प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत रविवार को ब्यावर जिला पुलिस ने जिलेभर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन, सभी थाना परिसरों और अन्य पुलिस कार्यालयों में आयोजित इस विशेष अभियान में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया के सुपरविजन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की गहन साफ-सफाई की। अभियान के दौरान प्लास्टिक कचरे, अनुपयोगी सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया गया। कई स्थानों पर साफ-सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जहाँ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया और इसे जीवन का आधार बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को अपनाने का आह्वान किया। अभियान के तहत यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह बल दिया गया कि यदि समाज के सभी वर्ग स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर कार्य करें तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इस जन-अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान की अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता रहेगा, जो जिले में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की एक कड़ी है।
प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत रविवार को ब्यावर जिला पुलिस ने जिलेभर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन, सभी थाना परिसरों और अन्य पुलिस कार्यालयों में आयोजित इस विशेष अभियान में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया के सुपरविजन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की गहन साफ-सफाई की। अभियान के दौरान प्लास्टिक कचरे, अनुपयोगी सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया गया। कई स्थानों पर साफ-सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जहाँ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया और इसे जीवन का आधार बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में जल
के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को अपनाने का आह्वान किया। अभियान के तहत यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह बल दिया गया कि यदि समाज के सभी वर्ग स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर कार्य करें तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इस जन-अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान की अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता रहेगा, जो जिले में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की एक कड़ी है।
- पाली जिले के बिरामी के समीप जवाई और पाली को जोड़ने वाली 1400 एमएम जीआरपी मुख्य पेयजल पाइपलाइन में अचानक रिसाव हो गया है। पाइपलाइन में लीकेज की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक स्टोरेज के माध्यम से जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस मरम्मत कार्य के चलते आगामी दो दिनों तक संबंधित इलाकों में पानी की आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे पानी का संयम से उपयोग करें।2
- निमाज के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता, रेशमा, की मौत के बाद शनिवार को क्षेत्र में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। मृतका के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले निमाज पुलिस चौकी पहुँचे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई की माँग की। इसके उपरांत, ये सभी ग्रामीण और परिजन एक जुलूस के रूप में निजी अस्पताल पहुँचे और अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में मृतका रेशमा की तस्वीरों वाले पोस्टर स्पष्ट रूप से दिखाई दिए और वे लगातार रेशमा को न्याय दिलाने की माँग को लेकर ज़ोरदार नारेबाज़ी कर रहे थे। अस्पताल के बाहर जुटी भीड़ में महिलाएँ, युवा और बुज़ुर्ग सभी बड़ी संख्या में मौजूद थे, जिससे यह मामला पूरे क्षेत्र में गहन चर्चा का विषय बन गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण रेशमा की मृत्यु हुई। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जाँच के साथ-साथ ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की माँग की, यह कहते हुए कि उनके परिवार की खुशियाँ उजड़ गई हैं और अब उन्हें केवल न्याय की उम्मीद है। धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी इस माँग का समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा और प्रशासन से मामले में पारदर्शी जाँच कर सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालाँकि, समाचार लिखे जाने तक परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर दृढ़ता से कायम थे और निजी अस्पताल के बाहर उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी था।1
- किसानों के लिए खेती बोने का समय नजदीक आ गया है, ऐसे में डीजल और पेट्रोल की कीमतें कम होना आवश्यक है। किसानों का कहना है कि अगर खेत नहीं बोए जाएंगे तो लोग खाएंगे क्या, यह बात सबको पता है। पोस्ट में सोने के भाव बढ़ने का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि अगर सोने का भाव बढ़ गया है, तो फिर गेहूँ का भाव क्यों नहीं बढ़ रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंताजनक है और उनसे डीजल-पेट्रोल की कीमतों में कमी तथा गेहूँ के उचित दाम बढ़ाने की माँग की गई है।1
- जोधपुर के आदर्श विद्या मंदिर में चल रहे लंदन-पेरिस थीम मेले को आंधी-तूफान के कारण भारी क्षति हुई है। इस घटना में मेले में लगाए गए बड़े-बड़े पंडाल और लंदन-पेरिस थीम पर आधारित सेट नीचे गिर गए। आंधी आने के समय मेले के अंदर काफी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन सभी लोग समय रहते वहां से भागकर बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन द्वारा पहले ही अलर्ट जारी करने के बावजूद आयोजनकर्ताओं ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और मेले को सुचारू रूप से चलने दिया। वहीं, जोधपुरवासी भी इस अलर्ट के बावजूद मेला देखने पहुंचे थे। आयोजनकर्ता की इस घोर लापरवाही के कारण ही एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। इस पोस्ट के माध्यम से सभी से यह निवेदन किया गया है कि प्रशासन की ओर से मिलने वाले किसी भी अलर्ट को गंभीरता से लें, क्योंकि ऐसी लापरवाही कभी भी जान पर भारी पड़ सकती है।1
- जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदेलाव में 31 मई 2026 को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अभियान के तहत गंवाई कुआं के पास स्थित पानी खेली की गहन साफ-सफाई कर उसमें पानी भरा गया। इस कार्य में सभी ग्रामवासियों का सामूहिक सहयोग रहा, जिसके लिए ग्रामीणों को बधाई दी गई है। यह भी बताया गया है कि पुराने जल स्त्रोतों के संरक्षण का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस प्रयास के साथ "जल है तो कल है, जल ही जीवन है, जल अनमोल है, अतः जल संरक्षण अति जरूरी है" जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को रेखांकित किया गया।1
- स्व. श्री जालम सिंह महेचा की स्मृति में जोधपुर में 7 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर जोधपुर के कायलाना रोड स्थित होटल सिद्धार्थ पैलेस में लगेगा। इस चौथे विशाल रक्तदान शिविर के पोस्टर का विमोचन बाली विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने बीजापुर में किया। विधायक राणावत ने इस अवसर पर कहा कि जोधपुर संभाग के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भारी दबाव रहता है और उन्हें अक्सर रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने ऐसे रक्तदान शिविरों को जरूरतमंदों को जीवनदान देने वाली एक बड़ी जनसेवा बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली चैनसिंह महेचा ने जानकारी दी कि उनके पिता स्व. जालम सिंह महेचा एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी थे, जिन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। पिता के सामाजिक सरोकारों से प्रेरणा लेते हुए, चैनसिंह महेचा ने पिछले कई वर्षों से पुलिसकर्मियों, युवाओं और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जोधपुर के एमजेएच, एमडीएम, उम्मेद अस्पताल और एम्स को हजारों यूनिट रक्त उपलब्ध कराया है। उनकी समर्पित टीम आपात स्थिति, ट्रॉमा और थैलेसीमिया पीड़ितों को जरूरत पड़ने पर कॉल पर भी रक्त, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा प्रदान करती है। पिछले शिविर में लगभग 500 यूनिट रक्तदान हुआ था। विधायक राणावत और एएसपी चैन सिंह महेचा ने जोधपुर संभाग के युवाओं, पुलिस, चिकित्सा और बीएसएफ के जवानों से बड़ी संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की है। इस पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में बाली थानाधिकारी पर्वत सिंह भाटी, सालासर सेवा संस्थान के अरविंद कच्छवाह, गणपत सिंह, मोहन देवासी, लीलावत सिंह, फूल सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- भजन गायक रामनिवास देवासी, जिन्हें राजा भरतरी भजन गायक के रूप में भी जाना जाता है, ने अपने प्रशंसकों और श्रोताओं से एक विशेष आग्रह किया है। उन्होंने सभी से उनके आधिकारिक चैनल 'सिंगर रामनिवास देवासी ऑफिशियल' पर उपलब्ध अपने अत्यंत सुंदर भजनों को सुनने का निवेदन किया है। देवासी ने अपने दोस्तों और श्रोताओं से यह भी अपील की है कि वे उनके चैनल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और उसे सब्सक्राइब करें, ताकि अधिक से अधिक लोग उनके संगीत से जुड़ सकें और भजनों का आनंद ले सकें।4
- आज शाम लगभग 7 बजे से ब्यावर क्षेत्र के देवली कलां गांव में तेज तूफानी हवा चल रही है। इन तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमक रही है और भारी गर्जना के साथ बारिश भी हो रही है।1
- पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन के मांडा में अचानक हुई हल्की बारिश के बाद चली तेज़ हवाओं और तूफान ने निंबार्क मैरिज गार्डन के डोम को गिरा दिया। बस स्टैंड पर बने इस गार्डन में लगा 40x100 का डोम तूफान के कारण ढह गया, जिससे करीब दो लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। सुरेश दास वैष्णव ने बताया कि हवाएं इतनी तेज़ थीं कि बाहर खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा था। गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, क्योंकि टेंट में काम करने वाले मजदूर पास ही बने एक कमरे में सो रहे थे। इस तूफान के चलते क्षेत्र में कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए। सुरेश दास ने तूफान से प्रभावित हुए लोगों के आर्थिक मूल्यांकन के बाद सरकार से आर्थिक सहयोग की मांग की है।1