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हरिद्वार से कांवड़ लाते समय नवजात को झोले में लेकर चली महिला, वीडियो ने छेड़ी आस्था और सुरक्षा पर बहस कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी कांवड़ के एक ओर गंगाजल का पात्र और दूसरी ओर झोले में अपने नवजात बेटे को लेकर पैदल यात्रा करती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि महिला ने पहले तीन बेटियों के बाद पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लाने का संकल्प लिया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस तरीके को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने महिला की आस्था का सम्मान किया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने नवजात शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान धूल-मिट्टी, तेज धूप, बारिश, उमस और भीड़ जैसी परिस्थितियां छोटे बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे वातावरण में शिशु को त्वचा संबंधी परेशानी, संक्रमण, सर्दी-जुकाम या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी नवजात शिशुओं को लंबे समय तक धूप, बारिश, धूल और भीड़भाड़ वाले माहौल से बचाने की सलाह देते हैं। ऐसे बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए अतिरिक्त सावधानी आवश्यक मानी जाती है। आस्था और श्रद्धा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी धार्मिक यात्रा के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है। यदि किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए कांवड़ यात्रा की जा रही है, तो उसे इस प्रकार संपन्न किया जाना चाहिए कि श्रद्धा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।

18 hrs ago
user_SACHIN SHIVALIA
SACHIN SHIVALIA
Graphic designer Meerut, Uttar Pradesh•
18 hrs ago

हरिद्वार से कांवड़ लाते समय नवजात को झोले में लेकर चली महिला, वीडियो ने छेड़ी आस्था और सुरक्षा पर बहस कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी कांवड़ के एक ओर गंगाजल का पात्र और दूसरी ओर झोले में अपने नवजात बेटे को लेकर पैदल यात्रा करती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि महिला ने पहले तीन बेटियों के बाद पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लाने का संकल्प लिया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस तरीके को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने महिला की आस्था का सम्मान किया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने नवजात शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान धूल-मिट्टी, तेज धूप, बारिश, उमस और भीड़ जैसी परिस्थितियां छोटे बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे वातावरण में शिशु को त्वचा संबंधी परेशानी, संक्रमण, सर्दी-जुकाम या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी नवजात शिशुओं को लंबे समय तक धूप, बारिश, धूल और भीड़भाड़ वाले माहौल से बचाने की सलाह देते हैं। ऐसे बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए अतिरिक्त सावधानी आवश्यक मानी जाती है। आस्था और श्रद्धा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी धार्मिक यात्रा के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है। यदि किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए कांवड़ यात्रा की जा रही है, तो उसे इस प्रकार संपन्न किया जाना चाहिए कि श्रद्धा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।

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  • उत्तर प्रदेश के मेरठ में जमकर हुआ मानसून सावन के महीने में ठीक-ठाक बारिश देखने को मिली
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ में जमकर हुआ मानसून सावन के महीने में ठीक-ठाक बारिश देखने को मिली
    user_Mohd Waseem
    Mohd Waseem
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • अगर एथेनॉल मिलाना इतना लाभदायक है तो कम से कम ऑटोमोबाइल कंपनि अगर एथेनॉल मिलाना इतना लाभदायक है तो कम से कम ऑटोमोबाइल कंपनियों को ये कहना चाहिए , एड देने चाहिए
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    अगर एथेनॉल मिलाना इतना लाभदायक है तो कम से कम ऑटोमोबाइल कंपनि
अगर एथेनॉल मिलाना इतना लाभदायक है तो कम से कम ऑटोमोबाइल कंपनियों को ये कहना चाहिए , एड देने चाहिए
    user_Media fast news 24
    Media fast news 24
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • लुधियाना में "केजरीवाल काAAP मॉडल " पूरी से लागू सुविधाएं सुचारू रूप से चल रही है 👉क्या यही होती है सुचारू मॉडल की नीति पंजाब की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले लुधियाना में 'केजरीवाल मॉडल' पूरी तरह से एक्सपोज हो चुका है। प्रचार में जो दिखता है, हकीकत में वो पंजाब की सड़कों और फैक्ट्रियों में कहीं नजर नहीं आता! *सच क्या है, वीडियो में खुद देखिए...*
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    लुधियाना में "केजरीवाल काAAP मॉडल " पूरी से लागू सुविधाएं सुचारू रूप से चल रही है
👉क्या यही होती है सुचारू मॉडल की नीति
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    user_PARUL SIROHI BC MEERUT
    PARUL SIROHI BC MEERUT
    सरधना, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • JMS Group Hapur क्यों बनी वंशिका की पहली पसंद? | B.Sc. Computer Science Student Interview JMS ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस की B.Sc. Computer Science की छात्रा वंशिका ने बताया कि संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और शिक्षकों का व्यक्तिगत मार्गदर्शन छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
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    user_Star Bharat News 24
    Star Bharat News 24
    हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • भारतीय किसान यूनियन इंकलाब के प्रदेश कार्यालय का संडीला में हुआ उद्घाटन संवाददाता: कोमल गौतम संडीला, हरदोई। भारतीय किसान यूनियन इंकलाब के प्रदेश कार्यालय का सोमवार को अतरौली रोड, संडीला पर फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नबी अहमद की विशेष मौजूदगी रही। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष इमरान गाजी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी तथा उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में अधिवक्ता सभा के प्रदेश अध्यक्ष सैयद आतिफ भी मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष नबी अहमद और प्रदेश अध्यक्ष इमरान गाजी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय किसान यूनियन इंकलाब किसानों, मजदूरों और आम जनमानस की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा संघर्षरत रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष इमरान गाजी बाबा ने कहा कि संगठन जनता की समस्याओं और किसानों की मांगों को शासन-प्रशासन तथा सरकार तक मजबूती से पहुंचाने का कार्य करता रहेगा, और उनके हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
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    भारतीय किसान यूनियन इंकलाब के प्रदेश कार्यालय का संडीला में हुआ उद्घाटन

संवाददाता: कोमल गौतम

संडीला, हरदोई। भारतीय किसान यूनियन इंकलाब के प्रदेश कार्यालय का सोमवार को अतरौली रोड, संडीला पर फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नबी अहमद की विशेष मौजूदगी रही।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष इमरान गाजी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी तथा उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सभा के प्रदेश अध्यक्ष सैयद आतिफ भी मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नबी अहमद और प्रदेश अध्यक्ष इमरान गाजी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय किसान यूनियन इंकलाब किसानों, मजदूरों और आम जनमानस की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा संघर्षरत रहेगा। 

प्रदेश अध्यक्ष इमरान गाजी बाबा ने कहा कि संगठन जनता की समस्याओं और किसानों की मांगों को शासन-प्रशासन तथा सरकार तक मजबूती से पहुंचाने का कार्य करता रहेगा,

और उनके हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
    user_Mohd Waseem
    Mohd Waseem
    मेरठ, मेरठ, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकली युवती, भोलेनाथ से की अनोखी मन्नत; पहले प्यार को वापस पाने की जताई इच्छा कांवड़ यात्रा के दौरान एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती दावा करती है कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्रा कर रही है। युवती का कहना है कि उसकी मन्नत अन्य श्रद्धालुओं से अलग है। वीडियो में युवती बताती है कि जिस युवक से वह प्रेम करती थी, उसकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। अब वह भगवान भोलेनाथ से अपने पहले प्यार को वापस पाने या उससे दोबारा मिलाने की प्रार्थना कर रही है। युवती की भावुक अपील ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग युवती की भावनाओं और आस्था का सम्मान कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे भावनात्मक अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत विश्वास का विषय बता रहे हैं। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट नहीं है कि युवती की बात प्रतीकात्मक रूप से कही गई है या किसी विशेष धार्मिक विश्वास के तहत व्यक्त की गई है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकली युवती, भोलेनाथ से की अनोखी मन्नत; पहले प्यार को वापस पाने की जताई इच्छा

कांवड़ यात्रा के दौरान एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती दावा करती है कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्रा कर रही है। युवती का कहना है कि उसकी मन्नत अन्य श्रद्धालुओं से अलग है।
वीडियो में युवती बताती है कि जिस युवक से वह प्रेम करती थी, उसकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। अब वह भगवान भोलेनाथ से अपने पहले प्यार को वापस पाने या उससे दोबारा मिलाने की प्रार्थना कर रही है। युवती की भावुक अपील ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग युवती की भावनाओं और आस्था का सम्मान कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे भावनात्मक अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत विश्वास का विषय बता रहे हैं।
हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट नहीं है कि युवती की बात प्रतीकात्मक रूप से कही गई है या किसी विशेष धार्मिक विश्वास के तहत व्यक्त की गई है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_SACHIN SHIVALIA
    SACHIN SHIVALIA
    Graphic designer Meerut, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • हरिद्वार से कांवड़ लाते समय नवजात को झोले में लेकर चली महिला, वीडियो ने छेड़ी आस्था और सुरक्षा पर बहस कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी कांवड़ के एक ओर गंगाजल का पात्र और दूसरी ओर झोले में अपने नवजात बेटे को लेकर पैदल यात्रा करती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि महिला ने पहले तीन बेटियों के बाद पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लाने का संकल्प लिया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस तरीके को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने महिला की आस्था का सम्मान किया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने नवजात शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान धूल-मिट्टी, तेज धूप, बारिश, उमस और भीड़ जैसी परिस्थितियां छोटे बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे वातावरण में शिशु को त्वचा संबंधी परेशानी, संक्रमण, सर्दी-जुकाम या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी नवजात शिशुओं को लंबे समय तक धूप, बारिश, धूल और भीड़भाड़ वाले माहौल से बचाने की सलाह देते हैं। ऐसे बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए अतिरिक्त सावधानी आवश्यक मानी जाती है। आस्था और श्रद्धा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी धार्मिक यात्रा के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है। यदि किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए कांवड़ यात्रा की जा रही है, तो उसे इस प्रकार संपन्न किया जाना चाहिए कि श्रद्धा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।
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    हरिद्वार से कांवड़ लाते समय नवजात को झोले में लेकर चली महिला, वीडियो ने छेड़ी आस्था और सुरक्षा पर बहस
कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी कांवड़ के एक ओर गंगाजल का पात्र और दूसरी ओर झोले में अपने नवजात बेटे को लेकर पैदल यात्रा करती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि महिला ने पहले तीन बेटियों के बाद पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लाने का संकल्प लिया था।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस तरीके को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने महिला की आस्था का सम्मान किया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने नवजात शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान धूल-मिट्टी, तेज धूप, बारिश, उमस और भीड़ जैसी परिस्थितियां छोटे बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे वातावरण में शिशु को त्वचा संबंधी परेशानी, संक्रमण, सर्दी-जुकाम या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी नवजात शिशुओं को लंबे समय तक धूप, बारिश, धूल और भीड़भाड़ वाले माहौल से बचाने की सलाह देते हैं। ऐसे बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए अतिरिक्त सावधानी आवश्यक मानी जाती है।
आस्था और श्रद्धा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी धार्मिक यात्रा के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है। यदि किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए कांवड़ यात्रा की जा रही है, तो उसे इस प्रकार संपन्न किया जाना चाहिए कि श्रद्धा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।
    user_SACHIN SHIVALIA
    SACHIN SHIVALIA
    Graphic designer Meerut, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
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