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भारत विश्व का सबसे बड़ा केला उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन में लगभग 25% की हिस्सेदारी रखता है। इस उपलब्धि में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों का अहम योगदान है। विशेष रूप से बिहार का हाजीपुर अपने मीठे 'चिनिया' केले के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में, हाजीपुर में केले की खेती के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण नवाचार भी हो रहा है। यहाँ के युवा केले के तने से फाइबर निकालकर सस्टेनेबल फैशन और विभिन्न इको-प्रोडक्ट्स तैयार करने में लगे हैं। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ एक हरित भविष्य की ओर भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है।
ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
भारत विश्व का सबसे बड़ा केला उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन में लगभग 25% की हिस्सेदारी रखता है। इस उपलब्धि में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों का अहम योगदान है। विशेष रूप से बिहार का हाजीपुर अपने मीठे 'चिनिया' केले के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में, हाजीपुर में केले की खेती के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण नवाचार भी हो रहा है। यहाँ के युवा केले के तने से फाइबर निकालकर सस्टेनेबल फैशन और विभिन्न इको-प्रोडक्ट्स तैयार करने में लगे हैं। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ एक हरित भविष्य की ओर भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है।
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- लखनऊ में हाल ही में हुई आगजनी की घटना के मद्देनजर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने शहर के कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया, जिसमें सामने आया कि कई संस्थानों में अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इसके साथ ही, भवन मानकों और अन्य सुरक्षा नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। इस कार्रवाई के तहत, खान सर सहित कई कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है, जबकि कई अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब देने और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- 23 जून 2026 को तालोद और पाटन के बीच स्थित खेतों में भरपूर पानी देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों में खेत पानी से पूरी तरह भरे हुए नज़र आ रहे हैं।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों पर भूमि स्वामित्व को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट का हवाला देते हुए, जीतू पटवारी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के परिवार के पास 245 प्लॉट में कुल 335 एकड़ जमीन है। इस रिपोर्ट के अनुसार, नीलेश यादव के पास 108 एकड़, गोविंद यादव के पास 47 एकड़, स्वयं मोहन यादव के पास 17 एकड़, सीमा यादव के पास 11 एकड़, वैभव यादव के पास 17 एकड़, शालिनी यादव के पास 10 एकड़, नारायण यादव के पास 19 एकड़, नंदलाल यादव के पास 17 एकड़, कलावती के पास 17 एकड़, अभय यादव के पास 16 एकड़ और रेखा यादव के पास 6 एकड़ जमीन बताई गई है। पटवारी ने यह भी बताया कि इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का जिक्र हुआ है, और इनमें सीमा यादव तथा मोहन यादव की बहुमत हिस्सेदारी है। इसके अतिरिक्त, मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है, वहीं मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है। परिवार के करीबी रिश्तेदारों की तीन अलग-अलग कंपनियों में भी बड़ी हिस्सेदारी बताई गई है। आरोप है कि मोहन यादव के मंत्री रहने और फिर मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स इन्हीं जमीनों के आसपास से गुजरे हैं।1
- एक वीडियो साझा किया गया है जिसमें 'एक बोदू की कहानी और कृष्ण भगवान की लीला' दिखाई गई है। दर्शकों से विशेष रूप से कहा गया है कि वे इस वीडियो को देखें और कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया दें। उनसे पूछा गया है कि उन्हें यह कहानी और कृष्ण भगवान की लीला सही लगी या गलत, और वे अपनी राय ज़रूर बताएं।1
- बड़ौद में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा मंगलवार को आजीविका मिशन भवन में एक चिन्हांकन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना था, जिसका शुभारंभ जनपद पंचायत बड़ौद के अध्यक्ष श्यामसिंह परिहार ने किया। शिविर के दौरान, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरणों के लिए पंजीयन व चिन्हांकन किया गया। सामाजिक सुरक्षा अधिकारी भारत विजयपुरिया ने बताया कि एडीप योजना एवं राष्ट्रीय वायोश्री योजना के तहत आयोजित इस शिविर के दूसरे दिन कुल 50 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। पात्र हितग्राहियों के लिए कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर, कैलीपर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण चिह्नित किए गए हैं। विजयपुरिया ने आगे जानकारी दी कि चिन्हांकित हितग्राहियों को आगामी चरण में ये आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनका जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सके। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह परिहार, खंड पंचायत अधिकारी शंकरलाल नगदिया, सामाजिक न्याय विभाग के सहायक ग्रेड-3 नीलेश झासिया, जनपद पंचायत के विकास लोहार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे। यह शिविर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।4
- मंदसौर जिले में 'ड्रग फ्री मध्यप्रदेश' अभियान के तहत नई आबादी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बाजखेड़ी स्थित एक खेत में संचालित अवैध एमडी (सिंथेटिक) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने मौके से 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग और 9 किलो 109 ग्राम रासायनिक पदार्थ (केमिकल) जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान सदाकत खान (41) और आरिफ अजमेरी (33) को गिरफ्तार किया गया, जबकि ताहिर अजमेरी अभी भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले सेंट्रीफ्यूगल मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, इंडक्शन, ड्रम, बाल्टियां और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। इस मामले में थाना नई आबादी में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग्स निर्माण, उसके परिवहन और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मंदसौर पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में नॉर्थ अमेरिकन माउंटेन बकरी (ओरेमनोस अमेरिकनस) की अद्भुत क्षमताओं पर प्रकाश डाला गया है, जिन्हें देखकर वाकई होश उड़ जाते हैं। इन जीवों को 'चोटियों के फ़रिश्ते' और 'प्रकृति के सबसे ज़्यादा एड्रेनालाईन के दीवाने' के रूप में वर्णित किया गया है, जो खड़ी चट्टानों पर भी ऐसे विचरण करते हैं जैसे वे किसी पार्क में आराम से टहलने का मज़ा ले रहे हों। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन माउंटेन बकरी के 'प्यारे बच्चे' भी जन्म के कुछ ही घंटों या दिनों के भीतर उतनी ही निडरता से खड़ी चट्टानों पर चढ़ना शुरू कर देते हैं। यह नज़ारा कुदरत के अजब खेल और उसकी अद्भुत रचनाओं का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- राजू मनवानी ने 200 ईंटों के दान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इस संबंध में बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि “आज वो 6-7 करोड़ की है”, जिससे दान की गई इन ईंटों के वर्तमान मूल्य या महत्व पर प्रश्नचिह्न लग गया है।1