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हरियाणा के मुख्यमंत्री गुरुग्राम के औचक दौरे पर शहर में फैली गंदगी देखकर भड़क गए। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए।
Sachin kumar
हरियाणा के मुख्यमंत्री गुरुग्राम के औचक दौरे पर शहर में फैली गंदगी देखकर भड़क गए। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए।
More news from हरियाणा and nearby areas
- हरियाणा के मुख्यमंत्री गुरुग्राम के औचक दौरे पर शहर में फैली गंदगी देखकर भड़क गए। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए।1
- हरियाणा के रेवाड़ी में कुमारी शैलजा ने चेयरमैन प्रत्याशी और कांग्रेस के लिए वोट मांगे। दलित बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विधानसभा चुनावों की अपनी गलती स्वीकार की। उनकी इस स्वीकारोक्ति से पार्टी के चुनावी समीकरणों में नई चर्चा शुरू हो गई है।1
- हरियाणा में HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों के समर्थन में ओबीसी ब्रिगेड की यात्रा को जोरदार समर्थन मिल रहा है। इस मुहिम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।1
- नारनौल (महेंद्रगढ़) महाशय नंदराम वैद्य का असामयिक निधन पूरे क्षेत्र में शोक की लहर जीवंत पर्यंत आर्यसमाज और सनातन के सिद्धांतों का किया अनुशरण। आर्य समाज के सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक एवं वैदिक मिसाइल के नाम से मशहूर गांव बलाहा कलां, नारनौल, जिला महेंद्रगढ़ निवासी महाशय नंदराम वैद्य आर्य का एक असाध्य बीमारी (MND) के चलते दिनांक 05.05.2026 को 69 वर्ष की आयु में असामयिक स्वर्गवास हो गया। महाशय नंदराम वैद्य समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। उन्होंने अपना समस्त जीवन आर्य समाज के सिद्धांतों पर चलकर जिया। महाशय जी भजन उपदेश के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कड़ा प्रहार करते थे । वे भारतीय आर्य भजन उपदेशक परिषद के उप प्रधान होने के साथ-साथ आर्य समाज नारनौल के प्रधान भी थे । महाशय बंशीधर आर्य और महाशय जयदयाल जी की प्रेरणा से वे आर्य समाज से जुड़े । उन्होंने अपना सारा जीवन समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने में लगाया । पचेरी कलां, झुंझुनूं, राजस्थान निवासी गुरुवर उमराव सिंह जी आर्य हेडमास्टर के सानिध्य में रहकर उन्होंने गायन कला में निपुणता प्राप्त की । आर्य समाज, गौशाला, कन्या विवाह, पाठशाला, धर्मशाला और सामाजिक कल्याण के कार्यों में वे बढ़ चढ़कर भाग लेते थे और अपनी श्रद्धा अनुसार दान पुण्य करते थे । महाशय जी ने संपूर्ण भारत भर में वैदिक धर्म का प्रचार प्रसार किया । समाज सुधार और वैदिक धर्म प्रचार प्रसार हेतु समय-समय पर उनको विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया । किसी भी बात पर सही और बेबाक टिप्पणी करना उनकी स्वाभाविक विशेषता थी । अनुशासन एवं समय पालन उनमें कूट-कूट कर भरा हुआ था । इस प्रकार के सिद्धांतवादी और अनुशासन प्रिय व्यक्ति का दुनियां से चले जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है । महाशय नंदराम वैद्य जी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बलाहा कलां में दिनांक 05.05.2026 को वैदिक विधि विधान से किया गया । उनके अंतिम संस्कार में गुरुकुल खानपुर से आचार्य प्रद्युमन, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महामंत्री डॉ यशदेव शास्त्री, मलपुरा गौशाला कोटपूतली से स्वामी गणेशानंद जी महाराज, दड़ौली आश्रम, रेवाड़ी से स्वामी समपर्णानंद जी, सांस्कृतिक अहीरवाल के निदेशक सत्यव्रत शास्त्री जी, डॉ प्रेमराज यादव, डॉ प्रकाशवीर, अनिल भगड़ाना, आर्य समाज के प्रधान, पूर्व प्रधान, कार्यकारणी सदस्य, सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रबुद्ध लोग, भजनोपदेशक, गुरुकुल खानपुर के ब्रह्मचारी एवम समस्त ग्रामीण उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए ।2
- कल Tauru मैं बहुत जबरदस्त बारिश ओर ओला आए कल Tauru मैं बहुत जबरदस्त बारिश ओर ओला आए 05-05-20261
- अलवर के मुंडावर उपखंड के चिरूनी गांव में शॉर्ट सर्किट से एक घर भीषण आग में जलकर तबाह हो गया। इस हादसे में लाखों का घरेलू सामान, मोटरसाइकिल, 40 मन गेहूं और दो बकरियां जलकर राख हो गईं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग करते हुए विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।1
- जागुवास में ग्राम सभा: चारागाह भूमि अतिक्रमण पर उठे सवाल, कई अहम फैसले बहरोड़। कस्बे के गांव जागुवास स्थित सामुदायिक भवन में बुधवार को ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। सभा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव की चारागाह भूमि पर कुछ बंगाली परिवार अवैध रूप से निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन परिवारों की गतिविधियां सामान्य नहीं लगतीं। साथ ही वहां एक मजार का निर्माण भी किया गया है और अक्सर बाहरी लोगों का आना-जाना बना रहता है। पूछने पर उन्हें रिश्तेदार या परिचित बताया जाता है, जबकि उनका मूल निवास पास के सिक्कों की ढाणी, ककरा मोहम्मदपुर बताया गया। ग्रामीणों ने इस स्थिति को संदिग्ध बताते हुए सरपंच प्रतिनिधि के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया गया। ग्राम सभा में सामाजिक मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए। सर्वसम्मति से तय किया गया कि शादी-विवाह या अन्य शुभ अवसरों पर किन्नरों को अधिकतम 1100 रुपये ही दिए जाएंगे। इसके साथ ही मृत्यु भोज को पूरी तरह बंद करने का भी निर्णय लिया गया। इस दौरान सरपंच, वार्ड पंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- रेवाड़ी जिले के गोकुलगढ़ गांव में कन्या जन्म पर कुआँ पूजन का आयोजन किया गया। यह पहल समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सम्मान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1