देहरादून में लगातार मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट की स्थिति के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग चार स्थानों पर मलबे से अवरुद्ध पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने दोनों ओर से जेसीबी लगाकर तत्काल मार्ग खोलने के निर्देश दिए। कार्लीगढ़ में, नदी पार रहने वाले परिवारों के लिए राशन, पानी, बिजली और जिला कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। सपेरा बस्ती में, असुरक्षित मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और सुरक्षा संबंधी कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जिले में अब तक 25.75 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जबकि गंगा और टोंस नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग सहित कुल 14 ग्रामीण मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
देहरादून में लगातार मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट की स्थिति के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग चार स्थानों पर मलबे से अवरुद्ध पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने दोनों ओर से जेसीबी लगाकर तत्काल मार्ग खोलने के निर्देश दिए। कार्लीगढ़ में, नदी पार रहने वाले परिवारों के लिए राशन, पानी, बिजली और जिला कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। सपेरा बस्ती में, असुरक्षित मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और सुरक्षा संबंधी कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जिले में अब तक 25.75 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जबकि गंगा और टोंस नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग सहित कुल 14 ग्रामीण मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
- रुद्रपुर 13 साल की मासूम नाबालिग बच्ची को वाटर पार्क जाने के बहाने नाबालिग को ओयो होटल ले जाया गया, जहां नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना का पता चलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। इस मामले में पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस संबध में एक टीम का गठन कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिशें देनी शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना 6 जुलाई की दोपहर की है। पीड़िता की मां ने पुलिस दो दी तहरीर मे बताया कि उसकी 13 वर्षीय बेटी अपने मोहल्ले की एक सहेली के साथ वाटर पार्क जाने के लिए निकली थी। दोनों लड़कियां मेडिसिटी हॉस्पिटल के पास खड़ी होकर ऑटो का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान वहां एक युवक बाइक से पहुंचा, जो कि एक मॉल में काम करता है। पीड़िता की सहेली युवक को पहले से जानती थी। उसने उसे अपना मुंहबोला भाई बताया। युवक के साथ उसका कथित चाचा भी मौजूद था। युवक ने पीड़िता की सहेली से कहा कि वह पीछे-पीछे आए। उसने 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपनी बाइक पर बैठा लिया। आरोप है कि युवक और उसका साथी नाबालिग को सीधे लालपुर स्थित टोल प्लाजा के पास बने एक ओयो होटल में ले गए। वहां आरोपियों ने नाबालिग को कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद युवक और उसके साथी ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने बाद में 2 से 3 अन्य युवकों को भी होटल में बुलाया। उन अज्ञात युवकों ने भी बेहोशी और लाचारी की हालत में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता को पूरी रात बंधक बनाकर अपने पास रखा। अगले दिन यानी 7 जुलाई की सुबह करीब 11.00 बजे आरोपी पीड़िता को होटल के बाहर बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता सड़क पर रोती-चिल्लाती हुई मदद की गुहार लगा रही थी। इसी बीच उसने एक स्थानीय दुकानदार से फोन मांगकर अपनी मां को आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही बदहवास मां मौके पर पहुंची। तुरंत 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है। एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।2
- हरिद्वार पुलिस और एक महिला के हत्यारे के बीच हुई मुठभेड़ में, हत्यारे के पैर में गोली लग गई। इस दौरान उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।1
- उत्तराखंड के घनसाली में एक युवक को नाबालिग के साथ संबंध बनाने के आरोप में न्यायिक हिरासत में लिया गया है।1
- लक्सर विधानसभा क्षेत्र के दरगाहपुर गाँव में विधायक निधि से हुए सड़क निर्माण कार्य को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व राज्य मंत्री और लक्सर विकास समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद ने इस मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कागजों में 205.50 मीटर सड़क दर्ज है, जबकि मौके पर केवल 170 मीटर सड़क ही मिली है। इस बड़ी विसंगति का मतलब है कि 35.50 मीटर सड़क गायब है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। रविंद्र सिंह आनंद ने इस दरगाहपुर सड़क घोटाले पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि आखिर आगे क्या कार्रवाई हो सकती है और जनता के लिए यह प्रमुख सवाल बना हुआ है कि इस मामले की जांच में क्या सामने आएगा।1
- देहरादून में एसएसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सेलाकुई पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा और विवाद कर रहे पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चकराता रोड स्थित मिलन चौक के पास हुई, जहाँ दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा था और वे मारपीट पर उतारू थे। पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, मामला शांत होने के बजाय और बढ़ गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से इन पाँच व्यक्तियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, मारपीट या कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- भारी बारिश के चलते हरिद्वार की सड़कें एक बार फिर जलमग्न हो गई हैं। शहर के रानीपुर मोड़ की सड़क तालाब में तब्दील हो गई है, जिससे आवाजाही पर असर पड़ा है। इस समस्या को देखकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि हरिद्वार को इस जलभराव की समस्या से कभी निजात मिल पाएगी या नहीं।1
- लक्सर की बदहाल सड़क पर फूटा जनता का गुस्सा! | फैजान भाई ने विधायक मोहम्मद शहजाद से की निर्माण की मांग | Sultanpur Road News1
- हरिद्वार का चंद्राचार्य चौक बारिश में शहर के सर्वाधिक जलभराव से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में से एक है। पिछले दस सालों से इस क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्ष 2016 में हरीश रावत सरकार ने बारिश से पहले यहाँ पंप स्थापित किए थे, जिनके माध्यम से मोटर चलाकर पानी बाहर निकाला जाता था। इसके बाद 2017 में अमृत योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से गंगा तक बारिश के पानी की निकासी के लिए एक नाला बनाया गया था। हालांकि, ढाल सही न होने के कारण यह पैसा व्यर्थ चला गया और समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि 2018 में तत्कालीन मेयर मनोज गर्ग ने समुचित जल निकासी में अवरोध बनी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की एक दीवार को स्वयं हथौड़ा लेकर गिरा दिया था। दरअसल, चंद्राचार्य चौक क्षेत्र गहराई में स्थित है और इसके चारों ओर सघन कॉलोनियों का विकास हो चुका है। भेल से आने वाला बरसाती पानी भी यहीं जमा हो जाता है। इस पानी की निकासी के लिए किसी बड़ी और ईमानदार योजना पर काम करने की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश, हर बारिश में इस क्षेत्र में जलभराव को लेकर सिर्फ शोर-शराबा होता है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया जाता, जिसके परिणामस्वरूप हालात अब भी पहले जैसे ही बने हुए हैं।1