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सिसई : प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों का धरना, 26 नवंबर को आंदोलन तेज करने की चेतावनी 15 नवम्बर तक सभी 18 पंचायतों में धान क्रय केन्द्र खोलने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन सिसई (गुमला)। झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमिटी, गुमला के बैनर तले सिसई प्रखंड मुख्यालय में भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी किसानों ने जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी, प्रखंड कार्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, हाथियों के हमले से हुई क्षति का मुआवजा तथा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। धरना-प्रदर्शन से पहले किसान सभा जिला कमिटी के अध्यक्ष शंकर उरांव के आह्वान पर तुरिया उरांव के नेतृत्व में महिला एवं पुरुष किसान सिसई थाना के सामने स्थित सरना स्थल पर एकत्रित हुए। यहां से किसान विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में प्रखंड कार्यालय पहुंचे। वहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। सभा का संचालन चंद्रदेव उरांव ने किया। सभा को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश कमिटी सदस्य मधु कच्छप ने आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि जाति, आवासीय, आय, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, आधार और राशन कार्ड में सुधार कराने, जमीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने तथा हाथियों के हमले से हुए नुकसान का मुआवजा लेने के लिए लोगों को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने रजिस्टर टू और पंजी टू में कथित छेड़छाड़ की जांच कराने की मांग भी की। 15 नवंबर तक सभी पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोलने की मांग मधु कच्छप ने मांग की कि 15 नवंबर 2026 तक सिसई प्रखंड की सभी 18 पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोले जाएं। लैम्पस में धान बेचने की प्रक्रिया सरल की जाए और धान खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों को पूरा भुगतान किया जाए। उन्होंने 50 से 100 किलोग्राम तक धान की खरीद पर तत्काल नकद भुगतान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि किसानों को धान का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। निर्धारित दर से कम कीमत पर धान खरीदने वालों के खिलाफ प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे। साथ ही, हाथियों के हमले से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों पर रोक लगाने की मांग की। 26 नवंबर को फिर होगा आंदोलन किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 26 नवंबर 2026 को जोरदार रैली और प्रदर्शन किया जाएगा। मधु कच्छप ने कहा कि किसानों को धान का उचित समर्थन मूल्य मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश महासचिव सुफल महतो, आयता उरांव, अनिल उरांव, लखवा उरांव, पूनम उरांव, बिरसमुनि उरांव, राजकमल उरांव, रवि उरांव, बलदेव उरांव, अवतार किंडो, सुमन उरांव, रजनी उरांव, पुष्पा उरांव और शांति उरांव सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान शामिल हुए।

6 hrs ago
user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
SHAMBHU. S. CHAUHAN
Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
6 hrs ago

सिसई : प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों का धरना, 26 नवंबर को आंदोलन तेज करने की चेतावनी 15 नवम्बर तक सभी 18 पंचायतों में धान क्रय केन्द्र खोलने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन सिसई (गुमला)। झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमिटी, गुमला के बैनर तले सिसई प्रखंड मुख्यालय में भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी किसानों ने जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी, प्रखंड कार्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, हाथियों के हमले से हुई क्षति का मुआवजा तथा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। धरना-प्रदर्शन से पहले किसान सभा जिला कमिटी के

अध्यक्ष शंकर उरांव के आह्वान पर तुरिया उरांव के नेतृत्व में महिला एवं पुरुष किसान सिसई थाना के सामने स्थित सरना स्थल पर एकत्रित हुए। यहां से किसान विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में प्रखंड कार्यालय पहुंचे। वहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। सभा का संचालन चंद्रदेव उरांव ने किया। सभा को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश कमिटी सदस्य मधु कच्छप ने आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि जाति, आवासीय, आय, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, आधार और राशन कार्ड में सुधार कराने, जमीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने तथा हाथियों के हमले से हुए नुकसान का मुआवजा लेने के लिए लोगों को कार्यालय

के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने रजिस्टर टू और पंजी टू में कथित छेड़छाड़ की जांच कराने की मांग भी की। 15 नवंबर तक सभी पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोलने की मांग मधु कच्छप ने मांग की कि 15 नवंबर 2026 तक सिसई प्रखंड की सभी 18 पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोले जाएं। लैम्पस में धान बेचने की प्रक्रिया सरल की जाए और धान खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों को पूरा भुगतान किया जाए। उन्होंने 50 से 100 किलोग्राम तक धान की खरीद पर तत्काल नकद भुगतान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि किसानों को धान का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। निर्धारित दर से कम कीमत पर धान खरीदने वालों के खिलाफ प्रशासन

तत्काल कार्रवाई करे। साथ ही, हाथियों के हमले से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों पर रोक लगाने की मांग की। 26 नवंबर को फिर होगा आंदोलन किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 26 नवंबर 2026 को जोरदार रैली और प्रदर्शन किया जाएगा। मधु कच्छप ने कहा कि किसानों को धान का उचित समर्थन मूल्य मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश महासचिव सुफल महतो, आयता उरांव, अनिल उरांव, लखवा उरांव, पूनम उरांव, बिरसमुनि उरांव, राजकमल उरांव, रवि उरांव, बलदेव उरांव, अवतार किंडो, सुमन उरांव, रजनी उरांव, पुष्पा उरांव और शांति उरांव सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान शामिल हुए।

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    सिसई : प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों का धरना, 26 नवंबर को आंदोलन तेज करने की चेतावनी 

15 नवम्बर तक सभी 18 पंचायतों में धान क्रय केन्द्र खोलने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन 
सिसई (गुमला)। झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमिटी, गुमला के बैनर तले सिसई प्रखंड मुख्यालय में भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी किसानों ने जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी, प्रखंड कार्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, हाथियों के हमले से हुई क्षति का मुआवजा तथा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
धरना-प्रदर्शन से पहले किसान सभा जिला कमिटी के अध्यक्ष शंकर उरांव के आह्वान पर तुरिया उरांव के नेतृत्व में महिला एवं पुरुष किसान सिसई थाना के सामने स्थित सरना स्थल पर एकत्रित हुए। यहां से किसान विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में प्रखंड कार्यालय पहुंचे। वहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। सभा का संचालन चंद्रदेव उरांव ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश कमिटी सदस्य मधु कच्छप ने आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि जाति, आवासीय, आय, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, आधार और राशन कार्ड में सुधार कराने, जमीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने तथा हाथियों के हमले से हुए नुकसान का मुआवजा लेने के लिए लोगों को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने रजिस्टर टू और पंजी टू में कथित छेड़छाड़ की जांच कराने की मांग भी की।
15 नवंबर तक सभी पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोलने की मांग
मधु कच्छप ने मांग की कि 15 नवंबर 2026 तक सिसई प्रखंड की सभी 18 पंचायतों में धान क्रय केंद्र खोले जाएं। लैम्पस में धान बेचने की प्रक्रिया सरल की जाए और धान खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों को पूरा भुगतान किया जाए। उन्होंने 50 से 100 किलोग्राम तक धान की खरीद पर तत्काल नकद भुगतान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी।
उन्होंने कहा कि किसानों को धान का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। निर्धारित दर से कम कीमत पर धान खरीदने वालों के खिलाफ प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे। साथ ही, हाथियों के हमले से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों पर रोक लगाने की मांग की।
26 नवंबर को फिर होगा आंदोलन
किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 26 नवंबर 2026 को जोरदार रैली और प्रदर्शन किया जाएगा। मधु कच्छप ने कहा कि किसानों को धान का उचित समर्थन मूल्य मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश महासचिव सुफल महतो, आयता उरांव, अनिल उरांव, लखवा उरांव, पूनम उरांव, बिरसमुनि उरांव, राजकमल उरांव, रवि उरांव, बलदेव उरांव, अवतार किंडो, सुमन उरांव, रजनी उरांव, पुष्पा उरांव और शांति उरांव सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान शामिल हुए।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • बंगाल की खाड़ी से तेजी से आगे बढ़ रहे चक्रवात के संबंध में मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बयान जारी कर जानकारी दिए हैं। बंगाल की खाड़ी से तेजी से आगे बढ़ रहे चक्रवात के संबंध में मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बयान जारी कर जानकारी दिए हैं।
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    बंगाल की खाड़ी से तेजी से आगे बढ़ रहे चक्रवात के संबंध में मौसम वैज्ञानिक
अभिषेक आनंद ने बयान जारी कर जानकारी दिए हैं।
बंगाल की खाड़ी से तेजी से आगे बढ़ रहे चक्रवात के संबंध में मौसम वैज्ञानिक
अभिषेक आनंद ने बयान जारी कर जानकारी दिए हैं।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • ​चक्रवाती तूफान 'अर्नव' का अलर्ट: रांची जिले में 28 और 29 अक्टूबर को केजी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रांची: चक्रवाती तूफान 'अर्नव' की चेतावनी को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बाद, जिला प्रशासन ने 28 अक्टूबर और 29 अक्टूबर 2026 को जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। ​यह आदेश किंडरगार्टन (KG) से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। ​प्रशासन ने जताई सतर्कता, सुरक्षा प्राथमिक मुद्दा ​रांची के उपायुक्त (DC) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्नव' के कारण होने वाले जलजमाव, पेड़ गिरने और तेज हवाओं से बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 28 और 29 अक्टूबर को शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा। ​मुख्य बिंदु: ​अवधि: 28 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 (दो दिन) ​दायरा: रांची जिले के सभी बोर्ड (CBSE, ICSE, स्टेट बोर्ड) के सरकारी एवं निजी स्कूल ​कक्षाएं: केजी से 12वीं तक ​अभिभावकों और आम जनता से अपील ​जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आम जनता और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे चक्रवात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। मौसम विभाग की अगली एडवाइजरी के बाद ही स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
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    ​चक्रवाती तूफान 'अर्नव' का अलर्ट: रांची जिले में 28 और 29 अक्टूबर को केजी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद
रांची:
चक्रवाती तूफान 'अर्नव' की चेतावनी को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बाद, जिला प्रशासन ने 28 अक्टूबर और 29 अक्टूबर 2026 को जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
​यह आदेश किंडरगार्टन (KG) से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए लागू होगा।
​प्रशासन ने जताई सतर्कता, सुरक्षा प्राथमिक मुद्दा
​रांची के उपायुक्त (DC) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्नव' के कारण होने वाले जलजमाव, पेड़ गिरने और तेज हवाओं से बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 28 और 29 अक्टूबर को शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा।
​मुख्य बिंदु:
​अवधि: 28 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 (दो दिन)
​दायरा: रांची जिले के सभी बोर्ड (CBSE, ICSE, स्टेट बोर्ड) के सरकारी एवं निजी स्कूल
​कक्षाएं: केजी से 12वीं तक
​अभिभावकों और आम जनता से अपील
​जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आम जनता और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे चक्रवात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। मौसम विभाग की अगली एडवाइजरी के बाद ही स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गुमला में नो एंट्री खुलते ही मौत का तांडव! सब्जी खरीदकर सड़क पार कर रहे राहगीर को नागालैंड नंबर के ट्रक ने कुचला, लोगों के रोकने पर भी नहीं रुका चालक!”
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    गुमला में नो एंट्री खुलते ही मौत का तांडव! सब्जी खरीदकर सड़क पार कर रहे राहगीर को नागालैंड नंबर के ट्रक ने कुचला, लोगों के रोकने पर भी नहीं रुका चालक!”
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • लोहरदगा स्थित नदिया हिंदू स्कूल के मिनी स्टेडियम में आयोजित लोहरदगा प्रीमियर लीग (एलपीएल) के तीसरे दिन का पहला मुकाबला सेन्हा स्टैलियंस और पेशरार पैंथर्स के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में सेन्हा स्टैलियंस ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पेशरार पैंथर्स को 5-1 से पराजित किया। लोहरदगा स्थित नदिया हिंदू स्कूल के मिनी स्टेडियम में आयोजित लोहरदगा प्रीमियर लीग (एलपीएल) के तीसरे दिन का पहला मुकाबला सेन्हा स्टैलियंस और पेशरार पैंथर्स के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में सेन्हा स्टैलियंस ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पेशरार पैंथर्स को 5-1 से पराजित किया।
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    लोहरदगा स्थित नदिया हिंदू स्कूल के मिनी स्टेडियम में आयोजित लोहरदगा प्रीमियर लीग (एलपीएल) के तीसरे दिन का पहला मुकाबला सेन्हा स्टैलियंस और पेशरार पैंथर्स के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में सेन्हा स्टैलियंस ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पेशरार पैंथर्स को 5-1 से पराजित किया।


लोहरदगा स्थित नदिया हिंदू स्कूल के मिनी स्टेडियम में आयोजित लोहरदगा प्रीमियर लीग (एलपीएल) के तीसरे दिन का पहला मुकाबला सेन्हा स्टैलियंस और पेशरार पैंथर्स के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में सेन्हा स्टैलियंस ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पेशरार पैंथर्स को 5-1 से पराजित किया।
    user_Altamas rja
    Altamas rja
    News Anchor भंडरा, लोहरदगा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • त्यौहारों के सीजन में भी सेन्हा-मुर्की पथ पर जलजमाव, प्रशासन बेखबर छठ पूजा समिति ने खोला मोर्चा सेन्हा लोहरदगा: प्रखंड अंतर्गत सेन्हा-मुर्की मुख्य पथ के किनारे बनी नाली पिछले लंबे समय से पूरी तरह जाम है। नाली की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस समस्या से नाराज ग्रामीणों के सहयोग से छठ पूजा समिति ने एकजुट होकर आवाज उठाई है और प्रखंड प्रशासन के उदासीन रवैये पर गहरी नाराजगी प्रकट की है। *स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को हो रही भारी परेशानी* स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई महीनों से नाली का गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। स्थिति यह है कि दुर्गा पूजा से पहले ही सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी थी, जो अब तक वैसी ही बनी हुई है। सड़क से गुजरने वाले स्कूली बच्चों को हर दिन इस बदबूदार और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। *आश्वासन की पोटली निकली खाली नहीं हुआ कोई निदान* छठ पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बीते दुर्गा पूजा के अवसर पर थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए थाना प्रभारी के नाम एक लिखित आवेदन भी सौंपा गया था। उस समय आश्वासन तो मिला लेकिन आज तक धरातल पर कोई कारवाई नहीं हुई। प्रशासन की इस सुस्त कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। *लोकहित और महापर्व की गरिमा को लेकर संज्ञान लेने की मांग* सामने लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा है। जिसमें स्वच्छता और पवित्रता का सबसे अधिक महत्व होता है। ऐसे में सड़क पर बहता गंदा पानी पर्व की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। छठ पूजा समिति ने प्रखंड प्रशासन को एक बार फिर लिखित शिकायत सौंपते हुए मांग की है कि लोकहित और त्योहार की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। समिति ने अविलंब नाली की सफाई कराने और सड़क को जलजमाव से मुक्त कराने का अनुरोध किया है ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं ग्रामीणों का कहना है अगर प्रशासन ने जल्द ही जेसीबी लगाकर नाली की मुकम्मल सफाई नहीं कराई और पानी की निकासी का रास्ता दुरुस्त नहीं किया तो ग्रामीण क्षेत्र की जनता प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। सहयोग में स्थानीय ग्रामीण उज्जवल शुक्ला,अजय सोनी,मोहमद रफीक अंसारी,विजय सोनी,अरविंद ठाकुर,नीरज साहू,पंकज साहू, जैनुल अंसारी,सहित काफी संख्या में ग्रामीणों ने सहमति जताया है। जबकि ज्ञापन सौंपने में ऋषभ जयपुत्रा,उज्जवल शुक्ला,अक्षय कुमार साहू,सहित समिति के सदस्य गण शामिल थे।
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    त्यौहारों के सीजन में भी सेन्हा-मुर्की पथ पर जलजमाव, प्रशासन बेखबर छठ पूजा समिति ने खोला मोर्चा
सेन्हा लोहरदगा: प्रखंड अंतर्गत सेन्हा-मुर्की मुख्य पथ के किनारे बनी नाली पिछले लंबे समय से पूरी तरह जाम है। नाली की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस समस्या से नाराज ग्रामीणों के सहयोग से छठ पूजा समिति ने एकजुट होकर आवाज उठाई है और प्रखंड प्रशासन के उदासीन रवैये पर गहरी नाराजगी प्रकट की है। *स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को हो रही भारी परेशानी* स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई महीनों से नाली का गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। स्थिति यह है कि दुर्गा पूजा से पहले ही सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी थी, जो अब तक वैसी ही बनी हुई है। सड़क से गुजरने वाले स्कूली बच्चों को हर दिन इस बदबूदार और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। *आश्वासन की पोटली निकली खाली नहीं हुआ कोई निदान* छठ पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बीते दुर्गा पूजा के अवसर पर थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए थाना प्रभारी के नाम एक लिखित आवेदन भी सौंपा गया था। उस समय आश्वासन तो मिला लेकिन आज तक धरातल पर कोई कारवाई नहीं हुई। प्रशासन की इस सुस्त कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। *लोकहित और महापर्व की गरिमा को लेकर संज्ञान लेने की मांग* सामने लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा है। जिसमें स्वच्छता और पवित्रता का सबसे अधिक महत्व होता है। ऐसे में सड़क पर बहता गंदा पानी पर्व की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। छठ पूजा समिति ने प्रखंड प्रशासन को एक बार फिर लिखित शिकायत सौंपते हुए मांग की है कि लोकहित और त्योहार की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। समिति ने अविलंब नाली की सफाई कराने और सड़क को जलजमाव से मुक्त कराने का अनुरोध किया है ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं ग्रामीणों का कहना है अगर प्रशासन ने जल्द ही जेसीबी लगाकर नाली की मुकम्मल सफाई नहीं कराई और पानी की निकासी का रास्ता दुरुस्त नहीं किया तो ग्रामीण क्षेत्र की जनता प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। सहयोग में स्थानीय ग्रामीण उज्जवल शुक्ला,अजय सोनी,मोहमद रफीक अंसारी,विजय सोनी,अरविंद ठाकुर,नीरज साहू,पंकज साहू, जैनुल अंसारी,सहित काफी संख्या में ग्रामीणों ने सहमति जताया है। जबकि ज्ञापन सौंपने में ऋषभ जयपुत्रा,उज्जवल शुक्ला,अक्षय कुमार साहू,सहित समिति के सदस्य गण शामिल थे।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • गुमला के किसानों की बल्ले-बल्ले! 🚜 महिंद्रा ट्रैक्टर पर ₹5,000 तक कैशबैक, त्योहारों पर खास ऑफर!
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    गुमला के किसानों की बल्ले-बल्ले! 🚜 महिंद्रा ट्रैक्टर पर ₹5,000 तक कैशबैक, त्योहारों पर खास ऑफर!
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • बिशुनपुर में नाचते-गाते लौट रहे ग्रामीणों की भीड़ में घुसी तेज रफ्तार बाइक, दो की मौत* बिशुनपुर थाना क्षेत्र के टीटीही गांव में करमा पर्व के दौरान हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान टिटिही गांव निवासी 20 वर्षीय महावीर उरांव और केचकी गांव निवासी 19 वर्षीय जोगिंदर उरांव के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करमा पर्व के अवसर पर गांव के लोग करम डाली काटने जंगल गए थे। वहां से डाली लेकर नाचते-गाते ग्रामीण गांव लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक लेकर आ रहे जोगिंदर उरांव ने भीड़ में टक्कर मार दी। हादसे में महावीर उरांव और बाइक सवार जोगिंदर उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विशुनपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद करमा पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं और गांव में शोक का माहौल छा गया।
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    बिशुनपुर में नाचते-गाते लौट रहे ग्रामीणों की भीड़ में घुसी तेज रफ्तार बाइक, दो की मौत*

बिशुनपुर थाना क्षेत्र के टीटीही गांव में करमा पर्व के दौरान हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान टिटिही गांव निवासी 20 वर्षीय महावीर उरांव और केचकी गांव निवासी 19 वर्षीय जोगिंदर उरांव के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करमा पर्व के अवसर पर गांव के लोग करम डाली काटने जंगल गए थे। वहां से डाली लेकर नाचते-गाते ग्रामीण गांव लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक लेकर आ रहे जोगिंदर उरांव ने भीड़ में टक्कर मार दी। हादसे में महावीर उरांव और बाइक सवार जोगिंदर उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विशुनपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद करमा पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं और गांव में शोक का माहौल छा गया।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    Court reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
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