जौनपुर के बदलापुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व विधायक बाबा दूबे ने इस मामले में बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बाबा दूबे ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर की कहानी कई सवाल खड़े करती है और आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत हुई थी या नहीं। पूर्व विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की गई कार्रवाई की आशंकाओं की भी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि एनकाउंटर वास्तविक है तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए, और यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबा दूबे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी विवादित मामले में सत्य सामने आना ही चाहिए।
जौनपुर के बदलापुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व विधायक बाबा दूबे ने इस मामले में बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बाबा दूबे ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर की कहानी कई सवाल खड़े करती है और आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत हुई थी या नहीं। पूर्व विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की गई कार्रवाई की आशंकाओं की भी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि एनकाउंटर वास्तविक है तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए, और यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबा दूबे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी विवादित मामले में सत्य सामने आना ही चाहिए।
- जौनपुर के बदलापुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व विधायक बाबा दूबे ने इस मामले में बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बाबा दूबे ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर की कहानी कई सवाल खड़े करती है और आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत हुई थी या नहीं। पूर्व विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की गई कार्रवाई की आशंकाओं की भी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि एनकाउंटर वास्तविक है तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए, और यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबा दूबे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी विवादित मामले में सत्य सामने आना ही चाहिए।1
- बदलापुर विकास खंड स्थित शाहपुर गौशाला में गुरुवार को भीमसैनी/निर्जला एकादशी व्रत के पावन अवसर पर गौसेवा का सराहनीय कार्य किया गया। इस दौरान अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गौसेवा के विशेष महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक पर्वों पर किए गए सेवा कार्य समाज में सकारात्मक प्रेरणा प्रदान करते हैं। गौशाला प्रबंधन ने इस सहयोग के लिए अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नियमित रूप से गौसंरक्षण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।1
- जौनपुर जिले के मछली शहर स्थित बंधवा बाजार के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। बताया गया है कि बिजली कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण बाजार के बाहर के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बुरी तरह गड़बड़ा गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह से लेकर रात 10 बजे तक बिजली नहीं आती, जिसके कारण लोग पंखे झलते हुए रात बिताने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था के चलते सरकार द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर किए गए सभी दावे पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं। कर्मचारियों की इस लापरवाही ने शासन की पूरी व्यवस्था पर पानी फेर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर में, एक अधिवक्ता ने सौम्या से जुड़े एक मामले को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है। अधिवक्ता ने कहा कि वह इस मामले के संबंध में सात बार आए, लेकिन इसके बावजूद वे इस पूरे मुद्दे को समझ नहीं पाए।1
- पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर के निर्देश पर, रानीगंज पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अभियुक्त मनोज कुमार पुत्र मोहनलाल यादव को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत प्रतापगढ़ जनपद की सीमा से 6 माह की अवधि के लिए निष्कासित (जनपद बदर) कर दिया है। यह कार्रवाई जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रभावी अभियान का हिस्सा है। मनोज कुमार, निवासी ग्राम भागीपुर विराहिमपुर, थाना रानीगंज, जनपद प्रतापगढ़ के विरुद्ध रानीगंज थाने में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक आचरण और क्षेत्र में भय तथा आतंक का वातावरण उत्पन्न करने की प्रवृत्ति के कारण उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई थी। इस प्रकरण में माननीय जिला मजिस्ट्रेट प्रतापगढ़ श्री अभिषेक पाण्डेय ने वाद संख्या-1412/2025 के अंतर्गत आदेश पारित कर उसे जनपद प्रतापगढ़ की सीमा से निष्कासित किया है। दिनांक 25.06.2026 को थाना रानीगंज पुलिस ने अभियुक्त के निवास स्थान पर पहुंचकर न्यायालय द्वारा पारित आदेश की विधिवत तामील कराई। अभियुक्त को आदेश की समस्त शर्तों और प्रतिबंधों से अवगत कराने के साथ-साथ ग्रामवासियों की उपस्थिति में यह चेतावनी दी गई कि यदि निष्कासन अवधि के दौरान वह प्रतापगढ़ जनपद की सीमा या अपने निवास स्थान के आसपास पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस अभिरक्षा में उसे नियमानुसार जनपद प्रतापगढ़ की सीमा से बाहर किया गया। इस पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई है। अभियुक्त मनोज कुमार का आपराधिक इतिहास इस प्रकार है: मु0अ0सं0 154/2024, धारा 504, 506 भा0द0वि0; मु0अ0सं0 210/2024, धारा 323, 504, 506 भा0द0वि0; और मु0अ0सं0 288/2024, धारा 3/25 आयुध अधिनियम, सभी थाना रानीगंज, जनपद प्रतापगढ़ में पंजीकृत हैं। उसके विरुद्ध पंजीकृत इन अभियोगों के कारण क्षेत्र में भय और आतंक का वातावरण व्याप्त था, जिससे आमजन की सुरक्षा और लोक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना थी। प्रतापगढ़ पुलिस जनपद में शांति, कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और अपराधियों, असामाजिक तत्वों तथा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रखेगी।2
- प्रतापगढ़ में मोहर्रम से पहले प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कदम के तहत, राजा उदय प्रताप सिंह सहित कुल 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इन सभी व्यक्तियों को शुक्रवार रात 9 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा यह बड़ा कदम मोहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह उल्लेख किया गया है कि प्रशासन पिछले कई वर्षों से एहतियात के तौर पर इस तरह की कार्रवाई करता आ रहा है।1
- जनता के लिए समर्पित सत्ता का परिणाम दिखाते हुए, मालदा के कालीचक इलाके में TMC नेता मोहम्मद बाकुल शेख को आज बंगाल पुलिस ने उसी कालीचक की सड़कों पर हाथों में रस्सी बांधकर परेड कराई। मोहम्मद बाकुल शेख का कालीचक क्षेत्र में काफी दहशत था, और लोगों को परेशान करना तथा गरीबों से वसूली करना उसका धंधा बन गया था। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि सत्ता अगर जनता के लिए समर्पित हो, तो उसका परिणाम ऐसा ही होता है।1