सिंचित भूमि को असिंचित बताकर मुआवजा न देने का आरोप मुआवजा घोटाले का आरोप, ग्रामीणों में रोष एसडीएम पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग छतरपुर। शुक्रवार को ग्राम चौका में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भूमि मुआवजे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से सिंचित चली आ रही उनकी कृषि भूमि को प्रशासन द्वारा असिंचित दर्शाकर कम दर पर मुआवजा दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि पर नियमित रूप से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, इसके बावजूद जानबूझकर भूमि को असिंचित श्रेणी में दर्शाया गया। उन्होंने इसे अपने साथ गंभीर अन्याय बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भूस्वामी गोस्वामी आकाश चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषकर एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नही परियोजना अंतर्गत खसरा नंबर 143 एवं 1688, रकबा लगभग एक एकड़ भूमि को असिंचित श्रेणी में दर्शाकर मुआवजा प्रदान किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। उनका आरोप है कि मुआवजा निर्धारण में नियमों की अनदेखी की गई तथा आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। आकाश चौहान ने कहा कि यदि समय रहते भूमि की वास्तविक श्रेणी के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक स्थिति के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा प्रदान किया जाए।
सिंचित भूमि को असिंचित बताकर मुआवजा न देने का आरोप मुआवजा घोटाले का आरोप, ग्रामीणों में रोष एसडीएम पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग छतरपुर। शुक्रवार को ग्राम चौका में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भूमि मुआवजे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से सिंचित चली आ रही उनकी कृषि भूमि को प्रशासन द्वारा असिंचित दर्शाकर कम दर पर मुआवजा दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि पर नियमित रूप से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, इसके बावजूद जानबूझकर भूमि को असिंचित श्रेणी में दर्शाया गया। उन्होंने इसे अपने साथ गंभीर अन्याय बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भूस्वामी गोस्वामी आकाश चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषकर एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नही परियोजना अंतर्गत खसरा नंबर 143 एवं 1688, रकबा लगभग एक एकड़ भूमि को असिंचित श्रेणी में दर्शाकर मुआवजा प्रदान किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। उनका आरोप है कि मुआवजा निर्धारण में नियमों की अनदेखी की गई तथा आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। आकाश चौहान ने कहा कि यदि समय रहते भूमि की वास्तविक श्रेणी के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक स्थिति के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा प्रदान किया जाए।
- छतरपुर। शुक्रवार को ग्राम चौका में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भूमि मुआवजे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से सिंचित चली आ रही उनकी कृषि भूमि को प्रशासन द्वारा असिंचित दर्शाकर कम दर पर मुआवजा दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि पर नियमित रूप से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, इसके बावजूद जानबूझकर भूमि को असिंचित श्रेणी में दर्शाया गया। उन्होंने इसे अपने साथ गंभीर अन्याय बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भूस्वामी गोस्वामी आकाश चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषकर एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नही परियोजना अंतर्गत खसरा नंबर 143 एवं 1688, रकबा लगभग एक एकड़ भूमि को असिंचित श्रेणी में दर्शाकर मुआवजा प्रदान किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। उनका आरोप है कि मुआवजा निर्धारण में नियमों की अनदेखी की गई तथा आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। आकाश चौहान ने कहा कि यदि समय रहते भूमि की वास्तविक श्रेणी के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक स्थिति के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा प्रदान किया जाए।1
- बिजावर मे #भाजपा के गुंडों का आतंक खुलेआम दिन दहाड़े अहिरवार युवक से मारपीट अपहरण, बिजावर क़ो क्या बनया जा रहा। यह वीडियो सिर्फ देखने के लिए नहीं, सोचने और सवाल पूछने के लिए है। #justice #बिजावर #कानून_व्यवस्था #दलित_अत्याचार #संविधान #शांति_भंग. news 11 reporter Dharmendra bundela1
- ब्रेकिंग न्यूज़ ग्राम पंचायत मडरखा के नैगुवां गांव में ग्रामीणों ने लगाएं सरपंच सचिव रोजगार सहायक पर कागज खानापूर्ति और विकास कार्य में धांधली के गंभीर आरोप।1
- टीकमगढ़ जिले में खनन विभाग द्वारा जबरदस्त एक ट्रैक्टर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर बॉयरल हो रहा है आखिर क्या है सच्चाई देखिय1
- टीकमगढ़ में खनिज विभाग बनाम ग्रामीण! जिले में खनिज विभाग और गांव वालों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला सीधे टीकमगढ़ कोतवाली पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष आमने-सामने, हालात रहे तनावपूर्ण। अब सवाल — कार्रवाई किस पर होगी? #Tikamgarh #खनिज_विभाग #ग्रामीण #BreakingNews1
- घुवारा में एक चोरी का मामला सामने आ रहा है जिसमें चोर स्पष्ट रूप से पैसों को चुरा रहा है और चोरी कर के भाग गया1
- महोबा के पनवाड़ी में 'पुजारी' गुटखे का अवैध साम्राज्य, प्रशासन मौन, डीलर बेखौफ!1
- छतरपुर। कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय छतरपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति, इमरजेंसी वार्ड, नवनिर्मित पीडियाट्रिक यूनिट, मेडिकल रिपोर्ट विभाग, आई.पी.एच.एल. लैब तथा नवीन क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर व वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति तथा ब्लड बैंक में रक्त उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही 12, 13 एवं 14 फरवरी 2026 को प्रस्तावित एनक्वास असेसमेंट को लेकर सिविल सर्जन को आवश्यक सुधार एवं तैयारियों के निर्देश दिए। आईपीएचएल लैब निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मरीजों को 2 घंटे के भीतर ब्लड सैंपल रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है। कलेक्टर ने एक मरीज के परिजनों से चर्चा कर इस व्यवस्था की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार विगत रात्रि 8:50 बजे लिया गया ब्लड सैंपल डेढ़ घंटे के भीतर रिपोर्ट सहित प्रदान किया गया। समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने पर कलेक्टर ने ब्लड बैंक कलेक्शन टीम के कार्य की सराहना की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नवीन क्रिटिकल केयर यूनिट भवन में शेष अधोसंरचनात्मक कार्य को 1 से 1.5 माह के भीतर पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश बीडीसी को दिए। उन्होंने बताया कि नवीन भवन में गर्भवती महिलाओं की जांच हेतु विशेष सुविधाएं, लेबर रूम एवं मैटरनिटी विंग को आवश्यकता अनुसार स्थानांतरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला चिकित्सालय में भर्ती कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के वाहन चालक श्री राममिलन सेन की पुत्रवधू ने पुत्री को जन्म दिया। इस अवसर पर कलेक्टर ने नवजात बच्ची को आशीर्वाद दिया तथा परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।1