देहरादून में एसएसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सेलाकुई पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा और विवाद कर रहे पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चकराता रोड स्थित मिलन चौक के पास हुई, जहाँ दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा था और वे मारपीट पर उतारू थे। पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, मामला शांत होने के बजाय और बढ़ गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से इन पाँच व्यक्तियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, मारपीट या कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
देहरादून में एसएसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सेलाकुई पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा और विवाद कर रहे पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चकराता रोड स्थित मिलन चौक के पास हुई, जहाँ दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा था और वे मारपीट पर उतारू थे। पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, मामला शांत होने के बजाय और बढ़ गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से इन पाँच व्यक्तियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, मारपीट या कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- आज 09 जुलाई 2026 को रुड़की कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचना के आधार पर कोतवाली लक्सर पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने लक्सर के बसेड़ी स्थित एक निर्माणाधीन मकान में जलभराव के कारण फँसे पिता-पुत्र को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। सूचना मिली थी कि दोनों व्यक्ति बीती रात से मकान के चारों ओर पानी भर जाने के कारण अंदर फँसे हुए थे, जिसके बाद टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुँचकर, रेस्क्यू टीम ने त्वरित और कुशल कार्रवाई करते हुए सुरक्षित ऑपरेशन चलाया और दोनों व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाल लिया। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों व्यक्ति पिता-पुत्र हैं, जिनकी पहचान ग्राम सिमली, लक्सर निवासी 60 वर्षीय श्री राम और 40 वर्षीय संजय के रूप में हुई है। वे निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे थे और अचानक हुए जलभराव के कारण बाहर नहीं निकल पाए थे। लक्सर पुलिस और एसडीआरएफ की इस प्रभावी कार्रवाई से दोनों व्यक्तियों की जान सुरक्षित बचा ली गई। इस घटना के मद्देनजर, आमजन से अपील की गई है कि भारी वर्षा और जलभराव की स्थिति में अनावश्यक रूप से जोखिम भरे क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपदा राहत एजेंसियों को सूचित करें।1
- हरिद्वार के ग्राम बढेड़ी राजपुताना में स्थित एक जोहड़ पर स्थानीय लोगों ने अवैध कब्ज़ा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कथित अवैध कब्जे के कारण बरसात के मौसम में जोहड़ में पानी के प्राकृतिक संचयन और निकासी की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है। इस समस्या के चलते हर साल सड़कों और आसपास के कई घरों में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोहड़ के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए बनी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं, और धरातल पर जल निकासी की समस्या का कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जोहड़ से कथित अतिक्रमण हटाया जाए, उसकी मूल स्थिति बहाल की जाए, और बरसात आने से पहले प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में होने वाले जलभराव और नुकसान से ग्रामीणों को राहत मिल सके। इस पूरे मामले में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि ग्राम बढेड़ी राजपुताना के जोहड़ का सौंदर्यीकरण और जल निकासी व्यवस्था कागजों से निकलकर ज़मीन पर कब दिखाई देगी।1
- आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को एमडीटी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास स्थित काली कमली क्षेत्र में एक मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में चार लोग मलबे में फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस मायापुर की टीम, जिसमें LFM- नरेंद्र सिंह तोमर, DVR - प्रकाश मनोरी, FM- चंद्र प्रकाश नौटियाल, FM-मातबर सिंह तोमर, FM- सुरेश और FW- दीपाली वर्मा शामिल थीं, तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना समय गंवाए त्वरित एवं कुशल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, मलबे में फंसे सभी चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फंसे हुए व्यक्तियों में एक व्यक्ति बीमार और चलने में असमर्थ था, जिसे फायर सर्विस टीम ने स्ट्रेचर की सहायता से कुशलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला। फायर सर्विस मायापुर के इस सराहनीय एवं समयबद्ध प्रयास से एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया। बचाव अभियान के दौरान टीम ने पूरी सतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया, जिसके कारण सभी लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास मकान गिरने से मलबे में फंसे चार लोगों के लिए फायर स्टेशन मायापुर की टीम देवदूत बनकर सामने आई।1
- जनपद टिहरी गढ़वाल की तहसील धनोल्टी के अंतर्गत कद्दूखाल (ग्राम उनियालगांव) स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर 08 जुलाई, 2026 की शाम भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया। जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही की गई एहतियाती कार्रवाई के कारण इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल, नितिका खण्डेलवाल ने जानकारी दी कि मिट्टी के कटाव से राजकीय भूमि पर बना एक पुराना निष्प्रयोज्य कमरा (टीन शैड युक्त) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा, सात छोटे खोखे (टीन शैड से निर्मित) भी खतरे की जद में हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, उक्त दुकानों, रेस्टोरेंटों, खोखों और निर्माणकर्ताओं के मजदूरों को घटना से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। संभावित खतरे को देखते हुए, इन दुकानों और खोखों पर क्रॉस का निशान लगाया गया है और उनके स्वामियों को इन स्थलों का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई है। निर्माणकर्ता को अलग से नोटिस भी जारी किया जा रहा है। प्रशासनिक जांच में शुरुआती तौर पर यह सामने आया है कि एक निजी व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य के लिए की जा रही अनधिकृत खुदाई के कारण पहाड़ी अस्थिर हो गई, जिससे भूस्खलन की स्थिति बनी। स्थानीय राजस्व अधिकारियों (पटवारी और तहसीलदार, धनोल्टी) की रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भेज दी गई है और अनधिकृत खुदाई के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और क्षेत्र में कोई व्यापक क्षति नहीं हुई है। मानसून को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। आमजन से अपील की गई है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा परामर्शों का पालन करें।1
- देहरादून में लगातार मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट की स्थिति के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग चार स्थानों पर मलबे से अवरुद्ध पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने दोनों ओर से जेसीबी लगाकर तत्काल मार्ग खोलने के निर्देश दिए। कार्लीगढ़ में, नदी पार रहने वाले परिवारों के लिए राशन, पानी, बिजली और जिला कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। सपेरा बस्ती में, असुरक्षित मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और सुरक्षा संबंधी कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जिले में अब तक 25.75 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जबकि गंगा और टोंस नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग सहित कुल 14 ग्रामीण मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।1
- कालाढूंगी के बैलपड़ाव-बाजपुर मोटर मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में सवार युवक कथित रूप से शराब के नशे में थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के समय सड़क पर कोई राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर बाहरी राज्यों के वाहनों की लगातार तेज रफ्तार आवाजाही को लेकर चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।1