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मामूली बारिश में डूब जाते हैं कई मोहल्ले जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल, लोगों में रोष पलिया नगर पालिका क्षेत्र में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण मामूली बारिश भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। नगर के मोहल्ला पठान प्रथम, पठान द्वितीय, रंगरेजान प्रथम, रंगरेजान द्वितीय, मोहल्ला किसान,मोहल्ला टेहरा शहरी एवं मोहल्ला सुभाषनगर सहित कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सोमवार को हुई बारिश के बाद इन मोहल्लों की गलियां तालाब में तब्दील नजर आईं। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी चुनौती बन गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। कई बार नगर पालिका प्रशासन से नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। बारिश होते ही नालियां उफनाने लगती हैं और पानी गलियों में भर जाता है। नगरवासी संजय गुप्ता, निखिल, विकास तिवारी, आशाराम, दाताराम, आलोक, आसुतोष, इसरार, नसरत, हनीफ एवं मुस्तकीम ने बताया कि जलभराव के कारण घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू फैलने के साथ साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के पूरे मौसम में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने व जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। नगर पालिका ईओ विजय बहादुर का कहना है जल्द ही नगर की‌ नालियों की सफाई कराकर और टूटी हुई गलियों का निर्माण कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

8 hrs ago
user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

मामूली बारिश में डूब जाते हैं कई मोहल्ले जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल, लोगों में रोष पलिया नगर पालिका क्षेत्र में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण मामूली बारिश भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। नगर के मोहल्ला पठान प्रथम, पठान द्वितीय, रंगरेजान प्रथम, रंगरेजान द्वितीय, मोहल्ला किसान,मोहल्ला टेहरा शहरी एवं मोहल्ला सुभाषनगर सहित कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सोमवार को हुई बारिश के बाद इन मोहल्लों की गलियां तालाब में तब्दील नजर आईं। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी चुनौती बन गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। कई बार नगर पालिका प्रशासन से नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। बारिश होते ही नालियां उफनाने लगती हैं और पानी गलियों में भर जाता है। नगरवासी संजय गुप्ता, निखिल, विकास तिवारी, आशाराम, दाताराम, आलोक, आसुतोष, इसरार, नसरत, हनीफ एवं मुस्तकीम ने बताया कि जलभराव के कारण घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू फैलने के साथ साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के पूरे मौसम में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने व जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। नगर पालिका ईओ विजय बहादुर का कहना है जल्द ही नगर की‌ नालियों की सफाई कराकर और टूटी हुई गलियों का निर्माण कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

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  • विपक्ष का हल्ला बोल विपक्ष ने आज फिर नए तरीके से प्रदर्शन किया... 47,100 रुपए इकट्ठा किए गए, इसे राम मंदिर में भेजने का फैसला किया... भाजपा बोली - "जिन लोगों ने आज तक कभी राम मंदिर के नाम पर एक रुपया नहीं दिया वह आज चंदे के नाम पर नौटंकी कर रहे हैं"
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    विपक्ष का हल्ला बोल
विपक्ष ने आज फिर नए तरीके से प्रदर्शन किया...
47,100 रुपए इकट्ठा किए गए, इसे राम मंदिर में भेजने का फैसला किया...
भाजपा बोली - "जिन लोगों ने आज तक कभी राम मंदिर के नाम पर एक रुपया नहीं दिया वह आज चंदे के नाम पर नौटंकी कर रहे हैं"
    user_Shoaib Khan
    Shoaib Khan
    Classified ads newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखीमपुर में सावन के पहले सोमवार पर लगी भीड़ श्रद्धालु बारी-बारी से करते रहे पूजा का इंतजार लखीमपुर सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए पूजा-अर्चना के लिए कतार में लगे रहे। मंदिर के सेवक गोपाल शुक्ला ने बताया कि सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। सोमवार का दिन विशेष रूप से भोलेनाथ को समर्पित है, और इस दौरान की गई पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में ही माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने उनकी मनोकामना पूर्ण की थी, जिससे यह माह शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक बन गया। 'सोम' शब्द का संबंध चंद्रमा से है। भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण करते हैं, इसलिए सोमवार का दिन महादेव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
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    लखीमपुर में सावन के पहले सोमवार पर लगी भीड़
श्रद्धालु बारी-बारी से करते रहे पूजा का इंतजार
लखीमपुर सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए पूजा-अर्चना के लिए कतार में लगे रहे।
मंदिर के सेवक गोपाल शुक्ला ने बताया कि सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। सोमवार का दिन विशेष रूप से भोलेनाथ को समर्पित है, और इस दौरान की गई पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में ही माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने उनकी मनोकामना पूर्ण की थी, जिससे यह माह शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक बन गया।
'सोम' शब्द का संबंध चंद्रमा से है। भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण करते हैं, इसलिए सोमवार का दिन महादेव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
    user_Sandeep kumar gupta
    Sandeep kumar gupta
    Electrician लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखीमपुर लिलौटिनाथ सावन के पहले सोमवार को फूलबेहड़ के लिलौलीनाथ में शिव भक्तों की भारी भीड़ भक्तों भी भारी भीड़ को सम्भाल पाने में पुलिस व्यवस्था के हाँथ पांव फूले नए नियमों से श्रद्धालुओं को हो रही भारी दिक्कत कहाँ है लाइन किसमें है जाना समझ ही नहीं पा रहे श्रद्धालु,हो रही दिक्कत पहले सोमवार को कम पहुँचे कांवरिये,तो ऐसी स्थिति,आगे कैसे सम्भलेगी व्यवस्था वहीं हाइवे भी पर रोके जा रहे वाहन, न कोई स्टैंड न कोई इंतजाम लिलौटिनाथ में व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवाल
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    लखीमपुर लिलौटिनाथ

सावन के पहले सोमवार को फूलबेहड़ के लिलौलीनाथ में शिव भक्तों की भारी भीड़

भक्तों भी भारी भीड़ को सम्भाल पाने में पुलिस व्यवस्था के हाँथ पांव फूले

नए नियमों से श्रद्धालुओं को हो रही भारी दिक्कत

कहाँ है लाइन किसमें है जाना समझ ही नहीं पा रहे श्रद्धालु,हो रही दिक्कत

पहले सोमवार को कम पहुँचे कांवरिये,तो ऐसी स्थिति,आगे कैसे सम्भलेगी व्यवस्था

वहीं हाइवे भी पर रोके जा रहे वाहन, न कोई स्टैंड न कोई इंतजाम

लिलौटिनाथ में व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवाल
    user_Sonu
    Sonu
    Farmer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *गोला गोकर्ण नाथ में सावन के पहले सोमवार पर भक्तों का सैलाब, "बम-बम भोले" से गूंजा छोटी काशी* *लखीमपुर खीरी, 3 अगस्त 2026* सावन के पहले सोमवार पर आज छोटी काशी कहे जाने वाले गोला गोकर्ण नाथ मंदिर में आस्था का महासंगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर और पूरे नगर में शिव भक्तों और कांवड़ियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। सूरज निकलने से पहले ही श्रद्धालु कतारों में लग गए। हाथों में जल कलश, गले में रुद्राक्ष और तन पर भगवा धारण किए कांवड़िये "हर हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों के साथ बाबा का जलाभिषेक करने पहुंचे। मंदिर परिसर शिवमय हो गया। *प्रशासन अलर्ट पर* भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, मेडिकल कैंप और पेयजल की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। स्थानीय लोगों के अनुसार, सावन के सोमवार पर गोला में लाखों श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है और लंका जाने से पहले रावण ने यहीं पूजा की थी। इसी वजह से इसे "उत्तर भारत की काशी" भी कहा जाता है। मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है। शाम को विशेष आरती और भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
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    *गोला गोकर्ण नाथ में सावन के पहले सोमवार पर भक्तों का सैलाब, "बम-बम भोले" से गूंजा छोटी काशी*

*लखीमपुर खीरी, 3 अगस्त 2026*  
सावन के पहले सोमवार पर आज छोटी काशी कहे जाने वाले गोला गोकर्ण नाथ मंदिर में आस्था का महासंगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर और पूरे नगर में शिव भक्तों और कांवड़ियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
सूरज निकलने से पहले ही श्रद्धालु कतारों में लग गए। हाथों में जल कलश, गले में रुद्राक्ष और तन पर भगवा धारण किए कांवड़िये "हर हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों के साथ बाबा का जलाभिषेक करने पहुंचे। मंदिर परिसर शिवमय हो गया।
*प्रशासन अलर्ट पर*  
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, मेडिकल कैंप और पेयजल की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सावन के सोमवार पर गोला में लाखों श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है और लंका जाने से पहले रावण ने यहीं पूजा की थी। इसी वजह से इसे "उत्तर भारत की काशी" भी कहा जाता है।
मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है। शाम को विशेष आरती और भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
    user_Journalist yogendra prajapati
    Journalist yogendra prajapati
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मामूली बारिश में डूब जाते हैं कई मोहल्ले जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल, लोगों में रोष पलिया नगर पालिका क्षेत्र में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण मामूली बारिश भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। नगर के मोहल्ला पठान प्रथम, पठान द्वितीय, रंगरेजान प्रथम, रंगरेजान द्वितीय, मोहल्ला किसान,मोहल्ला टेहरा शहरी एवं मोहल्ला सुभाषनगर सहित कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सोमवार को हुई बारिश के बाद इन मोहल्लों की गलियां तालाब में तब्दील नजर आईं। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी चुनौती बन गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। कई बार नगर पालिका प्रशासन से नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। बारिश होते ही नालियां उफनाने लगती हैं और पानी गलियों में भर जाता है। नगरवासी संजय गुप्ता, निखिल, विकास तिवारी, आशाराम, दाताराम, आलोक, आसुतोष, इसरार, नसरत, हनीफ एवं मुस्तकीम ने बताया कि जलभराव के कारण घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू फैलने के साथ साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के पूरे मौसम में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने व जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। नगर पालिका ईओ विजय बहादुर का कहना है जल्द ही नगर की‌ नालियों की सफाई कराकर और टूटी हुई गलियों का निर्माण कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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    मामूली बारिश में डूब जाते हैं कई मोहल्ले

जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल, लोगों में रोष
पलिया नगर पालिका क्षेत्र में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण मामूली बारिश भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। नगर के मोहल्ला पठान प्रथम, पठान द्वितीय, रंगरेजान प्रथम, रंगरेजान द्वितीय, मोहल्ला किसान,मोहल्ला टेहरा शहरी एवं मोहल्ला सुभाषनगर सहित कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
सोमवार को हुई बारिश के बाद इन मोहल्लों की गलियां तालाब में तब्दील नजर आईं। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी चुनौती बन गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। कई बार नगर पालिका प्रशासन से नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। बारिश होते ही नालियां उफनाने लगती हैं और पानी गलियों में भर जाता है।
नगरवासी संजय गुप्ता, निखिल, विकास तिवारी, आशाराम, दाताराम, आलोक, आसुतोष, इसरार, नसरत, हनीफ एवं मुस्तकीम ने बताया कि जलभराव के कारण घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू फैलने के साथ साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के पूरे मौसम में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने व जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। नगर पालिका ईओ विजय बहादुर का कहना है जल्द ही नगर की‌ नालियों की सफाई कराकर और टूटी हुई गलियों का निर्माण कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • वर्षों से जर्जर अतरिया मार्ग बना मुसीबत, स्कूल जाने वाले बच्चों समेत ग्रामीण रोज झेल रहे परेशानी पलिया पलिया क्षेत्र के ग्राम अतरिया में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क के निर्माण की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी बदतर हो जाती है। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ होने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यही मार्ग गांव के बच्चों के स्कूल आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, जिससे बच्चों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी इस मार्ग से निकलना जोखिम भरा बना हुआ है। ग्रामीण सतेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार, मनोज, अनीस, कमलेश कुमार एवं नजीम का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्षों से बदहाल सड़क के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण होने से न केवल बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे की समस्या समाप्त हो जाएगी। ग्राम प्रधान असहाब ने बताया कि उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है, हालांकि इस रास्ते को कार्ययोजना में शामिल किया गया है और सम्भवतः अगली पंचवर्षीय योजना में इसका निर्माण कराया जाएगा।
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    वर्षों से जर्जर अतरिया मार्ग बना मुसीबत, स्कूल जाने वाले बच्चों समेत ग्रामीण रोज झेल रहे परेशानी
पलिया पलिया क्षेत्र के ग्राम अतरिया में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क के निर्माण की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी बदतर हो जाती है। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ होने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यही मार्ग गांव के बच्चों के स्कूल आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, जिससे बच्चों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी इस मार्ग से निकलना जोखिम भरा बना हुआ है।
ग्रामीण सतेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार, मनोज, अनीस, कमलेश कुमार एवं नजीम का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्षों से बदहाल सड़क के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण होने से न केवल बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे की समस्या समाप्त हो जाएगी। ग्राम प्रधान असहाब ने बताया कि उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है, हालांकि इस रास्ते को कार्ययोजना में शामिल किया गया है और सम्भवतः अगली पंचवर्षीय योजना में इसका निर्माण कराया जाएगा।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • UP-सीतापुर में कांवड़यात्रा में जा रहे कांवड़ियों का DJ हाईटेंशन लाइन से टकरा गया UP-सीतापुर में कांवड़यात्रा में जा रहे कांवड़ियों का DJ हाईटेंशन लाइन से टकरा गया करंट फैला और 2 युवकों की मौत हो गयी 4 युवक करंट से बुरी तरह झुलस गये है हादसे में मारे गये युवक कांवड़ियों को जागरूक करने वाली टीम के थे
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    UP-सीतापुर में कांवड़यात्रा में जा रहे कांवड़ियों का DJ हाईटेंशन लाइन से टकरा गया

UP-सीतापुर में कांवड़यात्रा में जा रहे कांवड़ियों का DJ हाईटेंशन लाइन से टकरा गया
करंट फैला और 2 युवकों की मौत हो गयी
4 युवक करंट से बुरी तरह झुलस गये है
हादसे में मारे गये युवक कांवड़ियों को जागरूक करने वाली टीम के थे
    user_Satyendra Singh
    Satyendra Singh
    Local News Reporter Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    4 hrs ago
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