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प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री सुक्खू, विधायक कमलेश ठाकुर और कांग्रेस के प्रदेश एवं केन्द्रीय नेतृत्व का जताया आभार किशाऊ बांध परियोजना का समझौता हिमाचल के आर्थिक हितों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: विवेक कटोच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाने पर विवेक कटोच ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य मीडिया पैनलिस्ट के रूप में वह प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। विवेक कटोच ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर दिल्ली में समझौता प्रदेश के आर्थिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस समझौते के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को बिना किसी निवेश के हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है, जो प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस परियोजना में 90 प्रतिशत धनराशि देने की बात स्वीकार की गई थी, जिससे हिमाचल प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा और प्रदेश की बहुमूल्य संपदा एवं आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रयास किए। विवेक कटोच ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के हित में यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो पाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद हिमाचल के अधिकारों और आर्थिक हितों के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़ा यह समझौता आने वाले समय में प्रदेश की आय बढ़ाने, आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और विकास के नए रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि पर समस्त प्रदेश की देवतुल्य जनता और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को हार्दिक बधाई दी है ।

2 hrs ago
user_खबरी लाल
खबरी लाल
रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री सुक्खू, विधायक कमलेश ठाकुर और कांग्रेस के प्रदेश एवं केन्द्रीय नेतृत्व का जताया आभार किशाऊ बांध परियोजना का समझौता हिमाचल के आर्थिक हितों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: विवेक कटोच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाने पर विवेक कटोच ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य मीडिया पैनलिस्ट के रूप में वह प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। विवेक कटोच ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर दिल्ली में समझौता प्रदेश के आर्थिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस समझौते के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को बिना किसी निवेश के हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है, जो प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस परियोजना में 90 प्रतिशत धनराशि देने की बात स्वीकार की गई थी, जिससे हिमाचल प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा और प्रदेश की बहुमूल्य संपदा एवं आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रयास किए। विवेक कटोच ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के हित में यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो पाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद हिमाचल के अधिकारों और आर्थिक हितों के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़ा यह समझौता आने वाले समय में प्रदेश की आय बढ़ाने, आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और विकास के नए रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि पर समस्त प्रदेश की देवतुल्य जनता और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को हार्दिक बधाई दी है ।

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  • राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुजानपुर में अंडर-19 जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज। सुजानपुर सुजानपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंडर-19 जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मंजरी महाजन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन सकता। उन्होंने बच्चों से अपने पोटेंशियल (क्षमता) को पहचानने और खेलों में भी अपना भविष्य तलाशने की कोशिश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी बच्चों के लिए बेहतर भविष्य और करियर की अपार संभावनाएं हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सुजानपुर विधायक कैप्टन रंजीत सिंह और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
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    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुजानपुर में अंडर-19 जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज।
सुजानपुर
सुजानपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंडर-19 जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मंजरी महाजन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन सकता।
उन्होंने बच्चों से अपने पोटेंशियल (क्षमता) को पहचानने और खेलों में भी अपना भविष्य तलाशने की कोशिश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी बच्चों के लिए बेहतर भविष्य और करियर की अपार संभावनाएं हैं।
प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सुजानपुर विधायक कैप्टन रंजीत सिंह और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक हुई भारी वारिश के बाद दिन को धूप निकलने पर किसानों ने ली राहत की सांस। इस समय मक्की की फ़सल अपनी चर्म सीमा पर पहुंच चुकी है।कुछ स्थानों पर किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।कुछ स्थानों पर जंगली जानवरों के डर से किसानों ने कच्ची फ़सल काट ली।अब मौसम का डर सताने लगा है।
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    सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक हुई भारी वारिश के बाद दिन को धूप निकलने पर किसानों ने ली राहत की सांस।
इस समय मक्की की फ़सल अपनी चर्म सीमा पर पहुंच चुकी है।कुछ स्थानों पर किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।कुछ स्थानों पर जंगली जानवरों के डर से किसानों ने कच्ची फ़सल काट ली।अब मौसम का डर सताने लगा है।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • ऊना में 92 राशन डिपो होल्डरों को प्रशिक्षण | नई e-PoS मशीनों से बदलेगा राशन वितरण | Smart e-PDS ऊना में 92 राशन डिपो होल्डरों को प्रशिक्षण | नई e-PoS मशीनों से बदलेगा राशन वितरण | Smart e-PDS
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    ऊना में 92 राशन डिपो होल्डरों को प्रशिक्षण | नई e-PoS मशीनों से बदलेगा राशन वितरण | Smart e-PDS
ऊना में 92 राशन डिपो होल्डरों को प्रशिक्षण | नई e-PoS मशीनों से बदलेगा राशन वितरण | Smart e-PDS
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Una, Himachal Pradesh•
    23 hrs ago
  • घर छतराडी ओ तेरा राखा डेरा हो प्यारूया ..............
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    घर  छतराडी ओ तेरा राखा डेरा हो प्यारूया ..............
    user_जनसंपर्क NEWS
    जनसंपर्क NEWS
    Video Creator नग्रोटा बगवान, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बिन माँ का बच्चा ऐसे पलता है ll हम धर्म क्षेत्रवाद भाषावाद जातिवाद में पड़े हुए हैं ❓
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    बिन माँ का बच्चा ऐसे पलता है ll हम धर्म क्षेत्रवाद भाषावाद जातिवाद में पड़े हुए हैं ❓
    user_ATV News Channel®
    ATV News Channel®
    Television Channel दौलतपुर चौक, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में आयोजित पोषण माह अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोले उपायुक्त मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की *बच्चों के समुचित विकास के लिए सही उम्र में सही पोषण जरूरी: राहुल कुमार* *कहा..स्थानीय एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम संभव* *बिलासपुर, 14 सितम्बर:* पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई की रस्म को भी निभाया। इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। *मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की* इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।
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    आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में आयोजित पोषण माह अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोले उपायुक्त
मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की

*बच्चों के समुचित विकास के लिए सही उम्र में सही पोषण जरूरी: राहुल कुमार* 
*कहा..स्थानीय एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम संभव* 
*बिलासपुर, 14 सितम्बर:* पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई की रस्म को भी निभाया।
इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।
*मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों  की  जांच संबंधित जानकारी हासिल की* 
इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • पॉलीटैक्निक कॉलेज बड़ू में आरंभ हुआ 5-दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम एआई और अन्य अत्याधुनिक टैक्नोलजीज के गुर सीखेंगे बहुतकनीकी, आईटीआई और अन्य संस्थानों के शिक्षक हमीरपुर राजकीय पॉलीटैक्निक कॉलेज हमीरपुर (बड़ू) के परिसर में मंगलवार को शिक्षकों के लिए ‘एमर्जिंग टैक्नोलॉजी फॉर एजूकेटर्स’ विषय पर पांच-दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम शुरू हो गया। 19 सितंबर तक चलने वाला यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम ई एंड आईसीटी अकादमी के माध्यम से सी-डैक मोहाली द्वारा प्रायोजित किया गया है। इस संस्थान में दूसरी बार सी-डैक के माध्यम से इस तरह का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पॉलीटैक्निक संस्थानों और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों सहित अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के 36 शिक्षक भाग ले रहे हैं। इस 5-दिवसीय कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ सी-डैक मोहाली के ई-ग्रेड वैज्ञानिक डॉ. बलविंदर सिंह ने किया। पहले सत्र में डॉ. बलविंदर सिंह ने एआई तकनीक के अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग, इस अत्याधुनिक तकनीक के फायदों और भविष्य में इस क्षेत्र में हो रही रिसर्च के बारे में विस्तृत जानकारी दी। दूसरे सत्र में आईआईटी रोपड़ की विशेषज्ञ डॉ. श्वेता ने एआई टूल्स के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त ई एंड आईसीटी अकादमी की प्रोजेक्ट इंजीनियर सोनिया बड़गुजर ने रिसर्च में उपयोग होने वाले एआई टूल्स के बारे में जानकारी दी। यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम पॉलीटैक्निक कॉलेज हमीरपुर के प्रधानाचार्य चंद्र शेखर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें संस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज ठाकुर मुख्य समन्वयक और इसी विभाग के वरुण गुप्ता सह-समन्वयक की भूमिका निभा रहे हैं।
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    पॉलीटैक्निक कॉलेज बड़ू में आरंभ हुआ 5-दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम
एआई और अन्य अत्याधुनिक टैक्नोलजीज के गुर सीखेंगे बहुतकनीकी, आईटीआई और अन्य संस्थानों के शिक्षक
हमीरपुर 
राजकीय पॉलीटैक्निक कॉलेज हमीरपुर (बड़ू) के परिसर में मंगलवार को शिक्षकों के लिए ‘एमर्जिंग टैक्नोलॉजी फॉर एजूकेटर्स’ विषय पर पांच-दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम शुरू हो गया। 19 सितंबर तक चलने वाला यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम ई एंड आईसीटी अकादमी के माध्यम से सी-डैक मोहाली द्वारा प्रायोजित किया गया है। इस संस्थान में दूसरी बार सी-डैक के माध्यम से इस तरह का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पॉलीटैक्निक संस्थानों और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों सहित अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के 36 शिक्षक भाग ले रहे हैं।
इस 5-दिवसीय कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ सी-डैक मोहाली के ई-ग्रेड वैज्ञानिक डॉ. बलविंदर सिंह ने किया। पहले सत्र में डॉ. बलविंदर सिंह ने एआई तकनीक के अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग, इस अत्याधुनिक तकनीक के फायदों और भविष्य में इस क्षेत्र में हो रही रिसर्च के बारे में विस्तृत जानकारी दी। दूसरे सत्र में आईआईटी रोपड़ की विशेषज्ञ डॉ. श्वेता ने एआई टूल्स के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त ई एंड आईसीटी अकादमी की प्रोजेक्ट इंजीनियर सोनिया बड़गुजर ने रिसर्च में उपयोग होने वाले एआई टूल्स के बारे में जानकारी दी। यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम पॉलीटैक्निक कॉलेज हमीरपुर के प्रधानाचार्य चंद्र शेखर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें संस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज ठाकुर मुख्य समन्वयक और इसी विभाग के वरुण गुप्ता सह-समन्वयक की भूमिका निभा रहे हैं।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 17 सितंबर,,दिन वीरवार को बंगाणा में,,प्रसिद्ध हीरोइन,,श्री मति लता सबरवाल जी करेंगी,,सिया शोरूम का उद्घाटन,,, सिया ब्रांड के सीएमडी श्री अंकुश वर्ज़ाता जी,,विशेष रूप से रहेंगें उपस्थित,,,जय हिंद
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    17 सितंबर,,दिन वीरवार को बंगाणा में,,प्रसिद्ध हीरोइन,,श्री मति लता सबरवाल जी करेंगी,,सिया शोरूम का उद्घाटन,,, सिया ब्रांड के सीएमडी श्री अंकुश वर्ज़ाता जी,,विशेष रूप से रहेंगें उपस्थित,,,जय हिंद
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • परमवीर चक्र विजेता की प्रेरणा से बढ़ा ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ का जज्बा कलोल से कोसरियां तक 45 किलोमीटर की सेलिंग, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स ने दिखाया अदम्य साहस बिलासपुर ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के छठे दिन 70 एनसीसी कैडेट्स ने कलोल से अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। दिन की शुरुआत बेहद प्रेरणादायक रही, जब परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ अपने जीवन एवं सैन्य सेवा के अनुभव साझा किए। कारगिल युद्ध के अनुभवों से कैडेट्स को किया प्रेरित सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा लड़े गए उन चुनौतीपूर्ण अभियानों के अनुभव भी साझा किए, जहां असंभव नजर आने वाले मिशनों को भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के बल पर विजय में बदल दिया। उन्होंने बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण के साथ सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कैडेट्स के जोश, जज्बे और साहस की जमकर सराहना की तथा उन्हें जीवन में इसी उत्साह और जुनून को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परमवीर चक्र विजेता ने दिखाई हरी झंडी कैडेट्स के साथ संवाद के बाद सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर कैडेट्स को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया। उनकी प्रेरणा और शुभकामनाओं के साथ कैडेट्स ने सतलुज की लहरों पर अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच 45 किलोमीटर का सफर छठे दिन मौसम ने भी कैडेट्स के साहस और सेलिंग कौशल की परीक्षा ली। तेज हवाओं के चलते झील में लहरें अधिक रहीं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स ने पूरे हौसले और अनुशासन के साथ सेलिंग जारी रखी। प्रशिक्षकों की देखरेख एवं मार्गदर्शन में कैडेट्स ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच सेलिंग के गुर सीखे। लहरें ऊंची थीं, हवाएं तेज थीं, लेकिन कैडेट्स का हौसला उससे भी मजबूत रहा। पूरे दिन की सेलिंग के दौरान कैडेट्स ने कुल 45 किलोमीटर का सफर तय किया और देर शाम किसरियां पहुंचकर छठे दिन की यात्रा पूरी की। कमांडिंग ऑफिसर ने बढ़ाया कैडेट्स का हौसला कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार जैसे वीर योद्धा के अनुभव और प्रेरणादायक कोमलशब्द कैडेट्स के लिए जीवनभर की सीख हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के साथ असंभव परिस्थितियों को विजय में बदला, वही जज्बा आज इन कैडेट्स में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बावजूद कैडेट्स का पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ 45 किलोमीटर की सेलिंग पूरी करना उनके मजबूत हौसले और प्रशिक्षण का प्रमाण है। उन्होंने सभी कैडेट्स को इसी जज्बे, अनुशासन और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परमवीर चक्र विजेता की वीरगाथाओं से मिली प्रेरणा और गोविंद सागर की तेज हवाओं व ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स का यह सफर ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के साहस, अनुशासन और अदम्य जज्बे की मिसाल बन गया।
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    परमवीर चक्र विजेता की प्रेरणा से बढ़ा ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ का जज्बा
कलोल से  कोसरियां तक 45 किलोमीटर की सेलिंग, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स ने दिखाया अदम्य साहस
बिलासपुर 
‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के छठे दिन 70 एनसीसी कैडेट्स ने कलोल से अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। दिन की शुरुआत बेहद प्रेरणादायक रही, जब परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ अपने जीवन एवं सैन्य सेवा के अनुभव साझा किए।
कारगिल युद्ध के अनुभवों से कैडेट्स को किया प्रेरित
सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा लड़े गए उन चुनौतीपूर्ण अभियानों के अनुभव भी साझा किए, जहां असंभव नजर आने वाले मिशनों को भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के बल पर विजय में बदल दिया। उन्होंने बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण के साथ सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कैडेट्स के जोश, जज्बे और साहस की जमकर सराहना की तथा उन्हें जीवन में इसी उत्साह और जुनून को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परमवीर चक्र विजेता ने दिखाई हरी झंडी
कैडेट्स के साथ संवाद के बाद सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर कैडेट्स को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया। उनकी प्रेरणा और शुभकामनाओं के साथ कैडेट्स ने सतलुज की लहरों पर अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की।
तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच 45 किलोमीटर का सफर
छठे दिन मौसम ने भी कैडेट्स के साहस और सेलिंग कौशल की परीक्षा ली। तेज हवाओं के चलते झील में लहरें अधिक रहीं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स ने पूरे हौसले और अनुशासन के साथ सेलिंग जारी रखी। प्रशिक्षकों की देखरेख एवं मार्गदर्शन में कैडेट्स ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच सेलिंग के गुर सीखे।
लहरें ऊंची थीं, हवाएं तेज थीं, लेकिन कैडेट्स का हौसला उससे भी मजबूत रहा। पूरे दिन की सेलिंग के दौरान कैडेट्स ने कुल 45 किलोमीटर का सफर तय किया और देर शाम किसरियां पहुंचकर छठे दिन की यात्रा पूरी की।
कमांडिंग ऑफिसर ने बढ़ाया कैडेट्स का हौसला
कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार जैसे वीर योद्धा के अनुभव और प्रेरणादायक कोमलशब्द कैडेट्स के लिए जीवनभर की सीख हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के साथ असंभव परिस्थितियों को विजय में बदला, वही जज्बा आज इन कैडेट्स में भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बावजूद कैडेट्स का पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ 45 किलोमीटर की सेलिंग पूरी करना उनके मजबूत हौसले और प्रशिक्षण का प्रमाण है। उन्होंने सभी कैडेट्स को इसी जज्बे, अनुशासन और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
परमवीर चक्र विजेता की वीरगाथाओं से मिली प्रेरणा और गोविंद सागर की तेज हवाओं व ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स का यह सफर ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के साहस, अनुशासन और अदम्य जज्बे की मिसाल बन गया।
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    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
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