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एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

21 hrs ago
user_कौशल पाण्डेय
कौशल पाण्डेय
नवादा, नवादा, बिहार•
21 hrs ago

एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा रिपोर्ट : कौशल पांडेय सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया। मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा

रिपोर्ट : कौशल पांडेय

सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस 
मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की 
एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए
वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया।
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एफसीआई चावल मामले में एमओ-पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, ‘मैनेज’ की चर्चा
रिपोर्ट : कौशल पांडेय
सतगावां। सतगावां थाना क्षेत्र में एफसीआई के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दुकानदारों और डीलरों द्वारा सरकारी चावल की खरीद-बिक्री कर उसे खुले बाजार में खपाया जा रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई के बजाय कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि रविवार को बासोडीह में मरकच्चो की एक पिकअप गाड़ी संख्या JH12T-2700 से करीब 50 बोरा एफसीआई का चावल और लगभग 15 बोरा महुआ ले जाए जाने की सूचना सामने आई। इसी दौरान कलीडीह के एक व्यापारी द्वारा पुलिस को इसकी बात सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को पकड़कर सतगावां थाना के द्वारा ले जाया गया। इसके बाद मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा होने लगी कि मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया गया है।हालांकि,इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की हुई है।फिर इस 
मामले की जानकारी खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हस्तक्षेप किए जाने और वाहन को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस बात की सूचना सतगावां थाना को एक बार से दो बार दे दिया गया है। खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विकाश कुमार ने बताया की 
एसआईआर को लेकर जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक थी, जिसके कारण वे जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए
वहीं, मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामूडीह निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया कि सतगावां थाना के द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर थाना ले जाया गया था।उसने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10-15 दिन पहले भी एक वाहन को कैंप के निकट पकड़ा गया था, जिसे कथित रूप से लेन-देन के बाद छोड़ दिया गया।
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वाहन में लदा चावल कहां से आया था और वह किसके नाम से आवंटित था। यदि जांच में चावल सरकारी एफसीआई का पाया गया,तो करवाई क्यों नहीं की गई,अगर दुकान दुकान से टूटा हुआ चावल कोई व्यापारी द्वारा खरीदा जाता है पुलिस के द्वारा क्यों पकड़ कर ले जाया गया।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होना चाहिए कि चावल वैध तरीके से ले जाया जा रहा था या सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी से इसका संबंध है। साथ ही वाहन मालिक,चालक, संबंधित डीलर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल मामला जांच का विषय है। खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच एवं कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_कौशल पाण्डेय
    कौशल पाण्डेय
    नवादा, नवादा, बिहार•
    21 hrs ago
  • राहुल गांधी का बड़ा दावा: बेला एस्टेट में 728 में से सिर्फ 1 वोटर का नाम बचा! कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट का मामला उठाते हुए दावा किया कि वहां 728 लोग रहते हैं, लेकिन SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक व्यक्ति का नाम बचा है। उनके मुताबिक, बाकी 727 लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। क्या है पूरा मामला? SIR के बाद वोटर लिस्ट में नाम कटने के इस दावे ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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    राहुल गांधी का बड़ा दावा: बेला एस्टेट में 728 में से सिर्फ 1 वोटर का नाम बचा!

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट का मामला उठाते हुए दावा किया कि वहां 728 लोग रहते हैं, लेकिन SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक व्यक्ति का नाम बचा है। उनके मुताबिक, बाकी 727 लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए।
क्या है पूरा मामला? SIR के बाद वोटर लिस्ट में नाम कटने के इस दावे ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
    user_Bihar Sharif Times
    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    9 hrs ago
  • PM आवास योजना में कथित अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने घेरा राजगीर प्रखंड कार्यालय राजगीर प्रखंड कार्यालय में सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 500 रुपये तक की राशि ली गई, लेकिन बाद में सूची से उनका नाम हटा दिया गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में बीडीओ एजाज अहमद ने ग्रामीणों को जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पात्र लाभुकों की जानकारी लेकर जांच के बाद वंचित लोगों के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
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    PM आवास योजना में कथित अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने घेरा राजगीर प्रखंड कार्यालय
राजगीर प्रखंड कार्यालय में सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 500 रुपये तक की राशि ली गई, लेकिन बाद में सूची से उनका नाम हटा दिया गया।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में बीडीओ एजाज अहमद ने ग्रामीणों को जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पात्र लाभुकों की जानकारी लेकर जांच के बाद वंचित लोगों के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
    user_Sanjay Kumar
    Sanjay Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    10 hrs ago
  • निलंबित शिक्षकों के समर्थन में सड़क पर उतरे छात्र, प्रबंधन समिति के आश्वासन पर लौटे कक्षा में वजीरगंज। जमुआंवा 10+2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों के निलंबन के विरोध में छात्र विद्यालय गेट के सामने सड़क पर उतरकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों की प्रमुख मांगों में निलंबित शिक्षकों की पुनर्बहाली, विद्यालय में अधिक फीस लिए जाने की शिकायत, बेहतर पठन-पाठन की व्यवस्था और विद्यालय की अन्य समस्याओं का समाधान शामिल था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगें विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के समक्ष रखीं। छात्रों का कहना था कि निलंबित शिक्षकों को वापस विद्यालय में पदस्थापित किया जाए तथा पूर्व में हुई जांच की दोबारा जांच कराई जाए। मामले को शांत कराने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही नई विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन कर छात्रों की सभी मांगों को लिखित रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा और उनके समाधान के लिए पहल की जाएगी। समिति के इस आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए और वापस अपने-अपने कक्षा-कक्ष में चले गए। इसके बाद विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य दोबारा सुचारु रूप से संचालित हो सका। इधर, तीन शिक्षकों के निलंबन के साथ-साथ विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, फीस वसूली और प्रधानाध्यापक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों की दोबारा जांच की मांग के बाद अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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    निलंबित शिक्षकों के समर्थन में सड़क पर उतरे छात्र, प्रबंधन समिति के आश्वासन पर लौटे कक्षा में
वजीरगंज। जमुआंवा 10+2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों के निलंबन के विरोध में छात्र विद्यालय गेट के सामने सड़क पर उतरकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों की प्रमुख मांगों में निलंबित शिक्षकों की पुनर्बहाली, विद्यालय में अधिक फीस लिए जाने की शिकायत, बेहतर पठन-पाठन की व्यवस्था और विद्यालय की अन्य समस्याओं का समाधान शामिल था।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगें विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के समक्ष रखीं। छात्रों का कहना था कि निलंबित शिक्षकों को वापस विद्यालय में पदस्थापित किया जाए तथा पूर्व में हुई जांच की दोबारा जांच कराई जाए।
मामले को शांत कराने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही नई विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन कर छात्रों की सभी मांगों को लिखित रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा और उनके समाधान के लिए पहल की जाएगी। समिति के इस आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए और वापस अपने-अपने कक्षा-कक्ष में चले गए। इसके बाद विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य दोबारा सुचारु रूप से संचालित हो सका।
इधर, तीन शिक्षकों के निलंबन के साथ-साथ विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, फीस वसूली और प्रधानाध्यापक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों की दोबारा जांच की मांग के बाद अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
    user_Dhirendra Kumar Verma
    Dhirendra Kumar Verma
    वजीरगंज, गया, बिहार•
    14 hrs ago
  • राहुल कुमार ने NEET-PG में हासिल की ऑल इंडिया 1424वीं रैंक राहुल कुमार ने NEET-PG में हासिल की ऑल इंडिया 1424वीं रैंक माध्यमिक एवं आकांक्षा परीक्षा में सफलता के बाद NEET-PG में भी शानदार प्रदर्शन, विद्यालय परिवार ने दी बधाई
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    राहुल कुमार ने NEET-PG में हासिल की ऑल इंडिया 1424वीं रैंक
राहुल कुमार ने NEET-PG में हासिल की ऑल इंडिया 1424वीं रैंक
माध्यमिक एवं आकांक्षा परीक्षा में सफलता के बाद NEET-PG में भी शानदार प्रदर्शन, विद्यालय परिवार ने दी बधाई
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media house कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर
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    विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर

विश्व रेबीज दिवस पर कोडरमा में लगेगा नि:शुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media house कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • कोडरमा के डोमचांच में 13 डिसमिल जमीन को लेकर परिवार का धरना-प्रदर्शन। परिवार का आरोप है कि पुश्तैनी जमीन के रिकॉर्ड/म्यूटेशन को लेकर गड़बड़ी की कोशिश हुई। परिवार ने अंचल कार्यालय में एकदिवसीय धरना देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।
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    कोडरमा के डोमचांच में 13 डिसमिल जमीन को लेकर परिवार का धरना-प्रदर्शन।
परिवार का आरोप है कि पुश्तैनी जमीन के रिकॉर्ड/म्यूटेशन को लेकर गड़बड़ी की कोशिश हुई। परिवार ने अंचल कार्यालय में एकदिवसीय धरना देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।
    user_Sunil Kumar journalist
    Sunil Kumar journalist
    Local News Reporter Koderma, Jharkhand•
    13 hrs ago
  • बिना दवा और सर्जरी के फिजियोथेरेपी से संभव है गंभीर बीमारियों का इलाज: डॉ. अमेश कुमार सागर बिना दवा और सर्जरी के फिजियोथेरेपी से संभव है गंभीर बीमारियों का इलाज: डॉ. अमेश कुमार सागर
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    बिना दवा और सर्जरी के फिजियोथेरेपी से संभव है गंभीर बीमारियों का इलाज: डॉ. अमेश कुमार सागर
बिना दवा और सर्जरी के फिजियोथेरेपी से संभव है गंभीर बीमारियों का इलाज: डॉ. अमेश कुमार सागर
    user_RAVI CHHABRA NEWS ACTIVE KODERMA BUREAU CHIEF
    RAVI CHHABRA NEWS ACTIVE KODERMA BUREAU CHIEF
    Media house कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • *परनाडाबर थाना क्षेत्र में बिना पानी वाले कुएं से मिला युवक का शव,200 मीटर दूर खरोंची नंबर वाली बाइक बरामद* एंकर:-नवादा जिला के परनाडाबर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर के समीप सोमवार को बगीचे में बिना पानी वाले कम गहरे कुएं से अधजला शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।सूचना मिलते ही रजौली एसडीपीओ केतन अशोक इंगोले, सिरदला बीडीओ अमित कुमार और परनाडाबर थानाध्यक्ष हरिकांत कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन जुट गए।रजौली एसडीपीओ ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली थी कि एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव कम गहरे और पानी रहित कुएं में पड़ा है।पुलिस टीम के पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई।जांच के क्रम में मृतक की पहचान मेसकौर थाना क्षेत्र के चंदाबारा गांव निवासी करीब 20 वर्षीय सूफी चौहान के रूप में हुई।मृतक के पिता महेंद्र चौहान ने बताया कि उनका बेटा रविवार को घर से बिना किसी को बताए निकला था।रविवार शाम करीब तीन बजे से उसका मोबाइल फोन बंद बता रहा था।इसके बाद परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की।लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।परिजनों ने उसके लापता होने को लेकर किसी थाने में आवेदन नहीं दिया था।सोमवार सुबह परनाडाबर थाना क्षेत्र में अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली।इसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे और शव की पहचान अपने बेटे सूफी चौहान के रूप में की।पिता महेंद्र चौहान ने बेटे की मौत को लेकर उसके ससुराल पक्ष पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सूफी की शादी करीब छह माह पहले पकरीबरावां थाना क्षेत्र के मठ महेशपुर गांव में हुई थी।शादी के बाद पत्नी से विवाद होने की बात परिवार को पता चलती थी। हालांकि, ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है
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    *परनाडाबर थाना क्षेत्र में बिना पानी वाले कुएं से मिला युवक का शव,200 मीटर दूर खरोंची नंबर वाली बाइक बरामद* 
एंकर:-नवादा जिला के परनाडाबर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर के समीप सोमवार को बगीचे में बिना पानी वाले कम गहरे कुएं से अधजला शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।सूचना मिलते ही रजौली एसडीपीओ केतन अशोक इंगोले, सिरदला बीडीओ अमित कुमार और परनाडाबर थानाध्यक्ष हरिकांत कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन जुट गए।रजौली एसडीपीओ ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली थी कि एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव कम गहरे और पानी रहित कुएं में पड़ा है।पुलिस टीम के पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई।जांच के क्रम में मृतक की पहचान मेसकौर थाना क्षेत्र के चंदाबारा गांव निवासी करीब 20 वर्षीय सूफी चौहान के रूप में हुई।मृतक के पिता महेंद्र चौहान ने बताया कि उनका बेटा रविवार को घर से बिना किसी को बताए निकला था।रविवार शाम करीब तीन बजे से उसका मोबाइल फोन बंद बता रहा था।इसके बाद परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की।लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।परिजनों ने उसके लापता होने को लेकर किसी थाने में आवेदन नहीं दिया था।सोमवार सुबह परनाडाबर थाना क्षेत्र में अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली।इसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे और शव की पहचान अपने बेटे सूफी चौहान के रूप में की।पिता महेंद्र चौहान ने बेटे की मौत को लेकर उसके ससुराल पक्ष पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सूफी की शादी करीब छह माह पहले पकरीबरावां थाना क्षेत्र के मठ महेशपुर गांव में हुई थी।शादी के बाद पत्नी से विवाद होने की बात परिवार को पता चलती थी। हालांकि, ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है
    user_S RAJ news chainal
    S RAJ news chainal
    रजौली, नवादा, बिहार•
    4 hrs ago
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