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गूढ़ पुलिस पर एक पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप है। यह पूरा मामला अब रीवा के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुँच गया है।
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गूढ़ पुलिस पर एक पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप है। यह पूरा मामला अब रीवा के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुँच गया है।
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- रीवा के जेपी रोड पर शनिवार सुबह एक मामूली बात पर बवाल खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, आशीष मिश्रा ने पुष्पेंद्र मिश्रा से अपनी कार हटाने को कहा था, जिसके बाद यह पूरा विवाद उत्पन्न हुआ और वहां हंगामा मच गया।1
- गूढ़ पुलिस पर एक पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप है। यह पूरा मामला अब रीवा के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुँच गया है।1
- तीन मासूम बच्चों के जलकर भगवान को प्यारे हो जाने और उनकी पूरी गृहस्थी के राख हो जाने की हृदय विदारक घटना के बाद प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायक मौके पर पहुँचे। पीड़ित परिवार को ₹18 लाख 60 हजार रुपए की सहायता राशि मिली है, जिस पर प्रभारी मंत्री ने 'बहुत-बहुत बधाई है, धन्यवाद है' जैसे शब्द कहे। हालांकि, इस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इतनी धनराशि से तीन मासूमों की जिंदगी लौटाई जा सकती है, और इसे 'गजब की राजनीति' बताया गया है। मृतक बच्चों के पिता ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि आज तक उनका बैंक में खाता भी नहीं खुला है और घर में पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। नेताओं द्वारा 'सब हो जाएगा' का आश्वासन दिया गया, लेकिन उनकी मूलभूत ज़रूरतें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। यह भी सामने आया कि उनका आवास भी नहीं बना है, जिससे यह सवाल उठता है कि आवास योजनाओं का लाभ वास्तव में गरीबों तक नहीं पहुँच रहा है। पीड़ित परिवार के अनुसार, 'सिर्फ पैसा ही सब कुछ है' और यह घटना दर्शाती है कि 'आवास का लाभ गरीबों के लिए नहीं है'।1
- पुरुषोत्तम मास के दूसरे सोमवार को गैवीनाथ धाम में सुबह उमड़ा आस्था का सैलाब दोपहर 12 बजे के बाद अचानक गायब हो गया। यह स्थिति पूर्व की अपेक्षा से बिल्कुल उलट है, जहाँ भक्तों की भीड़ देर शाम तक लगी रहती थी; अब मंदिर परिसर और स्थानीय बाजार सूने पड़े हैं। इस अप्रत्याशित बदलाव के लिए ‘जलाधारी’ की व्यवस्था को श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण माना जा रहा है। पूर्व में हुई मेले की बैठक में यह स्पष्ट सुनिश्चित किया गया था कि ‘जलाधारी’ की व्यवस्था केवल रविवार और सोमवार को ही लगाई जाएगी और शेष दिनों में श्रद्धालुओं पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी। इसके बावजूद, यदि व्यवस्था के नाम पर भक्तों को रोका जा रहा है, तो इसे सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार बताया गया है। इस अव्यवस्था के कारण न केवल दर्शनार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के छोटे व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, जिला कलेक्टर, एसडीएम और बिरसिंहपुर के प्रशासनिक अधिकारियों से पुरजोर आग्रह किया गया है कि वे इस व्यवस्था पर तत्काल पुनर्विचार करें और नियमों में सरलता लाएं। यह मांग की गई है ताकि गैवीनाथ धाम में आस्था का पुराना उत्साह लौट सके और स्थानीय व्यापार को संजीवनी मिल सके, जिसके लिए प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तुरंत उचित कदम उठाने चाहिए।2
- रीवा जिले में एक परिवार जान से मारने की धमकियों के चलते लगातार दहशत के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ित रविशंकर शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक (SP) को एक आवेदन देकर आरोपीगण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। गड्डी रोड, महाजन टोला निवासी रविशंकर शुक्ला का आरोप है कि उनके घर के पास रहने वाले धीरू यादव और वीरेन्द्र यादव आए दिन उनके साथ गाली-गलौज करते हैं, मारपीट करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। रविशंकर ने बताया कि 25 मई को जब वे अपने घर के पीछे निर्माण कार्य करा रहे थे, तभी आरोपीगण आकर अभद्र गालियाँ देने लगे और धमकी दी कि "जमीन खाली करो, नहीं तो जान से मार देंगे।" शोर सुनकर उन्होंने डायल 112 पर कॉल किया, लेकिन पुलिस के जाने के बाद आरोपी वीरेन्द्र यादव ने फिर आकर उन्हें धमकाया, कहते हुए कि "बाहर निकल, तुझे मार दूंगा।" पीड़ित का कहना है कि आरोपियों से उनका पुराना विवाद चल रहा है। साल 2009 में भी इन लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की थी, जिसका मामला कोर्ट तक चला था। पीड़ित के अनुसार, एक समझौते के बाद आरोपी और उग्र हो गए हैं, जिसके कारण अब उनका परिवार डर से घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहा है। पीड़ित ने SP से अपील की है कि अगर समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को गंगा दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत प्रदेश के सभी 55 जिलों, तहसीलों, ग्राम पंचायतों और गांवों में जनभागीदारी से निरंतर जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं।1
- सतना जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के अंतर्गत पूरे जिले में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में अमरपाटन विकासखंड के ग्राम बेला तालाब में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और विभिन्न अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ सभी ने मिलकर जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का दृढ़ संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह और एसडीएम सुभाष मिश्रा समेत कई अन्य अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। यह आयोजन जनभागीदारी और जल संरक्षण के एक बड़े अभियान के रूप में सामने आया, जिसने बेला तालाब पर विशाल जनसैलाब को आकर्षित किया और अभियान के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाया।1
- एक माँ हर रात इस डर के साथ सो रही है कि उसकी बच्ची अगली सुबह साँस लेती हुई मिलेगी या नहीं।1