चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला स्थित श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ में अरनेड निवासी भगवतीलाल व्यास और मुकेश कुमार व्यास ने अपने परिवार सहित गौमाता को श्रद्धापूर्वक लापसी खिलाकर गौसेवा का पुण्य कार्य किया। इस दौरान गौभक्तों ने गौमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और उनके उत्तम स्वास्थ्य के साथ-साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस पुनीत कार्य के अवसर पर गौशाला परिवार की ओर से कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा ने गौभक्तों का ऊपरना ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौसेवा को सर्वोच्च पुण्य माना गया है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर गौसेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे सेवा कार्यों से न केवल गौशाला को सहयोग मिलता है, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और धार्मिक आस्था का संदेश भी प्रसारित होता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने भी गौशाला में संचालित सेवा कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में सहयोग देने का संकल्प लिया। इस मौके पर गौशाला के कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा, गोभक्त, गौशाला के ग्वाले तथा गौशाला परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला स्थित श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ में अरनेड निवासी भगवतीलाल व्यास और मुकेश कुमार व्यास ने अपने परिवार सहित गौमाता को श्रद्धापूर्वक लापसी खिलाकर गौसेवा का पुण्य कार्य किया। इस दौरान गौभक्तों ने गौमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और उनके उत्तम स्वास्थ्य के साथ-साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस पुनीत कार्य के अवसर पर गौशाला परिवार की ओर से कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा ने गौभक्तों का ऊपरना ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौसेवा को
सर्वोच्च पुण्य माना गया है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर गौसेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे सेवा कार्यों से न केवल गौशाला को सहयोग मिलता है, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और धार्मिक आस्था का संदेश भी प्रसारित होता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने भी गौशाला में संचालित सेवा कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में सहयोग देने का संकल्प लिया। इस मौके पर गौशाला के कोषाध्यक्ष दुर्गा शंकर शर्मा, गोभक्त, गौशाला के ग्वाले तथा गौशाला परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
- धरियावद के वजपुरा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राठौड़ो का सेमलिया की सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तीन कार्यदिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के नाम दर्ज खाता संख्या 127, खसरा संख्या 73/7 और खाता संख्या 126, खसरा संख्या 73/5 की लगभग 0.7894 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर प्रधानाध्यापक के जरिए उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेजा गया था। इससे पहले सितंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को भी शिकायतें और ज्ञापन सौंपकर दो बार रिमाइंडर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया और न ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्कूल के मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस वजह से हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, पर्याप्त सरकारी भूमि होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण विद्यालय में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्कूल में कम नामांकन का हवाला देकर इसे माध्यमिक स्तर पर प्रमोट करने से इनकार करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि मूलभूत सुविधाओं और खेल मैदान के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज उठाता है, तो कुछ अतिक्रमणकारी उन्हें खुलेआम धमकियां देकर भय का माहौल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21-ए), सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार, मानवाधिकारों, बाल अधिकारों तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ज्ञापन के जरिए जिला प्रशासन से तत्काल पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने, स्कूल की चारदीवारी व नए भवन का निर्माण करने और लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय जांच की मांग की गई है।4
- चित्तौड़गढ़ से तीन बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। इन प्रेरक तस्वीरों में स्वास्थ्य सेवा, गौसेवा और मेवाड़ की बेटी द्वारा जिले का मान बढ़ाए जाने की कहानी शामिल है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है।1
- चित्तौड़गढ़ की बढ़वाई पंचायत से जुड़े एक मामले में, एक साल पहले स्वीकृत हुए 24 फीट के रास्ते पर तहसील के तहसीलदार और पटवारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में भारी तकलीफ हो रही है और वे काफी परेशान हैं। खास तौर पर बारिश के मौसम में स्थिति बदतर हो जाती है, जब इस मार्ग पर बाइक या फोर-व्हीलर ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन यहां से पैदल ही जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आम रास्ता विधायक (MLA) फंड से बने 'मामादेव बंध' के कारण बंद हो गया है। यह बांध 1 करोड़ 50 हजार की लागत से स्वीकृत हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कोई फायदा होने के बजाय उनका रास्ता ही बंद हो गया है। बांध निर्माण के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें आने-जाने का रास्ता दिया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस बारे में ठेकेदार से बात की, तो उसने साफ कह दिया कि आगे से जो निर्देश आया है, वह वही करेगा। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से बहुत कोशिश की, लेकिन आज दिन तक उनकी इस समस्या पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।4
- निम्बाहेड़ा के कोतवाली पुलिस थाने में तैनात सीआई रामसुमेर मीणा का चयन एसीबी यानी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में हुआ है। उनके इस चयन से विभागीय क्षेत्र में चर्चाएं हैं।1
- नीमच जिले के निवासियों ने महामंडलेश्वर स्वामी कलां सानंद जी महाराज के नगर आगमन पर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। महाराज के आगमन के अवसर पर स्थानीय वासियों में खासा उत्साह देखा गया।1
- चित्तौड़गढ़ के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल में श्वास, दमा और अस्थमा जैसी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से इन रोगों के उपचार का दावा किया गया है और मरीज स्वयं अपने सफल इलाज का अनुभव साझा कर रहे हैं।1
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- चित्तौड़गढ़ के एक होमगार्ड जवान ने अपनी कड़ी मेहनत और पाई-पाई जोड़कर आखिरकार अपने सपनों का घर तैयार कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद जवान ने अपने पूरे परिवार के साथ हर्षोल्लास के माहौल में नए घर में गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है।1