राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय काफी गरमा गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होने के तुरंत बाद वरिष्ठ वामपंथी नेता बृंदा करात खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके साथ खड़ी हुईं। बृंदा करात ने प्रदर्शनकारियों का पुरजोर समर्थन करते हुए सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि देश में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोगों की आवाज़ को बलपूर्वक रोकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी मांगें रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। इसके विपरीत, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा के मद्देनजर ही आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस झड़प और हंगामे के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और वहां फिलहाल प्रदर्शन लगातार जारी है।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय काफी गरमा गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होने के तुरंत बाद वरिष्ठ वामपंथी नेता बृंदा करात खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके साथ खड़ी हुईं। बृंदा करात ने प्रदर्शनकारियों का पुरजोर समर्थन करते हुए सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि देश में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोगों की आवाज़ को बलपूर्वक रोकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी मांगें रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। इसके विपरीत, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा के मद्देनजर ही आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस झड़प और हंगामे के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और वहां फिलहाल प्रदर्शन लगातार जारी है।
- राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय काफी गरमा गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होने के तुरंत बाद वरिष्ठ वामपंथी नेता बृंदा करात खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके साथ खड़ी हुईं। बृंदा करात ने प्रदर्शनकारियों का पुरजोर समर्थन करते हुए सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि देश में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोगों की आवाज़ को बलपूर्वक रोकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी मांगें रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। इसके विपरीत, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा के मद्देनजर ही आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस झड़प और हंगामे के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और वहां फिलहाल प्रदर्शन लगातार जारी है।1
- क्रीड़ा भारती जोधपुर प्रांत आगामी 26 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' का आयोजन करने जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम के लिए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। रविवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह देश के सैनिकों के अदम्य साहस, अटल संकल्प, राष्ट्र के प्रति समर्पण और उनके सर्वोच्च बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि जो देश अपने वीरों का सम्मान नहीं करता, वह कभी महान नहीं हो सकता। राष्ट्र को महान बनाने के लिए वीरों का सम्मान और नायकों पर गर्व करना बेहद आवश्यक है। आगामी 26 जुलाई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में तोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 5140 और श्रीपिंगा जैसी महत्वपूर्ण चोटियों पर भारतीय सेना द्वारा दिखाए गए अद्वितीय शौर्य को प्रतीकात्मक रूप से सजीव किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों को उन कठिन परिस्थितियों का अनुभव कराना है, जिनमें भारतीय सैनिकों ने विजय प्राप्त की थी। इस कार्यक्रम में कारगिल के शहीदों और सैनिकों का सम्मान किया जाएगा, साथ ही युद्ध के सभी ज्ञात एवं अज्ञात सीमा प्रहरियों के प्रति सामूहिक रूप से कृतज्ञता प्रकट की जाएगी।1
- हरियाणा के सिरसा जिले के ऐलनाबाद अंतर्गत गांव ठोबरिया के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पंचायत द्वारा वाटर कूलर लगवाया गया है।1
- श्री गंगानगर में जिला कलेक्टर कार्यालय के आगे अनिल गोदारा के नेतृत्व में पिछले 465 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त हो गया है। यह धरना गणेशगढ़ चौकी प्रभारी राकेश शर्मा को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजे जाने के बाद खत्म किया गया। इस दौरान धरना स्थल पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आरएलपी पंचायत समिति डायरेक्टर हसन मोहम्मद उपस्थित रहे। धरना समाप्त होने पर अनिल गोदारा और रिटायर्ड कर्मचारी ओमप्रकाश मेघवाल ने जिला पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक और स्थानीय विधायक जयदीप बिहानी का तहे दिल से धन्यवाद जताया, जिन्होंने धरनार्थियों की पीड़ा को समझा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि धरना भले ही समाप्त कर दिया गया है, लेकिन मामले में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस मौके पर एडवोकेट सुरेंद्र धारणीया, बृजेश ताखर और बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।2
- Hiring Job Title : घर बैठे कॉलिंग का काम Company / Shop : लीड गुरु कंपनी डिजिटल मार्केटिंग जयपुर Job Field : कॉलिंग का काम Locality : ऑल ओवर इंडिया Job Type : Part Time Required Work Experience : Fresher आपको कंपनी की तरफ से 15 से 20 नंबर दिए जाएंगे उसे पर आपको कॉल करना होगा जो कंपनी आपको डाटा देती है वह डाटा उन कस्टमर को बताना होता है ।2
- हनुमानगढ़ में ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन द्वारा चक्काजाम कर आंदोलन तेज कर दिया गया है। ट्रक ऑपरेटरों की मुख्य मांग वाहनों में वीएलटीडी (VLTD) डिवाइस लगाने की अनिवार्यता को पूरी तरह से हटाना है। केंद्र सरकार और आरटीओ (RTO) द्वारा परमिट और फिटनेस के लिए इस डिवाइस को अनिवार्य किए जाने के विरोध में ट्रक यूनियन ने यह कड़ा कदम उठाया है। इस चक्काजाम का सीधा असर भारतमाला रोड सहित राजस्थान के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर देखने को मिल रहा है।1
- श्रीगंगानगर में तड़के आग का भीषण तांडव देखने को मिला है, जहाँ सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित एक गत्ता फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड हो गया। करीब 3 घंटे की कड़ी जंग के बाद इस महाविनाश को टाल दिया गया है।1
- जोधपुर के लॉ कॉलेज के पीछे स्थित एस.बी. गार्डन में आयोजित द्वितीय माली युवक-युवती परिचय सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हो गया है। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ संयोजक बलवीर भाटी ने समाज के गणमान्य अतिथियों, जिनमें न्यायाधीश देवेंद्र कच्छवाह, सांवलसिंह सांखला, समुंदरसिंह परिहार, नरेश परिहार, श्रवण सांखला, डॉ. तेज कंवर, राकेश गहलोत, दीपक गहलोत एवं सुखसिंह गहलोत शामिल थे, की गरिमामयी उपस्थिति में किया। इस विशेष सम्मेलन के दौरान समाज के 90 युवकों और 40 युवतियों का आपस में परिचय कराया गया। इस आयोजन के मंच से समाज की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और समसामयिक विषयों पर गंभीर विचार-मंथन किया गया। वक्ताओं ने समाज में समय पर विवाह नहीं होना, शिक्षा व आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, सामाजिक कुरीतियां, विवाह में बढ़ता अनावश्यक खर्च, संस्कारों का क्षरण, तलाक की बढ़ती घटनाएं, मोबाइल के दुष्प्रभाव तथा संयुक्त परिवारों के विघटन जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। वक्ताओं ने समाज के लोगों से समय पर विवाह को प्रोत्साहित करने तथा समाज में फैली भ्रांतियों और कुरीतियों को दूर करने का पुरजोर आह्वान किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में उषा भाटी, जवरीलाल भाटी, राकेश सांखला, अर्जुन टाक, वीरेंद्र गहलोत, मुकेश गहलोत, मोहन सिंह गहलोत, मनीष गहलोत, दीपक गहलोत, रणवीर सिंह गहलोत, जगदीश देवड़ा एवं रुद्र प्रताप भाटी सहित कई कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। इसके साथ ही आयोजकों ने यह भी जानकारी साझा की है कि आगामी अगस्त माह में आयोजित होने वाले तृतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।1