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विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर
JANATA 1 NEWS
विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर
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- उड़ान जीविका महिला प्रशिक्षण एवं शिक्षण केंद्र नवादा का सातवीं वार्षिक आम सभा का आयोजन (नवादा) उड़ान जीविका महिला प्रशिक्षण एवं शिक्षण केंद्र नवादा का सातवीं वार्षिक आम सभा का आयोजन (नवादा) उड़ान जीविका महिला प्रशिक्षण एवं शिक्षण स्वालम्बी सहकारी समिति लिमिटेड नवादा के वार्षिक आम सभा का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन उड़ान जीविका के निदेशक मंडल कि दीदियाँ एवं प्रशिक्षण अधिकारी ने सयुंक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सभा में समिति सचिव के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया तथा आगामी वर्ष का प्लान बताया गया। और अध्यक्ष रूपा कुमारी के धन्यवाद झापन द्वारा वार्षिक आम सभा का समापन किया गया। इस वार्षिक आम सभा में नवादा जिले के सभी 14 प्रखंडो के 40 संकुल स्तरीय संघ कि सैंकड़ो दीदियों के साथ-साथ प्रबंधक आई.बी.सी.बी. जीविका पिंटू कुमार चौधरी, प्रशिक्षण अधिकारी सुचित्रा कुमारी, टीएलसी के पूर्व फैसिलिटेटर मुकेश कुमार, को-आर्डिनेटर संजीत कुमार, रात्रि प्रहरी रवि रंजन मौजूद रहे।3
- अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ पर बीजेपी का आवेदन अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ के मामले में आज बीजेपी की ओर से अरगोड़ा थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में इस घटना की शिकायत की गई है और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। बीजेपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस से शीघ्र मामले की जांच कर दोषियों को सजा देने की अपील की है। इस घटना ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है। अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ पर बीजेपी का आवेदन अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ के मामले में आज बीजेपी की ओर से अरगोड़ा थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में इस घटना की शिकायत की गई है और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। बीजेपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस से शीघ्र मामले की जांच कर दोषियों को सजा देने की अपील की है। इस घटना ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है।1
- पटना शिक्षक और स्नातक MLC चुनाव #डॉ. संजीव का नामांकन पहले दिन यानि 29 सितंबर को #डॉ अनुज #नीरज #दिव्या ज्योति के नामांकन की तारीख भी तय #BJP और कांग्रेस ने अबतक घोषित नहीं किया अपना प्रत्याशी...!1
- तिलैया थाना क्षेत्र स्थित गुमो पुल पर सोमवार को खराब खड़ी पिकअप में बाइक सवार ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चतरा के मंझगांवा निवासी 30 वर्षीय अमरजीत सिंह की मौत हो गई। हेलमेट नहीं पहनने के कारण सिर में गंभीर चोट लगी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। तिलैया थाना क्षेत्र स्थित गुमो पुल पर सोमवार को खराब खड़ी पिकअप में बाइक सवार ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चतरा के मंझगांवा निवासी 30 वर्षीय अमरजीत सिंह की मौत हो गई। हेलमेट नहीं पहनने के कारण सिर में गंभीर चोट लगी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- हजारीबाग पुराना समाहरणालय अवस्थित प्रसिद्ध हनुमान जी का संध्या आरती दर्शन1
- सुबह की हेल्थ से संबंधित पांच महत्वपूर्ण टिप्स... सुबह की हेल्थ से संबंधित पांच महत्वपूर्ण टिप्स सुबह की हेल्थ से संबंधित पांच महत्वपूर्ण टिप्स बरकट्ठा की आवाज। Barkatha ki Awaz1
- @नवादा #वारिसलीगंज में अडानी समूह के अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री का उदघाटन जल्द #CM सम्राट चौधरी का होगा आगमन #जानिए..!1
- एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1