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अल्मोड़ा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ हरीश चंद्र पंत ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि रानीखेत उप जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करना उनकी प्राथमिकता में है। डॉ पंत ने इस बात पर जोर दिया कि डायलिसिस सेवा शुरू करने से स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

10 hrs ago
user_Vinod Joshi
Vinod Joshi
Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
10 hrs ago

अल्मोड़ा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ हरीश चंद्र पंत ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि रानीखेत उप जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करना उनकी प्राथमिकता में है। डॉ पंत ने इस बात पर जोर दिया कि डायलिसिस सेवा शुरू करने से स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

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  • अल्मोड़ा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ हरीश चंद्र पंत ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि रानीखेत उप जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करना उनकी प्राथमिकता में है। डॉ पंत ने इस बात पर जोर दिया कि डायलिसिस सेवा शुरू करने से स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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    अल्मोड़ा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ हरीश चंद्र पंत ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि रानीखेत उप जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करना उनकी प्राथमिकता में है।

डॉ पंत ने इस बात पर जोर दिया कि डायलिसिस सेवा शुरू करने से स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    10 hrs ago
  • नैनीताल की शांत वादियों में रात डेढ़ बजे ये कैसी आतिशबाजी ? रात के डेढ़ बजे अचानक नैनीताल की शांत वादियों में अचानक पटाखों के भारी शोर के साथ आतिशबाजी शुरू हो गई। जाने किस खुशी में किसने गहरी नींद में सोए पंछियों की नींद खराब कर दी। पटाखों की तेज आवाज सुन कर मैने बाहर जाकर देखा तो आयारपाटा की पहाड़ियों में जबरदस्त आतिशबाजी हो रही थी। न जाने इतनी रात में कौन कैसी खुशी मना रहा था। भाई खुशी मनाइए, लेकिन दूसरों के सुकून का भी ध्यान रख लेते। उन बेजुबान पंछियों का ध्यान रख लेते और उससे भी बड़ी चीज पर्यावरण का ही जरा सोच लेते, जो मानवीय कृतियों से धरती की सेहत बिगाड़ रहे हैं। खैर पर्यावरण के बारे में भला कौन सोचता है। यही सोच धरती का भविष्य बिगाड़ रही है। बहरहाल रात के डेढ़ बजे आतिशबाजी क्यों हुई। कल पता चलेगा तो बताऊंगा। लगातार दो मिनट पटाखों का शोर होता रहा। वीडियो देखिए
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    नैनीताल की शांत वादियों में रात  डेढ़ बजे ये कैसी आतिशबाजी ?

रात के डेढ़ बजे अचानक नैनीताल की शांत वादियों में अचानक पटाखों के भारी शोर के साथ आतिशबाजी शुरू हो गई। जाने किस खुशी में किसने गहरी नींद में सोए पंछियों की नींद खराब कर दी। पटाखों की तेज आवाज सुन कर मैने बाहर जाकर देखा तो आयारपाटा की पहाड़ियों में जबरदस्त आतिशबाजी हो रही थी। न जाने इतनी रात में कौन कैसी खुशी मना रहा था। भाई खुशी मनाइए, लेकिन दूसरों के सुकून का भी ध्यान रख लेते। उन बेजुबान पंछियों का ध्यान रख लेते और उससे भी बड़ी चीज पर्यावरण का ही जरा सोच लेते, जो मानवीय कृतियों से धरती की सेहत बिगाड़ रहे हैं। खैर पर्यावरण के बारे में भला कौन सोचता है। यही सोच धरती का भविष्य बिगाड़ रही है। बहरहाल रात के डेढ़ बजे आतिशबाजी क्यों हुई। कल पता चलेगा तो बताऊंगा।
लगातार दो मिनट पटाखों का शोर होता रहा। वीडियो देखिए
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    5 hrs ago
  • नैनीताल में डाॅ. मंजूनाथ टीसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिनांक 27.07.2026 को उपनिरीक्षक श्री रमेश पंत, प्रभारी एनटीएफ नैनीताल द्वारा शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल, मुखानी में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई और उन्हें समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। नैनीताल पुलिस का नशे के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है। एसएसपी नैनीताल के नेतृत्व में यह नशा मुक्ति अभियान विद्यार्थियों को जागरूक करने में सफल साबित हो रहा है।
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    नैनीताल में डाॅ. मंजूनाथ टीसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिनांक 27.07.2026 को उपनिरीक्षक श्री रमेश पंत, प्रभारी एनटीएफ नैनीताल द्वारा शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल, मुखानी में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई और उन्हें समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

नैनीताल पुलिस का नशे के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है। एसएसपी नैनीताल के नेतृत्व में यह नशा मुक्ति अभियान विद्यार्थियों को जागरूक करने में सफल साबित हो रहा है।
    user_Local khabre NTL
    Local khabre NTL
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    9 hrs ago
  • उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बैजनाथ धाम में सावन के सोमवार के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भोर से ही लंबी कतारें लगी रहीं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस पावन धाम में भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था और भोलेनाथ के साथ यहां माता पार्वती भी मूर्ति रूप में विराजमान हैं। इसी आस्था के कारण बड़ी संख्या में भक्त यहां मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मानते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस स्थान की मान्यता अत्यंत प्राचीन और गहरी है। भगवान कार्तिकेय की जन्मस्थली होने के कारण इस क्षेत्र का नाम कार्तिकेयपुर पड़ा, जबकि यहां शिव के साथ माता पार्वती की भी विधि-विधान से पूजा होती है।
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    उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बैजनाथ धाम में सावन के सोमवार के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भोर से ही लंबी कतारें लगी रहीं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।

श्रद्धालुओं का कहना है कि इस पावन धाम में भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था और भोलेनाथ के साथ यहां माता पार्वती भी मूर्ति रूप में विराजमान हैं। इसी आस्था के कारण बड़ी संख्या में भक्त यहां मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मानते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है।

मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस स्थान की मान्यता अत्यंत प्राचीन और गहरी है। भगवान कार्तिकेय की जन्मस्थली होने के कारण इस क्षेत्र का नाम कार्तिकेयपुर पड़ा, जबकि यहां शिव के साथ माता पार्वती की भी विधि-विधान से पूजा होती है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • *"हानि पहुंचाने वाली बाहरी शक्तियां सक्रिय हैं उन्हें अवसर न दें हम"* *-डॉ. मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ*
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    *"हानि पहुंचाने वाली बाहरी शक्तियां सक्रिय हैं उन्हें अवसर न दें हम"*

*-डॉ. मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ*
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • उत्तराखंड के नैनीताल जिले के विकासखंड कोटाबाग की दूरस्थ ग्राम पंचायत रियाड में शिक्षा, जनसुनवाई और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। विकासखंड कोटाबाग की ग्राम पंचायत रियाड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। देवरानी देवी मेमोरियल ट्रस्ट, पटना की ओर से प्रत्येक मेधावी छात्र को ₹2,100 की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की खुली बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसी अवसर पर ऋचा फाउंडेशन द्वारा ग्राम पंचायत रियाड में स्मार्टपुर डिजिटल सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के शुरू होने से अब ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाओं के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा सरकारी एवं अन्य डिजिटल सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख मनीषा जंतवाल, खंड विकास अधिकारी श्वेता सैनी, विकासखंड कोटाबाग के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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    उत्तराखंड के नैनीताल जिले के विकासखंड कोटाबाग की दूरस्थ ग्राम पंचायत रियाड में शिक्षा, जनसुनवाई और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। विकासखंड कोटाबाग की ग्राम पंचायत रियाड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। देवरानी देवी मेमोरियल ट्रस्ट, पटना की ओर से प्रत्येक मेधावी छात्र को ₹2,100 की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की खुली बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसी अवसर पर ऋचा फाउंडेशन द्वारा ग्राम पंचायत रियाड में स्मार्टपुर डिजिटल सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के शुरू होने से अब ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाओं के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा सरकारी एवं अन्य डिजिटल सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी।

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख मनीषा जंतवाल, खंड विकास अधिकारी श्वेता सैनी, विकासखंड कोटाबाग के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Naini Hill's News
    Naini Hill's News
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को जनपद नैनीताल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। विकासखण्ड कोटाबाग के ग्राम गिनती गांव में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से स्थापित जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई (Bio-Control Production Unit) किसानों के लिए समर्पित कर दी गई है। यह पहल प्रदेश में टिकाऊ कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभाग एवं कास्तकार विकास समिति के संयुक्त प्रयासों से स्थापित इस परियोजना की कुल लागत ₹43.57 लाख है, जिसमें नाबार्ड द्वारा ₹30.90 लाख का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। परियोजना का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण एजेंट उपलब्ध कराना, रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों का लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले जैव नियंत्रण उत्पाद खेती की लागत कम करने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, सुरक्षित खाद्य उत्पादन एवं पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत करेंगे। इससे प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों को नई गति मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण, खेतों में प्रदर्शन कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन तथा जैव नियंत्रण उत्पादों के उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही यह उत्पादन इकाई प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं कृषि नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार एवं सतत आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की चुनौतियों को देखते हुए जैव नियंत्रण आधारित तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्पादन इकाई किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही यह परियोजना किसान उत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमिता, मूल्य संवर्धन तथा नवाचार आधारित कृषि गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षित, कम लागत वाली एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विशेषज्ञों ने भी किसानों से जैव नियंत्रण तकनीकों को अपनाने तथा रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया। उत्तराखण्ड सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं नाबार्ड के सहयोग से स्थापित यह जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई भविष्य में नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विस्तार का एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
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    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को जनपद नैनीताल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। विकासखण्ड कोटाबाग के ग्राम गिनती गांव में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से स्थापित जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई (Bio-Control Production Unit) किसानों के लिए समर्पित कर दी गई है। यह पहल प्रदेश में टिकाऊ कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभाग एवं कास्तकार विकास समिति के संयुक्त प्रयासों से स्थापित इस परियोजना की कुल लागत ₹43.57 लाख है, जिसमें नाबार्ड द्वारा ₹30.90 लाख का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। परियोजना का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण एजेंट उपलब्ध कराना, रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना है।

इस परियोजना के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों का लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले जैव नियंत्रण उत्पाद खेती की लागत कम करने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, सुरक्षित खाद्य उत्पादन एवं पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत करेंगे। इससे प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण, खेतों में प्रदर्शन कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन तथा जैव नियंत्रण उत्पादों के उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही यह उत्पादन इकाई प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं कृषि नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगी।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार एवं सतत आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की चुनौतियों को देखते हुए जैव नियंत्रण आधारित तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्पादन इकाई किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही यह परियोजना किसान उत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमिता, मूल्य संवर्धन तथा नवाचार आधारित कृषि गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी।

किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षित, कम लागत वाली एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विशेषज्ञों ने भी किसानों से जैव नियंत्रण तकनीकों को अपनाने तथा रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।

उत्तराखण्ड सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं नाबार्ड के सहयोग से स्थापित यह जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई भविष्य में नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विस्तार का एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    13 hrs ago
  • नैनीताल जिले में काठगोदाम-हैड़ाखान मोटर मार्ग पर रोसीला के पास काफी समय से इसे उठाया नहीं गया है। इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इतने लंबे समय से इसे क्यों नहीं उठाया गया और इस पर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया गया है।
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    नैनीताल जिले में काठगोदाम-हैड़ाखान मोटर मार्ग पर रोसीला के पास काफी समय से इसे उठाया नहीं गया है। इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इतने लंबे समय से इसे क्यों नहीं उठाया गया और इस पर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया गया है।
    user_Mahendra Singh 7088724545
    Mahendra Singh 7088724545
    Property Consultant कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
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