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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्रतापपुर चंदोरा मार्ग पर पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है।
Santlal Urre
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्रतापपुर चंदोरा मार्ग पर पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है।
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- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना में युवा अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। यहाँ साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह हर मिनट भीड़ बढ़ती जा रही है, जो इस बात का सीधा संकेत है कि युवा अब अपनी आवाज़ उठाने के लिए पूरी तरह से सड़कों पर उतर आए हैं।1
- सरगुजा के उदयपुर में सड़कों पर आवारा घूम रहे मवेशियों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। वर्तमान में फसलों का सीजन चल रहा है और ऐसे में सड़क पर भटकते ये मवेशी किसी की भी फसल को खाकर भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि ये मवेशी किसी के खेत में घुसते हैं और इस पर कोई कुछ बोलता है, तो पशु मालिकों को बुरा लग जाता है जिससे आपसी मनमुटाव की स्थिति बनती है। सड़क पर आवारा घूमती इन गायों को देखकर यह तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या इन सब का कोई मालिक नहीं है? मवेशियों के मालिकों से पुरजोर अपील की गई है कि वे कृपया इन्हें अपने-अपने घरों में ले जाकर बांधें ताकि फसलों को बचाया जा सके और किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके।1
- संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में शोक प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए दिवंगत पूर्व सांसदों एवं अन्य विशिष्ट हस्तियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे सदन ने राष्ट्र निर्माण, लोकतंत्र और जनसेवा में इन दिवंगत नेताओं के अमूल्य योगदान को याद किया तथा उनकी स्मृति में मौन रखकर अपना सम्मान व्यक्त किया। दिवंगत जनप्रतिनिधियों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने की इस गरिमामयी संसदीय परंपरा का निर्वहन पूरी गरिमा के साथ किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सायर में इन दिनों एक जंगली हाथी का आतंक बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह गांव के निवासी 60 वर्षीय बिहानु बैगा लोहार और उनकी 52 वर्षीय पत्नी संतकुंवर पुटू और खुखड़ी एकत्र करने के लिए भालुमहुआ जंगल गए थे। इसी दौरान अचानक उनका सामना वहां विचरण कर रहे अकेले हाथी से हो गया। हाथी को सामने देखकर दोनों जान बचाने के लिए भागने लगे। इस दौरान बिहानु हाथी की चपेट में आने से तो बाल-बाल बच गए, लेकिन भागते समय गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनके चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोट लगी है तथा उनका जबड़ा टूटने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल बिहानु को गजराज परियोजना, सरगुजा मंडल के वाहन से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर भेजा। वन विभाग के अधिकारियों ने हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और सतर्क रहने की समझाइश दी है। इसके साथ ही, विभाग हाथियों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में हाथियों की निगरानी और बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।4
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी में द्रोणाचार्य दुबे को चिरमिरी खड़गवां पत्रकार संघ का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।1
- देशभर में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में बलरामपुर जिले के कुसमी में नागरिकों, छात्र-छात्राओं, छात्र हितैषियों और जनप्रतिनिधियों ने एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। इस प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित पेपर लीक की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार बेहद जरूरी हैं। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए ताकि देश के करोड़ों छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास फिर से बहाल हो सके।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना क्षेत्र में एक छोटे बच्चे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मामला सामने आया है। यह छोटा बच्चा व्यवस्था में फैले करप्शन का पूरा पिटारा खोल रहा है। जहां आम जनता जुर्म को चुपचाप सहन कर रही है, वहीं इस मासूम बच्चे से यह सब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने इसके खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। शासन और प्रशासन का असली चेहरा सबके सामने उजागर करने के लिए "बोलने दीजिए साहब, बोलने दीजिए" की पुरजोर मांग की जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ में 15 जुलाई 2026 को नागपुर से लौटते समय देवरी गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत परिचय दिया। हाईवे पर दुर्घटना देखकर उनकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी, लेकिन उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन वापस मोड़ा और तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। हादसे वाली जगह पर चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था, घायल लोग चीख-पुकार रहे थे और भारी जाम लगा हुआ था। तरुणा साहू ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु कराया ताकि एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मौके पर पहुंच सके और फिर घायलों को तत्काल देवरी अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने खुद अस्पताल जाकर डॉक्टरों से घायलों का जल्द से जल्द इलाज शुरू करने का विशेष अनुरोध भी किया। जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना का शिकार हुआ परिवार राजनांदगांव का ही रहने वाला है, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी केवल अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने पीड़ित परिवार का सारा सामान अपनी ही गाड़ी से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई। वर्तमान में कुछ घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। संकट की इस घड़ी में तरुणा साहू ने साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का ही नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का भी प्रतीक है। रेलवे में अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ पंडवानी कला के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश भर में पहचान दिलाने वाली तरुणा साहू का यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।1