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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार गांव के समीप हुई, जहाँ घायल हाथी के एक पैर में गहरी चोट आई है और उसके शरीर से खून बहने की सूचना है। इस हादसे के बाद वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद घायल हाथी के साथ मौजूद पाँच अन्य हाथियों का दल भी मौके के आसपास जमा रहा। हाथियों का झुंड लगातार क्षेत्र में विचरण करता रहा, जिससे आसपास के गाँवों में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुँचने लगे, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। विभाग द्वारा घायल हाथी की निगरानी, उपचार और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की मदद से हाथी की स्थिति का आकलन किया जा रहा है ताकि उसे जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सके। वन अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, क्योंकि घायल हाथी और उसके झुंड का व्यवहार किसी भी समय आक्रामक हो सकता है। यह उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रेल मार्गों से गुजरने वाले वन्यजीवों, खासकर हाथियों के साथ होने वाली दुर्घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं, और विशेषज्ञ संवेदनशील वन क्षेत्रों में ट्रेनों की गति नियंत्रित करने तथा वन्यजीव सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की माँग करते रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और घायल हाथी की हालत पर लगातार नज़र रखी जा रही है, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने और हाथियों तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, बड़े अधिकारी अक्सर फाइव स्टार होटलों में हाथियों को बचाने की योजनाओं पर लाखों खर्च करते हैं और उनके शावकों की मौत को बीमारी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जिले के रायगढ़ और धर्मजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की बढ़ती संख्या और उनके शावकों की मौत के पीछे लगातार कटते जंगल, पानी और चारे की कमी जैसी वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि अधिकारी ऐसी घटनाओं में हाथी को ही जंगल से निकलकर रेल लाइन की तरफ जाने और लापरवाही से चपेट में आने का दोषी ठहराते हैं।

20 hrs ago
user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
नरेश शर्मा जिला रायगढ़
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
20 hrs ago

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार गांव के समीप हुई, जहाँ घायल हाथी के एक पैर में गहरी चोट आई है और उसके शरीर से खून बहने की सूचना है। इस हादसे के बाद वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद घायल हाथी के साथ मौजूद पाँच अन्य हाथियों का दल भी मौके के आसपास जमा रहा। हाथियों का झुंड लगातार क्षेत्र में विचरण करता रहा, जिससे आसपास के गाँवों में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या

में ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुँचने लगे, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। विभाग द्वारा घायल हाथी की निगरानी, उपचार और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की मदद से हाथी की स्थिति का आकलन किया जा रहा है ताकि उसे जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सके। वन अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की

सलाह दी है, क्योंकि घायल हाथी और उसके झुंड का व्यवहार किसी भी समय आक्रामक हो सकता है। यह उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रेल मार्गों से गुजरने वाले वन्यजीवों, खासकर हाथियों के साथ होने वाली दुर्घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं, और विशेषज्ञ संवेदनशील वन क्षेत्रों में ट्रेनों की गति नियंत्रित करने तथा वन्यजीव सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की माँग करते रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और घायल हाथी की हालत पर लगातार नज़र रखी जा रही है, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने और हाथियों तथा स्थानीय लोगों

की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, बड़े अधिकारी अक्सर फाइव स्टार होटलों में हाथियों को बचाने की योजनाओं पर लाखों खर्च करते हैं और उनके शावकों की मौत को बीमारी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जिले के रायगढ़ और धर्मजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की बढ़ती संख्या और उनके शावकों की मौत के पीछे लगातार कटते जंगल, पानी और चारे की कमी जैसी वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि अधिकारी ऐसी घटनाओं में हाथी को ही जंगल से निकलकर रेल लाइन की तरफ जाने और लापरवाही से चपेट में आने का दोषी ठहराते हैं।

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  • रायगढ़ जिले के इंदिरा नगर क्षेत्र की केशर परिसर कॉलोनी निवासी पद्मावती थवाईत के साथ नर्मदा एक्सप्रेस में लगभग 90 हजार रुपए की चोरी हो गई है। पद्मावती अपने पति अरुण कुमार थवाईत के साथ शनिवार को उज्जैन से बिलासपुर की यात्रा कर रही थीं और वे नर्मदा एक्सप्रेस के बी-4 कोच में सीट नंबर 5 और 6 पर सवार थीं। रात करीब 12 बजे नींद आने पर वे सो गईं और सुबह लगभग 6 बजे जब ट्रेन नीवार स्टेशन के पास पहुंची, तब उनकी नींद खुली। इस दौरान उन्होंने देखा कि तकिए के पीछे रखा उनका पर्स और सीट के नीचे रखा बैग गायब था। बैग में मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, कॉस्मेटिक सामान और कपड़े सहित करीब 90 हजार रुपए का सामान मौजूद था। काफी खोजबीन के बाद पर्स ट्रेन के बाथरूम में मिला, लेकिन उसमें रखा पूरा सामान गायब हो चुका था। इसके बाद पद्मावती ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी और बिलासपुर में ट्रेन रुकने के बजाय सीधे रायगढ़ पहुंचकर जीआरपी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 305 (सी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस खबर की पुष्टि मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे जीआरपी थाने के प्रभारी ने की। गौरतलब है कि लगभग एक सप्ताह पहले भी चांदनी चौक धोबीपारा निवासी बृहस्पति बाई बरैठ के साथ बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन में सफर के दौरान किसी ने उनका सोने का मंगलसूत्र चोरी कर लिया था। वहीं, ओडिशा के सिंदरिया निवासी शेख इमामुद्दीन का भी भुवनेश्वर से बिलासपुर जाते समय बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस के बी1 कोच की सीट नंबर 18 पर यात्रा के दौरान किसी ने बैग चुरा लिया था, जिसमें लैपटॉप, पर्स, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड और अन्य सामान सहित लगभग 45 हजार रुपए का सामान था।
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    रायगढ़ जिले के इंदिरा नगर क्षेत्र की केशर परिसर कॉलोनी निवासी पद्मावती थवाईत के साथ नर्मदा एक्सप्रेस में लगभग 90 हजार रुपए की चोरी हो गई है। पद्मावती अपने पति अरुण कुमार थवाईत के साथ शनिवार को उज्जैन से बिलासपुर की यात्रा कर रही थीं और वे नर्मदा एक्सप्रेस के बी-4 कोच में सीट नंबर 5 और 6 पर सवार थीं। रात करीब 12 बजे नींद आने पर वे सो गईं और सुबह लगभग 6 बजे जब ट्रेन नीवार स्टेशन के पास पहुंची, तब उनकी नींद खुली। इस दौरान उन्होंने देखा कि तकिए के पीछे रखा उनका पर्स और सीट के नीचे रखा बैग गायब था। बैग में मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, कॉस्मेटिक सामान और कपड़े सहित करीब 90 हजार रुपए का सामान मौजूद था।

काफी खोजबीन के बाद पर्स ट्रेन के बाथरूम में मिला, लेकिन उसमें रखा पूरा सामान गायब हो चुका था। इसके बाद पद्मावती ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी और बिलासपुर में ट्रेन रुकने के बजाय सीधे रायगढ़ पहुंचकर जीआरपी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 305 (सी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस खबर की पुष्टि मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे जीआरपी थाने के प्रभारी ने की।

गौरतलब है कि लगभग एक सप्ताह पहले भी चांदनी चौक धोबीपारा निवासी बृहस्पति बाई बरैठ के साथ बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन में सफर के दौरान किसी ने उनका सोने का मंगलसूत्र चोरी कर लिया था। वहीं, ओडिशा के सिंदरिया निवासी शेख इमामुद्दीन का भी भुवनेश्वर से बिलासपुर जाते समय बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस के बी1 कोच की सीट नंबर 18 पर यात्रा के दौरान किसी ने बैग चुरा लिया था, जिसमें लैपटॉप, पर्स, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड और अन्य सामान सहित लगभग 45 हजार रुपए का सामान था।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीती रात कोयला लेने जा रही एक मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुई एक मादा हाथी की आज सुबह मौत हो गई है। यह दुखद घटना घरघोड़ा रेंज के अंतर्गत चारमार गांव में हुई, जहां संभाग के सीसीएफ मनोज पांडेय सहित अन्य वन अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और वन विभाग की टीम अब आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बीती रात करीब 9 बजे तब हुआ जब खरसिया की तरफ से कोयला लेने धरमजयगढ़ की ओर जा रही एक खाली मालगाड़ी ने रेलवे ट्रैक पार कर रहे 10 से अधिक हाथियों के दल में से एक मादा हाथी को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद हाथियों का दल कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहा, जिसके बाद घायल हथिनी का पूरी रात इलाज किया गया। सुबह उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर ले जाने की तैयारी की जा रही थी, तभी उसकी मौत हो गई। वन मंडल अधिकारी रायगढ़ के दिशा-निर्देश में उप वन मंडल अधिकारी आशुतोष पांडव और वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत सिंह अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। घायल हाथी के उपचार और निगरानी के लिए बिलासपुर से पहुंचे डॉक्टर पी.के. चंदन समेत चार डॉक्टरों और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम तैनात रही। डॉक्टर चंदन ने बताया कि रात 10 बजे उन्हें हाथी के घायल होने की जानकारी मिली, जिसके बाद से उपचार शुरू कर दिया गया था। हथिनी की कमर की हड्डी में गंभीर चोट आने के कारण उसके पीछे के दोनों पैर काम करना बंद कर गए थे, और ट्रेन के 12 डिब्बे रगड़ते हुए निकलने से उसके चारों पैर छिल गए थे। दर्द के कारण आज सुबह करीब 9:30 बजे हथिनी ने दम तोड़ दिया। रायगढ़ जिले में हाथियों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे यह एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। जनवरी से अब तक जिले में अलग-अलग घटनाओं में 9 हाथी शावकों सहित कुल 10 हाथियों की मौत हो चुकी है। इन गंभीर मामलों को लेकर पिछले दिनों रायगढ़ के एक थ्री स्टार होटल में कार्यशाला का भी आयोजन किया गया था। ट्रेन की चपेट में आने से किसी मादा हाथी की मौत का यह जिले में पहला मामला है, जो स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा रहा है।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीती रात कोयला लेने जा रही एक मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुई एक मादा हाथी की आज सुबह मौत हो गई है। यह दुखद घटना घरघोड़ा रेंज के अंतर्गत चारमार गांव में हुई, जहां संभाग के सीसीएफ मनोज पांडेय सहित अन्य वन अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और वन विभाग की टीम अब आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बीती रात करीब 9 बजे तब हुआ जब खरसिया की तरफ से कोयला लेने धरमजयगढ़ की ओर जा रही एक खाली मालगाड़ी ने रेलवे ट्रैक पार कर रहे 10 से अधिक हाथियों के दल में से एक मादा हाथी को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद हाथियों का दल कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहा, जिसके बाद घायल हथिनी का पूरी रात इलाज किया गया। सुबह उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर ले जाने की तैयारी की जा रही थी, तभी उसकी मौत हो गई।

वन मंडल अधिकारी रायगढ़ के दिशा-निर्देश में उप वन मंडल अधिकारी आशुतोष पांडव और वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत सिंह अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। घायल हाथी के उपचार और निगरानी के लिए बिलासपुर से पहुंचे डॉक्टर पी.के. चंदन समेत चार डॉक्टरों और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम तैनात रही। डॉक्टर चंदन ने बताया कि रात 10 बजे उन्हें हाथी के घायल होने की जानकारी मिली, जिसके बाद से उपचार शुरू कर दिया गया था। हथिनी की कमर की हड्डी में गंभीर चोट आने के कारण उसके पीछे के दोनों पैर काम करना बंद कर गए थे, और ट्रेन के 12 डिब्बे रगड़ते हुए निकलने से उसके चारों पैर छिल गए थे। दर्द के कारण आज सुबह करीब 9:30 बजे हथिनी ने दम तोड़ दिया।

रायगढ़ जिले में हाथियों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे यह एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। जनवरी से अब तक जिले में अलग-अलग घटनाओं में 9 हाथी शावकों सहित कुल 10 हाथियों की मौत हो चुकी है। इन गंभीर मामलों को लेकर पिछले दिनों रायगढ़ के एक थ्री स्टार होटल में कार्यशाला का भी आयोजन किया गया था। ट्रेन की चपेट में आने से किसी मादा हाथी की मौत का यह जिले में पहला मामला है, जो स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा रहा है।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • आज पूरे प्रदेश में शाला प्रवेश महोत्सव उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जहाँ नए बच्चों का स्वागत किया जा रहा है, शिक्षा के महत्व पर भाषण दिए जा रहे हैं और उन्हें किताबें बांटी जा रही हैं। इस अवसर पर सरकार शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दे रही है। हालांकि, इन तमाम आयोजनों और सरकारी दावों के बीच यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या सिर्फ महोत्सव मनाने से शिक्षा व्यवस्था वास्तव में मजबूत हो पाएगी, क्योंकि जमीनी हकीकत इन मंचों पर हो रहे उत्सव से बिल्कुल विपरीत है। प्रदेश में आज भी कई बच्चे ऐसे स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं जिनकी इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। इन भवनों की दीवारों में दरारें हैं, छत गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है और बच्चे जर्जर कमरों में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही, बच्चों की सुरक्षा पर हर दिन खतरा मंडरा रहा है। सारंगढ़ जिले के शासकीय प्राथमिक शाला नौरगपूर की स्थिति भी बेहद खराब है, जहाँ पहली से पाँचवीं कक्षा तक के बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा को देखते हुए, उन्हें एक अतिरिक्त कमरे में बैठाया जा रहा है, जहाँ सभी बच्चे एक साथ पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन आज तक कोई सुध नहीं ली गई है। सबसे अहम सवाल यह है कि जब शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं, तो फिर आखिर इन स्कूलों की तस्वीर क्यों नहीं बदल रही है। क्या शाला प्रवेश महोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर रह गया है? यह सरकार और प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारी है कि बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने से पहले उन्हें सुरक्षित और उचित भवन उपलब्ध कराए जाएं। जिन बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, वही बच्चे आज खस्ताहाल भवनों में बैठकर अपना भविष्य गढ़ने को मजबूर हैं। यह तस्वीर केवल एक स्कूल की दुर्दशा नहीं दर्शाती, बल्कि व्यवस्था के उन दावों पर भी सवाल खड़े करती है जिनमें शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया जाता है, जहाँ स्कूल का पहला दिन ही बच्चों के लिए डर के साये में गुजर रहा है।
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    आज पूरे प्रदेश में शाला प्रवेश महोत्सव उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जहाँ नए बच्चों का स्वागत किया जा रहा है, शिक्षा के महत्व पर भाषण दिए जा रहे हैं और उन्हें किताबें बांटी जा रही हैं। इस अवसर पर सरकार शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दे रही है। हालांकि, इन तमाम आयोजनों और सरकारी दावों के बीच यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या सिर्फ महोत्सव मनाने से शिक्षा व्यवस्था वास्तव में मजबूत हो पाएगी, क्योंकि जमीनी हकीकत इन मंचों पर हो रहे उत्सव से बिल्कुल विपरीत है।

प्रदेश में आज भी कई बच्चे ऐसे स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं जिनकी इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। इन भवनों की दीवारों में दरारें हैं, छत गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है और बच्चे जर्जर कमरों में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही, बच्चों की सुरक्षा पर हर दिन खतरा मंडरा रहा है। सारंगढ़ जिले के शासकीय प्राथमिक शाला नौरगपूर की स्थिति भी बेहद खराब है, जहाँ पहली से पाँचवीं कक्षा तक के बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा को देखते हुए, उन्हें एक अतिरिक्त कमरे में बैठाया जा रहा है, जहाँ सभी बच्चे एक साथ पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन आज तक कोई सुध नहीं ली गई है।

सबसे अहम सवाल यह है कि जब शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं, तो फिर आखिर इन स्कूलों की तस्वीर क्यों नहीं बदल रही है। क्या शाला प्रवेश महोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर रह गया है? यह सरकार और प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारी है कि बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने से पहले उन्हें सुरक्षित और उचित भवन उपलब्ध कराए जाएं। जिन बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, वही बच्चे आज खस्ताहाल भवनों में बैठकर अपना भविष्य गढ़ने को मजबूर हैं। यह तस्वीर केवल एक स्कूल की दुर्दशा नहीं दर्शाती, बल्कि व्यवस्था के उन दावों पर भी सवाल खड़े करती है जिनमें शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया जाता है, जहाँ स्कूल का पहला दिन ही बच्चों के लिए डर के साये में गुजर रहा है।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • अपनी मां की हत्या का आरोपी बेटा चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि बेटे ने ही अपनी मां की हत्या की थी।
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    अपनी मां की हत्या का आरोपी बेटा चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि बेटे ने ही अपनी मां की हत्या की थी।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • सुशासन तिहार के अवसर पर बरपाली में ग्रामीण निवासियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत द्वितीय किस्त की राशि जारी करने के लिए आवेदन जमा किए गए हैं।
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    सुशासन तिहार के अवसर पर बरपाली में ग्रामीण निवासियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत द्वितीय किस्त की राशि जारी करने के लिए आवेदन जमा किए गए हैं।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • रायगढ़ में संजय बघेल की बंदी मौत के मामले में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने पुलिस का पक्ष सामने रखा है। यह पक्ष सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के विस्तृत विश्लेषण पर आधारित है।
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    रायगढ़ में संजय बघेल की बंदी मौत के मामले में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने पुलिस का पक्ष सामने रखा है। यह पक्ष सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के विस्तृत विश्लेषण पर आधारित है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा नेवरा इलाके से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां राजस्व मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आने वाले तिल्दा नेवरा नगर के वार्ड नंबर 22 में अवैध उत्खनन की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची खनिज विभाग की टीम पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। यह घटना आज दोपहर लगभग 2:00 बजे तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के एक निजी रेस्टोरेंट में हुई, जहां खनिज विभाग के अधिकारी मौजूद थे। गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम के अधिकारियों के ऊपर आज एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, जिसमें कुछ रसूखदार और प्रभावशाली लोगों द्वारा अधिकारियों पर लाठी-डंडे और सीधे बंदूकें तक तान दी गईं। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला के पति खुमान वर्मा, रेस्टोरेंट के भीतर खाना खा रहे खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते और हिंसक विवाद करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले, जैसे ही खनिज विभाग की गाड़ी वार्ड नंबर 22 में पहुंची थी, अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया था। सरकारी अधिकारियों के साथ दिनदहाड़े हुए इस दुर्व्यवहार और रसूखदारों की गुंडागर्दी को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। चूंकि यह पूरा इलाका प्रदेश के राजस्व मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए अब सीधे सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी अमले पर हाथ डालने वाले इन रसूखदारों को आखिर किसका राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। इस पूरे मामले में पुलिस और खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कानूनी कार्रवाई का इंतजार है।
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    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा नेवरा इलाके से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां राजस्व मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आने वाले तिल्दा नेवरा नगर के वार्ड नंबर 22 में अवैध उत्खनन की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची खनिज विभाग की टीम पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। यह घटना आज दोपहर लगभग 2:00 बजे तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के एक निजी रेस्टोरेंट में हुई, जहां खनिज विभाग के अधिकारी मौजूद थे। गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम के अधिकारियों के ऊपर आज एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, जिसमें कुछ रसूखदार और प्रभावशाली लोगों द्वारा अधिकारियों पर लाठी-डंडे और सीधे बंदूकें तक तान दी गईं।

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला के पति खुमान वर्मा, रेस्टोरेंट के भीतर खाना खा रहे खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते और हिंसक विवाद करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले, जैसे ही खनिज विभाग की गाड़ी वार्ड नंबर 22 में पहुंची थी, अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया था। सरकारी अधिकारियों के साथ दिनदहाड़े हुए इस दुर्व्यवहार और रसूखदारों की गुंडागर्दी को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

चूंकि यह पूरा इलाका प्रदेश के राजस्व मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए अब सीधे सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी अमले पर हाथ डालने वाले इन रसूखदारों को आखिर किसका राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। इस पूरे मामले में पुलिस और खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कानूनी कार्रवाई का इंतजार है।
    user_RM24 News
    RM24 News
    Local News Reporter Raigarh, Chhattisgarh•
    16 hrs ago
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