे हैं।3
- राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित गोलाना गांव में शुक्रवार को प्लॉट के एक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जहाँ एक भतीजे ने अपने चाचा नेमीचंद रेगर (पुत्र किशनलाल) पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल नेमीचंद को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक नेमीचंद के पिता किशनलाल ने अपने ही पोते पर हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि प्लॉट को लेकर परिवार में काफी दिनों से विवाद और कहासुनी चल रही थी। इस मामले को परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने कई बार समझाने और शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ और आखिरकार एक हिंसक घटना में बदल गया। नेमीचंद अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, और उनके पीछे उनकी पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार, उनका एक बेटा पैरालाइज्ड है, जबकि एक बेटी न बोल सकती है और न ही सुन सकती है। इस दुखद घटना से परिवार का सहारा छिन गया है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। जमीन के इस विवाद ने रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया है। फिलहाल, खानपुर थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।1
- रावां फीडर से जुड़े रांई झरनिया रावां गाँव के ग्रामीणों ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग उठाई है। वर्तमान में, थ्री-फेस लाइन से जुड़े होने के कारण गाँव को प्रतिदिन मात्र छह घंटे ही बिजली मिल पाती है। इस कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी और कीड़े-मकोड़ों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें अधिकांश समय अंधेरे में रहना पड़ता है। समस्त ग्रामीणों ने पूर्व उप सरपंच भरत राज मीणा के नेतृत्व में शिविर प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें बिजली विभाग से मांग की गई है कि रावां फीडर से रांई झरनिया रावां गाँव को थ्री-फेस लाइन से अलग करके सिंगल-फेस लाइन से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें पूरे दिन बिजली मिल सके।4
- बारां जिले के छीपाबड़ौद कस्बे में शुक्रवार को हजरत इमाम हसन-हुसैन की याद में मुस्लिम समुदाय ने मातमी धुन के साथ दो ताजिए निकाले। इन ताजियों को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। ताशे-बाजों और अखाड़ों के साथ ताजिए अपने निर्धारित समय पर अपने मुकाम से रवाना हुए। ताजिये के लिए सब्जी मंडी परिसर, अस्पताल चौक और हाट चौक में विशेष मुकाम बनाए गए, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने चढ़ावे चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। इस दौरान सरकारी अस्पताल के पास हुसेनी कमेटी ने राहगीरों के लिए सेवा शिविर आयोजित किए। छिटकू, हनीफ हरसल, शाहिद, मुख्तियार भाई, मुजीब भाई, अप्पू भाई, हलीम, मोसीन, रिंकू, सद्दाम मंसूरी, कालू भाई मंसूरी, बबलू भाई, मुश्ताक भाई और आसिफ भाई सहित अन्य युवाओं ने शरबत, हलीम, बिरयानी और ठंडे पानी की छबीलें लगाईं। ताजियों के जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान चौराहों पर तैनात रहे। इस अवसर पर अखाड़े के उस्तादों और अन्य कलाकारों को सम्मानित भी किया गया। बाद में दोनों ताजियों को उतावली स्थित कर्बला ले जाया गया, जहाँ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।4