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ललितपुर जिले के ग्राम डूंगरिया निवासी एक किसान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में किसान ने उनके गांव में तैनात स्थानीय लेखपाल पर ₹50,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पीड़ित किसान ने उच्चाधिकारियों से गहन जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
बुंदेलखंड LIVE TV
ललितपुर जिले के ग्राम डूंगरिया निवासी एक किसान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में किसान ने उनके गांव में तैनात स्थानीय लेखपाल पर ₹50,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पीड़ित किसान ने उच्चाधिकारियों से गहन जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
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- मुंगावली नगर में नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। नगर के प्रत्येक वार्ड में गठित दल घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें जाँच रहे हैं। इस अभियान के तहत, रसीद न दिखाने या टैक्स जमा न होने की स्थिति में तत्काल नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि नल कनेक्शन काटे जाने के बाद बकायादारों को दोबारा कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। मंगलवार को वसूली टीम ने खाराकुआ गली में कार्रवाई करते हुए कई बकायादारों के नल कनेक्शन काटे। यह वसूली अभियान बुधवार को भी वार्डों में सख्ती से जारी रहेगा और जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएँगे। इस वसूली अभियान के दौरान जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, अनिल नामदेव और धर्मेन्द्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बीना और खुरई में कृषि उपसंचालक के प्रयासों एवं मार्गदर्शन तथा GIZ जर्मन कोऑपरेशन के सहयोग से तीन दिवसीय 'इंडो-जर्मन वर्कशॉप' का आयोजन 16 जून से 18 जून 2026 तक किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में जर्मनी, कनाडा और कैमरून के विशेषज्ञ, साथ ही GIZ की दिल्ली और मध्य प्रदेश टीमों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विदेशी डेलीगेट्स में जर्मनी से मिस्टर हेन्स क्लेन, कैमरून से मिस माइकल लाटा और कनाडा से मिस्टर जूलियन मेलार्ड सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन, विदेशी डेलीगेट्स ने खुरई अनुभाग के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में किसान उमेश पटेल के बगीचे का फील्ड विजिट किया। उन्होंने किसानों के खेतों पर पहुँचकर फसल की स्थिति, मिट्टी और खेती की तकनीकों का अवलोकन किया। इसके बाद, खुरई में कृषि यंत्रों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, और प्रतिनिधियों ने स्थानीय कृषि यंत्र निर्माण इकाइयों का भी भ्रमण कर मशीनों की गुणवत्ता व तकनीक को समझा। इसी दौरान ग्राम गुलौआ में विदेश से आए वैज्ञानिकों और किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर वार्तालाप हुई, जिसमें सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक और बायो गैस जैसे प्राकृतिक खेती से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में बीना के एस.ए.डी.ओ. अवधेश राय, खुरई के एस.डी.ओ.जे.डी. शर्मा सर, राजू चौहान, धीरेंद्र ठाकुर, अजहर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव रामा गुप्ता सहित कई किसान जैसे राजा बाबू यादव, उमेश पटेल और राजेंद्र यादव उपस्थित रहे। दोपहर बाद, खुरई विकासखंड के ग्राम बरोदिया नौनगिर में एक फार्मर इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ स्थानीय किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीधे विदेशी विशेषज्ञों के सामने रखा। 17 जून को वर्कशॉप का विधिवत उद्घाटन सत्रवार कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें पूरे दिन कृषि से जुड़े चार प्रमुख विषयों – कृषि यंत्रीकरण (छोटे किसानों के लिए सस्ते व आधुनिक यंत्र), पारिस्थितिकी परिवर्तन (बदलते मौसम का खेती पर असर), प्राकृतिक खेती व फसल अवशेष प्रबंधन (पराली जलाने का विकल्प) और जलवायु अनुकूल कृषि (कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीक) – पर चर्चा की जाएगी। विकासखंडों से पहले से चयनित किसानों के ठहरने की व्यवस्था 16 जून की शाम से 18 जून की शाम तक खुरई के शहनाई गार्डन में की गई है, ताकि वे 17 जून की सुबह से शुरू होने वाले सभी सत्रों में पूरी तरह भाग ले सकें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक विदेशी प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक खुरई व आसपास के क्षेत्र की कृषि गतिविधियों का गहन अवलोकन करेंगे। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं का समाधान खोजना और भविष्य में इस क्षेत्र में कृषि तकनीक एवं उत्पादन वृद्धि के नए अवसरों की तलाश करना है।3
- सागर जिले के खिमलासा-मालथौन रोड पर आई तेज आंधी और बारिश ने भीषण कहर बरपाया। बारिश से बचने के लिए एक ढाबे पर रुके लोगों पर अचानक टिन शेड टूटकर गिर पड़ा, जिससे यह हादसा हो गया। इस घटना में दमोह की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- सागर जिले के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में इंडो-जर्मन वर्कशॉप के तहत एक विशेष फील्ड विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जर्मनी, कनाडा और कैमरून से आए कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने स्थानीय किसानों के साथ सीधा संवाद किया, जिसमें प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और जलवायु अनुकूल खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि विभाग के उपसंचालक के मार्गदर्शन में जीआईजेड जर्मन कोऑपरेशन द्वारा खुरई में 16 से 18 जून तक आयोजित की जा रही इस इंडो-जर्मन वर्कशॉप में जर्मनी से हेन्स क्लेन, कैमरून से माइकल लाटा और कनाडा से जूलियन मेलार्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। विदेशी वैज्ञानिकों की टीम ने गुलौआ गांव में किसानों से खेती में आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की, साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। संगोष्ठी में कृषि यंत्रीकरण, पारिस्थितिकी परिवर्तन, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। किसानों को सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक, बायोगैस और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में बीना के एसएडीओ अवधेश राय, खुरई के एसडीओ जे.डी. शर्मा, एसएडीओ राजू चौहान, एईओ धीरेंद्र ठाकुर, अज़हर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव और रामा गुप्ता सहित कृषि विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। विदेशी वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों के बीच हुए इस संवाद को खेती के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक और जलवायु अनुकूल खेती ही भविष्य की कृषि का आधार बनेगी। उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण पहल से क्षेत्र के किसानों को नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों का लाभ मिलेगा।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से उपचार न मिलने के कारण लौट रही एक बीमार महिला की स्टेट बैंक चौराहे पर सड़क पर गिरने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे वहां भर्ती नहीं किया गया। इलाज न मिलने से निराश होकर महिला वापस अपने घर लौट रही थी, तभी स्टेट बैंक चौराहे के पास उसे अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद समीर खान और अंकेश यादव नामक व्यक्तियों ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक महिला को अस्तौन ग्राम का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका स्पष्ट आरोप है कि यदि समय पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार मिल जाता, तो महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर में भाजपा के श्रम राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ (मन्नु कोरी) एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं, जहाँ उनकी पुत्री पर गंभीर आरोप लगे हैं। ललितपुर तहसील अंतर्गत ग्राम मर्हरा की सहरिया बस्ती के पचासों परिवारों ने जिलाधिकारी (डीएम) से गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने मंत्री की बेटी पर उनकी आवंटित जमीन पर आग लगाने का आरोप लगाया है। यह विवादित जमीन ग्राम सभा की है, जिसे सहरिया परिवारों को पट्टे पर आवंटित किया गया था। इस घटना के बाद राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ मन्नु कोरी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं, और इस मामले को लेकर गहन चर्चा हो रही है।1