वार्ड संख्या-25 में विकास को लेकर जनता और पूर्व वार्ड पार्षद आमने-सामने हवेली खड़गपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-25 में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि न तो पूर्व वार्ड पार्षद के कार्यकाल में उनकी समस्याओं का समाधान हुआ और न ही वर्तमान वार्ड पार्षद के कार्यकाल में अपेक्षित काम हो रहा है। लोगों ने सड़क, नाला, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की। वहीं, इन आरोपों पर पूर्व वार्ड पार्षद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में उपलब्ध संसाधनों और स्वीकृत योजनाओं के अनुसार विकास कार्य कराए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कई योजनाएं पूरी की गईं और कुछ कार्य प्रशासनिक या अन्य कारणों से लंबित रह गए। आखिर वार्ड संख्या-25 की जमीनी हकीकत क्या है? जनता के आरोप और पूर्व वार्ड पार्षद की सफाई—दोनों पक्षों को सुनिए इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में।
वार्ड संख्या-25 में विकास को लेकर जनता और पूर्व वार्ड पार्षद आमने-सामने हवेली खड़गपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-25 में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि न तो पूर्व वार्ड पार्षद के कार्यकाल में उनकी समस्याओं का समाधान हुआ और न ही वर्तमान वार्ड पार्षद के कार्यकाल में अपेक्षित काम हो रहा है। लोगों ने सड़क, नाला, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की। वहीं, इन आरोपों पर पूर्व वार्ड पार्षद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में उपलब्ध संसाधनों और स्वीकृत योजनाओं के अनुसार विकास कार्य कराए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कई योजनाएं पूरी की गईं और कुछ कार्य प्रशासनिक या अन्य कारणों से लंबित रह गए। आखिर वार्ड संख्या-25 की जमीनी हकीकत क्या है? जनता के आरोप और पूर्व वार्ड पार्षद की सफाई—दोनों पक्षों को सुनिए इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में।
- वार्ड संख्या-25 में विकास को लेकर जनता और पूर्व वार्ड पार्षद आमने-सामने हवेली खड़गपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-25 में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि न तो पूर्व वार्ड पार्षद के कार्यकाल में उनकी समस्याओं का समाधान हुआ और न ही वर्तमान वार्ड पार्षद के कार्यकाल में अपेक्षित काम हो रहा है। लोगों ने सड़क, नाला, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की। वहीं, इन आरोपों पर पूर्व वार्ड पार्षद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में उपलब्ध संसाधनों और स्वीकृत योजनाओं के अनुसार विकास कार्य कराए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कई योजनाएं पूरी की गईं और कुछ कार्य प्रशासनिक या अन्य कारणों से लंबित रह गए। आखिर वार्ड संख्या-25 की जमीनी हकीकत क्या है? जनता के आरोप और पूर्व वार्ड पार्षद की सफाई—दोनों पक्षों को सुनिए इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में।1
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- दूसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी भीड़, उल्टा स्थान महादेव में लगा तांता तारापुर सावन की दूसरी सोमवारी पर तारापुर प्रखंड के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा। प्रसिद्ध तारेश्वरनाथ उल्टा स्थान महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि मंदिर की स्थापना 750 ईस्वी में पालवंश के राजा ने कराई थी। मंदिर की अनोखी बनावट के कारण इसे उल्टा स्थान महादेव कहा जाता है। यहां भगवान शिव की प्रतिमा पूरब और मां पार्वती की प्रतिमा पश्चिम दिशा में स्थापित है। जीर्णोद्धार के दौरान मंदिर में पंचमुखी महादेव की प्रतिमा स्थापित की गई, जिसे क्षेत्र का इकलौता पंचमुखी शिवलिंग माना जाता है। मंदिर की खास मान्यता है कि हर वर्ष जून के आसपास गर्भगृह में रहस्यमय तरीके से पानी भर जाता है और अगस्त तक शिवलिंग जल में डूबा रहता है। पुजारी पंडित ब्रजेश मिश्र बताते हैं कि बाबा तारेश्वरनाथ तारापुर के अधिपति और महादेव का संध्या निवास माने जाते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से पूजा करने पर बाबा मनोकामना पूरी करते हैं।1
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- वाटर कूलर के पास छूटा जेवरात से भरा बैग, रेलकर्मी की ईमानदारी से महिला को मिला वापस वाटर कूलर के पास छूटा जेवरात से भरा बैग, रेलकर्मी की ईमानदारी से महिला को मिला वापस1
- मुफस्सिल थाने से गायब ट्रक मामले में एसपी की बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज मुंगेर। मुफस्सिल थाना परिसर से जब्त ट्रक के गायब होने के मामले में जांच रिपोर्ट के बाद एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में थाना मुंशी सिपाही 725 अरविंद कुमार और 3 जुलाई 2026 को ओडी ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त एसआई धनंजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह को कर्तव्य के प्रति बरती गई लापरवाही के आरोप में निलंबन के लिए पुलिस उप-महानिरीक्षक, मुंगेर क्षेत्र को अनुशंसा भेजी गई है।1
- # प्रेस विज्ञप्ति **समाहरणालय, खगड़िया** **दिनांक : 11 अगस्त, 2026** ## विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित **खगड़िया, 11 अगस्त 2026।** विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराने के उद्देश्य से मंगलवार को खेल भवन, खगड़िया के प्रांगण में जिला स्तरीय **‘पंच सम्मेलन’** का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद, खगड़िया की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव, निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, खगड़िया एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के उद्देश्यों, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियों, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के निर्माण एवं अनुमोदन, परिवारों के पंजीकरण तथा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यों की योजना तैयार करने, स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी एवं परिसंपत्तियों के रखरखाव, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण, कार्यों में पारदर्शिता, शिकायतों के समाधान, सामाजिक जवाबदेही एवं सामाजिक अंकेक्षण सहित अधिनियम के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि योजना के तहत केंद्र एवं राज्य के बीच फंड शेयरिंग का अनुपात **60:40** है। राज्य सरकारें खेती के बुआई एवं कटाई के महत्वपूर्ण समय के दौरान कुल 60 दिनों की ऐसी अवधि अधिसूचित कर सकेंगी, जिसमें योजना के तहत कार्य नहीं कराया जाएगा। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर समितियों के गठन का प्रावधान है। विकास के मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का तीन श्रेणियों में वर्गीकरण तथा प्रधानमंत्री गतिशक्ति के अनुरूप एकीकृत विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के निर्माण की जानकारी भी दी गई। साथ ही प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने के प्रावधान से भी अवगत कराया गया। प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी द्वारा बताया गया कि **विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 दिनांक 01 जुलाई 2026 से प्रभावी है।** इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप **125 दिनों के रोजगार की गारंटी** प्रदान करने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों की पहचान, योजना निर्माण तथा स्वीकृत कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वयन किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, क्रियान्वयन, निगरानी, परिसंपत्तियों के रखरखाव, पारदर्शिता एवं सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सम्मेलन के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिनियम एवं योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर प्रश्न पूछे गए, जिनका उत्तर श्री मनीश कुमार, निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, खगड़िया द्वारा दिया गया। जिला परिषद अध्यक्ष सहित सभी प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य एवं मुखियागण ने सम्मेलन को उपयोगी एवं महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी सराहना की तथा जिला प्रशासन की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। विस्तृत प्रशिक्षण एवं प्रस्तुतीकरण के दौरान विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त श्री राम अकबाल पंडित, प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी; श्री रनिश कुमार, जिला वित्त प्रबंधक, डीआरडीए; श्री अमन कुमार सिन्हा, सहायक अंकेक्षक, डीआरडीए; श्री रंजीत कुमार, युवा पेशेवर तथा श्री रवि रंजन, कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी, प्रखंड बेलदौर द्वारा योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। सम्मेलन के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों, उनकी भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधि-प्रशासन समन्वय को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।1
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