अयोध्या के युवक का कानपुर में इलाज के दौरान मौत। परिवार मचा कोहराम। अयोध्या/जाना बाजार: खजूरीपुर गांव के एक 26 वर्षीय युवक की कानपुर में इलाज के दौरान अचानक मृत्यु हो गई। बुधवार दोपहर युवक का शव पैतृक गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, खजूरीपुर निवासी राम औतार सिंह का छोटा पुत्र अर्जुन सिंह अपनी पत्नी और 4 वर्षीय बेटे के साथ कानपुर में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता था। मंगलवार देर रात अचानक अर्जुन की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पत्नी ने उसे आनन-फानन में कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार दोपहर करीब 2:00 बजे जब अर्जुन का पार्थिव शरीर उसके गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के समीप विशुही नदी के तट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, शुभचिंतक और राजनीतिक कार्यकर्ता शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। अयोध्या, रिपोर्टर दुर्गा सिंह
अयोध्या के युवक का कानपुर में इलाज के दौरान मौत। परिवार मचा कोहराम। अयोध्या/जाना बाजार: खजूरीपुर गांव के एक 26 वर्षीय युवक की कानपुर में इलाज के दौरान अचानक मृत्यु हो गई। बुधवार दोपहर युवक का शव पैतृक गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, खजूरीपुर निवासी राम औतार सिंह का छोटा पुत्र अर्जुन सिंह अपनी पत्नी और 4 वर्षीय बेटे के साथ कानपुर में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता था। मंगलवार देर रात अचानक अर्जुन की तबीयत बिगड़ गई,
जिसके बाद पत्नी ने उसे आनन-फानन में कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार दोपहर करीब 2:00 बजे जब अर्जुन का पार्थिव शरीर उसके गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के समीप विशुही नदी के तट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, शुभचिंतक और राजनीतिक कार्यकर्ता शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। अयोध्या, रिपोर्टर दुर्गा सिंह
- सूरत उधना हरीनगर की बड़ी घटना जहां पर एक रिक्शे वाले ने एक्टिवा गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी1
- Post by अमनपटेल A1
- Holi ke avsar par mahilao ne garbha khelkar holi manai surat bhestan ke vrindavan township1
- सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा अयोध्या धाम सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी जारी है अमावा मंदिर की रसोई, 10–12 हजार लोगों को मिल रहा भोजन देश में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न संकट के बीच भी अमावा मंदिर की रसोई सेवा निरंतर जारी है। यह रसोई पटना के महावीर मंदिर पटना से संचालित होती है और इसकी शुरुआत मंदिर के संस्थापक रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के संकल्प से की गई थी मंदिर की रसोई की वर्तमान व्यवस्था देख रहे पंकज जी ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया की परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण गैस सिलेंडर की कमी का असर यहाँ भी पड़ा है उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सिलेंडर संकट के कारण फिलहाल करीब 10 से 12 हजार लोगों को ही भोजन कराया जा पा रहा है पंकज जी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमावा मंदिर की रसोई बंद होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रसोई पहले की तरह ही चल रही है और आगे भी चलती रहेगी उन्होंने कहा कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं होती है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक उपकरणों और कोयले के माध्यम से भोजन बनाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सेवा का यह संकल्प किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना उनका संकल्प है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।1
- Post by Aaj Subah Times1
- Post by A news 881
- सैनिकों के परिवारों को शिक्षा में सहयोग, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज ने भारतीय सेना से किया समझौता अयोध्या ।टेस्ट प्रिपरेशन सेवाओं की अग्रणी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य सेना के सेवारत और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। समझौते के तहत देशभर में एईएसएल के सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और विशेष रियायतें दी जाएंगी। इसमें सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, दिव्यांग कर्मियों और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को लाभ मिलेगा।एमओयू पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3&4 तथा एईएसएल की ओर से चीफ अकैडमिक एंड बिजनेस हेड (दिल्ली-एनसीआर) डॉ. यश पाल ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को रजिस्ट्रेशन फीस छोड़कर बाकी सभी फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के बच्चों की ट्यूशन फीस भी पूरी तरह माफ होगी। वहीं सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।एईएसएल के एमडी और सीईओ चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी सैनिकों के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक व करियर से संबंधित मेंटरिंग और काउंसलिंग भी वर्चुअल तथा ऑफलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। एईएसएल देशभर में 415 से अधिक केंद्रों के माध्यम से मेडिकल (नीट) और इंजीनियरिंग (जेईई) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है।1
- हरियाणा लाडवा में आयोजित दिव्य गीता सत्संग में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन को सही ढंग से जीने की प्रेरणा भी देता है। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हिंदू हाई स्कूल परिसर में पौधा भी लगाया। लाडवा के हिंदू हाई स्कूल परिसर में स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में दिव्य गीता सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी विशेष रूप से पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और स्वामी ज्ञानानंद महाराज से आशीर्वाद भी लिया। सुमन सैनी ने कहा कि जब हम गीता का ज्ञान सुनते हैं तो हमें केवल धर्म की शिक्षा ही नहीं मिलती, बल्कि जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि गीता का सबसे बड़ा संदेश है कि मनुष्य अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करे और कर्म करते हुए फल की चिंता न करे। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कई प्रकार के तनाव और चिंताओं से घिरे रहते हैं। ऐसे समय में गीता का ज्ञान मानसिक शांति देता है और सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक भाग लें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। वहीं गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता मानव जीवन को सही दिशा देने वाला पवित्र ग्रंथ है। गीता हमें यह समझने में मदद करती है कि मन अशांत क्यों होता है और उसे शांति कैसे मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि गीता के संदेशों को जीवन में उतार लिया जाए तो व्यक्ति का आत्मविश्वास और मनोबल दोनों बढ़ते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने उपाध्यक्षा सुमन सैनी को पवित्र ग्रंथ गीता भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त, नपा प्रधान साक्षी खुराना, बंतो कटारिया, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, विकास शर्मा, नरेंद्र दबखेड़ा, समिति प्रधान प्रदीप सहगल, प्राचार्या योगिता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1