न्याय मांगता कटनी से रीठी रोड का पुल हादसो का पुल पूरा मामला कटनी से रीठी रोड मझगांव फाटक ओवर ब्रिज के पहले नर्मदा वीकासप्राधीकरण नैहर पर पुल पांच से सात सात साल पुल बन कर तैयार हुआ था फिर कुछ ही दिनो में पुल आधा हिस्सा टूट गया फिर काम शुरू हुआ और इस तरीके से भ्रष्टाचार हुआ इस तरीके से ठेकेदार और नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारीयों जमकर बंदर बात किया जमकर भ्रष्टाचार हुआ जो पुल बनने के कुछ ही समय के पश्चात पुल का भ्रष्टाचार उजागर होने लगा हमारे द्वारा पूर्व में ही एक खबर चलाई गई थी जिस पर नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी असुर निर्देश जागे और ऊपरी हिस्से की रिपेयरिंग शुरू की जहां तहां झगड़ पट्टी कर ऊपर से डामली कारण भी कर दिया गया पर इतना घटिया काम किया की पुल 6 माह भी ठीक से नहीं चला और तीसरी बार फूल ल स्वयं भ्रष्टाचार की कहानी गा गा कर सुनने लगा दिखने लगा पुल कहता है अभी मैं भूखा हूं थोड़ा और रुपया खाऊंगा तो पूछता है कटनी आखिर पुल कितना रुपया खाएगा आखिर करोड़ तो खा गया वही नियम अनुसार हर निर्माण पर निर्माण लागत की राशि कार्य एजेंसी का नाम पता बोर्ड लगाकर दिखाना होता है जो मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं है इसका मतलब नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी अपनी करनी पर पर्दा डाल रहे हैं इससे जांच तेज और इनकी पोल खुल जाएगी तो क्या सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा सवाल सिस्टम से है सवाल उच्च स्तर पर बैठे अधिकारी कर्मचारियों से है कि आखिर और कितना रुपया खाएगा पुल
न्याय मांगता कटनी से रीठी रोड का पुल हादसो का पुल पूरा मामला कटनी से रीठी रोड मझगांव फाटक ओवर ब्रिज के पहले नर्मदा वीकासप्राधीकरण नैहर पर पुल पांच से सात सात साल पुल बन कर तैयार हुआ था फिर कुछ ही दिनो में पुल आधा हिस्सा टूट गया फिर काम शुरू हुआ और इस तरीके से भ्रष्टाचार हुआ इस तरीके से ठेकेदार और नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारीयों जमकर बंदर बात किया जमकर भ्रष्टाचार हुआ जो पुल बनने के कुछ ही समय के पश्चात पुल का भ्रष्टाचार उजागर होने लगा हमारे द्वारा पूर्व में ही एक खबर चलाई गई थी जिस पर नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी असुर निर्देश जागे और ऊपरी हिस्से की रिपेयरिंग शुरू की जहां तहां झगड़ पट्टी कर ऊपर से डामली कारण भी कर दिया गया पर
इतना घटिया काम किया की पुल 6 माह भी ठीक से नहीं चला और तीसरी बार फूल ल स्वयं भ्रष्टाचार की कहानी गा गा कर सुनने लगा दिखने लगा पुल कहता है अभी मैं भूखा हूं थोड़ा और रुपया खाऊंगा तो पूछता है कटनी आखिर पुल कितना रुपया खाएगा आखिर करोड़ तो खा गया वही नियम अनुसार हर निर्माण पर निर्माण लागत की राशि कार्य एजेंसी का नाम पता बोर्ड लगाकर दिखाना होता है जो मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं है इसका मतलब नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी अपनी करनी पर पर्दा डाल रहे हैं इससे जांच तेज और इनकी पोल खुल जाएगी तो क्या सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा सवाल सिस्टम से है सवाल उच्च स्तर पर बैठे अधिकारी कर्मचारियों से है कि आखिर और कितना रुपया खाएगा पुल
- कल हमारे द्वारा मझगांव में फाटक से पहले नर्मदा विकास प्राधिकरण की नहर के ऊपर बने पुल का हाल दिखाया था और आपको बताया था कि किस तरीके से भ्रष्टाचार हुआ है और भ्रष्टाचार की कहानी स्वयं पुल का गाकर सुना रहा था जिसकी खबर हमारे द्वारा लगाई गई जिसका असर हमारी न्यूज़ चैनल g20 प्लस न्यूज़ लाइव चैनल के प्रसारण के पश्चात नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी असुर निद्रा से जागी और आज लड़के 10:00 बजे से पुल रिपेयर का काम आरंभ कर दिया परंतु सवाल यह नहीं है सवाल है कि भ्रष्टाचार क्यों हुआ कैसे हुआ मौके पर बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया लागत राशि की जानकारी क्यों जनता से छुपाई गई है सवाल तब भी था सवाल अब भी है इसका जवाब कौन देगा कब देंगे कटनी पूछता है कि क्या भाई क्यों नहीं हुई1
- Post by Sourabh Shrivastava1
- जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त एक्शन 🔸 “जनता की समस्या में लापरवाही नहीं चलेगी” — 39 मामलों पर मौके पर दिए निराकरण के निर्देश कटनी। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ आमजन की समस्याएं सुनते नजर आए। एक-एक आवेदक को बुलाकर उनकी शिकायत सुनी गई और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हर प्रकरण का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। अब तक 39 आवेदकों की समस्याओं पर सुनवाई कर कलेक्टर श्री तिवारी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए, जबकि लंबित प्रकरणों पर जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए गए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल, उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, जिला प्रबंधक लोकसेवा दिनेश विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, खनिज संबंधी शिकायतें और लोकसेवा गारंटी से जुड़े मामलों पर विस्तार से सुनवाई की जा रही है। कलेक्ट्रेट में सुबह से ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। प्रशासन की सक्रियता से कई आवेदकों को मौके पर ही राहत मिलने की उम्मीद जगी है। 👉 जनसुनवाई कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहने की संभावना है। ✍🏻 संवाददाता — बालकिशन नामदेव, कटनी1
- कटनी रेलवे जंक्शन में अवैध वसूली का हो रहा वीडियो वाइरल बिलोहा ग्रुप कर रहा अवैध वसूली रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी मौन1
- Post by Rahul Lakhera1
- यह रिपोर्ट इस दिन रात मेहनत करके आपके लिए वह खबरें लाते हैं जो आपके गांव और आपके मोहल्ले की आवाज बनती है जब आप शुरू आपका ट्रायल प्लान लेते हैं तो आप सिर्फ 10 और लोगों तक खबर पहुंचाने में ही मदद नहीं करते बल्कि उन हजारों रिपोर्टर्स के घर चलाने और उनके बच्चों को स्कूल भेजने में भी सहयोग करते हैं और इन्हीं सपोर्ट करने के लिए एक मजबूत टेक्नोलॉजी टीम हैजो आई1
- मैहर।जिस गौ माता की पूजा हमारे देवी देवता तक करते हो उस गौ माता के संरक्षण के लिए हमारे सनातन के शंकराचार्य जी को आंदोलन करना पड़े इससे बड़ा दुर्भाग्य हिंदुस्तान के लिए कुछ और नहीं हो सकता। मैहर के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वे अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ है उनके इस आंदोलन में हर सक्षमता के साथ खड़े है। हर हाल में गौ राष्ट्रमाता होनी चाहिए गौ का संरक्षण और संवर्धन होना चाहिए। क्या क्या कहा नारायण त्रिपाठी ने सुने वीडियो।1
- पूरा मामला कटनी से रीठी रोड मझगांव फाटक ओवर ब्रिज के पहले नर्मदा वीकासप्राधीकरण नैहर पर पुल पांच से सात सात साल पुल बन कर तैयार हुआ था फिर कुछ ही दिनो में पुल आधा हिस्सा टूट गया फिर काम शुरू हुआ और इस तरीके से भ्रष्टाचार हुआ इस तरीके से ठेकेदार और नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारीयों जमकर बंदर बात किया जमकर भ्रष्टाचार हुआ जो पुल बनने के कुछ ही समय के पश्चात पुल का भ्रष्टाचार उजागर होने लगा हमारे द्वारा पूर्व में ही एक खबर चलाई गई थी जिस पर नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी असुर निर्देश जागे और ऊपरी हिस्से की रिपेयरिंग शुरू की जहां तहां झगड़ पट्टी कर ऊपर से डामली कारण भी कर दिया गया पर इतना घटिया काम किया की पुल 6 माह भी ठीक से नहीं चला और तीसरी बार फूल ल स्वयं भ्रष्टाचार की कहानी गा गा कर सुनने लगा दिखने लगा पुल कहता है अभी मैं भूखा हूं थोड़ा और रुपया खाऊंगा तो पूछता है कटनी आखिर पुल कितना रुपया खाएगा आखिर करोड़ तो खा गया वही नियम अनुसार हर निर्माण पर निर्माण लागत की राशि कार्य एजेंसी का नाम पता बोर्ड लगाकर दिखाना होता है जो मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं है इसका मतलब नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी अपनी करनी पर पर्दा डाल रहे हैं इससे जांच तेज और इनकी पोल खुल जाएगी तो क्या सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा सवाल सिस्टम से है सवाल उच्च स्तर पर बैठे अधिकारी कर्मचारियों से है कि आखिर और कितना रुपया खाएगा पुल2