पाली जिले के बाली उपखण्ड के कोलवाड़ा गांव में आए तेज अंधड़ ने एक आदिवासी परिवार पर कहर बरपाया, जिससे सक्कू बाई पत्नी वेलाराम गमेती का केलू पोश और टीन शेड वाला मकान गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर सो रही सक्कू बाई और उनके पांच वर्षीय पुत्र प्रकाश घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सक्कू बाई को अंदरूनी चोटें आईं जबकि मासूम प्रकाश के सिर में गंभीर चोट लगने से खून बहने लगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को खेतरली के उपला फली स्थित निजी चिकित्सक लिटन मोंडल, जो एक बंगाली डॉक्टर हैं, के पास पहुँचाया। डॉक्टर मोंडल ने उनका उपचार किया और मासूम प्रकाश के शरीर से बहते रक्त को रोकने में मदद की, जिससे उसकी जान बच गई। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि बंगाली डॉक्टर का क्लिनिक नहीं होता, तो खराब मौसम में घायलों को अन्य शहर ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिलता। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को प्रशासन से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, तेज अंधड़ और खराब मौसम के कारण क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर भी नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं, जिसके चलते ग्रामीणों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
पाली जिले के बाली उपखण्ड के कोलवाड़ा गांव में आए तेज अंधड़ ने एक आदिवासी परिवार पर कहर बरपाया, जिससे सक्कू बाई पत्नी वेलाराम गमेती का केलू पोश और टीन शेड वाला मकान गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर सो रही सक्कू बाई और उनके पांच वर्षीय पुत्र प्रकाश घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सक्कू बाई को अंदरूनी चोटें आईं जबकि मासूम प्रकाश के सिर में गंभीर चोट लगने से खून बहने लगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को खेतरली के उपला फली स्थित निजी चिकित्सक लिटन मोंडल, जो एक बंगाली डॉक्टर हैं, के पास पहुँचाया। डॉक्टर मोंडल ने उनका उपचार किया और मासूम प्रकाश के शरीर से बहते रक्त को रोकने में मदद की, जिससे उसकी जान बच गई। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि बंगाली डॉक्टर का क्लिनिक नहीं होता, तो खराब मौसम में घायलों को अन्य शहर ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिलता। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को प्रशासन से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, तेज अंधड़ और खराब मौसम के कारण क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर भी नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं, जिसके चलते ग्रामीणों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
- सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।2
- जालोर शहर में रविवार शाम को भेरुनाथ अखाड़े के संत प्रेम नाथ जी महाराज द्वारा 6 जून को होने वाली मंदिरों की नगर परिक्रमा कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया गया। हिंदू सेवा समिति के अंबालाल व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नगर परिक्रमा 6 जून को सुबह 7:00 बजे जबरनाथ महादेव मंदिर से धूमधाम के साथ शुरू होगी। इस पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान हिंदू सेवा समिति के बड़ी संख्या में पदाधिकारी भी मौजूद थे।2
- यह रिपोर्ट न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से प्रस्तुत की गई है।1
- पाली शहर में इस समय अत्यंत दुखद और शोकपूर्ण माहौल व्याप्त है। सर्व हिंदू समाज, पाली द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्टर के अनुसार, क्षेत्र की बेटी कुमकुम के आकस्मिक निधन पर कल, 01 जून 2026, सोमवार को शाम 7:00 बजे सूरजपोल, पाली में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से सर्व हिंदू समाज ने शहरवासियों से इस सभा में जुटने की भावुक अपील की है। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आह्वान सर्व हिंदू समाज पाली, शिव सेना पाली और तखत सिंह सोलंकी सहित विभिन्न स्थानीय संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। आयोजकों ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा है कि 'भगवान शिव पुण्यात्मा कुमकुम जी की आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही इस असीम दुख को सहन करने के लिए शोकाकुल परिवार को शक्ति दें।'1
- पाली जिले के फालना और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर शाम करीब 9 बजे तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। इस दौरान कई स्थानों पर घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। खास बात यह रही कि आंधी आने से लगभग एक घंटा पहले फालना और उसके आसपास के सभी लोगों के फोन पर एक अलर्ट बज उठा था। इस पूर्व चेतावनी के बाद कई लोग सतर्क हो गए और फोन के माध्यम से एक-दूसरे को संभावित खतरे की जानकारी देते भी देखे गए। हालांकि, इसके बावजूद देर शाम आई इस तेज आंधी ने कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया।1
- शनिवार देर रात को पाली में अचानक आई तेज आंधी और हवा ने वाहन चालकों के लिए खासी परेशानी खड़ी कर दी। हवा का वेग इतना अधिक था कि दुपहिया वाहन चालक अपनी गाड़ी संभाल नहीं पा रहे थे, वहीं चार पहिया वाहन भी चलते-चलते हिलने-डुलने लगे। इस तेज हवा के चलते वाहन चालकों को जगह-जगह सड़क किनारे अपने वाहन खड़ा कर हवा का दबाव कम होने का इंतजार करना पड़ा।1