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- नैनीताल की शांत वादियों में रात डेढ़ बजे ये कैसी आतिशबाजी ? रात के डेढ़ बजे अचानक नैनीताल की शांत वादियों में अचानक पटाखों के भारी शोर के साथ आतिशबाजी शुरू हो गई। जाने किस खुशी में किसने गहरी नींद में सोए पंछियों की नींद खराब कर दी। पटाखों की तेज आवाज सुन कर मैने बाहर जाकर देखा तो आयारपाटा की पहाड़ियों में जबरदस्त आतिशबाजी हो रही थी। न जाने इतनी रात में कौन कैसी खुशी मना रहा था। भाई खुशी मनाइए, लेकिन दूसरों के सुकून का भी ध्यान रख लेते। उन बेजुबान पंछियों का ध्यान रख लेते और उससे भी बड़ी चीज पर्यावरण का ही जरा सोच लेते, जो मानवीय कृतियों से धरती की सेहत बिगाड़ रहे हैं। खैर पर्यावरण के बारे में भला कौन सोचता है। यही सोच धरती का भविष्य बिगाड़ रही है। बहरहाल रात के डेढ़ बजे आतिशबाजी क्यों हुई। कल पता चलेगा तो बताऊंगा। लगातार दो मिनट पटाखों का शोर होता रहा। वीडियो देखिए1
- rot ke halat Rampur P pajawa itne bure halat Hain road ke koi bhi dalvane ka naam nahin le raha hai main aapse gujarish Karta Hun ki is road ko jald se jal dalvaya jaaye1
- बरेली पुलिस ने भोजीपुरा थाना क्षेत्र में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले का सफल अनावरण किया है। इस सिलसिले में मुख्य हत्याभियुक्त और साक्ष्य छिपाने में उसके सहयोगी पिता को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के दौरान आला कत्ल सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। घटना 24 जुलाई की है, जब परसोनगला-बिबियापुर मार्ग पर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। बरेली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की तह तक पहुँची और मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, उसके पिता को भी साक्ष्य छिपाने में मदद करने के आरोप में पकड़ा गया। दोनों को जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में एसपी नॉर्थ का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी की पुष्टि की है और मामले की गंभीरता पर प्रकाश डाला है।1
- अल्मोड़ा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ हरीश चंद्र पंत ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि रानीखेत उप जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करना उनकी प्राथमिकता में है। डॉ पंत ने इस बात पर जोर दिया कि डायलिसिस सेवा शुरू करने से स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।1
- मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को जनपद नैनीताल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। विकासखण्ड कोटाबाग के ग्राम गिनती गांव में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से स्थापित जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई (Bio-Control Production Unit) किसानों के लिए समर्पित कर दी गई है। यह पहल प्रदेश में टिकाऊ कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभाग एवं कास्तकार विकास समिति के संयुक्त प्रयासों से स्थापित इस परियोजना की कुल लागत ₹43.57 लाख है, जिसमें नाबार्ड द्वारा ₹30.90 लाख का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। परियोजना का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण एजेंट उपलब्ध कराना, रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों का लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले जैव नियंत्रण उत्पाद खेती की लागत कम करने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, सुरक्षित खाद्य उत्पादन एवं पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत करेंगे। इससे प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों को नई गति मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण, खेतों में प्रदर्शन कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन तथा जैव नियंत्रण उत्पादों के उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही यह उत्पादन इकाई प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं कृषि नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार एवं सतत आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की चुनौतियों को देखते हुए जैव नियंत्रण आधारित तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्पादन इकाई किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही यह परियोजना किसान उत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमिता, मूल्य संवर्धन तथा नवाचार आधारित कृषि गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षित, कम लागत वाली एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विशेषज्ञों ने भी किसानों से जैव नियंत्रण तकनीकों को अपनाने तथा रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया। उत्तराखण्ड सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं नाबार्ड के सहयोग से स्थापित यह जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई भविष्य में नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विस्तार का एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।4
- भाखड़ा नदी का रौद्र रूप, फतेहपुर–बेलबसानी रोड पर बढ़ा खतरा लगातार बारिश के चलते भाखड़ा नदी उफान पर है। फतेहपुर–बेलबसानी रोड पर नदी का तेज बहाव सड़क तक पहुंच गया है, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और इस मार्ग पर अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। #UttarakhandNews #Fatehpur #BreakingNews #LatestUpdate #uttarakhand1