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आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में आयोजित पोषण माह अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोले उपायुक्त मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की *बच्चों के समुचित विकास के लिए सही उम्र में सही पोषण जरूरी: राहुल कुमार* *कहा..स्थानीय एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम संभव* *बिलासपुर, 14 सितम्बर:* पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई की रस्म को भी निभाया। इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। *मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की* इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।

23 hrs ago
user_Inform News
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Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
23 hrs ago

आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में आयोजित पोषण माह अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोले उपायुक्त मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की *बच्चों के समुचित विकास के लिए सही उम्र में सही पोषण जरूरी: राहुल कुमार* *कहा..स्थानीय एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम संभव* *बिलासपुर, 14 सितम्बर:* पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई की रस्म को भी निभाया। इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता

है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह

ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। *मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की* इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा

बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।

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उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। *मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की* इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।
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    आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में आयोजित पोषण माह अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोले उपायुक्त
मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों की जांच संबंधित जानकारी हासिल की

*बच्चों के समुचित विकास के लिए सही उम्र में सही पोषण जरूरी: राहुल कुमार* 
*कहा..स्थानीय एवं पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम संभव* 
*बिलासपुर, 14 सितम्बर:* पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र लखनपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों एवं उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गोद भराई की रस्म को भी निभाया।
इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि उनके खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे भोजन में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। ऐसे में भोजन की मात्रा के साथ-साथ उसकी पोषण गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक खान-पान पद्धति में अनेक ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग धीरे-धीरे इन स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं तथा बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का अहम हिस्सा बनाने तथा भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय अनाज, दालें, मौसमी फल, दूध तथा अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राहुल कुमार ने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता और समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक चरण में बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मस्तिष्क का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पोषक एवं प्रोटीन युक्त आहार देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया। उन्होंने बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा महत्वपूर्ण समय है, जब उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चे के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
उन्होंने सभी अभिभावकों, माताओं और परिवारों से आह्वान किया कि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ प्रभावी जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पोषण माह अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।
*मिशन दृष्टि के तहत लखनपुर प्राथमिक विद्यालय का किया दौरा, बच्चों की आंखों  की  जांच संबंधित जानकारी हासिल की* 
इसके उपरांत उपायुक्त ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लखनपुर का भी दौरा किया तथा मिशन दृष्टि के तहत की जा रही बच्चों की आंखों की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि के अंतर्गत आठ वर्ष तक की आयु के बच्चों की दृष्टि की जांच कर प्रारंभिक स्तर पर आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कक्षा में पढ़ने, बोर्ड देखने, ध्यान केंद्रित करने अथवा बार-बार सिरदर्द जैसी समस्याएं आती हैं, तो अभिभावकों और शिक्षकों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर नेत्र जांच करवानी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव उनकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए निरीक्षण के दौरान भी कई बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं के संकेत पाए गए, जिनमें मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को विस्तृत जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए फॉलो-अप सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों को मोबाईल फोन से दूर रखें, शारीरिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं तथा मिशन दृष्टि के तहत बच्चों की आंखों की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बच्चों में आंखों से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत पाई जाती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग से समस्या की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव है और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सकता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इस मौके पर स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • दूसरे टी-20 से पहले भारत को झटका, वरुण चक्रवर्ती अफगानिस्तान सीरीज से बाहर
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    दूसरे टी-20 से पहले भारत को झटका, वरुण चक्रवर्ती अफगानिस्तान सीरीज से बाहर
    user_Dhiraj Thakur
    Dhiraj Thakur
    दरलाघाट, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • विधायक विवेक शर्मा ने जोगी पंगा कार्यालय में कुटलैहड़ क्षेत्र के 18 जरूरतमंद परिवारों को 1.25 लाख के आर्थिक चैक किये वितरण विधायक विवेक शर्मा बोले,कुटलैहड़ में अंतिम पंक्ति पर खड़े परिवार को आर्थिक रूप से मदद करना मेरा अधिकार बंगाणा,कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने मंगलवार को जोगी पंगा स्थित कांग्रेस कार्यालय में क्षेत्र के 18 जरूरतमंद परिवारों को कुल 1,25,500 रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।आर्थिक सहायता मिलने से जरूरतमंद परिवारों को अपनी आवश्यक जरूरतें पूरी करने में राहत मिलेगी। इस दौरान विधायक ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना केवल जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि उनके लिए सेवा और कर्तव्य का विषय है,विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर सेवा का अवसर दिया है। इसलिए क्षेत्र के हर गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवार की परेशानी में उनके साथ खड़ा होना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि “मेरा कुटलैहड़, मेरा परिवार” की भावना के साथ वह लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करवाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं, जहां छोटी सी आर्थिक सहायता भी उनके लिए बड़ी राहत बन जाती है। ऐसे परिवारों की जरूरत को देखते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ के किसी भी जरूरतमंद परिवार को अकेला महसूस न होने दिया जाए। पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत मंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल चुनाव जीतने या पद हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की सेवा का जरिया है। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनना, जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना और उन्हें राहत पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ उनका अपना परिवार है और परिवार के किसी भी सदस्य को परेशानी में देखकर उसकी मदद करना उनका अधिकार और कर्तव्य दोनों है। आर्थिक सहायता के चेक प्राप्त करने वाले परिवारों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद मिलने से उन्हें अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलेगा। विधायक ने इस अवसर पर सभी परिवारों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष विवेक मिंका,महासचिव इकबाल सिंह केवल कृष्ण शर्मा दिनेश खत्री जिला पार्षद सुमित शर्मा मीना चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे
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    विधायक विवेक शर्मा ने जोगी पंगा कार्यालय में कुटलैहड़ क्षेत्र के 18 जरूरतमंद परिवारों को 1.25 लाख के आर्थिक चैक किये वितरण
विधायक विवेक शर्मा बोले,कुटलैहड़ में अंतिम पंक्ति पर खड़े परिवार को आर्थिक रूप से मदद करना मेरा अधिकार
बंगाणा,कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने मंगलवार को जोगी पंगा स्थित कांग्रेस कार्यालय में क्षेत्र के 18 जरूरतमंद परिवारों को कुल 1,25,500 रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।आर्थिक सहायता मिलने से जरूरतमंद परिवारों को अपनी आवश्यक जरूरतें पूरी करने में राहत मिलेगी। इस दौरान विधायक ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना केवल जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि उनके लिए सेवा और कर्तव्य का विषय है,विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर सेवा का अवसर दिया है। इसलिए क्षेत्र के हर गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवार की परेशानी में उनके साथ खड़ा होना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि “मेरा कुटलैहड़, मेरा परिवार” की भावना के साथ वह लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करवाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं, जहां छोटी सी आर्थिक सहायता भी उनके लिए बड़ी राहत बन जाती है। ऐसे परिवारों की जरूरत को देखते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ के किसी भी जरूरतमंद परिवार को अकेला महसूस न होने दिया जाए। पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत मंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल चुनाव जीतने या पद हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की सेवा का जरिया है। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनना, जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना और उन्हें राहत पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ उनका अपना परिवार है और परिवार के किसी भी सदस्य को परेशानी में देखकर उसकी मदद करना उनका अधिकार और कर्तव्य दोनों है। आर्थिक सहायता के चेक प्राप्त करने वाले परिवारों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद मिलने से उन्हें अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलेगा। विधायक ने इस अवसर पर सभी परिवारों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष विवेक मिंका,महासचिव इकबाल सिंह केवल कृष्ण शर्मा दिनेश खत्री जिला पार्षद सुमित शर्मा मीना चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री सुक्खू, विधायक कमलेश ठाकुर और कांग्रेस के प्रदेश एवं केन्द्रीय नेतृत्व का जताया आभार किशाऊ बांध परियोजना का समझौता हिमाचल के आर्थिक हितों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: विवेक कटोच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाने पर विवेक कटोच ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य मीडिया पैनलिस्ट के रूप में वह प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। विवेक कटोच ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर दिल्ली में समझौता प्रदेश के आर्थिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस समझौते के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को बिना किसी निवेश के हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है, जो प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस परियोजना में 90 प्रतिशत धनराशि देने की बात स्वीकार की गई थी, जिससे हिमाचल प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा और प्रदेश की बहुमूल्य संपदा एवं आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रयास किए। विवेक कटोच ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के हित में यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो पाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद हिमाचल के अधिकारों और आर्थिक हितों के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़ा यह समझौता आने वाले समय में प्रदेश की आय बढ़ाने, आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और विकास के नए रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि पर समस्त प्रदेश की देवतुल्य जनता और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को हार्दिक बधाई दी है ।
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    प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री सुक्खू, विधायक कमलेश ठाकुर और कांग्रेस के प्रदेश एवं केन्द्रीय नेतृत्व का जताया आभार

किशाऊ बांध परियोजना का समझौता हिमाचल के आर्थिक हितों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: विवेक कटोच
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाने पर विवेक कटोच ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य मीडिया पैनलिस्ट के रूप में वह प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
विवेक कटोच ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। किशाऊ बांध परियोजना को लेकर दिल्ली में समझौता प्रदेश के आर्थिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस समझौते के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को बिना किसी निवेश के हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है, जो प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस परियोजना में 90 प्रतिशत धनराशि देने की बात स्वीकार की गई थी, जिससे हिमाचल प्रदेश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा और प्रदेश की बहुमूल्य संपदा एवं आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रयास किए।
विवेक कटोच ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के हित में यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो पाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद हिमाचल के अधिकारों और आर्थिक हितों के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़ा यह समझौता आने वाले समय में प्रदेश की आय बढ़ाने, आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और विकास के नए रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि पर समस्त प्रदेश की देवतुल्य जनता और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को हार्दिक बधाई दी है ।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सोलन में पानी को लेकर एक तरफ मचा हाहाकार , निगरनिगम ने किया एक करोड़ रुपए इकट्ठा #solan #mc #water #bill सोलन में पानी को लेकर एक तरफ मचा हाहाकार , निगरनिगम ने किया एक करोड़ रुपए इकट्ठा #solan #mc #water #bill
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    सोलन में पानी को लेकर एक तरफ मचा हाहाकार , निगरनिगम ने किया एक करोड़ रुपए इकट्ठा #solan #mc #water #bill 
सोलन में पानी को लेकर एक तरफ मचा हाहाकार , निगरनिगम ने किया एक करोड़ रुपए इकट्ठा #solan #mc #water #bill
    user_Solanup2date
    Solanup2date
    Local News Reporter सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • KNH Shimla से गायनी सेवाएं शिफ्ट करने का विरोध | सचिवालय मार्च में पुलिस से झड़प | Shimla News KNH Shimla से गायनी सेवाएं शिफ्ट करने का विरोध | सचिवालय मार्च में पुलिस से झड़प | Shimla News
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    KNH Shimla से गायनी सेवाएं शिफ्ट करने का विरोध | सचिवालय मार्च में पुलिस से झड़प | Shimla News

KNH Shimla से गायनी सेवाएं शिफ्ट करने का विरोध | सचिवालय मार्च में पुलिस से झड़प | Shimla News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Una, Himachal Pradesh•
    2 hrs ago
  • सोलन: बघाट रियासत के अंतिम शासक की जयंती पर वार्षिक सम्मेलन, मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री बोले - बघाट का इतिहास गौरवशाली
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    सोलन: बघाट रियासत के अंतिम शासक की जयंती पर वार्षिक सम्मेलन, मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री बोले - बघाट का इतिहास गौरवशाली
    user_Hardyal Sing
    Hardyal Sing
    Local News Reporter कसौली, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • परमवीर चक्र विजेता की प्रेरणा से बढ़ा ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ का जज्बा कलोल से कोसरियां तक 45 किलोमीटर की सेलिंग, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स ने दिखाया अदम्य साहस बिलासपुर ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के छठे दिन 70 एनसीसी कैडेट्स ने कलोल से अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। दिन की शुरुआत बेहद प्रेरणादायक रही, जब परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ अपने जीवन एवं सैन्य सेवा के अनुभव साझा किए। कारगिल युद्ध के अनुभवों से कैडेट्स को किया प्रेरित सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा लड़े गए उन चुनौतीपूर्ण अभियानों के अनुभव भी साझा किए, जहां असंभव नजर आने वाले मिशनों को भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के बल पर विजय में बदल दिया। उन्होंने बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण के साथ सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कैडेट्स के जोश, जज्बे और साहस की जमकर सराहना की तथा उन्हें जीवन में इसी उत्साह और जुनून को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परमवीर चक्र विजेता ने दिखाई हरी झंडी कैडेट्स के साथ संवाद के बाद सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर कैडेट्स को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया। उनकी प्रेरणा और शुभकामनाओं के साथ कैडेट्स ने सतलुज की लहरों पर अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच 45 किलोमीटर का सफर छठे दिन मौसम ने भी कैडेट्स के साहस और सेलिंग कौशल की परीक्षा ली। तेज हवाओं के चलते झील में लहरें अधिक रहीं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स ने पूरे हौसले और अनुशासन के साथ सेलिंग जारी रखी। प्रशिक्षकों की देखरेख एवं मार्गदर्शन में कैडेट्स ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच सेलिंग के गुर सीखे। लहरें ऊंची थीं, हवाएं तेज थीं, लेकिन कैडेट्स का हौसला उससे भी मजबूत रहा। पूरे दिन की सेलिंग के दौरान कैडेट्स ने कुल 45 किलोमीटर का सफर तय किया और देर शाम किसरियां पहुंचकर छठे दिन की यात्रा पूरी की। कमांडिंग ऑफिसर ने बढ़ाया कैडेट्स का हौसला कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार जैसे वीर योद्धा के अनुभव और प्रेरणादायक कोमलशब्द कैडेट्स के लिए जीवनभर की सीख हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के साथ असंभव परिस्थितियों को विजय में बदला, वही जज्बा आज इन कैडेट्स में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बावजूद कैडेट्स का पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ 45 किलोमीटर की सेलिंग पूरी करना उनके मजबूत हौसले और प्रशिक्षण का प्रमाण है। उन्होंने सभी कैडेट्स को इसी जज्बे, अनुशासन और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परमवीर चक्र विजेता की वीरगाथाओं से मिली प्रेरणा और गोविंद सागर की तेज हवाओं व ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स का यह सफर ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के साहस, अनुशासन और अदम्य जज्बे की मिसाल बन गया।
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    परमवीर चक्र विजेता की प्रेरणा से बढ़ा ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ का जज्बा
कलोल से  कोसरियां तक 45 किलोमीटर की सेलिंग, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स ने दिखाया अदम्य साहस
बिलासपुर 
‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के छठे दिन 70 एनसीसी कैडेट्स ने कलोल से अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। दिन की शुरुआत बेहद प्रेरणादायक रही, जब परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ अपने जीवन एवं सैन्य सेवा के अनुभव साझा किए।
कारगिल युद्ध के अनुभवों से कैडेट्स को किया प्रेरित
सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने कैडेट्स के साथ कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा लड़े गए उन चुनौतीपूर्ण अभियानों के अनुभव भी साझा किए, जहां असंभव नजर आने वाले मिशनों को भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के बल पर विजय में बदल दिया। उन्होंने बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण के साथ सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कैडेट्स के जोश, जज्बे और साहस की जमकर सराहना की तथा उन्हें जीवन में इसी उत्साह और जुनून को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परमवीर चक्र विजेता ने दिखाई हरी झंडी
कैडेट्स के साथ संवाद के बाद सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर कैडेट्स को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया। उनकी प्रेरणा और शुभकामनाओं के साथ कैडेट्स ने सतलुज की लहरों पर अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की।
तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच 45 किलोमीटर का सफर
छठे दिन मौसम ने भी कैडेट्स के साहस और सेलिंग कौशल की परीक्षा ली। तेज हवाओं के चलते झील में लहरें अधिक रहीं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स ने पूरे हौसले और अनुशासन के साथ सेलिंग जारी रखी। प्रशिक्षकों की देखरेख एवं मार्गदर्शन में कैडेट्स ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच सेलिंग के गुर सीखे।
लहरें ऊंची थीं, हवाएं तेज थीं, लेकिन कैडेट्स का हौसला उससे भी मजबूत रहा। पूरे दिन की सेलिंग के दौरान कैडेट्स ने कुल 45 किलोमीटर का सफर तय किया और देर शाम किसरियां पहुंचकर छठे दिन की यात्रा पूरी की।
कमांडिंग ऑफिसर ने बढ़ाया कैडेट्स का हौसला
कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार जैसे वीर योद्धा के अनुभव और प्रेरणादायक कोमलशब्द कैडेट्स के लिए जीवनभर की सीख हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के साथ असंभव परिस्थितियों को विजय में बदला, वही जज्बा आज इन कैडेट्स में भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बावजूद कैडेट्स का पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ 45 किलोमीटर की सेलिंग पूरी करना उनके मजबूत हौसले और प्रशिक्षण का प्रमाण है। उन्होंने सभी कैडेट्स को इसी जज्बे, अनुशासन और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
परमवीर चक्र विजेता की वीरगाथाओं से मिली प्रेरणा और गोविंद सागर की तेज हवाओं व ऊंची लहरों के बीच कैडेट्स का यह सफर ‘संकल्प एक्सपीडिशन-2026’ के साहस, अनुशासन और अदम्य जज्बे की मिसाल बन गया।
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 day ago
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