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कौशाम्बी में एक बेसमेंट में अवैध रूप से एक लाइब्रेरी संचालित हो रही है, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। यह लाइब्रेरी सिराथू तहसील के नजदीक नहर रोड पर स्थित है। 'सार्थक एकेडमी' के नाम से चल रही इस लाइब्रेरी में न तो फायर एग्जिट गेट बनाया गया है और न ही अग्निशमन यंत्र, अलार्म या स्मोक डिटेक्टर जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं। सुरक्षा के इन महत्वपूर्ण मानकों की उपेक्षा के कारण यहाँ किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
कौशाम्बी में एक बेसमेंट में अवैध रूप से एक लाइब्रेरी संचालित हो रही है, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। यह लाइब्रेरी सिराथू तहसील के नजदीक नहर रोड पर स्थित है। 'सार्थक एकेडमी' के नाम से चल रही इस लाइब्रेरी में न तो फायर एग्जिट गेट बनाया गया है और न ही अग्निशमन यंत्र, अलार्म या स्मोक डिटेक्टर जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं। सुरक्षा के इन महत्वपूर्ण मानकों की उपेक्षा के कारण यहाँ किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
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- 10 न्यूज़ नेशन चैनल पर 24 जून की रात 10 बजे दिनभर की 10 मुख्य खबरें प्रसारित की जाएंगी। यह समाचार अपडेट #tennewsnation और #VOKNews जैसे हैशटैग के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है, जो कौशांबी जिले और उत्तर प्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को कवर करेगा। चैनल ने इसे #NewsUpdate के रूप में प्रचारित किया है, जिसमें जिले और राज्य से जुड़ी वायरल खबरों को भी शामिल किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं, जहां बालू लदे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और सवारियों से भरे सीएनजी ऑटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में ऑटो सवार सात लोगों में से कानपुर निवासी सूर्यांश शुक्ला (24) पुत्र महेश चंद्र और आशीष मिश्रा पुत्र किशोर मिश्रा नामक दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद मंझनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में एकाग्र (8) पुत्र शिवम, निर्मला देवी (65) पत्नी वेद बिहारी, मोहसिन (35) पुत्र मोहम्मद शरीफ, राम सुमेर (35) पुत्र रामकिशन और रेखा देवी पत्नी राजकुमार शर्मा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल में पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। सीओ सदर सहित अन्य पुलिस बल ने अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस इस दर्दनाक हादसे के कारणों की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पश्चिम कोडर गांव निवासी राजेश सरोज, नाथन लाल सरोज और मिथिलेश सरोज ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अहिरन का पुरवा गांव के हार्वेंद्र यादव और राजेंद्र यादव ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। साथ ही, उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहा है और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान कर रहा है। इस पूरे मामले में पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।1
- कौशाम्बी के आर्कोमहावीरपुर फीटर के अंतर्गत पावर हाउस के जे.ई. निशार अहमद पर गंभीर धांधली और मनमानी का आरोप लगा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जे.ई. निशार अहमद द्वारा लाइनमैनों से पैसा वसूलने, बिजली बनाने और बिगाड़ने का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है। उन पर उपभोक्ताओं से फोन पर अनाप-शनाप बातें करने का भी आरोप है, जिसे उनकी आदत बताया गया है। पूर्व में भी उपभोक्ताओं से वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनता का आरोप है कि जे.ई. निशार अहमद की शह पर प्रतिदिन बिजली कटौती, हाफ लाइट और ट्रांसफॉर्मर से फ्यूज उड़ाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से पैसे वसूलकर दो-दो दिन लाइट न बनाने और फिर पैसा लेकर लाइट बनाने का चलन लाइनमैनों का पेशा बन चुका है। ग्राम सभा गौहानी मलाका की जनता इस रवैये से त्रस्त है। जे.ई. निशार अहमद ने उपभोक्ताओं को धमकी देते हुए कहा है कि लाइट बिगड़ने पर वे उन्हें फोन न करें, बल्कि पावर हाउस जाकर शिकायत करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यदि शिकायत करने वाले व्यक्ति के कारण किसी लाइनमैन को कुछ भी होता है, तो उसकी जवाबदारी शिकायतकर्ता की होगी। रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें जे.ई. निशार अहमद स्वयं यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि शिकायतकर्ता जिम्मेदार होगा यदि लाइनमैन को कुछ होता है। जनता का सवाल है कि क्या जे.ई. निशार अहमद का इस तरह उपभोक्ताओं को धमकाना उचित है और क्या उन्हें उच्चाधिकारियों का कोई खौफ नहीं है। आरोप है कि जे.ई. निशार अहमद खुद को पावर हाउस का मालिक समझने लगे हैं। गौहानी मलाका की जनता न्याय की मांग कर रही है और पूछ रही है कि उन्हें इस मनमाने जे.ई. से कब छुटकारा मिलेगा। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्राम सभा गौहानी मलाका से एक बड़ा जन सैलाब निकलेगा और जे.ई. निशार अहमद के मालिकाना हक को पावर हाउस से हटा दिया जाएगा। अब देखना यह है कि क्या कोई उच्चाधिकारी इस बेलगाम जे.ई. पर लगाम लगाएगा।2
- कौशांबी के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने आगामी मोहर्रम के सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाने के संबंध में जनपद में की गई तैयारियों की जानकारी दी है। ये तैयारियाँ मोहर्रम के आयोजन को बिना किसी बाधा के पूरा करने के उद्देश्य से की गई हैं।1
- कौशाम्बी में एक बेसमेंट में अवैध रूप से एक लाइब्रेरी संचालित हो रही है, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। यह लाइब्रेरी सिराथू तहसील के नजदीक नहर रोड पर स्थित है। 'सार्थक एकेडमी' के नाम से चल रही इस लाइब्रेरी में न तो फायर एग्जिट गेट बनाया गया है और न ही अग्निशमन यंत्र, अलार्म या स्मोक डिटेक्टर जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं। सुरक्षा के इन महत्वपूर्ण मानकों की उपेक्षा के कारण यहाँ किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।1
- कौशांबी जिले के जवई क्षेत्र में, 'वॉइस ऑफ कौशांबी' न्यूज़ चैनल की तरफ से सरबत का वितरण किया गया है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से गरमी से संबंधित खबरों के संदर्भ में सामने आया है, जो सिराथू और कौशांबी जिले की स्थानीय गतिविधियों को दर्शाता है।1
- पूर्व RAW अधिकारी लकी बिष्ट ने घोषणा की है कि वे बिहार आ रहे हैं। यह जानकारी खुद बिष्ट ने साझा की है।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड हादसे के स्थल पर पहुंचे फायर कर्मचारियों ने अपने ही फायर डिपार्टमेंट की कमियों और खामियों को उजागर किया है। घटनास्थल पर मौजूद इन कर्मचारियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसकी पोल खोल दी, जिससे विभाग की वास्तविक स्थिति सामने आई।1