Shuru
Apke Nagar Ki App…
सरकार के दावों की खुली पोल! चित्रकूट नेत्रालय में मरीज जमीन पर सोने को मजबूर” तस्वीरें झकझोर देने वाली हैं ❗ चित्रकूट नेत्रालय में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो रहा। मजबूरन बीमार लोग ज़मीन पर लेटकर इलाज का इंतज़ार कर रहे हैं। जहाँ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इन तस्वीरों में साफ नजर आ रही है। सवाल उठता है ❓ 👉 क्या यही है सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था? 👉 कब सुधरेगा सिस्टम? 👉 जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? यह सिर्फ एक अस्पताल की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल है। प्रशासन और सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
Abhishek Tiwary
सरकार के दावों की खुली पोल! चित्रकूट नेत्रालय में मरीज जमीन पर सोने को मजबूर” तस्वीरें झकझोर देने वाली हैं ❗ चित्रकूट नेत्रालय में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो रहा। मजबूरन बीमार लोग ज़मीन पर लेटकर इलाज का इंतज़ार कर रहे हैं। जहाँ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इन तस्वीरों में साफ नजर आ रही है। सवाल उठता है ❓ 👉 क्या यही है सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था? 👉 कब सुधरेगा सिस्टम? 👉 जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? यह सिर्फ एक अस्पताल की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल है। प्रशासन और सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
More news from झारखंड and nearby areas
- जमशेदपुर के बरनमाइंस इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अचानक चाकूबाजी की घटना सामने आई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में लिया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हमलावर की तलाश जारी है। बरनमाइंस की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- #जय_भाजपा #सर्वहितैषी_भाजपा #राष्ट्रवादी_भाजपा भारतीय सनातन धर्म संस्कृति, देश के संविधान का सम्मान, देश के सर्वांगीण विकास और चतुर्दिक कल्याण हेतु संकल्पित भारतीय जनता पार्टी ने अंत्योदय, एकात्म मानववाद व सबका साथ सबका विकास के मूलमंत्र से आमजन हितार्थ समर्पित राजनीति की है।। विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा ने अपने स्थापना काल से लेकर आज तक भारत को वैश्विक स्तर पर ले जाने में रुचि दिखाई है।। "भारतीय जनसंघ" के आधुनिक रूप "भारतीय जनता पार्टी" ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अगुआई में राष्ट्रहित की सोच को एक नया आयाम देने, देश को "विकसित भारत" का तमगा देने, चहुंओर से देश को सुरक्षित, समृद्ध, सुशिक्षित, आत्मनिर्भर और सर्व सुविधा संपन्न बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।। "राष्ट्र प्रथम" की भावना से लबरेज भाजपा ही एकमात्र वैसी पार्टी है जो अपने कार्यकर्ताओं को अपना परिवार मानती है तथा व्यापक रूप से "भाजपा परिवार" की भावना को प्रसारित भी करती है।। "भाजपा सदस्यता अभियान" के द्वारा पार्टी से जुड़े सदस्यों की संख्या ने एक कीर्तिमान रचा है और इस "केंद्रीय अभियान" को जन जन तक पहुंचाने में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने उल्लेखनीय योगदान भी दिया है।। नभ, जल, थल में अपना बहुआयामी परचम लहराने वाली भाजपा का सदस्य होना जहां सम्मान की बात है वहीं पार्टी का एक कार्यकर्त्ता होना तो गर्व की ही बात है।। "मुझे गर्व है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूँ" !! माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की यह स्वीकारोक्ति समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत, प्रेरक और अनुकरणीय वक्तव्य है।। #जय_भाजपा_तय_भाजपा !! #जय_भाजपा_विजय_भाजपा !! सहर्ष, सगर्व, साभार संकलक:: कुमार विश्वजीत भाजपा समर्थक जमशेदपुर झारखंड1
- Post by Gudiya Kumari1
- आदित्यपुर नगर निगम चुनाव को लेकर निकिता स्वर्णकार को मिला जन समर्थन वार्ड नंबर 3 निकिता स्वर्णकार ने बताया कि इस बार विकास की गंगा भागी1
- Post by NUNU RAM MAHATO1
- शुरू ऐप न्यूज़ चैनल मैं आपका स्वागत है, मैं रवि गुप्ता प्रेस रिपोर्टर आप देख सकते हैं ,कि नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शन्द कुमार आचार्य (टूलू) नाना , अपने समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार पर निकले हैं उनके समर्थक गर्म जोशी से उनके प्रचार पर लगे हुए हैं, जिनमें महिलाएं -पुरुष प्रचार कर रहे हैं। उनका चुनाव चिन्ह बेंच 🛋️ छाप है, क्रमांक संख्या - 5 है।1
- हक और हुकूक की लड़ाई: मानकी-मुंडा व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प, कोल्हान रक्षा संघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद। जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्वायत्तता और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने की मांग अब तेज़ हो गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत कोल्हान रक्षा संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल रैली ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और विल्किंसन रूल (1837) को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर बुलंद आवाज़ उठाई। ऐतिहासिक पहचान पर आर-पार की जंग हाथों में बैनर और जुबां पर 'कोल्हान एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपनी पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 1833 में थॉमस विल्किंसन द्वारा बनाए गए 31 नियम आज भी कोल्हान की विशेष पहचान का आधार हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रमुख मांगें और चिंताएं: मानकी-मुंडा की शक्ति: ग्रामीणों ने मांग की कि वंशानुगत मानकी-मुंडा शासन प्रणाली को और अधिक संवैधानिक मजबूती दी जाए ताकि वे न्यायिक और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें। सरकारी हस्तक्षेप का विरोध: आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय शासन में बाहरी हस्तक्षेप उनकी सदियों पुरानी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। अस्तित्व की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि यह केवल नियमों की लड़ाई नहीं, बल्कि कोल्हान के अस्तित्व और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का महासंग्राम है। प्रशासन की बढ़ी धड़कनें क्षेत्र में बढ़ती हलचल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जानकारों का कहना है कि यदि जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में उठी इस मांग का समय रहते संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो कोल्हान में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा होना तय है। बड़ी बात: "कोल्हान की धरती पर अब अपनी परंपराओं को बचाने की जिद ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।"2
- तस्वीरें झकझोर देने वाली हैं ❗ चित्रकूट नेत्रालय में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो रहा। मजबूरन बीमार लोग ज़मीन पर लेटकर इलाज का इंतज़ार कर रहे हैं। जहाँ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इन तस्वीरों में साफ नजर आ रही है। सवाल उठता है ❓ 👉 क्या यही है सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था? 👉 कब सुधरेगा सिस्टम? 👉 जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? यह सिर्फ एक अस्पताल की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल है। प्रशासन और सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।1