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शनिवार देर रात को पाली में अचानक आई तेज आंधी और हवा ने वाहन चालकों के लिए खासी परेशानी खड़ी कर दी। हवा का वेग इतना अधिक था कि दुपहिया वाहन चालक अपनी गाड़ी संभाल नहीं पा रहे थे, वहीं चार पहिया वाहन भी चलते-चलते हिलने-डुलने लगे। इस तेज हवा के चलते वाहन चालकों को जगह-जगह सड़क किनारे अपने वाहन खड़ा कर हवा का दबाव कम होने का इंतजार करना पड़ा।
मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
शनिवार देर रात को पाली में अचानक आई तेज आंधी और हवा ने वाहन चालकों के लिए खासी परेशानी खड़ी कर दी। हवा का वेग इतना अधिक था कि दुपहिया वाहन चालक अपनी गाड़ी संभाल नहीं पा रहे थे, वहीं चार पहिया वाहन भी चलते-चलते हिलने-डुलने लगे। इस तेज हवा के चलते वाहन चालकों को जगह-जगह सड़क किनारे अपने वाहन खड़ा कर हवा का दबाव कम होने का इंतजार करना पड़ा।
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- सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।2
- सिरोही जिले के गोयली गाँव में, कुत्तों के हमले से घायल हुए एक बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। टीम को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, सिरोही रेस्क्यू टीम और निरमा फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने मिलकर घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया।1
- प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत रविवार को ब्यावर जिला पुलिस ने जिलेभर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन, सभी थाना परिसरों और अन्य पुलिस कार्यालयों में आयोजित इस विशेष अभियान में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया के सुपरविजन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की गहन साफ-सफाई की। अभियान के दौरान प्लास्टिक कचरे, अनुपयोगी सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया गया। कई स्थानों पर साफ-सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जहाँ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया और इसे जीवन का आधार बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को अपनाने का आह्वान किया। अभियान के तहत यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह बल दिया गया कि यदि समाज के सभी वर्ग स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर कार्य करें तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इस जन-अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान की अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता रहेगा, जो जिले में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की एक कड़ी है।2
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल ने जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है, जिसमें चारभुजा नाथ के दर्शन कराए गए हैं। यह रिपोर्ट नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से संवाददाता नंदलाल पुरबिया द्वारा प्रस्तुत की गई।1
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार जालोर जिले में 25 मई से 5 जून 2026 तक चलाए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत रविवार, 31 मई को जिला मुख्यालय पर 'वंदे गंगा साइकिल रैली' का आयोजन किया गया। इस रैली को नगर परिषद परिसर से ज़िला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भंवरलाल परमार और अन्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली कलेक्ट्रेट रोड, आहोर सर्किल से होते हुए शाह पूंजाजी गेनाजी खेल स्टेडियम तक पहुँची। जिला खेल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन में पर्यावरण संरक्षण, जल संग्रहण और जन-जागरूकता का संदेश प्रसारित करना था। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी-कार्मिक, खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- पाली जिले के फालना और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर शाम करीब 9 बजे तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। इस दौरान कई स्थानों पर घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। खास बात यह रही कि आंधी आने से लगभग एक घंटा पहले फालना और उसके आसपास के सभी लोगों के फोन पर एक अलर्ट बज उठा था। इस पूर्व चेतावनी के बाद कई लोग सतर्क हो गए और फोन के माध्यम से एक-दूसरे को संभावित खतरे की जानकारी देते भी देखे गए। हालांकि, इसके बावजूद देर शाम आई इस तेज आंधी ने कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया।1
- शनिवार देर रात को पाली में अचानक आई तेज आंधी और हवा ने वाहन चालकों के लिए खासी परेशानी खड़ी कर दी। हवा का वेग इतना अधिक था कि दुपहिया वाहन चालक अपनी गाड़ी संभाल नहीं पा रहे थे, वहीं चार पहिया वाहन भी चलते-चलते हिलने-डुलने लगे। इस तेज हवा के चलते वाहन चालकों को जगह-जगह सड़क किनारे अपने वाहन खड़ा कर हवा का दबाव कम होने का इंतजार करना पड़ा।1